-कही अपनों से तो नहीं जुड़ें हैं रेनू यादव की हत्या के तार, पुलिस के हाथ नहीं लगा लापता बेटा
-पुलिस की टीमें सरगर्मी से निखिल की तलाश में जुटी,पीजीआई क्षेत्र के बाबू खेड़ा गांव में हुई घटना का मामला
- REPORT BY:A.AHMED SAUDAGAR || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। तीन दिन पहले पीजीआई क्षेत्र स्थित बाबू खेड़ा गांव निवासी 45 वर्षीय रेनू यादव की दिनदहाड़े हत्या कर बदमाशों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है। असली हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें जुटी हुई है । माना जा रहा है कि कातिल कोई गैर है तो रेनू का बेटा निखिल यादव क्यों भागा यह सवाल फिलहाल हर किसी को बेचैन कर रहा है।अगर रेनू के कातिल पकड़े गए तो पर्दे के पीछे मौजूद कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। इस मामले में कहानी और पड़ताल किसी अपने के शामिल होने की ओर साफ तौर पर इशारा कर रहे है,गायब निखिल यादव का अभी तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है,पुलिस व उनकी टीमें हवा में हाथ पैर मार रही है ।
सनद रहे तीन अक्टूबर 2025- पीजीआई क्षेत्र स्थित बाबू खेड़ा गांव निवासी रमेश यादव के घर धावा बोलकर बदमाशों ने घर में मौजूद उनकी पत्नी रेनू यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।घर में सामान अस्त-व्यस्त था, इससे आंशका जताई गई कि रेनू की जान लूटपाट का विरोध करने पर ली गई है, लेकिन बड़ा सवाल तो उस तब सामने आ गया जब रेनू यादव का बेटा निखिल घटना के बाद से ऐसा लापता हुआ कि वह अभी तक घर वापस नहीं लौटा। रमेश यादव के परिवार में तीन बेटे प्रीत, निखिल व नितिन के अलावा उनकी पत्नी 45 वर्षीय रेनू यादव। शुक्रवार दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे बेखौफ बदमाशों ने रमेश के घर में धावा बोलकर रेनू को मौत की नींद सुला दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल, एडीसीपी दक्षिणी, एसीपी दक्षिणी सहित कई पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाला तो रमेश का बेटा निखिल मोटरसाइकिल पर सवार होकर जाते दिखा तो वहीं से पूरा खेल मानो पलट गया।
इस घटना के बाद बाबू खेड़ा गांव में रहने वाले हर किसी की जुबान पर एक ही चर्चा रही कि निखिल ने बदमाशों का पीछा किया तो वह शोर क्यों नहीं मचाया, इससे यही लग रहा है कि कहीं न कहीं दाग जरूर है ? निखिल कहां है और किस हाल में है इसे भी लेकर अफसर बेचैन नजर आ रहे हैं। वहीं लापता निखिल की तलाश में दो-चार पुलिसकर्मी नहीं बताया जा रहा है कि दर्जन भर से अधिक पुलिस उसकी खोज में पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। इस मामले में एसीपी दक्षिणी का कहना है कि निखिल की तलाश में पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।
