ग्रामीणों ने किया रोड जाम,बिजनौर इलाके में करीब तीन दिनों से रात में बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने रोड जाम करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया
- REPORT BY:A.S.CHAUHAN || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS
लखनऊ:बीती रात बिजनौर कस्बे में लगातार तीन दिनों से रात के समय बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार रात
करीब 11 बजे गुस्साए लोगों ने बिजनौर रोड जाम कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि रात 6-7 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है, जिससे भीषण गर्मी में रात-रात भर जागना पड़ रहा है। उनका यह भी दावा है कि बिजनौर की बिजली काटकर अन्य स्थानों पर दी जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि स्थानीय पावर हाउस में शिकायत करने पर कोई जवाब नहीं मिलता, क्योंकि फोन उठाए ही नहीं जाते। गुस्साए ग्रामीणों ने शीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिजनौर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक बिजली की समस्या का समाधान नहीं होगा, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।थाना प्रभारी
बिजनौर अरविंद कुमार राणा ने बताया कि चौबीस घंटे से अधिक समय तक बिजली न आने पर नाराज लोगों ने सड़क जाम करने का प्रयास किया था, जिन्हें समझा बुझाकर शांत कराया गया।
सड़कों के किनारे खुले ढाबों और रेस्टोरेंटों पर भंयकर गंदगी
-सरोजनीनगर क्षेत्र में मिलावट का खुला खेल जारी, स्वास्थ्य पर बन रहा खतरा, विभागीय अधिकारी कर्मचारी अवैध वसूली में मस्त
सरोजनीनगर क्षेत्र में लखनऊ-कानपुर हाईवे के किनारे खुले ढाबों और रेस्टोरेंटों में गंदगी और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री का गंभीर मुद्दा सामने आ रहा है। इन स्थानों पर साफ-सफाई की कमी और सड़े-गले सामानों की बिक्री से ग्राहकों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। क्षेत्र के बनी, कटी बगिया, लतीफ नगर, हरौनी, बंथरा, जुनाबगंज, मेमौरा छावनी, गौरी, हैडिल, ट्रांसपोर्ट नगर, बिजनौर जैसे कस्बों में यह समस्या और भी गंभीर है।हाईवे के किनारे बने ढाबों और रेस्टोरेंट्स में खुले में रखे खाद्य पदार्थों पर कुत्ते, बिल्लियाँ, चूहे और कीटाणु जैसे जीव खाते हुए देखे जा सकते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में यह साफ दिखाई देता है कि इन स्थानों पर खाद्य सामग्री को अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार और परोसा जा रहा है। चूहों और कीटाणुओं से दूषित सामान बिना किसी जाँच के ग्राहकों को परोस दिया जाता है, जो गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर रहा है।अवैध वसूली का खेल
आरोप है कि खाद्य सुरक्षा और प्रशासनिक विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा इन ढाबों और रेस्टोरेंट्स से मासिक अवैध वसूली की जा रही है। इस कारण इन स्थानों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह वसूली का खेल लंबे समय से चल रहा है, जिसके चलते मालिक बेखौफ होकर गंदगी और मिलावट का धंधा कर रहे हैं।हालाँकि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन सरोजनीनगर क्षेत्र में यह कार्रवाई नाकामयाब साबित हो रही है। हाल के एक मामले में लखनऊ में 65 दुकानों पर मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने के लिए 30 लाख 95 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसमें सरोजनीनगर के शांति भोग फूड प्रोडक्ट्स पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना शामिल था। फिर भी, हाईवे के ढाबों पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि इन ढाबों और रेस्टोरेंट्स की लापरवाही के कारण न केवल स्थानीय लोग बल्कि हाईवे से गुजरने वाले यात्री भी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। खाद्य सामग्री में कीटाणु और सड़े-गले सामान की मौजूदगी से फूड पॉइजनिंग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं आम हो गई हैं।लखनऊ-कानपुर हाईवे, बनी मोहान, बनी मोहनलालगंज पर सरोजनीनगर क्षेत्र के ढाबों और रेस्टोरेंट्स में गंदगी और मिलावट का यह खेल न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि प्रशासनिक नाकामी को भी उजागर करता है। यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। प्रशासन को चाहिए कि वह तत्काल प्रभाव से इन स्थानों पर जाँच करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे ताकि लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बाइक सवार की मौत, चालक फरार, बिजनौर थाना क्षेत्र का मामला
