LUCKNOW:UPSTF ने फर्जी तरीके से जन्म-मृत्यु प्रमाण बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह को दबोचा,क्लिक करें और भी खबरें

-सगे भाई सहित पांच जालसाज गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन, नकदी व वैगनआर कार बरामद 

  • REPORT BY:A.AHMED SAUDAGAR || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 
लखनऊ। सूबे में जालसाजों का आतंक थम नहीं रहा है। कोई बेरोजगारों को नौकरी दिलाने तो कोई पट्टा ठेका या फिर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर लोगों की गाढ़ी कमाई बटोर फुर्र हो जा रहा है। यूपी एसटीएफ टीम ने शुक्रवार को गोंडा जिले के पिपरा बिटोरा इमिलिया क्षेत्र से ऐसे गिरोह को दबोचा है जो भोले-भाले लोगों को अपने झांसे में फंसाया और फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण बनाने के नाम उनकी मेहनत की कमाई हड़प लिए। एसटीएफ टीम ने सगे भाई सहित पांच जालसाजों को पकड़ा है।
एसटीएफ के इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह के मुताबिक पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम कृष्ण नगर के भोला खेड़ा निवासी लाल बिहारी पाल, मोतीगंज गोंडा निवासी रवि वर्मा, मोतीगंज गोंडा निवासी सोनू वर्मा, वंशराज वर्मा व सत्य रोहन वर्मा बताया। इस गिरोह में रवि व सोनू सगे भाई हैं जो मिलकर ठगी की दुकान चलाते थे।निरीक्षक नरेन्द्र सिंह के मुताबिक पकड़ा गया लाल बिहारी हरदोई जिले के अहिरौरी गांव में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर कार्यरत है। बताया जा रहा है कि इनका एक संगठित गिरोह है जो फर्जी वेबसाइट साफ्टवेयर व पोर्टल के जरिए लोगों से मोटी रकम ऐंठ उनके हाथों में फर्जी दस्तावेज के जरिए बनाए गए जन्म-मृत्यु प्रमाण थमा देते हैं।एसटीएफ को इनके पास से पांच मोबाइल फोन, 14 आयुष्मान कार्ड, सात एटीएम कार्ड, 25 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, पांच मृत्यु प्रमाण पत्र, 27 हजार छह सौ 90 रुपए की नकदी व एक वैगनआर कार बरामद हुई है।

ठाकुरगंज: बेरहम माता-पिता दस लाख में बेटी का किया सौदा,विरोध करने पर यातनाएं देते हुए पीट-पीटकर किया जख्मी 

-उनके चंगुल से भागकर पीड़िता पहुंची थाने,तहरीर पर मुकदमा दर्ज 

मां दर्द सह कर बेटी को जन्म दिया। गोद में सुलाया तो पिता कंधे पर बैठाकर दुलार दिया, लेकिन चंद रुपयों ने उन्हें हैवान बना दिया।  ऐसा ही एक मामला ठाकुरगंज क्षेत्र का सामने आया, जहां एक किशोरी अपने ही घर में कष्ट झेल रही 19 वर्षीय किशोरी भागकर ठाकुरगंज थाने की दहलीज पर कदम रख पुलिस से आप बीती बताई तो थोड़ी देर के लिए पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए।पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया  कि उसके माता-पिता ने उसे एक आदमी के हाथों बेचने के लिए दस लाख रुपए में सौदा किया है। यही नहीं आरोप है कि उसे देह व्यापार के धंधे में भी धकेलने की कोशिश की जा रही थी। विरोध करने पर उसके माता-पिता उसकी पीट-पीटकर जख्मी कर दिया।
पुलिस पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।बताया जा रहा है कि ठाकुरगंज क्षेत्र में रहने वाली एक किशोरी पिछले कुछ दिनों से अपने ही घर में तमाम तरह की तकलीफों का सामना कर रही थी, लेकिन हद तो तब पार हो गई, जब उसकी मां और पिता मिलकर चंद रुपयों के खातिर उसका एक आदमी के साथ बेचने का सौदा कर डाला।इसकी भनक लगते ही नाबालिग बेटी  किसी तरह वह उस दरिंदे माता-पिता के चंगुल से भाग निकली और थाने पहुंची।बेबस बेटी पुलिस को आप बीती सुनाई तो आम आदमी तो पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर मामले की गहनता से जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

एंटी नारकोटिक्स: एक करोड़ एक लाख का गांजा बरामद, सात तस्कर गिरफ्तार 

-दो कुंतल दो किलो 500 ग्राम गांजा, छह मोबाइल फोन, दो चार पहिया वाहन व एटीएस कार्ड बरामद 

अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था के निर्देशन में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यूपी की एंटी नारकोटिक्स टीम ने उड़ीसा से लाकर यूपी के अलग-अलग जिलों में मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाले गिरोह का खुलासा कर एक करोड़ एक लाख रुपए कीमत का गांजा बरामद करने के साथ सरगना सहित सात तस्करों को जौनपुर जिले के कुकुडीपुर दरवेशपुर मोड़ के पास से पकड़ा है। इंस्पेक्टर सुरेन्द्र नाथ सिंह के मुताबिक पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में अपना नाम अलीगढ़ निवासी श्याम देशवाल, अलीगढ़ निवासी योगेश, पारसौली मथुरा निवासी हरेंद्र कुमार, अलीगढ़ निवासी आदर्श चौधरी, अलीगढ़ रिशी पाल व अलीगढ़ निवासी ब्रजलाल बताया।
एंटी नारकोटिक्स के इंस्पेक्टर सुरेन्द्र नाथ सिंह ने बताया कि इनका एक संगठित गिरोह है जो उड़ीसा राज्य से सस्ते दामों में चार पहिया वाहन में लादकर यूपी के अलग-अलग जिलों में सप्लाई करते हैं। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह में कितने लोग और शामिल हैं इसके बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है।

