LUCKNOW:कावड़ यात्रा को लेकर यूपी के डीजीपी सख्त,पुलिस अफसरों को किया अलर्ट

– दिये कड़े निर्देश,कहा चौबीस घंटे होंगी निगरानी

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ। यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण नें काँवड़ यात्रा की प्रभावी सुरक्षा को लेकर अफसरों को कड़े दिशा-निर्देश दिये है।उन्होंने अफसरों से कहा है कि काँवड शिविरों और भण्डारों एवं काँवड़ यात्रियों की सुविधा को लेकर पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाये। इसमें किसी प्रकार की कोताही न की जाये।कांवड़ यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए मुख्य काँवड़ मार्ग एवं महत्त्वपूर्ण स्थानों पर कुल 29,454 सीसीटीवी कैमरे, 395 ड्रोन, 1,845 जल सेवा केन्द्र, 829 चिकित्सा शिविरों, 1,222 पुलिस सहायता केन्द्र और कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है।काँवड़ शिविरों के प्रबंधकों से समन्वय स्थापित करके सुरक्षा के दृष्टिकोण से एंटी सेबोटाज चेकिंग करवाकर सभी शिविरों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करवाए गए है।

काँवड यात्रा की सुरक्षा के लिए अफसर तैनात 

डीजीपी नें कहा कि यूपी पुलिस के सभी अधिकारियों से लेकर थाना प्रभारियों तक के मोबाइल नंबर, यातायात डाइवर्जन स्कीम एवम् अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं को बारकोड के माध्यम से अखबारों में विज्ञापन, होर्डिंग, सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराये जाये।डीजीपी नें कहा कि काँवड यात्रा की सुरक्षा के लिए कुल 587 राजपत्रित अधिकारी, 2040 निरीक्षक, 13,520 उपनिरीक्षक, 39,965 मुख्य आरक्षी व आरक्षी, 1,486 महिला उपनिरीक्षक, 8,541 महिला मुख्य आरक्षी व आरक्षी, 50 कम्पनी केन्द्रीय पुलिस बल व पीएसी एवं 1,424 होमगार्ड्स की ड्यूटी लगाई गई है। वही विशेष बलों आरएएफ व क्यूआरटी एवं एंटी टेरर स्क्वाड पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।ड्यूटी में लगे आरक्षियों को वीसी के ज़रिए कावड़ यात्रा के सभी निर्देशों एवं प्रबंधन के बारे में अवगत कराया गया है।

डीजीपी मुख्यालय में आठ सदस्यीय टीम का गठन,24 घण्टे निगरानी 

डीजीपी नें कहा है कि तकनीक के प्रयोग से मुख्यालय स्तर से रियल टाइम मॉनीटरिंग की जा रही है। डीजीपी नें कहा कि काँवड़ यात्रा मार्गो को सी०सी०टी०वी० कैमरे से आच्छादित किया गया है । साथ ही काँवड़ यात्रा मार्गो पर ड्रोन कैमरे एवं टीथर्ड ड्रोन से नियमित निगरानी की जाएगी एवं ड्रोन की वीडियो का लिन्क प्राप्त कर मुख्यालय स्तर से रियल टाइम मॉनीटरिंग की जाएगी। कावड़ यात्रा को लेकर मुख्यालय स्तर से चौबीस घंटे मॉनीटरिंग की जायेगी।सोशल मीडिया सेन्टर डीजीपी मुख्यालय में एक आठ सदस्यीय टीम का गठन किया गया है जो 24 घण्टे सतर्क रहकर कॉवड़ यात्रा से सम्बन्धित सोशल मीडिया पर प्राप्त होने वाली समस्त इनपुट को सम्बन्धित को प्रेषित कर भ्रामक खबरों का खंडन, अफवाह फैलाने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की तथ्यात्मक जानकारी सोशल मीडिया पर डलवाना सुनिश्चित करेगी । साथ ही सोशल मीडिया पर प्राप्त भ्रामक एवं अपत्तिजनक पोस्ट को सम्बन्धित सोशल मीडिया प्लेटफार्म से हटवाने की भी कार्यवाही करेगी ।

अंतरराज्यीय समन्वय बनाने के निर्देश, बैरिकेटिंग एवं रूट डायवर्जन स्कीम का रिहर्सल शुरू

डीजीपी नें कहा कि सोशल मीडिया के जरिये अंतरराज्यीय समन्वय बनाने के निर्देश दिये गये है।कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली एवं राजस्थान राज्यों के अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने हेतु एक अंतर्राज्यीय व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसके माध्यम से रियल-टाइम सूचनाओं का आदान-प्रदान, मार्गों की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं अन्य आवश्यक सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जाएगा। प्रमुख चौराहों व मार्गो पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, इलेक्ट्रानिक साईन बोर्ड व संकेतक चिन्ह लगाये गए है ।काँवड़ मार्ग पर भारी भीड़ के कारण विभिन्न राजमार्गो को सामान्य यातायात के लिए कुछ दिवसों तक प्रतिबन्धित किए जाने के दृष्टिगत वैकल्पिक मार्ग पूर्व से चिन्हित कर लिये गए है ।प्रस्तावित बैरिकेटिंग एवं रूट डायवर्जन स्कीम का रिहर्सल किया जा रहा है ।कांवड यात्रा के दौरान भारी एवं हल्के वाहनो का अलग-अलग डायवर्जन उन मार्गो पर किया जाएगा जो कावंडियो का कांवड मार्ग नही है।कांवडियो एंव कांवड यात्रा मे शामिल वाहनो को गंतव्य की ओर जाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल कांवड मार्गो एवं भीड के प्रेशर प्वाइन्टो पर लगाया गया है ।कांवड़ियों को तीव्र गति से वाहन और मोटरसाइकिल नहीं चलाए जाने हेतु जागरूक किया जा रहा है ।

राजमार्गों के बायीं तरफ कॉंवड़ियों को चलाने व शिविरो  को सड़क से 20 फिट की दूरी पर बायीं ओर संचालन की अनुमति 

डीजीपी नें कहा किकाँवड़ मार्गों पर सुरक्षा को लेकर विभिन्न राजमार्गो व टोल बैरियर पर कांवड़ यात्रा किस प्रकार जायेगी इस हेतु योजना बनाकर राजमार्गों के बायीं तरफ से ही कॉंवड़ियों को चलाया जाने तथा भण्डारे व शिविर को सड़क से 20 फिट की दूरी पर बायीं ओर ही संचालन की अनुमति दिए जाने के निर्देश दिए गए है। नदी और नहरों के किनारे स्थानीय गोताखोरों को समुचित ब्रीफ व प्रशिक्षित करके लगाया जा रहा है । नदियों के किनारे समुचित बैरिकेटिंग व खतरा चिन्ह भी लगाया जा रहा है ।महिला काँवड़ियों की सुरक्षा हेतु समुचित प्रबन्ध किए गए है । इनके साथ किसी भी व्यक्ति अथवा दूसरे कॉवड़ियां समूह के द्वारा अभद्र व्यवहार सम्बन्धी सूचना प्राप्त होने पर त्वरित कार्यवाही की जायेगी ।प्रत्येक थाना, चौकी एवं प्रमुख चौराहों पर पीए सिस्टम के माध्यम से व्यवस्था बनाये रखने व कांवड़ियों से सम्बन्धित संदेश प्रसारित किया जायेगा ।काँवड़ मार्ग में पड़ने वाले होटलों, ढाबों से काँवडियों द्वारा खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाये रखने हेतु खाद्य विभाग से समन्वय स्थापित कर विशेष निगरानी की जा रही है ।

चौबीस घंटे सक्रिय पैट्रोलिंग की व्यवस्था 

डीजीपी बताया कि काँवड़ मार्ग पर त्वरित उपचार हेतु स्वास्थ्य विभाग की टीम मय एम्बूलेंस तैनात रहेंगी।चौबीस घंटे सक्रिय पैट्रोलिंग की व्यवस्था की जा रही है ।इसको लेकर यू0पी0-112 के कर्मियों की समुचित ब्रीफिंग करते हुए उनके वाहनों का व्यवस्थापन किया गया है ।

Aaj National

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