-अजान के वक्त भजन बजाने पर ली थी पुजारी की जान
- REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
दिनदहाड़े चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। अजान के समय लाउडस्पीकर पर भजन बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद वारदात को अंजाम दिया गया।सपा-कांग्रेस मिलकर लड़ेगी असेम्बली इलेक्शन
मिशन 2027: लक्ष्य फतह और सूबे में हुकूमत
कांग्रेस जहां मजबूत वहीं मिलेगा कांग्रेसी को टिकट,टिकट बंटवारे पर मंथन और 200 नाम तय
सूबे में सरकार है।दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर फार्मूला लगभग तय हो गया।टिकट नही सिर्फ जीत पर फोकस है।जीत की गारंटी वाली सीटें ही एक-दूसरे के खाते में जाएंगी। कांग्रेस का जनाधार जहां होगा सपा वो सीट छोड़ेगी। सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं, बताना होगा कि पिछले चुनावों में कितना वोट मिला था व जातीय समीकरण के हिसाब से उम्मीदवारी कितनी मजबूत है। 200 सीटों पर प्रत्याशियों का नाम भी तय हो गया है। चुनाव की घोषणा से पहले उम्मीदवारी तय कर दी जाएगी, जिससे क्षेत्र में काम करने का पूरा मौका मिले। टिकट बंटवारे को लेकर सम्भावित मनमुटाव भी कम होगा। ऐन वक्त पर टिकट से उम्मीदवार को तैयारी का मौका कम मिलता है और चुनाव के दौरान नाराजगी का असर दिखाई पड़ता है। सपा नहीं चाहती है कि 2027 के चुनाव मे भितरघात हो। नाराजगी नहीं तो पार्टी नेता मिलकर तैयारी करेंगे और परिणाम बेहतर होगा।सपा नेतृत्व हर जिले की विधानसभावार सीटों पर चर्चा कर रहा है। सपा मुखिया स्वयं ध्यान दे रहे हैं। फीडबैक लेने के लिए जिलाध्यक्ष और नगर कार्यकारिणी के लोगों को बुलाया जा रहा है। 200 सीटों पर संभावित उम्मीदवारों की पहचान हो चुकी है। जुलाई के पहले हफ्ते तक उम्मीदवारों की शार्टलिस्टिंग होगी। उम्मीदवारों के बारे में खुफिया तरीके से पड़ताल कराई जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि क्षेत्र में उसकी क्या पोजीशन है।सपा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कितने टिकट देगी, अभी तय नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट है कि उसके हिस्से में वही सीटें जाएंगी जहां मजबूत होगी। कांग्रेस को सीटवार बताना होगा कि वह कहां- कहां मजबूत है।जहां कांग्रेस की सीट निकलती दिखेगी टिकट मिलना तय है। सपा का मानना है कि लोकसभा चुनाव में कुछ सीटों पर टिकट बंटवारे में गड़बड़ी हुई थी, अन्यथा और बेहतर नतीजा आता।समाजवादी पार्टी विधानसभा चुनाव में ऐसी गलती नही होने देना चाहती है।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी में स्कॉलर समिट का समापन
-सीयूसीईटी स्कालरशिप प्राप्त करने वाले यूपी, बिहार व झारखंड के छात्र सम्मानित
इस समिट में 1500 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इनमें मुख्यतः उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के विद्यार्थी शामिल हैं। यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सीयूसीईटी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के माध्यम से 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप देने की घोषणा की थी। परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप मिली है। इन्हीं प्रतिभाशाली छात्रों का सम्मान करने के लिए सीयू स्कॉलर समिट का आयोजन किया गया है।कार्यक्रम के अंतिम दिन मुख्य अतिथि को तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय शामिल हुए। इस अवसर पर विशेष तौर पर राज्यसभा सांसद व चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू, प्रो. डॉ. विनीत कुमार नायर, वाइस चांसलर, सीयू यूपी समेत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी के प्रो वाइस चांसलर प्रो डॉ टीपी सिंह मौजूद रहे। मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में आकर मुझे गर्व की अनुभूति हो रही है। यह केवल एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को खोजने, उन्हें तराशने और राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करने का एक उत्कृष्ट केंद्र है। आज यहां विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नवाचारों और शोध मॉडलों को देखकर मैं निःशब्द हूं। फुटप्रिंट्स से बिजली उत्पादन जैसे अभिनव विचार यह दर्शाते हैं कि भारत का युवा केवल सीख नहीं रहा, बल्कि भविष्य के समाधान भी तैयार कर रहा है।राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मूल उद्देश्य शिक्षा को तकनीक, रोजगार और संस्कार से जोड़ना है, और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी इस विज़न को प्रभावी ढंग से साकार कर रही है। यहां के विद्यार्थियों में मैंने तकनीक के साथ राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी देखी है। राष्ट्रभक्ति केवल सीमा पर देश की रक्षा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने ज्ञान, नवाचार और कर्म के माध्यम से देश को आगे बढ़ाना भी राष्ट्रसेवा है। संधू और उनकी टीम इसी भावना के साथ युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। उत्तर प्रदेश देश का उभरता हुआ उच्च शिक्षा हब बन रहा है और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जैसी विश्वस्तरीय संस्थाओं की उपस्थिति परिवर्तन को नई गति दे रही है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद व चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि सीयूसीईटी केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं, बल्कि प्रतिभा को पहचानने और आर्थिक बाधाओं को दूर कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है। एआई दुनिया के हर क्षेत्र को बदल रहा है और आने वाले समय में तकनीक इतनी सक्षम होगी कि एक व्यक्ति स्वयं पूरी कंपनी संचालित करने की क्षमता रखेगा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने की उपलब्धी हासिल करने पर बधाई देता हूं जिनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व के 4399 दिनों और तीसरे कार्यकाल ने देश के विकास के संकल्प को नई गति प्रदान की है।खाद्य प्रसंस्करण में निवेश से बढ़ेगी किसानों की आय, युवाओं को मिलेगा रोजगार- केशव
-खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की 10 परियोजनाओं को मिली संस्तुति
के मूल्य संवर्धन तथा युवाओं के लिए रोजगार अवसर उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग प्रभावी माध्यम सिद्ध होगा।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास, हरित ऊर्जा को समान प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है। सौरऊर्जा आधारित औद्योगिक मॉडल भविष्य की आवश्यकता है, जो उद्योगों को लागत में राहत देने के साथ आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक सिद्ध होगा। श्री मौर्य ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों, अनुदानों एवं निवेश सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक उद्यमी प्रदेश में निवेश के लिए आगे आएं तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में गठित एप्रेजल समिति की बैठक हुई। बैठक में ऑनलाइन पोर्टल पर प्राप्त 10 निवेश प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा एवं परीक्षण किया गया तथा निर्धारित शर्तों के साथ उन्हें स्वीकृति हेतु संस्तुत किया गया।स्वीकृत प्रस्तावों में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, आधुनिक राइस मिल, मसाला एवं कृषि उत्पाद प्रसंस्करण इकाइयाँ तथा मेकरोनी, पास्ता, नूडल्स एवं अन्य पैकेज्ड खाद्य उत्पाद निर्माण इकाइयाँ शामिल हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई गति मिलने के साथ उत्पादन क्षमता वृद्धि, ऊर्जा दक्षता और स्थानीय कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा ने बताया कि अब तक योजना अंतर्गत 540 इकाइयों को लाभान्वित किया जा चुका है, जिनमें से 130 इकाइयों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं अथवा स्थापना प्रक्रिया में हैं। राइस मिल, ऑयल मिल, फ्लोर मिल, कैटल फीड इकाइयों, आरटीसी प्लांट, मशरूम उत्पादन एवं बेकरी प्लांट सहित औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऊर्जा लागत में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।बैठक के समिति ने निवेशकों को निर्धारित समय-सीमा एवं शर्तों का अनुपालन के निर्देश दिए गए।
इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे सीएम
शाम को वाराणसी में होने वाले कार्यक्रम में पहुंचेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल शुक्रवार शाम को बाबा विश्वनाथ की नगरी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहुंचेंगे। वे गिरिजा देवीसांस्कृतिक संकुल चौकाघाट में होने वाले कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री शहरी आजीविका मिशन, उद्योग विभाग समेत विभिन्न विभागों की योजना के लाभार्थियों को भी सम्मानित करेंगे। यहां एक जनपद-एक व्यंजन समेत अनेक विभागों के स्टॉल भी लगेंगे।
विधानसभा चुनाव में अभी देर, सियासी पार्टियों की तैयारी में नही,बीजेपी का बड़ा दांव: तीन तलाक पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को घर, बीमा और रोजगार से जोड़ने की तैयारी