गोमतीनगर: गिरफ्त में चोरों का महिला गैंग, छह धरी गईं,ई-रिक्शा में सवार होकर महिला सवारियों से बहकाकर लूटतीं जेवर 

-हाव-भाव जबरदस्त, लेकिन कारनामा लूटपाट करना, लूट के कीमती जेवरात बरामद 

ई-रिक्शा में सवारी बनकर महिलाओं से लूटपाट करने वाले लुटेरिन गैंग का गोमतीनगर पुलिस शुक्रवार को भंडाफोड़ किया है। अब पुलिस ने कई खुलासा किया, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में चोरनी महिलाएं नहीं दबोची गईं। राजधानी लखनऊ का शायद यह पहला बड़ा राजफाश है। इनमें एक भी पुरुष नहीं बल्कि आधा दर्जन महिलाएं हैं जो पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिले से आकर बेधड़क होकर लूटपाट करतीं थीं। पुलिस को इनके पास से तीन चेन, एक माला व 13000 रुपए की नकदी बरामद हुई है।महिला उपनिरीक्षक गुरू प्रीत कौर ने बताया कि उन्हें कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि महिलाओं का एक ऐसा गिरोह है जो पूर्वी जोन में ई-रिक्शा में सवारी बनकर बैठकर महिला सवारियों को अपने जाल में फंसाकर उनके जेवर लूट कर भाग निकलतीं हैं।इस सूचना पर महिला उपनिरीक्षक गुरू प्रीत कौर महिला टीम के साथ उन्हें दबोचने के लिए जाल बिछाया तभी मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि लूटपाट करने वाली महिलाएं फिर किसी बड़ी घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में हैं।मौके पर पहुंची दर्जन भर से अधिक महिला पुलिसकर्मियों ने घेरेबंदी कर छह महिलाओं को धरदबोचा।उपनिरीक्षक गुरू प्रीत कौर के मुताबिक पकड़ीं गईं लूटपाट करने वाली लुटेरन महिलाओं ने पूछताछ में अपना नाम जनपद चंदौली निवासी ज्योति, जनपद चंदौली निवासी माला, चंदौली निवासी जनपद अर्चना, मऊ निवासी लक्ष्मी, जनपद चंदौली निवासी नीतू व जनपद गाजीपुर निवासी वंदना बताया। ‌पुलिस की पूछताछ में पकड़ीं गईं महिलाओं ने गोमतीनगर, चिनहट व विभूतिखंड क्षेत्र में कई घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार किया है।

जानकीपुरम: बीटेक छात्र की संदिग्ध हालात में मौत,छात्रावास के कमरे में औंधे मुंह पड़ा मिलने से कॉलेज में हड़कंप 

-पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार 

जानकीपुरम क्षेत्र स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास में बीटेक चतुर्थ वर्ष के 22 वर्षीय छात्र आकाश दत्त सिंह का शव संदिग्ध हालात में कमरे में पड़ा।  शुक्रवार को देर तक कमरा न खुलने पर सहपाठियों ने जगाने के आवाज दी, लेकिन भीतर से कोई जवाब नहीं मिला। यह माजरा देख इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कॉलेज प्रशासन और छात्रवास में रहने वाले अन्य छात्रों ने बढ़ई को बुलाकर दरवाजा खुलवाया। पुलिस कमरे में दाखिल हुई तो देखा कि आकाश दत्त सिंह बेड पर औंधे मुंह पड़ा था। पुलिस आनन-फानन में अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक कमरे से कोई सुसाइड नोट न मिलने से वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की छानबीन कर इसकी सूचना घरवालों को दे दी है।मूल रूप से मऊ जिले के छिछोरे करोड़ी निवासी अंजनी कुमार का 22 वर्षीय बेटा आकाश दत्त सिंह जानकीपुरम क्षेत्र स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में केमिकल इंजीनियरिंग चतुर्थ वर्ष का छात्र था। बताया जा रहा है कि 29 अक्टूबर को छुट्टी के रात को आकाश वापस क्लास नहीं पहुंचा और दूसरे दिन मेस में खाना खाने भी नहीं गया था।
बताया जा रहा है कि इस बीच घरवालों ने कई बार फोन किया जवाब न मिलने पर परिजनों ने उसके साथ पढ़ने वाले छात्रों को बताया। यह सुनते ही सहपाठी मौके पर पहुंचे और आकाश को आवाज दी। जवाब न मिलने पर कॉलेज प्रशासन और छात्रों ने मिस्त्री को बुलवाया और हॉस्टल के कमरे का दरवाजा खुलवाया।देखा कि आकाश औंधे मुंह बेड पर पड़ा था। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस उसे अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आकाश दत्त सिंह की मौत कैसे हुई इसका पता नहीं चल सका। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि मौत कैसे हुई है। पुलिस के मुताबिक इसकी सूचना घरवालों को दे दी गई है।

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