LUCKNOW_CRIME:सपा पार्षद को थाने लाने पर जमकर बवाल,क्लिक करें और भी खबरें

-पुलिस ने किया हल्का लाठी चार्ज काफी देर तक रहा हंगामा

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK

लखनऊ। राजधानी के गाजीपुर इलाके में एक मकान को कोर्ट के आदेश पर खाली कराने पहुंची पुलिस टीम पर गुस्साए लोगों ने धावा बोल दिया। इस दौरान कई पुलिस कर्मियों को चोटें आई और साथ ही वर्दी भी फट गई।  हालात तब बिगड़े जब स्थानीय पार्षद को पुलिस थाने लेकर चलने लगी। हंगामा बढ़ता देखकर मौके पर कई थानों की पुलिस बुलाई गई। आखिरकार भीड़ को किसी तरह से समझा बुझाकर मामले को शांत कराया गया।

जानकारी के अनुसार सोमवार को गाजीपुर क्षेत्र के बस्तौली गांव में कोर्ट के आदेश पर घर खाली कराने के विरोध में रामचंद्र वाल्मीकि का परिवार 31 जनवरी से धरने पर बैठा है।स्थानीय सपा पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि भी सोमवार को धरने में शामिल हुए। आरोप है कि उन्होंने मकान में कोर्ट के आदेश पर लगाए गए ताले को जबरन तोड़वा दिया। इससे पुलिस से उनकी तीखी नोकझोंक हो गई। धरने में शामिल लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों को चोट आई और उनकी वर्दी फट गई। इसके बाद पुलिस ने पार्षद समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया।

बस्तौली गांव में स्थित एक मकान को लेकर विवाद है। रामचंद्र अपने परिवार के साथ मकान में रह रहे थे, जबकि कोर्ट के जरिए जितेंद्र मोहन नाम के व्यक्ति को मकान का मालिकाना हक मिला है। 31 मई 2025 को पुलिस जितेंद्र मोहन को कब्जा करवाने गई थी। रामचंद्र के परिवार और गांव वालों के विरोध के चलते पुलिस मकान नहीं खाली करवा पाई। इस पर जितेंद्र मोहन ने वकील के माध्यम से सीपी, एसीपी और थाना प्रभारी को शिकायत भेजी। पुलिस ने 31 जनवरी 2025 को मकान खाली करवा दिया। मकान में ताला लगाकर चाबी जितेंद्र मोहन को सौंप दी। इसके बाद परिवार मकान के बाहर धरने पर बैठ गया। रामचंद्र का दावा है कि वह अपने परिवार के साथ 25 साल से मकान में रह रहे थे। कोर्ट का आदेश बताकर उसे जबरन खाली करा लिया गया। उनका सामान सड़क पर फेंक दिया गया।

रामचंद्र के साथ वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोग धरने पर बैठे थे। पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि भी धरने में अपने समर्थकों के साथ हिस्सा ले रहे थे।तीन दिन धरने के बाद लोग सोमवार को डीएम से मिले। हालांकि कोर्ट का आदेश होने की वजह उनको कोई राहत नहीं मिली। आरोप है कि वापस गांव लौटे पार्षद, उनके समर्थकों और परिवार के लोगों ने जबरन मकान का ताला तोड़ दिया।इस पर पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो परिवार उग्र हो गया। पुलिस से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों की वर्दी फट गई। कांस्टेबल मनोज को चोटें आईं। पुलिस ने बल का प्रयोग करते हुए पार्षद सहित 6 लोगों को हिरासत लिया। सभी को लेकर थाने पहुंची।

पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि, राजेश, महेंद्र कुमार, शनि वाल्मीकि, अरुण कुमार और स्वाति की गिरफ्ताीर की जानकारी स्थानीय लोगों मिली। इस बात से आक्रोशित लोग थाने पहुंच गए।पार्षद और दूसरे लोगों को छोड़ने के लिए नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने सुरक्षा को देखते हुए आसपास के 5 थानों से पुलिस बल बुलाया। इसके बाद मौके पर एडीसीपी ईस्ट अमोल मुकुट पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। गिरफ्तार आरोपियों का 151 में चालान कर मेडिकल के लिए भेजा गया है। सपा पार्षद दल के नेता कामरान बेग ने कहा कि सपा पार्षद शैलेन्द्र वाल्मिकी बहुत सीधे हैं। उन्होंने जनता के हित में काम किया। पुलिस की तरफ से की गई कार्रवाई गलत है।

ट्रक चालक की सड़क हादसे में मौत

राजधानी के बीबीडी थाना क्षेत्र में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से ट्रक चालक की मौत हो गई। रविवार रात ट्रक के पहिए में फंसी गिट्टी निकालने के दौरान हादसा हो गया। हेल्पर ने परिवार व पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।

छपरा सारण बिहार निवासी सुरेंद्र कुमार सिंह (38) ट्रक चलाते थे। रविवार को ट्रक लेकर कानपुर की तरफ जा रहे थे। तभी टायर से कुछ आवाज आने लगी। रात करीब 8.30 बीबीडी इलाके में स्थित नरेंदी गांव के पास किसान पथ पर ट्रक सड़क किनारे लगाकर देखने लगे। टायर में गिट्टी फंसी दिखाई दी। जिसे सुरेंद्र निकालने लगे। तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे दूर जाकर गिरे। सिर व शरीर में गंभीर चोट आई। अंधेरा होने के कारण हेल्पर टक्कर मारने वाले वाहन को पहचान नहीं सका। उसने पुलिस और परिवार को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुरेंद्र को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

भाई वीरेंद्र ने बताया कि परिवार में पत्नी सोनी देवी है। घटना की जानकारी होने के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। मामले में इंस्पेक्टर बीबीडी राम सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शादी से 11 दिन पहले युवक की मौत

राजधानी के बीबीडी इलाके में शनिवार देर शाम सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। उसका ममेरा भाई गंभीर रूप से घायल है और ट्रॉमा सेंटर में उसका इलाज चल रहा है। मृतक अपनी शादी का कार्ड बांटने के लिए जा रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पिता ने थाने में टक्कर मारने वाले वाहन के खिलाफ तहरीर दी है।
हादसा शनिवार शाम करीब 7:30 बजे किसान पथ पर आनंदी वाटर पार्क के पास हुआ। मृतक की पहचान गोपी कुमार (23) के रूप में हुई है। मृतक गुडम्बा के श्रीकृष्ण पुरवा का रहने वाला था। चाचा राधेलाल ने बताया कि गोपी की शादी 13 फरवरी को शादी होनी थी। 9 फरवरी को तिलक था। इसको लेकर वह बाइक से शादी का निमंत्रण बांटने जा रहा था। तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी।

मौके पर ही मौत हुई टक्कर इतनी जोरदार थी कि गोपी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार मामा का लड़का गोविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, रिश्तेदारों का आना-जाना शुरू हो चुका था। मृतक के पिता ने बीबीडी थाने में डंपर चालक के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दो पक्षों में जमकर चले ईंट-पत्थर

राजधानी के तालकटोरा थाना क्षेत्र में 2 पक्षों में गांजा बेचने की शिकायत को लेकर जमकर मारपीट हुई, जिसमें दो लोगों को गंभीर चोट आई। आरोप है एक पक्ष ने दूसरे पक्ष की शिकायत पुलिस से की थी, जिससे नाराज होकर आरोपियों ने हमला कर दिया। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है।गाजी हैदर कैनाल राजाजीपुरम, आवास विकास कालोनी निवासी मालती यादव ने बताया कि रविवार शाम करीब 4.30 बजे घर के बाहर शोर सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा तो मोहल्ले में रहने वाले संजय आर्यन, सोनू, मोनू, फैजल व 5-6 अज्ञात लोग बेटे ईशू यादव, अभिषेक कश्यप और अभिषेक रावत को गिराकर ईंटो व लोहे की रॉड से बुरी तरह पीट रहे थे।

