LUCKNOW:अटल आवासीय विद्यालयों ने प्रथम सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में रचा इतिहास,क्लिक करें और भी खबरें

-छात्र-छात्रों ने किया 93.15 प्रतिशत परिणाम के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन
-वाराणसी एवं प्रयागराज ने हासिल किया 100 प्रतिशत परिणाम

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK

लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रारंभ की गई अटल आवासीय विद्यालय योजना निर्माण निर्माण श्रमिकों एवं प्रदेश के निराश्रित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है, जिससे श्रमिक परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त हो रहा है और उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल अटल आवासीय विद्यालय योजना के अंतर्गत संचालित प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालयों ने अपनी प्रथम कक्षा 10 की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में अत्यंत सराहनीय एवं ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। इस वर्ष 2,178 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से 93.15 प्रतिशत विद्यार्थी सप सफल घोषित हुए, जो इस नवाचारी शैक्षिक मॉडल की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है। परिणाम न विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन एवं लगन का प्रमाण हैबल्कि शिक्षकों के समर्पित प्रयास, विद्यालय प्रशासन की सुदृढ कार्यप्रणाली तथा राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का  प्रतिफल है। अटल आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ डिजिटल लर्निंग, खेल, कौशल विकास एवं समग्र व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष बल दिया जाता है. जिसका सकारात्मक प्रभाव इस उत्कृष्ट परिणाम के रूप में सामने आया है। अटल आवासीय विद्यालय, वाराणसी एवं प्रयागराज ने 100 प्रतिशत परिणाम प्राप्त कर राज्य में उत्कृष्टता का नया मानदंड स्थापित किया है। विद्यालयों का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि यदि सही दिशा, संसाधन एवं शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो, तो विद्यार्थी सर्वाेच्च उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं।मेधा के स्तर पर विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया आज़मगढ़ के छात्र संगम यादव ने 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वाराणसी के हर्ष कुशवाहा ने 97.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रयागराज के छात्र हर्षित ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 95.8 प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया।

आगरा के गणेश ने 95.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर चतुर्थ स्थान अर्जित किया, जबकि मुरादाबाद के ही उदय प्रताप ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पंचम स्थान प्राप्त किया।  विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है।इस परीक्षा में  50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जो उनकी असाधारण प्रतिभा एवं निरंतर परिश्रम का प्रतीक है। 250 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से 90 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त कर विद्यालयों के उच्च शैक्षणिक स्तर को और सुदृढ़ किया है। यह उपलब्धि इस तथ्य को रेखांकित करती है कि अटल आवासीय विद्यालय  उत्तीर्णता ही नहीं बल्कि उत्कृष्टता की दिशा में भी निरंतर अग्रसर हैं।प्रथम ही बोर्ड परीक्षा में प्राप्त यह उल्लेखनीय सफलता इस योजना की प्रभावशीलता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता का प्रमाण है और यह दर्शाती है कि राज्य सरकार की यह पहल भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मॉडल के रूप में स्थापित होगी।इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय योजना को इस उद्देश्य से विकसित किया गया कि निर्माण श्रमिकों एवं वंचित वर्ग के बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। सुदृढ़ आधारभूत संरचना, आधुनिक शिक्षण सुविधाएँ, योग्य शिक्षकों की नियुक्ति तथा समग्र विकास पर आधारित शैक्षणिक मॉडल तैयार किया गया है, जिससे इन बच्चों को एक बेहतर भविष्य मिल सके।

प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एमके शन्मुगा सुन्दरम ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के पूर्व विद्यार्थियों की शैक्षणिक तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए अटल आवासीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की गई थीं। इन बैठकों में विद्यालयों की आंतरिक परीक्षाओं की प्रगति का आकलन किया गया तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने हेतु शैक्षणिक रणनीतियाँ लागू की गईं, जिनमें पीयर लर्निंग, मॉक टेस्ट सीरीज़  एवं सतत मूल्यांकन जैसी प्रक्रियाएँ शामिल थीं। अटल आवासीय विद्यालयों की महानिदेशक पूजा यादव ने कहा कि ष्विद्यालयों में एक सुदृढ़ एवं अनुशासित शैक्षणिक वातावरण विकसित किया गया है, जहाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर निरंतर ध्यान दिया जाता है। शिक्षकों, प्रशासन एवं प्रबंधन के समन्वित प्रयासों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुँचने का अवसर प्राप्त हो।

सामाजिक समरसता सम्मेलन सीतापुर में, शामिल होंगे असीम अरूण

समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण 17 अप्रैल को सीतापुर में सामाजिक समरसता सम्मेलन में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम बाबा साहब डा भीमराव आम्बेडकर जयन्ती के अवसर पर खैराबाद स्थित भूमिजा हाल में दोपहर 2 बजे है। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष आम्बेडकर जयन्ती को अभूतपूर्व स्तर पर मनाये जाने के लिए प्रदेश के सभी जनपदों और विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किये जाने का निर्णय लिया है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनके अधिकारों, संविधान और समानता के मूल्यों की जानकारी देगे।

दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 आज से ,उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले पशुपालक एवं निवेशक होंगे पुरस्कृत

दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कल 17 व 18 अप्रैल को मार्स हॉल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 का आयोजन पूर्वाहन 10ः30 बजे से किया जा रहा है। कार्यक्रम दुग्ध विकास, पशुधन एवं राजनैतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह की उपस्थिति में सम्पन्न होगा। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास, मुकेश कुमार मेश्राम उपस्थित रहेंगे। दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि कार्यक्रम में विभिन्न माध्यमों से प्रदेश के 10 हजार पशुपालकों दुग्ध उत्पादकों एवं निवेशकों को प्रतिभाग कराते हुए विभाग के क्रिया-कलापों व योजनाओं से अवगत कराया जायेगा। वेब कास्टिंग,लाइव यूट्यूब के माध्यम से प्रदेश के समस्त जनपदों के साथ-साथ देश-विदेश के लाखों गौ पालक,निवेशकों को जोड़ा जायेगा। विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले पशुपालकों एवं निवेशकों को सम्मानित,पुरस्कृत किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश पोल्ट्री कॉन्क्लेव 2026’’ का बृहद एवं सफल आयोजन

उत्तर प्रदेश के पोल्ट्री उद्योग को नई ऊचाईयों पर ले जाने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग द्वारा प्रदेश में प्रथम बार पोल्ट्री इंडिया के सहयोग से ’’उत्तर प्रदेश पोल्ट्री कांक्लेव 2026’’ का सफल आयोजन गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल में किया गया। पोल्ट्री कॉन्क्लेव के दूसरे सत्र में इन्वेस्टर समिट में मुख्य अतिथि  मनोज कुमार सिंह पूर्व मुख्य सचिव एवं सीईओ स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, विशिष्ट अतिथि संजय भूसरेड्डी एमडी रेरा तथा मुकेश मेश्राम अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास की  उपस्थिति में शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर देवेंद्र कुमार पांडे विशेष सचिव पशुधन ने बताया कि कॉन्क्लेव में मुकेश बहादुर सिंह, इंडो अमेरिकन चैम्बर, सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, आईआईए के प्रतिनिधियो द्वारा प्रतिभाग किया गया।  अपर मुख्य सचिव पशुधन के निर्देशन में उपस्थित 36 पोल्ट्री इन्वेस्टर्स के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किये गये, जिनसे 2267.42 करोड़ रूपये के निहुए। कॉन्क्लेव में उपस्थित अतिथियो द्वारा विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई एवं प्रदेश में अंडा उत्पादन की कमी को दूर करते हुए पोल्ट्री के सेक्टर में ग्रोथ के साथ-साथ भविष्य में इस क्षेत्र में प्रदेश को निर्यातनमुखी बनाए जाने की दृष्टिकोण के विषय पर भी विचार विमर्श किया गया। कॉन्क्लेव में उद्योग विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीकी चुनौतियों, संभावनाओं एवं नवाचारांे पर मार्गदर्शन दिया गया और गहन विचार विमर्श किया गया। प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं वित्तीय सहायता एवं व्यवहारिक समाधान पर भी जानकारी दी गयी।

आईटी मंत्री ने खोड़ा नगरपालिका में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र का किया लोकार्पण

उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री तथा साहिबाबाद के विधायक सुनील कुमार शर्मा ने आज साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र के खोड़ा नगरपालिका में “प्राथमिक चिकित्सा केंद्र” का लोकार्पण किया।यह केंद्र क्षेत्रवासियों को आधुनिक, सुलभ एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यहां बेहतर इलाज, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, स्वच्छ वातावरण एवं प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ के माध्यम से आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री  ब्रजेश पाठक के कुशल नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सशक्त हो रही हैं। “जनता की सेवा एवं क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मैं सदैव प्रतिबद्ध हूँ। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के कैबिनेट मंत्री के रूप में डिजिटल उत्तर प्रदेश के निर्माण के साथ क्षेत्र की आधारभूत स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना भी मेरी प्राथमिकता है।”इस मौके पर खोड़ा नगरपालिका क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों, कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोकार्पण के पश्चात केंद्र का निरीक्षण भी किया गया।

