“राख से सच तक”: एसआईटी ने अलीगंज अग्निकांड की परतें खोलीं…

 -सीएम योगी के आदेश  पर 7 दिन में रिपोर्ट, घायलों से पूछा- “कौन जिम्मेदार था?”

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK

लखनऊ।अलीगंज की वो काली इमारत अब सिर्फ मलबा नहीं, सबूत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बाद मंगलवार को एसआईटी ने घटनास्थल की एक-एक ईंट टटोली। केजीएमयू में भर्ती घायलों से पूछा – “आग कैसे लगी? निकासी का रास्ता क्यों नहीं था? किसने सुरक्षा से खिलवाड़ किया?” अब जांच सिर्फ फाइलों में नहीं, जले हुए तारों और घायलों की चीखों से भी होगी।

घटनास्थल पर 1 घंटे तक खंगाला हर कोना

मंगलवार सुबह दो सदस्यीय एसआईटी घटनास्थल पहुंची। टीम में थे – अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार। दोनों ने एक घंटे से ज्यादा समय तक बारीकी से बिल्डिंग का निरीक्षण किया। हर कमरा, हर सीढ़ी, हर जला हुआ तार कैमरे में कैद हुआ। अमृत अभिजात ने कहा – “घटनास्थल की विभिन्न प्रकार से फोटो ली गई हैं। साक्ष्य जुटाकर जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। अग्निकांड से जुड़े हर व्यक्ति और हर विभाग से पूछताछ होगी। फिर जांच रिपोर्ट अंतिम रूप लेगी।”एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया – “हमने सूक्ष्म निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। उन्हीं के आधार पर कई लोगों से पूछताछ की जाएगी। हर विभाग का दायित्व जांच के दायरे में है। पीड़ितों से भी जानकारी ली जाएगी। निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट शासन को सौंप दी जाएगी।

“KGMU” में घायलों से सीधी बात

निरीक्षण के बाद एसआईटी सीधे केजीएमयू ट्रामा सेंटर पहुंची। वहां भर्ती 9 घायलों से मिली। उनसे जाना कि आग लगते समय क्या हुआ, कितने रास्ते थे, अलार्म बजा था या नहीं, कोचिंग स्टाफ ने क्या किया? घायलों की गवाही अब FIR से ज्यादा वजनदार होगी।

FSL ने मलबे से उठाए सबूत

UP विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डायरेक्टर आदर्श कुमार की टीम ने घटनास्थल से मलबा, जले हुए उपकरण, तार और अन्य नमूने जुटाए हैं। इन सैंपलों से पता चलेगा – आग शॉर्ट सर्किट से लगी या कुछ और वजह थी? फायर सिस्टम काम कर रहा था या सिर्फ कागज पर था? FSL की रिपोर्ट ही तय करेगी कि लापरवाही कहां हुई।

CM योगी खुद कर चुके हैं मुआयना

गौरतलब है कि हादसे की खबर मिलते ही सीएम योगी ने अलीगढ़ का दौरा बीच में रद्द कर दिया था। वो खुद घटनास्थल पहुंचे, केजीएमयू में पीड़ितों से मिले। फिर एसआईटी बनाने का आदेश दिया। एसआईटी को 7 दिन में रिपोर्ट देनी है। अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं – मकान मालिक वीरेन्द्र शुक्ला, डायरेक्टर तुषांक जायसवाल, पेटशॉप मालिक रामकृष्ण उपाध्याय और सुरेश कुमार साहू। LDA के 4 अफसर सस्पेंड हैं।

अब सवाल पूछताछ का है,एसआईटी का अगला टारगेट वो सभी लोग हैं जिन्होंने 2014 से 2026 तक इस बिल्डिंग को अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनने दिया। LDA, फायर विभाग, बिजली विभाग… कोई नहीं बचेगा। अमृत अभिजात ने साफ कहा – “साक्ष्य के आधार पर कई लोगों से पूछताछ होगी।”15 लाशों के बाद अब जांच तेज है। पर लखनऊ का सवाल वही है – “7 दिन बाद रिपोर्ट आएगी, पर 15 बच्चे वापस कब आएंगे ?”

Aaj National

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *