सरोजनीनगर:पत्नी के जिम ट्रेनर से अवैध संबंध,क्लिक करें और भी खबरें

-पति को दी जान से मारने की धमकी, शिकायत पर मुकदमा दर्ज

  • REPORT BY:A.S.CHAUHAN || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS
लखनऊ। सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के जिम ट्रेनर आकाश सिंह के साथ अवैध संबंधों का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता चंदन द्विवेदी ने बताया कि उनकी पत्नी  विभिन्न राज्यों में झूठ बोलकर ट्रेनर के साथ घूमने जाती रही हैं। मामले ने तब तूल पकड़ा जब आकाश सिंह ने पति को आपत्तिजनक फोटो-वीडियो दिखाकर धमकाया और बाद में हमला कर जान से मारने की धमकी दी।शिकायत के अनुसार, चंदन द्विवेदी का परिवार सैनिक सोसाइटी, सरोजनीनगर में रहता है। अप्रैल महीने में उन्हें पत्नी के जिम ट्रेनर आकाश सिंह (पुत्र मनोज सिंह, निवासी ई-281, सेक्टर एफ, एलडीए कॉलोनी, लखनऊ; वर्तमान में एनी टाइम जिम, आशियाना में ट्रेनर) से अवैध संबंधों की जानकारी हुई। पत्नी सहेलियों के बहाने भारत के विभिन्न राज्यों में घूमती थीं। पूछताछ पर पत्नी ने गाली-गलौज की और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी।लगभग 7-8 दिन पहले आकाश सिंह ने एक अज्ञात साथी के साथ चंदन को रोका और पत्नी की आपत्तिजनक तस्वीरें-वीडियो दिखाते हुए गाली-गलौज की। फिर 31 अक्टूबर/1 नवंबर 2025 की रात करीब 1:30 बजे, चंदन घर लौट रहे थे तभी आकाश ने दो अज्ञात साथियों के साथ रास्ता रोका, मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया।चंदन ने थाना प्रभारी सरोजनी नगर को दी तहरीर में गंभीर खतरे की आशंका जताई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बन्थरा में मानसिक रूप से अस्थिर अज्ञात व्यक्ति मिला

बन्थरा थाना क्षेत्र में एक मानसिक रूप से विक्षिप्त (पागल) अवस्था में अज्ञात व्यक्ति को रोड किनारे खाली पड़ी दुकान (नन्हके रावत) की बगीचा में चटक हालत में पड़े देखा गया। यह व्यक्ति पिछले 10-15 दिनों से इलाके में इधर-उधर भटकता नजर आ रहा था।जुनाबगंज सराय सहजादी निवासी डॉ. आशीष कुमार गुप्ता (पिता डॉ. रवीन्द्रनाथ गुप्ता), जो स्थानीय चिकित्सक हैं, ने गुरुवार की सुबह अपने क्लिनिक से रमाडा की ओर जाते समय यह दृश्य देखा। प्रार्थना पत्र में डॉ. गुप्ता ने बताया कि व्यक्ति की हालत गंभीर है और वह असहाय अवस्था में पड़ा हुआ है।थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

सड़क हादसे में पति की गर्दन कटकर अलग, मुकदमा दर्ज

बंथरा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना ने एक परिवार को त्रासदी की चपेट में ले लिया। ग्राम सैदपुर पुरही निवासी गुड़िया पत्नी विशाल ने थाना प्रभारी निरीक्षक को एक प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। घटना 3 नवंबर 2025 को हरौनी की ओर जाते समय हुई, जब गाड़ी पर सामने से आई कार ने जबरदस्त टक्कर मार दी।पत्र के अनुसार, गुड़िया अपने पति विशाल के साथ हरौनी की दिशा में जा रही थीं। तभी गाँव के ही निवासी मानू पुत्र स्व. गुन्नू ने अपनी कार को नियंत्रण से बाहर होते हुए गुड़िया की गाड़ी पर चढ़ा दिया। हादसे का आलम इतना भयावह था कि विशाल की गर्दन कटकर अलग हो गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन सुबह 5 बजे उनकी मौत हो गई। गुड़िया के 15 दिन के नवजात बच्चे को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि उनकी ननद नैना की टांग टूट गई है। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

सड़क किनारे घायल मिले विमलेश की उपचार के दौरान मौत,बंथरा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

बंथरा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा मवई पडियाना में बुधवार को सड़क किनारे घायल अवस्था में मिले विमलेश उर्फ बबलू (उम्र अज्ञात) की बृहस्पतिवार सुबह करीब 5 बजे अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमलेश बुधवार शाम को सड़क के किनारे खून से सन हुआ पाया गया था, जिसकी सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने पुलिस को दी। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मौत का कारण हादसा था या कोई आपराधिक घटना। पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है और मृतक के परिजनों से पूछताछ की जा रही है।घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है, और ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

पैरा की कीमत न लगने से नाराज किसानों ने जलाईं,सरोजनीनगर के ग्रामीणों का मिट्टी की उर्वरता बचाने का तर्क

सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र में धान की फसल कटाई के बीच एक अनोखी और चिंताजनक घटना सामने आई है। पैरा (धान की भूसी या पराली) की खरीद के लिए कोई सरकारी या निजी एजेंसी नजर न आने और इसकी कीमत तय न होने से नाराज ग्रामीण किसानों ने खेतों में खड़ी फसलों को ट्रैक्टर से जुतवा दिया या मशीनों से कटाई कर उसी जगह पर पैरा जला दिया। किसानों का कहना है कि बिना मूल्य के पैरा बेचना फायदेमंद नहीं, इसलिए इसे खेत में ही नष्ट कर मिट्टी की सेहत सुधारना बेहतर विकल्प है।सरोजनीनगर तहसील के अंतर्गत आने वाले गांवों में सैकड़ों एकड़ धान की फसल प्रभावित हुई है। जिले के कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में सरोजनीनगर क्षेत्र में करीब 5,000 हेक्टेयर में धान की खेती हुई थी, जिसमें से 40 प्रतिशत फसल पैरा प्रबंधन की समस्या से जूझ रही है। सामान्यतः पैरा को बिजली संयंत्रों या पशु चारे के रूप में बेचा जाता है, लेकिन इस वर्ष केंद्र और राज्य सरकार की ओर से पैरा खरीद योजना पर स्पष्टता न होने से किसान हताश हैं।
किसान संगठनों के अनुसार, पिछले वर्ष पैरा की औसत कीमत 200-250 रुपये प्रति क्विंटल थी, लेकिन इस बार न तो कोई नोटिफिकेशन जारी हुआ और न ही खरीद केंद्र स्थापित किए गए। एक स्थानीय किसान ने बताया, “हमने तो फसल काट ली, लेकिन पैरा लेने वाला कोई नहीं आया। कीमत तय करने की बातें तो चल रही हैं, लेकिन कब तक इंतजार करें? ट्रांसपोर्ट का खर्चा भी तो लगेगा। इसलिए हमने मशीन से कटाई की और उसी खेत में आग लगा दी। कम से कम इससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ बढ़ेगा और रबी की फसल के लिए जमीन तैयार हो जाएगी।
एक और किसान ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा, “मेरे पति ने खड़ी फसल ही जुतवा दी। पैरा बेचने का इंतजार करते तो कर्ज चुकाने का क्या होता? सरकार कहती है पैरा जलाना प्रदूषण फैलाता है, लेकिन विकल्प कौन देगा? अगर पैरा खरीद का ठोस प्लान होता तो हम क्यों ऐसा करते?” सुनीता का खेत, जहां कल ही ट्रैक्टर चला था, अब रबी की तैयारी के लिए समतल हो चुका था। किसानों का यह तर्क है कि पैरा को जुतवा देने या जलाने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, क्योंकि यह जैविक खाद का काम करता है। हालांकि, पर्यावरण विशेषज्ञ इसे खतरनाक मानते हैं।
यह न केवल सरोजनीनगर तक सीमित है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में फैल रही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान न हुआ तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के दौर में पैरा प्रबंधन को राष्ट्रीय स्तर पर नीति का हिस्सा बनाना जरूरी है, ताकि किसान आर्थिक रूप से मजबूत हों और पर्यावरण सुरक्षित रहे। फिलहाल, सरोजनीनगर के खेतों से उठते धुएं की कहानी किसानों की बेबसी की गवाही दे रही है।

अमौसी ओवरब्रिज पर जाम की समस्या:एसीपी की अध्यक्षता में गोष्ठी, वैकल्पिक पार्किंग पर सहमति

थाना सरोजनीनगर क्षेत्र में अमौसी ओवरब्रिज और आसपास लगातार लगने वाले जाम की समस्या के समाधान के लिए गुरुवार को आईओसी कैम्पस के सभागार में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) कृष्णानगर रजनीश कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, बॉटलिंग संयंत्रों के अधिकारी और ट्रांसपोर्टर शामिल हुए।एसीपी वर्मा और प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर राजदेवराम प्रजापति ने बताया कि ओवरब्रिज पर खड़े टैंकरों व ट्रकों के कारण यातायात बाधित होता है, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। गोष्ठी में सड़क किनारे और ओवरब्रिज पर वाहनों की पार्किंग के लिए वैकल्पिक स्थलों को चिन्हित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। ग्राम समाज की खाली भूमि एवं अन्य संभावित स्थलों का भौतिक सत्यापन कर शीघ्र पार्किंग व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।बैठक में आईओसीएल के डीजीएम श्री गौरव देव, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट के डीजीएम नरेश डोगरी, एचपीसीएल डिपो के डीजीएम  विपिन आर्या तथा नादरगंज औद्योगिक क्षेत्र के ट्रांसपोर्टर उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने जाम-मुक्त और सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाने का आश्वासन दिया।

 

Aaj National

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *