-पावर कार्पाेरेशन प्रबंधन के खिलाफ अवमानना याचिका
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।उत्तर प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों में विद्युत नियामक आयोग के बिना अनुमोदन के स्मार्ट प्रीपेड मीटर को प्रीपेड मोड में ही बिजली का नया कनेक्शन देने का आदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष द्वारा किया गया। इसके विरोध में उपभोक्ता परिषद ने एक कलकुलेशन सीट विद्युत नियामक आयोग के सामने प्रस्तुत किया गया। परिषद ने दिखाया कि किस प्रकार स्मार्ट प्रीपेड मीटर जो आरडीएसएस योजना में खरीदे गए हैं और जिसे विद्युत नियामक आयोग ने फ्री ऑफ कॉस्ट भारत सरकार के आदेश के तहत उपभोक्ताओं के परिसर पर उपयोग के लिए अनुमोदित किया है। पावर कारपोरेशन के आदेश को नियमों का उल्लंघन बताते हुए पावर कार्पाेरेशन प्रबंधन के खिलाफ एक और अबमानना बाद दायर कर आयोग अध्यक्ष से चर्चा की गई।
वर्तमान में नए बिजली कनेक्शन पर उपभोक्ताओं से स्मार्ट प्रीपेड मीटर की जो प्रीपेड मोड में कनेक्शन के साथ रुपया 6 016 वसूल किए जाने की वजह से पूरे उत्तर प्रदेश में आसंवैधानिक तरीके से कनेक्शन की दरों में 5 से 6 गुना बढ़ोतरी हो गई। वर्तमान में नए बिजली कनेक्शन पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा स्वीकृत जो दर है उसमें और पावर कॉरपोरेशन द्वारा लागू नियम विरुद्ध दर में जमीन आसमान का अंतर है। जिससे उपभोक्ता विवश होकर दीपावली जैसे प्रकाश पर्व के अवसर पर लालटेन युग में जाने के लिए बाध्य हो रहे हैं। बिजली कनेक्शन में सबसे ज्यादा प्रभाव मी मूल्य का होता है चोर दरवाजे पावर कारपोरेशन ने उसी में बिना आयोग की अनुमति के खेल कर दिया। जिसको लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर पावर कार्पाेरेशन प्रबंधन के खिलाफ एक अवमानना बाद दायर किया उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि कास्ट डाटा बुक व सप्लाई कोड- 2005 का उल्लंघन किया गया जिसमें संशोधन की कमेटी में उपभोक्ता परिषद भी सदस्य है इसलिए पावर कारपोरेशन के खिलाफ अवमानना की तत्काल कार्यवाही शुरू की जाए पावर कॉरपोरेशन द्वारा जारी किए गए आदेश के बाद उत्तर प्रदेश की गरीब जनता को लालटेन युग में ले जाने की तैयारी की गई है विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5)के तहत उपभोक्ताओं के लिए पोस्टपेड व प्रीपेड मीटर का प्रयोग उनकी स्वेच्छा के आधार पर बिजली कंपनियों को करना है यानी उपभोक्ताओं के पास विकल्प मौजूद है।उत्तर प्रदेश राज विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार जीएसटी में छूट देकर प्रदेश की जनता को जागरुक कर रही है दूसरी तरफ पावर कारपोरेशन ने गुपचुप तरीके से प्रदेश की जनता को लालटेन युग में ले जाने की तैयारी कर दी बिजली कनेक्शन जो आवश्यक सेवाओं का अंग है और प्रदेश की जनता को मिलने का मौलिक अधिकार है उसमें बढ़ोतरी करने के लिए मीटर की दरों को सीधे स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ जोड़कर उसमें बढ़ोतरी कर दी गई जो अपने आप में बहुत ही गंभीर मामला है।
नए कनेक्शन की दरें
भार आयोग द्वारा तय वर्तमान गलत दर
1 किलो वाट बीपीएल रु 1032 रु 6176
1 किलोवाटग्रामीण रु 1172 रु 6216
1 किलोवाट शहरी रु 1620 रु 6464
2किलोवाट ग्रामीण रु 1323 रु 6266
2 किलोवाट शहरी रु 1970 रु 6514
5किलोवाट रु7057 रु 13477
संघ ने महापौर,नगर आयुक्त का आभार जताया
महापौर द्वारा मृतक आश्रितों को नियुक्ति देने की स्वीकृति प्रदान किये जाने पर नगर निगम कर्मचारी संघ लखनऊ ने महापौर के प्रति आभार जताया है।नगर निगम कर्मचारी संघ लखनऊ अध्यक्ष आनंद वर्मा ने बताया कि नगर निगम कर्मचारी संघ लखनऊ की मांग पर महापौर जनगर निगम लखनऊ के निर्देश पर मृतक आश्रित कमेटी की संस्तुति पर नगर आयुक्त महोदय द्वारा लम्बित 09 म्रतक आश्रितों की नियुक्ति पर स्वीकृति प्रदान किये जाने पर महापौर , नगर आयुक्त एवं मृतक आश्रित कमेटी का नगर निगम कर्मचारी संघ लखनऊ की ओर से बहुत बहुत धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। संघ आशावान हैं कि जल्द ही अन्य लम्बित मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय किया जायेगा,ताकि कर्मचारियों को सेवा सम्बंधित लाभ समय से प्रदान हो सके।
नगर निगम और नगर पंचायत रसूलाबाद के बीच एमओयू से मिलेगा नया आयाम
स्वच्छ भारत मिशन को नई गति देने और छोटे नगर निकायों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने “स्वच्छ शहर जोड़ी पहल” की
शुरुआत की है। इसी कड़ी में लखनऊ नगर निगम और नगर पंचायत रसूलाबाद के बीच मंगलवार को एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ, जिसके तहत नगर निगम लखनऊ अब रसूलाबाद को स्वच्छता व्यवस्था सुधारने में मार्गदर्शन और सहयोग देगा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरी निकायों को स्वच्छ और विकसित बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में “स्वच्छ शहर जोड़ी पहल” को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत बड़े और सक्षम नगर निकायों को छोटे नगर निकायों के साथ जोड़ा जाता है ताकि अनुभव साझा कर दोनों को परस्पर लाभ हो सके। इसका उद्देश्य न केवल शहरों के बीच समन्वय स्थापित करना है, बल्कि समयबद्ध और परिणामोन्मुखी तरीके से स्वच्छता व्यवस्था को नई दिशा प्रदान करना भी है।
मंगलवार को उन्नाव स्थित नगर पंचायत रसूलाबाद में लखनऊ नगर निगम और उन्नाव जनपद की नगर पंचायत रसूलाबाद के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया गया। इस अवसर पर लखनऊ नगर निगम से महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव, मंडल कार्यक्रम प्रबंधक प्रियंका यादव मौजूद रहे। वहीं नगर पंचायत रसूलाबाद से सफीपुर विधानसभा से विधायक बंबा लाल दिवाकर, चेयरमैन गजाला अंसारी, एडीएम उन्नाव अमिताभ यादव और अधिशासी अधिकारी मुकेश मिश्रा, नगर पंचायत के पार्षद विशेष रूप से मौजूद रहे।
इस एमओयू के अंतर्गत नगर निगम लखनऊ नगर पंचायत रसूलाबाद को विभिन्न स्वच्छता मानकों पर बेहतर बनाने में सहयोग करेगा। इसमें मुख्य रूप से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, सड़क की साफ-सफाई (रोड स्वीपिंग), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कूड़ा निस्तारण, सीवर व्यवस्था और पेयजल प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।नगर निगम लखनऊ की टीम अपनी विशेषज्ञता और अनुभव का उपयोग करते हुए नगर पंचायत रसूलाबाद के कर्मचारियों और अधिकारियों को इन विषयों पर प्रशिक्षण देगी। इसके अलावा, तकनीकी सहयोग और संसाधन प्रबंधन में भी नगर निगम लखनऊ आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा।स्वच्छ शहर जोड़ी पहल का मूल उद्देश्य छोटे शहरों को बड़े और सक्षम शहरों के साथ जोड़कर उनके विकास में तेजी लाना है। लखनऊ जैसे महानगरों के पास संसाधन, तकनीक और वर्षों का अनुभव है, जिसे छोटे शहरों और कस्बों के साथ साझा कर उनके बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे न केवल स्थानीय निकायों की क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि आम नागरिकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। केंद्र सरकार का मानना है कि यदि छोटे शहरों की स्वच्छता और आधारभूत संरचना मजबूत होगी, तो संपूर्ण प्रदेश और देश में शहरी जीवन स्तर में व्यापक सुधार होगा।