उत्तर प्रदेश के 57 हजार पंचायतों में आधार का कवच,1000 पंचायतों से पहले चरण का आगाज
-सभी पंचायतों तक सेवाएं पहुंचाने को सरकार प्रतिबद्ध- ओम प्रकाश राजभर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश को ‘डिजिटल प्रदेश’ बनाने की दिशा में पंचायती राज विभाग मिशन मोड में कार्य कर रहा है। ग्रामीण आबादी को सशक्त बनाने और उन्हें सरकारी सेवाओं से सीधे जोड़ने के लिए प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों तक आधार सेवाएं पहुंचाने की तैयारी तेजी से चल रही है। यह पहल गांवों में डिजिटल समावेशन, पारदर्शिता और सेवा वितरण को नई गति देने का कार्य करेगी।

प्रथम चरण में प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं। वर्तमान में लखनऊ, बाराबंकी, खीरी, सीतापुर एवं बलरामपुर की 77 ग्राम पंचायतों में यह सेवा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, जिससे अब तक 9500 से अधिक आधार सेवाएं ग्रामीणों को दी जा चुकी हैं। यह मॉडल अब पूरे प्रदेश में विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पंचायती राज निदेशालय अलीगंज लखनऊ में आधार ऑपरेटरों एवं सुपरवाइजर्स हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उपनिदेशक योगेन्द्र कटियार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस कार्यशाला में 70 पंचायत सहायकों के साथ उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक के 30 आधार ऑपरेटरों ने प्रतिभाग किया।कार्यशाला में यूआईडीएआई की टीम द्वारा आधार सेवाओं से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को वैध दस्तावेजों की जांच, डेटा सुरक्षा, तकनीकी सटीकता और पारदर्शिता बनाए रखने के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। त्रुटिपूर्ण अथवा फर्जी दस्तावेज स्वीकार किए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पंचायत सहायकों और आधार ऑपरेटरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील है। उपनिदेशक  योगेन्द्र कटियार ने कहा कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर ‘जीरो एरर’ गवर्नेंस की मजबूत नींव है। यह पहल न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति को गति देगी बल्कि गांवों में सुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता का नया अध्याय भी स्थापित करेगी।

वित्त मंत्री ने आईएएस प्रशिक्षुओं को दिया संवेदनशीलता, समय प्रबंधन प्रभावी प्रशासन और व्यक्तित्व निर्माण का मंत्र

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने  भारतीय प्रशासनिक सेवा 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रशिक्षण सत्र में प्रशासनिक जीवन के मूलभूत सिद्धांतों पर सारगर्भित मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि सफल अधिकारी के लिए समय प्रबंधन और व्यवस्थित दिनचर्या आवश्यक हैं। प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता और निष्पक्षता के बीच संतुलन बनाए रखना ही वास्तविक कुशलता है। हर व्यक्ति अपना कैरेक्टर रोल स्वयं लिखता है। उन्होंने कहा कि आपके निर्णय और व्यवहार ही आपकी सार्वजनिक छवि गढ़ते हैं।वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना आज अलीगंज स्थित प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी में सिविल सर्वेन्ट की भूमिका: कर्त्तव्य एवं दायित्व विषय पर प्रशिक्षुओं को जानकारी दे रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की सीख देते हुए कहा कि उनके सामने आने वाला फरियादी प्रायः दुःखी मानसिकता में होता है, जिसका व्यवहार असामान्य भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में उसकी मानसिक पीड़ा को समझते हुए सहानुभूतिपूर्वक और न्यायसंगत निर्णय लेना ही एक सच्चे प्रशासक की पहचान है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति पर संस्कार, ग्रह नक्षत्र और वातावरण का प्रभाव पड़ता है। व्यक्ति का संस्कार व ग्रह नक्षत्र का नहीं बदला जा सकता है लेकिन वातावरण का चयन स्वयं के हाथ में होता है, जो उसके व्यक्तित्व और कार्यशैली को दिशा देता है।वित्त मंत्री ने अधिकारियों को अहंकार से दूर रहने, स्वयं की प्रशंसा से बचने, तथा सामने वाले को समझने की क्षमता विकसित करने की सलाह दी।  स्वच्छ छवि और सुदृढ़ आचरण ही वह आधार है, जिससे किसी भी प्रकार के आरोप या लांछन स्वतः निष्प्रभावी हो जाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि अधिकारी सत्यनिष्ठा और मानवीय मूल्यों के साथ कार्य करेंगे, तो वे न केवल प्रशासनिक दक्षता स्थापित करेंगे, बल्कि समाज में विश्वास और न्याय की मजबूत नींव रखेंगे।