बिजनौर थाना क्षेत्र के ग्राम माती में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे एक दर्दनाक हादसे में जयचंद (40 वर्ष), पुत्र नेकराम, निवासी ग्राम माती, की मौत हो गई। जयचंद अपनी मोटरसाइकिल (UP32GQ6716) से अनूपखेड़ा से माती की ओर जा रहे थे, तभी आशीष हार्डवेयर दुकान के पास एक अज्ञात पिकअप चालक ने तेजी और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि जयचंद को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मोटरसाइकिल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।मृतक के पिता नेकराम की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा (मु0अ0सं0 212/25) धारा 281/125बी/106(1)/324(2) बी.एन.एस. के तहत दर्ज किया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मर्चरी हाउस भेज दिया है और पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर ली है। फरार पिकअप चालक की तलाश में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
सरोजनीनगर में डॉ. राजेश्वर सिंह ने लॉन्च किया नि:शुल्क जनरेटिव AI क्रैश कोर्स
सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सोमवार को युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु नि:शुल्क जनरेटिव आर्टिफिशियल
इंटेलिजेंस (AI) क्रैश कोर्स की शुरुआत की। यह पहल न केवल तकनीकी प्रशिक्षण है, बल्कि डिजिटल युग में रोजगार के अवसरों के लिए युवाओं को सक्षम बनाने की रणनीति है। यह कार्यक्रम डॉ. सिंह के सामाजिक दायित्व और उनके दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि का प्रतीक है।
कोर्स की मुख्य विशेषताएं:
AI, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग का परिचय
ChatGPT, Google Maps जैसे AI टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण
करियर मार्गदर्शन और जॉब असिस्टेंस
AI प्रोजेक्ट निर्माण और प्रमाण-पत्र वितरण
प्रशिक्षण का संचालन: AI क्षेत्र में PhD शोधार्थी विनय प्रिय मिश्रा द्वारा, जो शोध और शिक्षण में विशेषज्ञ हैं।
14 केंद्रों और वर्चुअल मोड में प्रशिक्षण: यह कोर्स तेलीबाग, लतीफ नगर, भटगाँव, गौरी बाजार, बंथरा, आशियाना, हरौनी, नीलमथा आदि के 14 डिजिटल शिक्षा केंद्रों और वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
पहले सत्र में उत्साह: 60 से अधिक प्रतिभागियों, जिसमें छात्र, तकनीकी उत्साही और विधायक कार्यालय के सदस्य शामिल, ने AI की संभावनाओं को लेकर उत्साह दिखाया।
डॉ. सिंह का विजन: “AI सोचने का नया तरीका है। सरोजनीनगर का हर युवा इसे सीखे और नेतृत्व करे।” डॉ. सिंह ने सरोजनीनगर को देश का पहला AI-सक्षम विधायक कार्यालय बनाया, जो प्रशासनिक पारदर्शिता और दक्षता का प्रतीक है।
चांदेबाबा तालाब में बने गरीबों के आशियानों को गिरेंगे पर रोक
-डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल से चांदेबाबा तालाब मामले में NGT का ऐतिहासिक फैसला, झील संरक्षण के साथ गरीब परिवारों को राहत
बंथरा के ग्राम सभा गढ़ी चुनौटी का मामला
सरोजनीनगर के विधायक और अधिवक्ता डॉ. राजेश्वर सिंह ने एक बार फिर जनसेवा और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा उदाहरण पेश किया है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में उनकी प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप गढ़ी चनौटी के चांदेबाबा तालाब क्षेत्र में रहने वाले गरीब अनुसूचित जाति परिवारों को बड़ी राहत मिली है। साथ ही, तालाब को पर्यावरणीय झील के रूप में विकसित करने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है।डॉ. सिंह ने NGT में इन परिवारों का पक्ष रखा, जो दशकों से तालाब के पास 3.1 हेक्टेयर क्षेत्र में निवास कर रहे थे और विस्थापन के खतरे का सामना कर रहे थे। NGT ने मानवीय और पर्यावरणीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐतिहासिक आदेश जारी किए:विस्थापन पर रोक: 3.1 हेक्टेयर क्षेत्र में रह रहे परिवारों के विस्थापन पर 8 अक्टूबर 2025 तक रोक लगाई गई।
झील का विकास: शेष 31 हेक्टेयर तालाब क्षेत्र को पर्यावरणीय झील के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें चारों ओर वृक्षारोपण और हरियाली की व्यवस्था होगी।विकास योजना: सरकार को झील संरक्षण और हरियाली के लिए व्यापक योजना प्रस्तुत करने का निर्देश।
जल संरक्षण: झील में वर्षभर जल उपलब्धता के लिए छोटी नहरों से जोड़ने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस फैसले को सामाजिक और पर्यावरणीय न्याय की जीत बताते हुए कहा, “यह निर्णय न केवल कानूनी विजय है, बल्कि सामाजिक समावेशन और पर्यावरण संरक्षण का एक आदर्श उदाहरण है।