इस दौरान किसी ने ईशू के सिर पर ईंट मार दी, जिससे वह लहुलूहान होकर बेहोश हो गया। सिर व मुंह से खून देखकर आरोपी मरा समझकर घर पर पथराव कर भाग गए। इसके बाद ईशू को रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से ट्रॉमा भेज दिया गया। उसका गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। दूसरे पक्ष राजाजीपुरम निवासी मोनू गौतम ने बताया कि शाम के समय उनका भाई सोनू गौतम आर्यन और संजय गौतम के साथ जा रहा था। तभी मोहल्ले के ईशू यादव, मालती यादव, प्रियांशु राठौर और अभिषेक ने घर सामने रोक लिया। गाली देते हुए कहने लगे कि तुम लोग गांजा बेचने का विरोध करते हो और थाने पर शिकायत करते हो।मामले में इंस्पेक्टर तालकटोरा कुलदीप सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों ने मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की जांच की जा रही है।

थार से पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ी

राजधानी के गोमतीनगर विस्तार इलाके का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें एक युवक सड़क पर सुरक्षा के लिए लगाई गई पुलिस की बैरिकेडिंग को बिना नंबर की थार से टक्कर मारकर गिराता दिख रहा है। उसके बाद चलती थार का गेट खोलकर उस पर खड़ा दिख रहा है। वीडियो जी-20 रोड का बताया जा रहा है। पुलिस वीडियो के आधार पर जांच कर रही है।
गोमतीनगर विस्तार की जी-20 रोड पर एक थार सवार ने जमकर उत्पात किया। अपनी थार से रास्ते में स्पीड कंट्रोल के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग गिरा दी। इसके बाद तेज रफ्तार थार लेकर आगे निकल गया। उसने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट की। रील में युवक कुछ दूर जाने के बाद चलती गाड़ी से बाहर निकलता हुआ दिखाई दे रहा है, जो रोड मरीन ड्राइव की तरफ जा रही है। हालांकि, वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। युवक ने अपने सोशल मीडिया पर जो रील पोस्ट की उसमें गाना भी लगाया है। वो गाना है काम तुम्हारे सारे गुंडो वाले हैं, फिर तुम अपने को सादा सिंपल कहते हो। इस पूरी रील में करीब आधे घंटे तक युवक सड़कों पर बेलगाम गाड़ी दौड़ाता रहा लेकिन किसी पुलिसकर्मी की नजर नहीं पड़ी। मामले में इंस्पेक्टर गोमतीनगर विस्तार का कहना है वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है।

छात्र को अगवा करने की कोशिश

राजधानी के कृष्णा नगर में रविवार शाम 11 साल के छात्र के अपहरण का प्रयास किया गया। कक्षा 4 में पढ़ने वाले छात्र की सूझबूझ और बहादुरी से बड़ी वारदात टल गई। बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे अगवा करने की कोशिश की थी।
यह घटना शाम करीब 6:45 बजे पंडितखेड़ा स्थित द्वारिकापुरी कॉलोनी में हुई।

केंद्रीय विद्यालय आरडीएसओ का छात्र ईवान शर्मा अपने घर से लगभग 50 मीटर दूर एक जनरल स्टोर से सामान लेकर लौट रहा था। तभी काली स्प्लेंडर बाइक पर सवार दो नकाबपोश युवक उसके पास पहुंचे। आरोप है कि बदमाशों ने पहले बच्चे को बहलाने की कोशिश की और उसे पेंसिल खरीदने व घर छोड़ने की बात कही। जब बच्चे ने इनकार किया, तो एक बदमाश ने अचानक रुमाल से उसका मुंह दबा दिया और जबरन बाइक पर बैठाने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान ईवान ने हिम्मत दिखाते हुए बदमाश के हाथ में जोर से दांत काट लिया। दर्द से घबराकर बदमाश मौके से फरार हो गए। घटना के बाद बच्चा किसी तरह भागकर घर पहुंचा और अपनी मां नीतू शर्मा को पूरी बात बताई। सूचना मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। ईवान शर्मा ने बताया- मैं पास की दुकान से पेंसिल लेकर वापस घर आ रहा था। तभी बाइक से दो लोग आए। उन्होंने बोला कि तुमको लिफ्ट देता हूं। मैंने उनकी बात नहीं सुनी और पैदल ही चलता रहा।

