LUCKNOW:चेयरमैन के जेल का विकल्प भड़के कार्मिक,क्लिक करें और भी खबरें

  • NEWS -01

    जेल भरो आंदोलन का लिया संकल्प

  • REPORT BY: PREM SHARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ। पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ आशीष गोयल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिजली कर्मियों को धमकी देते हुए जेल का विकल्प पत्र भरने की बात करने से प्रदेश भर में बिजली कर्मियों में उबाल आ गया है और उनका गुस्सा फूट पड़ा है। आपातकाल की 50वीं जयंती पर आज प्रदेश भर में बिजली कर्मचारियों ने अन्याय और दमन के विरोध में निजीकरण का टेंडर होते ही जेल भरो अभियान चलाने का संकल्प जोरदार ढंग से व्यक्त किया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने बताया कि कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन ने सभी प्रबंध निदेशकों और उच्च अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो कर्मचारी जेल जाना चाहते हैं, रजिस्टर रखवा लिया जाए और दो दिन में उनसे जेल जाने का विकल्प ले लिया जाए। चेयरमैन ने बहुत तल्खी में कहा कि जो कर्मचारी जेल जाना चाहते हैं उन्हें मैं ससम्मान जेल भिजवा दूंगा। संघर्ष समिति ने कहा कि यह बयान बाजी कर पावर कारपोरेशन के चेयरमैन ने 50 साल बाद एक बार फिर आपातकाल की याद ताजा कर दी है। संघर्ष समिति ने कहा कि विगत 0 7 महीनों से पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण करने हेतु इतने उतावले हो गए हैं कि वह झूठे आंकड़ों और धमकी का सहारा लेने पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि पावर कारपोरेशन के चेयरमैन द्वारा निजीकरण हेतु विद्युत नियामक आयोग को भेजे गए झूठे आंकड़ों को विद्युत नियामक आयोग ने नकार दिया है और निजीकरण के आर एफ पी डॉक्यूमेंट को वापस लौटा दिया है। इससे प्रबंधन पूरी तरह बौखला गया है और अब बिजली कर्मियों से रजिस्टर पर जेल जाने वालों को विकल्प देने की धमकी पर उतर आया है।आज आपातकाल की 50वीं जयंती पर प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर बिजली कर्मियों ने विरोध सभा कर संकल्प व्यक्त किया कि अन्याय, दमन और सार्वजनिक संपत्ति की लूट के विरोध में सामूहिक जेल भरो आंदोलन चलाएंगे और टेंडर होते ही यह आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। संघर्ष समिति ने कहा कि संघर्ष करते हुए जेल भरो आंदोलन चलाने में बिजली कर्मी कभी भी पीछे नहीं रहे हैं। वर्ष 2000 की हड़ताल में लगभग 25000 बिजली कर्मियों ने प्रदेश की जेल को भर दिया था। जरूरत पड़ी तो 2025 में एक बार फिर इसे दोहराया जाएगा।

NEWS -02

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश को बताई हकीकत,सीबीआई जॉच की मांग
-निजीकरण मसौदा भ्रष्टाचार का पुलिंदा, सरकार की छबि धूमिल प्रयास

