-करोड़ो लेकर फरार हुआ था आरोपी
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।ईओडब्ल्यू ने रामेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बहुचर्चित ठगी मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद शाखा के एजेंट रवीन्द्र पाल सिंह को लखनऊ से धर दबोचा गया। यह गिरफ्तारी ईओडब्ल्यू के डीजी के निर्देश पर चल रहे 6 से 11 अक्टूबर तक के विशेष अभियान का हिस्सा है, जो निवेशकों के साथ हुई वित्तीय धोखाधड़ी पर केंद्रित है।रामेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशकों ने एजेंटों के साथ मिलकर आरडी, एफडी और अन्य निवेश योजनाओं में ऊंचे ब्याज का लालच देकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूटी थी। कंपनी ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आकर्षक स्कीम्स का जाल बिछाया, लेकिन बाद में करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गए। जांच में सामने आया है कि केवल शाहजहांपुर जिले में ही कंपनी पर करीब 30 करोड़ रुपये की देनदारी बकाया है। मामले की शुरुआत 28 जनवरी 2014 को शाहजहांपुर जिले के सदर बाजार थाने में हुई, जब धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), 447 (अनधिकृत प्रवेश), 468 (जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग) और 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच के बाद 5 मई 2014 को शासन ने इसे ईओडब्ल्यू को सौंप दिया। ईओडब्ल्यू की गहन जांच में कुल 57 आरोपियों को दोषी ठहराया गया, जिनमें से 50 के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल हो चुके हैं।डीजी ईओडब्ल्यू नीरा रावत नें बताया कि उनकी टीम ने बुधवार को वांछित आरोपी रवीन्द्र पाल सिंह को राजधानी के राममनोहर लोहिया पार्क के पास ताज होटल से गिरफ्तार किया। रवीन्द्र कंपनी का एजेंट था, जो निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का झांसा देकर धन जमा करवाता था। जांच में उसकी सीधी संलिप्तता साबित हुई है, जिसमें वह निदेशकों के साथ मिलकर पूंजी हड़पने का दोषी पाया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध कबूल लिया है।डीजी ईओडब्ल्यू नीरा रावत नें बताया कि बाकी सात वांछित आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। इस गिरफ्तारी से निवेशकों में कुछ राहत मिली है, लेकिन पूरा मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। ईओडब्ल्यू ने लोगों को सलाह दी है कि ऐसी संदिग्ध निवेश योजनाओं से सावधान रहें और निवेश से पहले पूरी जांच करें।
लाखो का चूना लगाने वाले चार आरोपियों को ईओडब्ल्यू नें किया गिरफ्तार
1997 में कानपुर नगर जिले में दिनेश कटियार निवासी- सी-25 बीमा बिहार लखनपुर थाना कल्यानपुर जनपद कानपुर नगर, स्थायी पता- ग्राम राजूपुर थाना कोतवाली जनपद कन्नौज नें अपने सहयोगियों के साथ मिलकर भारत सरकार की अधिकृत फर्म भारत गैस एण्ड कार्पोरेशन लि0 से मिलते-जुलते नाम से फर्जी फर्म- एच0पी0ऑयल कॉर्पोरेशन लि0 बनाकर भारत गैस एण्ड कॉर्पोरेशन लिमिटेड का लोगों (मोनोग्राम) प्रयोग कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर समाचार पत्रों में डीलर औऱ डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिये जाने हेतु विज्ञापन निकलवाकर जनता से लाखों रूपये की धनराशि का गबन कर लिया गया।डीजी ईओडब्ल्यू नीरा रावत नें बताया कि छह फरवरी 2010 को थाना कोतवाली जनपद कानपुर नगर में धारा- 419/420/467/468/471/463/34/506 आईपीसी दिनेश कटियार आदि 22 व्यक्ति के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था।इस मुकदमे की शुरूआती विवेचना जनपद स्तर पर हुई। इसके बाद शासन के आदेश पर विवेचना ई0ओ0डब्लू0 को प्राप्त होकर विवेचना कानपुर सेक्टर को आवंटित की गयी ।इस विवेचना में 22 आरोपी दोषी पाये गये। इन आरोपियों नें जनता के लगभग 30 लाख रूपये का गबन कर लिया गया ।डीजी ई0ओ0डब्लू0 नीरा रावत नें बीती छह अक्टूबर से ग्यारह अक्टूबर तक आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत कानपुर ई0ओ0डब्लू- टीम नें इसमें वांछित अजय कुमार पुत्र चन्द्र किशोर निवासी- ग्राम लालूपुर जनपद कन्नौज व सुभाष चन्द्र पटेल पुत्र उदयचन्द्र पटेल उर्फ विद्याचन्द पटेल निवासी- ग्राम राजूपुर जनपद कन्नौज को कन्नौज से तथा महेन्द्र प्रताप सिंह पुत्र विनोद कुमार निवासी- ग्राम बकोठी, कानपुर नगर व दीपक कुमार कटियार पुत्र हरिश्चन्द्र कटियार निवासी खाडामऊ कमिश्नरेट कानपुर नगर को कमिश्नरेट क्षेत्र कानपुर से गिरफ्तार किया गया । शेष 18 आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है ।खाद्यान घोटाले के तीन आरोपी कोटेदार गिरफ्तार