इस पर एक बदमाश बाइक से उतरकर पीछे से आया और नाक पर रुमाल रख दिया। मैंने सांस रोक ली और कस के उसके हाथ पर काट लिया। जैसे ही उसने मुझे छोड़ा। मैं घर की ओर तेजी से भागा। घर के पास पहुंचकर मैंने पलटकर देखा तो वही बदमाश बाइक की नम्बर प्लेट के सामने खड़ा हो गया।इस मामले में पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

होटल कर्मचारी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
-मौके से मिला सुसाइडनोट, होटल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज

राजधानी के मड़ियांव इलाके में रेस्टोरेंट कर्मी ने सुसाइड कर लिया। उसका शव रेस्टोरेंट के हॉल में छत के पंखे से लटकता मिला। पास में मेज पर सुसाइड नोट और मोबाइल मिला। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने सीसीटीवी देखने को लेकर हंगामा किया। पुलिस ने रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
गुड बेकर्स रेस्टोरेंट में 25 वर्षीय अंशु कश्यप काम करता था। वह हरिओम नगर का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि अंशु कश्यप गुड बेकर्स में काम करते थे। आज सुबह वह रेस्टोरेंट पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, अंशु आज सुबह रेस्टोरेंट में काम कर रहा था। इसके बाद वह बिना किसी को बताए पहली मंजिल पर बने हॉल में चला गया। काफी देर तक बैठा रहा। जब उसने समझ लिया कि अब यहां कोई नहीं आ रहा है तो कुर्सी पर चढ़कर छत के पंखे से फंदा बांधकर लटक गया। पुलिस की जांच में आया है कि अंशु का 500 रुपए के हिसाब को लेकर स्टाफ से विवाद हुआ था। इसके बाद उसे फटकार लगाई गई थी। अंशु इस फटकार से आहत था। उसके शव के पास मेज पर सुसाइड नोट और मोबाइल बरामद हुआ।
सुसाइडनोट मैं अंशु कश्यप जो कि मूड बेकर्स का कर्मचारी हूं। मैं मालिक का ईमानदार कर्मचारी हूं। मैं 500 रुपये के हिसाब देने में अपनी गलती छिपाने हेतु झूठ बोला। अब मैं मालिक की नजरों में गलत साबित हो चुका हूं।मैं बेइमानी-चोरी का धब्बा लेकर जीवित नहीं रह पाऊंगा। मैं खुदखुशी कर रहा हूं। सभी से गुजारिश है कि मेरी मां का ध्यान रखने की कोशिश करें। मैं चोर नहीं हूं, सभी को बताएं। बस इतना करना कि कभी मालिक के प्रति ज्यादा लॉयल मत बननाा। धन्यवाद। मैं चोर नही हूं। सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे लेकर छानबीन शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचाने के लिए गाड़ी में रखा। परिजनों और उसके दोस्तों ने थाने पर ही गाड़ी रोक लिया। परिजनों ने 3 घंटे तक हंगामा किया। परिजनों ने कहा- अंशु सुसाइड नहीं कर सकता है। सीसीटीवी चेक कराएं। इससे पता चलेगा कि उसकी मौत कैसे हुई। पुलिस रेस्टोरेंट संचालक को पूछताछ के लिए लाई। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, तो परिजन शांत हुए।

Aaj National

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