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने आज प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात कर उन्हें 42 जिले में बिजली निजीकरण के मसौदे की हकीकत से रूबरू कराते हुए ज्ञापन सौपा। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जॉच कराये जाने की मांग रखी। उत्तर प्रदेश के 42 जनपदों के निजीकरण के मसौदे पर जहां उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा बड़े पैमाने पर गंभीर वित्तीय अनियमित उजागर किए जाने व केंद्र सरकार द्वारा आरडीएसएस योजना में पूरे प्रदेश में लगभग 44094 करोड़ खर्च किए गए है। इनमें दक्षिणांचल में 7434 करोड,पूर्वांचल 9481 करोङ यानि कुल 16915 करोड़ खर्च करके दोनों बिजली कंपनियों को सुधारा जा रहा है। उसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद भी निजीकरण किए जाने का प्रस्ताव सरकारी धन का दुरुपयोग कर देश के बड़े निजी घरानो को लाभ देने के विरोध में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से उनके आवास पर मुलाकात कर एक लोकमहत्व प्रस्ताव दाखिल करते हुए पूरे मामले पर सीबीआई जांच उत्तर प्रदेश सरकार से करने की मांग उठाई। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा सरकार की छवि धूमिल करने के लिए कुछ उच्चअधिकारी निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए उद्योगपतियों के साथ गुपचुप लगे हुए हैं का पर्दाफाश करने के लिए बहुत जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर उन्हें पूरा मामला अवगत कराते हुए सीबीआई जांच की मांग की जाएगी।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा उपभोक्ता परिषद द्वारा जो उपमुख्यमंत्री को लोक महत्व प्रस्ताव सौपा गया है। उसमें प्रमुख रूप से विद्युत नियामक आयोग द्वारा ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव पर उजागर की गई गंभीर वित्तीय अनियमित,े दोनों बिजली कंपनियों की इक्विटी 6900 करोड़ मानकर नई बनने वाली पांच बिजली कंपनियों को कम लागत पर बेचने, ,गलत बैलेंस शीट बनाकर निजी घरानों को फायदा देने, ग्रांट थ्रोनटन कंपनी पर 40000 डॉलर का अमेरिका रेगुलेटर द्वारा पेनल्टी लगाये जाने के बाद भी उस पर कोई कार्यवाही न किए जाने और सरकारी धन को खर्च करके बिजली कंपनियों को सुधार की दिशा में आगे बढ़ा कर उसका लाभ देश के बड़े निजी घरानों को देने का विस्तृत प्रस्ताव सौपा है। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा लखनऊ में किसान उपभोक्ता कार्मिक महापंचायत में हजारों की संख्या में सभी की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश को लालटेन युग में ले जाने से बचाने के लिए निजीकरण को निरस्त करने का जो प्रस्ताव पास किया गया। उसमें भ्रष्टाचार पर निजीकरण के मामले पर सीबीआई जांच कराई जाए का मामला भी प्रमुख था। इसलिए यह जरूरी है कि उत्तर प्रदेश सरकार के सामने इस गंभीर मामले को उठाया जाए कि कुछ उच्च अधिकारी जो सरकार की छबि धुमाली करने के लिए उद्योगपतियों के दबाव में काम कर रहे हैं। जिनके खिलाफ सख्त कार्यवाही तभी हो सकती है जब पूरे मामले कि सीबीआई जांच हो।

NEWS-03

महामंत्री और उपाध्यक्ष ने महापौर से बताई कार्मिकों की समस्याएं

नगर निगम कर्मचारी संघ के नवनिर्वाचित महामंत्री शमील एख़लाक व नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष सुखदेव यादव द्वारा महापौर सुषमा खर्कवाल से मिलकर शिष्टाचार भेंट कर उन्हें कार्मिकों की समस्याओं से अवगत कराया।

महापौर ने दोनों पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि समस्याओं के निस्तारण के लिए मेरे स्तर पर जो सम्भव होगा वह अवश्य किया जाएगा।पदाधिकारियों ने महापौर को नगर निगम के सभी संवर्गों के कर्मचारियों की लम्बित मांगों और समस्याओँ जिसमे मुख्य रूप से मृतक कर्मचारियों के आश्रितों की नियुक्ति,सभी संवर्गों में रिक्त पदों पर पदोन्नतियाँ, वर्ष 2005 के नियुक्त कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों में जमा धनराशि को एनपीएस खातों में भेजना व अन्य समस्याओँ के सम्बन्ध में ज्ञापन देकर वार्ता की गयी। जिस पर महापौर द्वारा मृतक आश्रित नियुक्ति पर शीघ्र कार्यवाही व अन्य मांगों पर भी शीघ्र कार्यवाही हेतु संगठन को आश्वस्त किया गया। महापौर द्वारा संघ को आश्वस्त किया गया कि मृतक कर्मचारी के परिवार के साथ उनकी पूरी संवेदना है। तत्काल म्रत कर्मचारी के आश्रितों को नियुक्त प्रदान की जायेगी।