बिल्ली पालने वालों को बनवाना होगा लाइसेंस
नगर निगम ने बड़ा फैसला लेते हुए पालतू बिल्लियों के पालने पर लाइसेंस बनवाना कर दिया है। जिन लोगों के घरों में पहले बिल्लियां है उन्हें रजिस्ट्रेशन करना होगा वरना जुर्माना लग सकता है। इसे लेकर नगर निगम ने आदेश भी जारी कर दिया है।नगर निगम अब बिल्लियों के पालने वर लाइसेंस भी बनाएगा। बिना लाइसेंस पालने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
नगर निगम सूत्रों के अनुसार लाइसेंस बनाने का काम 27 सितंबर यानि शनिवार से शुरू हो गया। इसको लेकर आदेश भी जारी कर दिया गया है। नगर निगम के पशुकल्याण अधिकारी डॉक्टर अभिनव वर्मा ने बताया कि बिल्लियों को पालने के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना होगा। लाइसेंस एक साल के लिए बनेगा और उसका शुल्क 500 रुपये है। बिना लाइसेंस बिल्ली पालने पर 1000 रुपये जुर्माना लगेगा। वहीं, नगर निगम कर्मचारी जयंत सिंह के मोबाइल नंबर 9511156792 पर जानकारी के लिए संपर्क करें। सभी अवगत है कि रेबीज के 99 फीसदी मामले कुत्ते, बिल्ली के काटने और खरोंचने से होते हैं। हालांकि कुत्तों के टीकाकरण के जरिये इसे रोका जा सकता है। यह विषाणु इंसान के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को संक्रमित कर उसे अपने नियंत्रण में ले लेता है और इससे पीड़ित व्यक्ति कुत्ते, बिल्ली की तरह की व्यवहार करने लगता है, कई बार ऐसा व्यक्ति मौत का शिकार भी हो जाता है।
कार्यदायी संस्था के खिलाफ मार्ग प्रकाश विभाग कार्यलय में प्रदर्शन
लखनऊ नगर-निगम श्रमिक संघ एवं विद्युत एवं यात्रिंक विभाग कर्मचारी संघ द्वारा प्रिया इन्टरप्राईजेज एवं प्रभात कन्स्ट्रक्शन पूर्व की
कार्यदायी संस्थाओं द्वारा सम्बन्धित मई व जून वर्ष 2022 में दो माह के बकाया वेतन एवं एक वर्ष का पीएफ, ईएसआई का सम्पूर्ण भुगतान न होने से नाराज में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा मार्ग प्रकाश विभाग कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया गयां
अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि संघ के प्रतिनिधियों के आवाहन पर प्रिया इन्टरप्राईजेज एवं प्रभात कन्स्ट्रक्शन पूर्व की कार्यदायी संस्थाओं द्वारा सम्बन्धित मई व वर्ष-2022 में दो माह के बकाया वेतन एवं एक वर्ष का पी०एफ० – ई०एस०आई० का सम्पूर्ण भुगतान न करने के सम्बन्ध में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा मार्ग प्रकाश कार्यालय परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। जिसके सम्बन्ध में नगर निगम के अधिकारियों को पूर्व में भी अपने मुख्य अभियन्ता, अपर नगर आयुक्त, व नगर आयुक्त से समय-समय पर पत्राचार द्वारा संघ के प्रतिनिधियों द्वारा वार्ता कि गयी जिसमें अधिकारियों द्वारा आश्वासन देते हुये आज तक कोई सार्थक निर्णय नही लिया गया था। जिससे कर्मचारियों में काफी रोस, और अपने ऊपर हो रहे उत्पीडन कि आवाज उठाते हुये कार्यालय परिसर में विनोद कुमार द्विवेदी महामंत्री, विकास कुमार गोंड अध्यक्ष, विद्युत एवं यात्रिक विभाग कर्मचारी संघ, मोहम्मद फैज-उप महामंत्री, अजय कुमार-कोषाध्यक्ष, अशोक कुमार तिवारी, रवि शंकर, जीतेन्द्र कुमार वर्मा, अशोक श्रीवास्तव, अनिल यादव, संतोष सिंह, देवेन्द्र कुमार, आमिर, मारूफ. आदि कर्मचारियों के पदाधिकारियों द्वारा धरना प्रदर्शन किया। संघ द्वारा यह भी चेतवानी दी गयी यदि 10 दिवस के अन्तराल में कर्मचारी हित में सार्थक निर्णय नही लिया गया तो संघ विवश होकर शहर की मार्ग प्रकाश व्यवस्था बन्द कर देगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी नगर-निगम प्रशासन की होगी।
