-यूपी एटीएस नें कासना गौतम बुध नगर से किया गिरफ्तार
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।यूपी एटीएस नें इस्टानबूल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के सह-निदेशक फरहान नबी सिद्दीकी को कासना गौतम बुध नगर से गिरफ्तार किया है।पकड़ा गया आरोपी धार्मिक एवं विभिन्न समूह के बीच शत्रुता एवं वैमनस्यता फैलाने के लिए किताबों का प्रकाशन कर रहा था। यूपी एटीएस नें बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि कासना, ग्रेटर नोएडा, गौतम बुध नगर में एक निजी कंपनी में धार्मिक एवं विभिन्न समूह के बीच शत्रुता एवं वैमनस्यता फैलाने के लिए किताबों का प्रकाशन किया जा रहा है तथा लोगों में प्रचार-प्रसार हेतु वितरण किया जा रहा है एवं उक्त संचालित कंपनी में विदेश से हवाला एवं अन्य माध्यम से पैसा मंगाया जा रहा है।इस पर एटीएस टीम नें पाया कि फरहान नबी, नासी तोर्बा तथा कुछ अन्य व्यक्तियों द्वारा मेसेर्स इस्टानबूल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड व मेसेर्स हकीकत वाकफ़ी फाउंडेशन व मेसेर्स रियल ग्लोबल एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से कम्पनियां खोली गई।एटीएस नें बताया कि हकीकत प्रिंटिंग पब्लिकेशन कासना ग्रेटर नोएडा, गौतम बुध नगर में धार्मिक एवं विभिन्न समूह के बीच शत्रुता एवं वैमनस्यता फैलाने के लिए किताबों का प्रकाशन किया जा रहा है एवं लोगों में प्रचार-प्रसार हेतु वित्तरण किया जा रहा है।
विदेश से हवाला व अन्य माध्यम से मंगाया जाता था पैसा,बांग्लादेशियों को भी देता था शरण
एटीएस नें बताया कि इन कम्पिनयों में विदेश से हवाला एवं अन्य माध्यम से पैसा मंगाया जा रहा है एवं तुर्की तथा जर्मनी से जो लोग आते है उनको भी फरहान नबी द्वारा बिना किसी सूचना के अपने यहां रुकवाया जाता है। यह भी तथ्य प्रकाश में आया है कि अवैध रूप से भारत में आये बांग्लादेशियों को भी फरहान नबी सिद्दीकी द्वारा शरण दी जाती है। फरहान व नासी तोर्बा द्वारा विदेश से हवाला एवं अन्य माध्यम से करीब ग्यारह करोड़ रुपये प्राप्त कर उत्तर प्रदेश के अमरोहा व पंजाब राज्य में मदरसा व मस्जिदों तथा कम्पनियों के नाम पर भूमि क्रय की गयी है।इस मामले में फरहान नबी सिद्दीकी निवासी निवासी 64, फ्लोर-1, मुसाफिर खाना, बस्ती हजरत निजामुद्दीन, थाना हजरत निजामुद्दीन, जिला दक्षिणी पूर्वी, नई दिल्ली को कासना, गौतम बुध नगर से गिरफ्तार कर पूंछ तांछ की जा रही है।इसको लेकर थाना एटीएस उत्तर प्रदेश, लखनऊ पर धारा 152, 196,318(4), 61 (2) भारतीय न्याय संहिता-2023 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