महापौर ने संघ के पदाधिकारियों से संस्था हित,कर्मचारी हित व नगर हित में मिल कर कार्य करने हेतु कहा गया। तथा अन्य लम्बित मांगों पर भी जल्द कर्मचारी हित में निर्णय कर कार्यवाही करायें जाने के लिए संघ को आश्वस्त किया ।नगर निगम कर्मचारी संघ लखनऊ ने महापौर को कर्मचारी हित में दिए गए आश्वासन पर धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

NEWS-04

नगर निगम की टीम ने कराया शासकीय भूमि से अतिक्रमण मुक्त

लखनऊ मंडल की मण्डलायुक्त रोशन जैकब एवं नगर निगम लखनऊ के नगर आयुक्त  गौरव कुमार के निर्देशन में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने हेतु एक बड़ा अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व नगर निगम की अपर नगर आयुक्त  नम्रता सिंह द्वारा गठित टीम ने किया। कार्यवाही ग्राम हरिहरपुर, तहसील सरोजनी नगर, जनपद लखनऊ में स्थित शासकीय भूमि पर किया गया, जो कि नगर निगम की संपत्ति के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। इस भूमि पर अतिक्रमण को नगर निगम की संयुक्त टीम ने अवैध कब्जे से मुक्त कराया। जिसकी बाजारू कीमत लगभग 1.75 करोड़ आंकी गई है।
नगर निगम के अनुसार ग्राम की गाटा संख्या 209 (0.159 हे.), 319 (0.114 हे.) एवं 869 (0.291 हे.) के अंतर्गत दर्ज कुल भूमि 0.564 हेक्टेयर है, जो राजस्व रिकॉर्ड में ऊसर एवं खाद के गड्ढे के रूप में दर्ज है। कुछ स्थानीय व्यक्तियों और प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा इस बहुमूल्य शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश की जा रही थी।नगर निगम और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर श्रब्ठ मशीन की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस कार्रवाई में 0.218 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया गया।

NEWS-05

नगर निगम सदन बैठक अब एक जुलाई को होगी

नगर निगम लखनऊ की कार्यकारिणी समिति में रिक्त 6 सदस्यों के मनोनयन हेतु प्रस्तावित सदन की तिथि में परिवर्तन कर दिया गया है। अब यह बैठक 1 जुलाई 2025 को प्रातः 11.00 बजे नगर निगम मुख्यालय, लालबाग स्थित त्रिलोकनाथ सभागार में आयोजित की जाएगी।
महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने बताया कि यह संशोधन मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (सीएम-ग्रिड्स) के अंतर्गत बैंगलुरु एवं पिंपरी-चिंचवड़ (महाराष्ट्र) में चल रही योजनाओं के अध्ययन व तकनीकी सेमिनार में भाग लेने हेतु अधिकृत अधिकारियों की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस भ्रमण में अधिकारियों को 2 जुलाई से 5 जुलाई तक शहर से बाहर रहना होगा।सदन में कार्यकारिणी समिति के रिक्त स्थानों की पूर्ति हेतु सदस्यों का चयन किया जाएगा। महापौर श्रीमती खर्कवाल ने सभी पार्षदगण एवं नामित सदस्यों से समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की है।सदन की बैठक के दौरान पूर्ण शांति एवं गरिमा बनाए रखने की अपील की गई है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभा में केवल माननीय पार्षदगण, नामित सदस्यगण एवं अधिकृत अधिकारी-कर्मचारी ही उपस्थित रहेंगे। किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

Aaj National

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