-पश्चिम चंपारण जिले के नौतन थाना क्षेत्र के मंगलपुर बांध बरियारपुर चेकपोस्ट पर कार से अंग्रेजी बियर बरामद, एसएसबी की टीम ने पूर्व विधायक व ड्राइवर को किया गिरफ्तार
-एसएसबी की टीम ने पूर्व विधायक की गाड़ी को भी किया जब्त, पढ़ाया क़ानून का पाठ
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
पटना:बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान यूपी के बलिया जिले के बेल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया अब एक बड़े विवाद में फंस गए हैं। पश्चिम चंपारण जिले के नौतन थाना क्षेत्र के मंगलपुर बांध बरियारपुर चेकपोस्ट पर उनकी कार से अंग्रेजी बियर बरामद हुईं है।
एसएसबी की टीम ने विधायक की गाड़ी को जब्त करते हुए उन्हें और उनके ड्राइवर को गिरफ्तार किया है।बतादे कि यह घटना 24 अक्टूबर की है। SST पॉइंट मजिस्ट्रेट और एसएसबी की टीम बिहार में चुनावी निगरानी को लेकर गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान उत्तर प्रदेश नंबर की एक काली ‘किआ सेल्टोस’ कार (नंबर UP 60 BF 7173) को ज़ब रोका गया,तो उसमे पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया सवार थे।गाड़ी की तलाशी लेने पर डिग्गी में रखे एक ट्रॉली बैग से अंग्रेजी बियर के तीन केन (बडवाइजर लेगर 500 एमएल, बैच नंबर 7427) बरामद हुए।पुलिस और मजिस्ट्रेट ने जब शराब के बारे में पूछताछ की, तो पूर्व विधायक उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये।बतादे कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है,इस दौरान शराब की खरीद, बिक्री या परिवहन वर्जित है।
मजिस्ट्रेट ने पूर्व विधायक की गाड़ी और बरामद बियर को जब्त कर पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया और उनके ड्राइवर दिलीप सिंह को गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया।सूत्रों की माने तो पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बेल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र से बिहार में बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने आए थे।इस दौरान पुलिस और प्रशासन द्वारा लगाए गए चुनावी निगरानी चौकियों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है।इसी क्रम में यह मामला सामने आया,यह मामला सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।इस मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या बियर व्यक्तिगत उपयोग के लिए लाई गई थी या चुनावी उपयोग से जुड़ी थी।इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने बीजेपी पर चुनाव आचार संहिता और शराबबंदी कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया है। वहीं, बीजेपी की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।हलांकि इस घटना नें चुनावी माहौल में बीजेपी के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है,वही जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल में जुटी हैं।