बेसिक शिक्षा मंत्री के निर्देशन में परिषदीय विद्यालयों में “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम शुरू

प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार संदीप सिंह के निर्देशन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत गुरुवार से परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन प्रारंभ हो गया। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना, निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करना तथा लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना है।पहले दिन “नारी शक्ति सम्मान” कार्यक्रम के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाली बालिकाओं के अभिभावकों को सम्मानित किया गया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परिसरों में बालिकाओं एवं महिला अध्यापकों द्वारा “नारी शक्ति” मानव श्रृंखला बनाकर समाज में जागरूकता का संदेश दिया गया। इसके साथ ही विकासखण्ड स्तर पर भी महिला सशक्तिकरण से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो रही है।
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि यह अभियान बालिकाओं में आत्मविश्वास, सुरक्षा बोध एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। योगी सरकार महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को जागरूक और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्रदेश में देखने को मिल रहे हैं।कार्यक्रम के अंतर्गत 17 अप्रैल को आत्मरक्षा प्रदर्शन, समाज सेवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एनसीसी एवं स्काउट-गाइड की छात्राएं अनुशासन एवं वीरता का प्रदर्शन करेंगी। इसके अतिरिक्त लोकगीत, लोकनृत्य, लघु नाटिका तथा खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से बालिकाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान किया जाएगा। 20 अप्रैल को वाद-विवाद, निबंध, स्वरचित कविता एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हुए “विकसित भारत में नारी की भूमिका” तथा “सशक्त नारी-समृद्ध भारत” जैसे विषयों पर छात्राओं की सक्रियसहभागिता की जाएगी। मण्डलीय सहायक शिक्षानिदेशकों एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रमों का आयोजन प्रभावी, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाए तथा अधिक से अधिक बालिकाओं, अभिभावकों एवं समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित कर नारी सम्मान और समानता के संदेश को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाए।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: सशक्त नारी, समृद्ध भारत की दिशा में ऐतिहासिक पहल,महिलाओं की भागीदारी से राष्ट्र-निर्माण को मिलेगी नई गति-केशव

सशक्त नारी, सशक्त भारत” के संकल्प को साकार करते हुए नोएडा, गौतम बुद्ध नगर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम अभियान कार्यक्रम में संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह अधिनियम भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्थापित हो चुका है। यह महिलाओं को न केवल समान अधिकार देता है, बल्कि उन्हें निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाकर राष्ट्र-निर्माण को नई दिशा प्रदान करता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने का एक ऐतिहासिक कदम है। यह अधिनियम केवल एक विधिक प्रावधान नहीं, बल्कि देश के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास को नई ऊर्जा देने वाला परिवर्तनकारी निर्णय है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई है। सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि जब नारी सशक्त होती है, तब परिवार, समाज और राष्ट्रकृसभी सशक्त होते हैं। “महिलाओं के विकास” से आगे बढ़कर अब “महिलाओं के नेतृत्व में विकास” की अवधारणा को साकार किया जा रहा है। भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, संवेदना और सृजन की प्रतीक माना गया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी मूल भावना को सुदृढ़ करते हुए महिलाओं को नेतृत्व और निर्णय क्षमता के केंद्र में स्थापित करता है। यह अधिनियम महिलाओं के आत्मविश्वास, सम्मान एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि आज भारत की महिलाएं सेना, विज्ञान, खेल, शिक्षा एवं राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही है, जिसे यह अधिनियम संतुलित करने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा। केशव प्रसाद मौर्य ने विश्वास व्यक्त किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम आने वाले समय में देश की लोकतांत्रिक संरचना को और अधिक समावेशी, सशक्त एवं प्रगतिशील बनाएगा तथा “सशक्त नारी, समृद्ध भारत” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।इस अवसर पर  सत्येंद्र सिसोदिया  महेश चौहान, पूर्व राज्यसभा सांसद कांता कर्दम  सहित अनेक गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

Aaj National

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