- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। राजधानी के विकासनगर सेक्टर-7 में स्थित आरएसजी अपार्टमेंट में हुई दिनदहाड़े चोरी की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना में बताया जा रहा था कि डिलीवरी ब्वॉय बनकर आए बदमाश ने नौकरानी को बेहोश कर वारदात को अंजाम दिया लेकिन पुलिस जांच में कहानी का पूरा रुख बदल गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह सब नौकरानी की ही चाल थी, जिसने अपने परिचित के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। गुरुवार को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और बरामदगी की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना न सिर्फ हैरान करने वाली है बल्कि घरेलू नौकरों की जांच पड़ताल की अहमियत भी दिखाती है।
आरएसजी अपार्टमेंट में रहने वाली माहिन खान ऐशबाग स्थित अपनी बुआ के घर गई थीं। उसी दौरान दोपहर करीब डेढ़ बजे उनकी नौकरानी शहजहां ने फोन करके बताया कि कोई व्यक्ति दरवाजे की घंटी बजा रहा था। दरवाजा खोलते ही उसने किसी वस्तु से उसे बेहोश कर दिया। होश में आने पर शहजहां ने बताया कि गहने और नकदी गायब हैं। शुरुआत में पुलिस को लगा कि कोई बाहरी शातिर गिरोह शामिल है लेकिन सीसीटीवी फुटेज की जांच में नया एंगल सामने आया, जिसमें खुलासा हुआ कि बदमाश को घर की हर जानकारी थी और उसने कुछ ही मिनट में वारदात को अंजाम दिया।घटना की जानकारी पर मौके पर पहुंची पुलिस को फुटेज देखने के बाद शक हुआ कि यह इनसाइड जॉब है। जब नौकरानी से कड़ाई से पूछताछ हुई तो उसने चोरी की पूरी कहानी कबूल कर ली। उसने बताया कि मकान मालकिन के घर न होने की जानकारी उसने अपने परिचित को दी और दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब उसके साथी की तलाश में जुटी है और चोरी गया सामान बरामद करने की कोशिश कर रही है। विकासनगर थाना प्रभारी के मुताबिक आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह घटना शहरवासियों के लिए चेतावनी है कि घरेलू नौकरों की पूरी बैकग्राउंड जांच के बिना घर में प्रवेश न दें।पुलिस ने पूरे मामले की जांच तेज कर दी है।
तड़पाकर मारा गया खच्चर ,उठी कार्रवाई की मांग
राजधानी के महानगर इलाके में सड़क पर एक बेजुबान जानवर को जिस तरह से तड़पाकर मारा गया है, उसे देखकर हर संवेदनशील व्यक्ति का कलेजा काँप उठा है। सवाल यह है कि क्या मानवता इतनी गिर चुकी है? यह मामला सिर्फ एक खच्चर की मौत का नहीं, बल्कि लखनऊ में बढ़ती हुई पशु क्रूरता और बेफिक्री का जीता-जागता सबूत है। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है।राजधानी के लोगों को झकझोर देने वाली यह घटना गुरुवार की बताई जा रही है।
इस मामले से जुड़ी जो जानकारी सामने आई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। एक खच्चर के गले में किसी अज्ञात और निर्दयी व्यक्ति ने जानबूझकर इतनी कसकर रस्सी बाँध दी कि दम घुटने से उसकी मौत हो गई। घटना की जगह और बेजान पड़े शव की स्थिति को देखकर यह स्पष्ट है कि यह कोई मामूली दुर्घटना नहीं है, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत किया गया एक जघन्य अपराध है। खच्चर की साँसें जिस तरह से रोकी गई, उससे साफ पता चलता है कि अपराधी का इरादा सिर्फ चोट पहुँचाना नहीं, बल्कि उस बेजुबान को तड़पा-तड़पाकर मारना था।एक एनजीओ ने अपने लंबे अनुभव के आधार पर दृढ़तापूर्वक कहा है कि यह मामला सामान्य मृत्यु का नहीं, बल्कि सीधे- सीधे हत्या का प्रतीत होता है। संस्था ने पुलिस से तुरंत और पूरी तरह से निष्पक्ष अनुसंधान की माँग की है। उनकी प्रमुख माँगों में यह शामिल है कि न सिर्फ उपयुक्त धाराओं के तहत तत्काल फिर दर्ज की जाए, बल्कि इस मामले को हत्या व हत्या के प्रयास के शक के रूप में देखकर फास्ट ट्रैक जाँच की जाए।
55 वर्ष की महिला नें 17 वर्ष के युवक को शादी के लिए किया मजबूर
राजधानी में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समूचे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। लखनऊ में 55 साल की महिला ने 17 साल के नाबालिग लड़के को झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर शादी के लिए मजबूर कर दिया। पीड़ित के अनुसार, महिला पहले से दो निकाह कर चुकी थी और तीन बच्चों की मां थी। पीड़ित युवक जीशान उस समय परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए कैटरिंग का काम करता था। इसी दौरान महिला से मुलाकात हुई और वह ब्लैकमेलिंग के जाल में फंस गया। 7 साल बाद अब युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि महिला और उसके परिवार वाले उसे लगातार धमकाते हैं। यह घटना सिर्फ एक निजी विवाद नहीं, बल्कि नाबालिग लड़कों के शोषण का चौंकाने वाला चेहरा बनकर उभरी है।
लखनऊ के सआदतगंज के रहने वाले जीशान अंसारी का कहना है कि जब वह 17 साल का था, तब 55 साल की महिला से मुलाकात हुई। पिता की मौत के बाद वह कैटरिंग में काम कर परिवार का पेट पालता था। काम के दौरान महिला से बातचीत हुई और उसने धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ाई। जीशान का आरोप है कि महिला उसे अपने घर बुलाने लगी और कई बार शारीरिक संबंध बनाए। कुछ महीनों बाद उसने झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी दी और नोटरी पर साइन करवाकर शादी कर ली। उस वक्त जीशान नाबालिग था और उसकी मंशा समझ नहीं पाया। महिला पहले से दो शादियां कर चुकी थी और तीन बच्चों की मां थी।शादी के बाद महिला नें जीशान का जीवन पूरी तरह बदल दिया। उसने परिवार से मिलने तक पर रोक लगा दी। युवक ने बताया कि मां और छोटे भाई से बात करने पर वह झगड़ा करती, गाली देती और धमकी देती कि अगर विरोध किया तो जेल भिजवा दूंगी। धीरे-धीरे जीशान को परिवार और समाज से अलग-थलग कर दिया गया। महिला के बच्चे, जो उम्र में उससे बड़े थे, आए दिन झगड़े और मारपीट करते थे। जीशान का कहना है कि छह साल तक उसने अत्याचार सहा। घर में गाली-गलौज, झूठे केस की धमकी और पुलिस की दखल जैसी घटनाएं आम हो गईं। तंग आकर पांच महीने पहले उसने अलग कमरा लेकर रहना शुरू किया।पीड़ित के अनुसार वह बीते 6 अक्टूबर की शाम जीशान अंबरगंज इलाके में जा रहा था, तभी महिला का बेटा और दामाद वहां पहुंचे और पीड़ित बाइक की चाबी छीनकर मारपीट करने लगे। हमले में युवक को गंभीर चोटें आईं। उसने सआदतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इंस्पेक्टर संतोष आर्या के अनुसार, महिला के बेटे की शादी होने वाली है और इसी कारण परिवार में विवाद हुआ।
प्रेमी के साथ रंगरेलियां मनाती विवाहिता को परिजनों ने रंगे हाथों पकडा
राजधानी के आशियाना इलाके में प्रेमी के साथ रंगरेलियां मनाती विवाहिता को परिजनों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। परिजन प्रेमी जोड़े को थाने लेकर आए, जहां एक बार फिर महिला के पति और प्रेमी के बीच बवाल हो गया। थाने में एक घंटे तक हाइवोल्टेज ड्रामा चला। इस दौरान विवाहिता बेहोश हो गई। पुलिस दोनों पक्षों को थाने में बैठाकर पूछताछ कर रही है।
आशियाना के किला गांव की रहने वाली एक महिला का मोहनलालगंज के कुराना गांव के रहने वाले सुजीत यादव के साथ प्रेम प्रसंग था। इसकी जानकारी सुजीत के परिजनों को थी। विवाहित महिला के साथ संबंध को लेकर सुजीत के परिजनों ने उसे संबंध खत्म करने के लिए समझाया था, लेकिन सुजीत नहीं माना। गुरुवार को सुजीत उससे मिलने किला गांव आया था। सुजीत के परिवार वालों को जब पता चला तो वह किला गांव पहुंचे और दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। परिजनों ने उसके पति को भी फोन करके मौके पर बुला लिया। इसके बाद दोनों पक्ष आशियाना थाने आए गए। थाने में महिला के पति और प्रेमी के बीच फिर विवाद हो गया। इस दौरान महिला बेहोश हो गई, जिसे इलाज के लिए लोकबंधु हॉस्पिटल ले जाया गया। पति ने थाने में आरोपी सुजीत के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस दोनों पक्षों को थाने में बिठाकर पूछताछ कर रही है।
सीबीसीआईडी के रिटायर्ड उपनिरीक्षक के बैंक खाते से 5 लाख रुपए की ठगी
साइबर जालसाजों ने सीबीसीआईडी के एक रिटायर्ड उपनिरीक्षक के बैंक खाते से करीब 5 लाख रुपए की ठगी कर ली। यह घटना सांस की दवा खरीदने के बहाने हुई। पीड़ित ने साइबर सेल और बिजनौर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।बिजनौर थाना क्षेत्र के पुष्पेंद्र नगर निवासी सीबीसीआईडी से सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक सच्चिदानंद मिश्र ने बताया कि 25 सितंबर को उन्होंने गूगल पर बैद्यनाथ नैनी की वेबसाइट से सांस की दवा लेने के लिए संपर्क किया था। वेबसाइट पर दिए गए मोबाइल नंबर पर बात करने पर आरोपी ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे खाता नंबर और एटीएम के अंतिम तीन अंक मांगे। इसके बाद ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।अगले दिन सच्चिदानंद मिश्र के बेटे को खाते से संदिग्ध ट्रांजैक्शन के मैसेज दिखाई दिए। उन्होंने तुरंत एसबीआई साउथ सिटी शाखा पहुंचकर बैंक मैनेजर को इसकी जानकारी दी। शुरुआती जांच में पता चला कि खाते से कोई पैसा नहीं निकला है और खाता बंद कर दिया गया है। कुछ दिनों बाद जब खाता दोबारा चालू कराया गया, तो पुष्टि हुई कि एक ही व्यक्ति के नाम पर 42 बार ट्रांजैक्शन करके कुल 4 लाख 92 हजार 500 रुपए निकाले जा चुके थे। इस धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम सेल हजरतगंज और बैंक में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के समय बैंक और साइबर सेल ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे जालसाजों को समय मिल गया। फिलहाल, बिजनौर पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है और साइबर सेल की मदद से जालसाज का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