अनुसंधान संगठन नीरा रावत नें बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु चलाये गये अभियान के तहत धारा-409, 420, 467, 468, 471, 477ए, 34, 120बी भादवि0 एवं 13(2) भ्र0नि0अ0 थाना बरसठी जनपद जौनपुर में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी बुधवार को ई0ओ0डब्लू0 सेक्टर वाराणसी की टीम नें उनके निवास से की। पकड़े गये कोटेदार दयाशंकर सिंह पुत्र जगन्नाथ सिंह, निवासी-ग्राम परियत थाना बरसठी, जनपद जौनपुर व कोटेदार लाल बहादुर मौर्य पुत्र रामसुंदर मौर्य निवासी ग्राम भदरांव थाना बरसठी, जनपद जौनपुर व कोटेदार राकेश कुमार पुत्र बुदुल, निवासी-ग्राम दीनापुर, थाना बरसठी, जनपद जौनपुर से टीम पूंछतांछ कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 से 2005 के मध्य जनपद जौनपुर में केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा संचालित सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना अन्तर्गत के विकास खण्ड बरसठी के विभिन्न गावों में क्षेत्र पंचायत अंश से नाली निर्माण, खड़न्जा निर्माण, पटरी मरम्मत, सम्पर्क मार्ग पर मिट्टी कार्य, सी0सी0 रोड और पुलिया निर्माण कार्य कराया जाना प्रस्तावित था, जिसमें लगे मजदूरों को कार्य के बदले खाद्यान्न(चावल) आवंटित कराया जाना था किन्तु आरोपियों नें वास्तविक मजदूरों को खाद्यान्न वितरित न कर कालाबाजारी कर गबन कर लिया गया। इसको लेकर जांचोपरान्त थाना-बरसठी, जौनपुर पर मुकदमा दर्ज हुआ।इसकी विवेचना से पाया कि आरोपियों नें आपस में मिलीभगत व धोखधड़ी कर फर्जी मस्टर रोल तैयार कर खाद्यान्न पात्र व वास्तविक श्रमिकों को न देकर खाद्यान्न की कालाबाजारी कर लगभग 22 लाख रूपये की सरकारी क्षति की है। विवेचना के साक्ष्यों से कुल-22 आरोपियों के विरूद्ध आरोप प्रमाणित पाया गया। गिरफ्तारी अभियान के तहत गिरफ्तार वांछित दयाशंकार सिंह पुत्र स्वर्गीय जगन्नाथ सिंह, निवासी-ग्राम परियत थाना बरसठी, जनपद जौनपुर व लाल बहादुर मौर्य पुत्र स्व0 रामसुंदर मौर्य निवासी ग्राम भदरांव थाना बरसठी, जनपद जौनपुर एवं राकेश कुमार पुत्र बुदुल, निवासी-ग्राम दीनापुर, थाना बरसठी, जनपद जौनपुर को न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट वाराणसी के समक्ष पेश कर आगे की कार्रवाई की जायेगी।करोड़ो की छति पहुंचाने के आरोपी को ईओडब्ल्यू नें किया गिरफ्तार
पहुँचाकर फरार हो जाने के आरोपी को ई०ओ०डब्लू० द्वारा मथुरा से गिरफ्तार किया गया।डीजी ईओडब्ल्यू नीरा रावत नें बताया किमेसर्स विजय केमिकल्स (इण्डिया) लि० पंजीकृत कार्यालय श्याम महल विश्राम बाजार मथुरा के प्रवर्तकों व निदेशकगणो व गारेंटर्स द्वारा इथाइल एलकोहल एसिडिक एसिड इथाइल एसिड आदि के उत्पादन हेतु ग्राम बठेन कोसीकला तहसील ठाता मथुरा में इकाई की स्थापना हेतु वर्ष 1993 में पिकप से फर्जी प्रपत्रों के आधार पर करोडो रुपये का ऋण प्राप्त कर गबन कर लिया। इसको लेकर राजधानी के थाना गोमतीनगर पर मुकदमा दर्ज हुआ। इसकी विवेचना शासन के आदेश से ई०ओ०डब्लू० को आवंटित हुई।ई०ओ०डब्लू० की विवेचना से प्रदेशीय औद्योगिक एवं निवेश निगम लिमिटेड उ०प्र० लखनऊ को पाँच सौ अस्सी करोड़ सात लाख सत्तावन हजार रुपये की आर्थिक क्षति पहुँचाये जाने के चार आरोपियों को दोषी पाया गया। दोषी पाये गये आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु ई०ओ०डब्लू० लगी हुईं थी।आरोपी शरद प्रसाद चतुर्वेदी पुत्र स्व० श्यामलाल चतुर्वेदी निवासी गताश्रम टीला विश्राम घाट, छाता बाजार, मथुरा थाना कोतवाली नगर मथुरा गिरफ्तारी से बचने के लिए निरन्तर फरार चल रहे थे। ई०ओ०डब्लू० लखनऊ की टीम नें शरद प्रसाद चतुर्वेदी पुत्र स्व० श्यामलाल चतुर्वेदी निवासी गताश्रम टीला विश्राम घाट, छाता बाजार, मथुरा थाना कोत० नगर मथुरा को थाना क्षेत्र सदर बाजार जनपद मथुरा से गिरफ्तार किया है।
