- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS/AGENCY || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
पटना।शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के लोगों से आगामी विधानसभा चुनावों में एनडीए गठबंधन का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने एनडीए सरकार द्वारा पूर्व में किए गए कार्यों और एनडीए के संकल्प पत्र में उल्लिखित प्रतिबद्धताओं पर प्रकाश डाला। खराब मौसम के कारण गोपालगंज नहीं जा सके, अमित शाह ने एक वर्चुअल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि एनडीए के समर्थन में यहाँ एकत्रित हुए लोगों की भारी संख्या के लिए मैं बताना चाहता हूँ। लेकिन खराब मौसम के कारण पटना से गोपालगंज जाने की अनुमति नहीं मिली, इसलिए मैं आप सभी से वर्चुअली बात कर रहा हूँ ।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिहार में किसानों और महिलाओ को सशक्त बनाने के लिए एनडीए प्रतिबद्ध है,एनडीए के हाल ही में जारी घोषणापत्र में प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की प्रगति के लिए एक स्पष्ट रोडमैप की रूपरेखा दी गई है। उन्होंने कहा कि कल हमने अपना घोषणापत्र जारी किया। हमने बिहार के विकास के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। लेकिन दो प्रमुख बातें हैं एक किसानों के लिए और एक महिलाओं के लिए -जिन्हें मैं दोहराना चाहता हूँ।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अभी -अभी, प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार ने 1 करोड़ 41 लाख जीविका दीदियों के बैंक खातों में 10000 रुपये ट्रांसफर किए हैं। हम उन सभी जीविका दीदियों के खातों में विभिन्न माध्यमों से 2 लाख रुपये तक की राशि भेजेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 87 लाख किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये प्रदान करते हैं; एनडीए सरकार बनने के बाद यह राशि बढ़कर 9000 रुपये हो जाएगी।
विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया कि जंगल राज के दौर में बिहार में अराजकता और आपराधिक गतिविधियां चरम पर थीं। उन्होंने कहा कि “गोपालगंज के लौग साधु यादव के कारनामों से वाकिफ हैं। जंगल राज के दौरान अनगिनत हत्याकी घटनाएं हुई। इसके बजाय, प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार ने बिहार में सुशासन के लिए काम किया। केंद्रीय मंत्री ने आगे आश्वासन दिया कि एनडीए सरकार अगले पाँच वर्षों के भीतर राज्य की सभी बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने का कहुत अच्छा प्रयास किया है। रोजा चीनी मिल को फिर से शुरू कर दिया गया है। जिले में हमने तीन चीनी मिलें एक इथेनॉल प्लांट, चावल मिल आटा मिल और एक डेयरी प्लांट शुरू करने का काम शुरू किया है। हमा अगले पाँच वर्षों के भीतर बिहार की सभी बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर सेसे शुरू करके किसानों की समृद्धि के लिए काम करेंगे। महाठगबंधन के लोग एएसपीकी बात कर रहे है। मैं बिहार के किसानों को बताना चाहता हूँ कि D14-15 मेंथा का एपएसपी 1,310 रुपये था, हमने इसे बढ़ाकर 2,400 रुपये कर दिया है। इसमें 81% की वृद्धि हुई है। गृह मंत्री ने क्षेत्र में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का विस्तृत ब्यौरा दिया, जिसमें 2,200 करोड़ रुपये की लागत से डुमरिया घाट से पटना तक एक्स्प्रेसवे का निर्माणा और हथुआ में 340 करोड़ रुपये की लागत से एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का निर्माण शामिल है।