प्रदेश में चुनाव नजदीक आते ही सियासी दल अपने-अपने तरीके से मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी विकास और कल्याणकारी योजनाओं को उपलब्धि बता रही है तो विपक्ष इन दावों को चुनावी रणनीति करार दे रहा है।2027 में होने वाले असेम्बली चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी ने मुस्लिम समुदाय के लिए भी नई कल्याणकारी योजनाओं पर जोर देना शुरू कर दिया है।योगी सरकार का उद्देश्य दिखाना है कि विकास, जनकल्याण की योजनाओं का लाभ हर वर्ग को मिल रहा है। तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को विशेष सुविधाएं देने की योजना खासी चर्चा में है।सूबाई सरकार तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं को आवास और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मुताबिक महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है। इन्हें कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा।बीजेपी का दावा है कि योजनाएं किसी धर्म या समुदाय के आधार पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर लागू की जाती है। पार्टी मुस्लिम समुदाय को संदेश देना चाहती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर नागरिक को समान रूप से मिल रहा है।विपक्षी दलों ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।सपा का कहना है कि तमाम लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं सरकार को योजनाओं की घोषणा के बजाय महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं पर काम करना चाहिए।राम मंदिर के चढ़ावा की चोरी पर शुरू हो गई सियासत
-महंत कमल नयन दास बोले,किस- किस का नाम लूं, सब बेईमान
-सच बोलूंगा तो परेशानी में पड़ जाऊंगा- बृजभूषण
-स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चंपत राय पर साधा निशाना,कई अन्य लोगों ने भी उठाया सवाल
ही नेता भी मुखर हुए हैं। श्रीराम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं।महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास के साथ पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी राम मंदिर के दानपात्र से चढ़ावा गायब होने को भक्तों की आस्था पर कुठाराघात बता रहे है।ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। बड़ी धनराशि के गबन के बावजूद ट्रस्ट ने एफआइआर दर्ज नहीं कराई है। ट्रस्ट के सदस्य गोपाल राव ने तो सिरे से खारिज कर दिया। कहते हैं कि ऐसी कोई घटना ही नहीं हुई है। गबन प्रकरण में एक के बाद एक जानकारी सामने आने के बाद यह आशंका जताई जाने लगी है कि इसमें गणना कक्ष के आसपास लगे सुरक्षा कर्मी आखिर क्या जांच करते रहे,यदि गणना में संलग्न कर्मियों की जांच ठीक से हुई होती तो कैसे इतनी बड़ी रकम परिसर से बाहर निकल पाती। गणना कक्ष के आसपास निजी एजेंसियों के साथ पुलिस व सीआइएसएफ के सुरक्षाकर्मी भी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में कहा है कि सब के सब बेईमान हैं, हम किस-किसका नाम गिनाएं। जांच भगवान करेंगे और दंड देंगे।बोले, जांच करने वाले ही बेईमान हैं तो क्या जांच होगी। सब के सब तो बेईमान ही हैं।जो पहले रिक्शे और साइकिल पर चलते थे वे अब गाड़ियों में चल रहे हैं। बड़े-बड़े मकान बन गए हैं। मैं किस-किसका नाम गिनाऊं। मुझसे कोई मतलब नहीं, जो जैसा करेगा उसका फल उसे मिलेगा और यह तो तय है कि निश्चित मिलेगा। भगवान दंड देंगे। राम जन्मभूमि से जुड़े किसी भी मामले में संदेह होता है तो जांच आवश्यक है लेकिन ऐसी जांच होनी चाहिए जिसपर सभी पक्षों को भरोसा हो।पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दानपात्र से चोरी पर कहा कि मामले में बड़े लोग शामिल हैं और यदि वह सच्चाई बता देंगे तो स्वयं बड़ी परेशानी में पड़ जाएंगे। फिलहाल वह नहीं बोलना चाहते, समय आने पर सच सामने रखेंगे।अयोध्या में जन्मभूमि परिसर के मंदिरों में दानपात्र से दान की राशि गायब होने को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर निशाना साधा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वहां तो लगातार ही चोरी हो रही है। आज पहली बार थोड़े ही हुई है। मंदिर का जब शिलान्यास हुआ था, तबसे ही ये सब चल रहा है। कितने आरोप लग चुके हैं कि शिला पूजन में चोरियां हुईं, फिर राम जन्मभूमि पर मंदिर बनने लगा तो प्लॉट बिकने लगे। दो-दो मिनट में प्लॉट की कीमत करोड़ों में हो जाती थी। चोरी तो वहां पहले से चल रही है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर हमला बोलते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जब वहां चंपत राय बैठे हैं तो यह होना ही था।
