-सभी जनपदों और शक्ति भवन पर व्यापक विरोध प्रदर्शन
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS|| EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर राजधानी लखनऊ की बिजली व्यवस्था बर्बाद होने से बचाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। संघर्ष समिति ने कहा कि लखनऊ में बिजली व्यवस्था में लगातार गुणात्मक सुधार हो रहा है किन्तु निजीकरण के लिए मनमाना प्रयोग कर लखनऊ की बिजली व्यवस्था को पटरी से उतारने की कोशिश की जा रही है जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए। रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर लेसा में हजारों पदों को समाप्त किए जाने के विरोध में आज राजधानी लखनऊ में बिजली कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों बिजली कर्मियों ने शक्ति भवन मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
संघर्ष समिति ने बताया कि प्रबंधन द्वारा जारी आदेश के अनुसार नई व्यवस्था में लेसा में सभी वर्गों के मिलाकर कुल 5606 पद समाप्त कर दिये गये हैं जिससे बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा व्याप्त है। संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मी सुधार के प्रति हमेशा पॉजिटिव रुख रखते हैं किन्तु बिजली कर्मियों से बिना विचार विमर्श किए केवल निजीकरण की पृष्ठभूमि बनाने हेतु हजारों की तादाद में सभी वर्गों के पदों को समाप्त किए जाने से बिजली कर्मियों में भारी बेचैनी और उबाल है। आंकड़े देते हुए संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि सबसे बड़ी मार अत्यंत अल्प वेतन भोगी संविदा कर्मियों पर पड़ी है। 15 मई 2017 के एक आदेश के अनुसार शहरी क्षेत्र में प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र पर 36 कर्मचारी होने चाहिए। यह आदेश आज भी प्रभावी है। वर्तमान में लेसा में 154 विद्युत उपकेंद्र है। प्रति उपकेंद्र पर 36 कर्मचारियों के हिसाब से संविदा के 5544 कर्मचारी होने चाहिए। रिस्ट्रक्चरिंग के आदेश के अनुसार लेसा के चारों क्षेत्र में मिलाकर कुल 616 गैंग होंगे और 391 एस एस ओ होंगे। एक गैंग में तीन कर्मचारी काम करते हैं। इस प्रकार 616 गैंग में 1848 संविदा कर्मी काम करेंगे साथ ही 391 एस एस ओ काम करेंगे। इस नई व्यवस्था के हिसाब से 01 नवंबर से कुल 2239 संविदा कर्मी काम करेंगे जबकि 15 मई 2017 के आदेश के अनुसार 5544 संविदा कर्मियों को होना चाहिए । इस प्रकार 3305 संविदा कर्मी एक झटके में हटाए जा रहे हैं।
संघर्ष समिति ने बताया की इसी प्रकार अधीक्षण अभियंता के चार पद, अधिशासी अभियंता के 17 पद, सहायक अभियंता के 36 पद, जूनियर इंजीनियर के 155 पद और टी जी 2 के 1517 पद समाप्त किए गए हैं। अन्य संवर्गो के पदों में भी कमी की गई है। संघर्ष समिति ने बताया की लेसा में रिस्ट्रक्चरिंग के बाद इस प्रकार 5606 पद समाप्त किए गए हैं जिसमें 3305 पद संविदा कर्मियों के और 2301 पद नियमित कर्मचारियों के हैं। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली कर्मी उपभोक्ताओं और किसानों के हितों के प्रति जागरूक हैं और इस हेतु सुधार के लिए सदैव तैयार है किंतु कथित सुधार के नाम पर किसी भी स्थिति में बिजली सेक्टर का निजीकरण नहीं होने देंगे। बिजली कर्मियों का संकल्प है कि जब तक निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता बिजली कर्मियों का आंदोलन जारी रहेगा। संघर्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 349वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर में सभी जनपदों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। सभा के अन्त में दिल्ली में लालकिला के पास हुए विस्फोट में मृत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और सरकार से मांग की गई कि विस्फोट के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
स्मार्ट सिटी लिमिटेड की 25 वीं बोर्ड बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा
लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड की 25वीं बोर्ड बैठक आज लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता
लखनऊ मंडल के आयुक्त एवं लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने की। इस अवसर पर नगर आयुक्त एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव कुमार, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ललित कुमार, अपर जिलाधिकारी (टी.जी.)आर.के. मित्तल, मुख्य वित्त अधिकारी, महाप्रबंधक, कंपनी सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बोर्ड के सदस्य उपस्थित रहे।बैठक के प्रारंभ में बोर्ड सदस्यों द्वारा नवनियुक्त अध्यक्ष विजय विश्वास पंत का स्वागत किया गया। इसके उपरांत पिछली यानी 24वीं बोर्ड बैठक की कार्यवृत्ति की पुष्टि की गई तथा उस बैठक में लिए गए निर्णयों पर की गई कार्यवाही की समीक्षा प्रस्तुत की गई।
बैठक में लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड की विभिन्न परियोजनाओं एवं प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बोर्ड द्वारा रखे गए प्रमुख एजेंडा बिंदुओं में हेल्थ एटीएम के संचालन और अनुरक्षण से संबंधित कार्यों का परीक्षण प्रमुख विषय रहा। बोर्ड ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन हेल्थ एटीएम केंद्रों के संचालन की प्रभावशीलता, उपयोगिता एवं रखरखाव की गुणवत्ता का मूल्यांकन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।इसके अलावा, सीजी सिटी में प्रस्तावित दिव्यांग पार्क की स्थापना से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में बोर्ड ने निर्णय लिया कि एक तकनीकी समिति गठित की जाएगी, जो परियोजना की तकनीकी समीक्षा कर अपनी अनुशंसा प्रस्तुत करेगी। तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति हेतु बोर्ड को भेजा जाएगा।बैठक में लखनऊ स्मार्ट सिटी परियोजनाओं से होने वाली आय के विषय पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। अध्यक्ष श्री विजय विश्वास पंत ने यू.पी. दर्शन पार्क, हैप्पीनेस पार्क, म्यूजिकल फाउंटेन, जनेश्वर मिश्र पार्क और अन्य परियोजनाओं की आय की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं से नियमित आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और अनुश्रवण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि लखनऊ स्मार्ट सिटी की परियोजनाएं न केवल नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए हैं, बल्कि इन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए ताकि ये परियोजनाएं स्वयं अपने रखरखाव और विकास में सहयोग कर सकें।बैठक के अंत में, मुख्य कार्यकारी अधिकारीी गौरव कुमार ने कहा कि लखनऊ स्मार्ट सिटी की सभी परियोजनाएं शहर को अधिक आधुनिक, सुविधाजनक और सतत बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि बोर्ड के निर्देशानुसार सभी विभागों को परियोजनाओं के संचालन, अनुरक्षण एवं आय सृजन से संबंधित कार्यों की समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नियमित बिजली का बिल जमा करने वालों को मिले 30 प्रतिशत की छूट
-उपभोक्ता परिषद ने किया बिजली बिल राहत योजना 2025” का स्वागत
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने “बिजली बिल राहत योजना 2025” की घोषणा का स्वागत किया है। ऊर्जा मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में घोषित इस योजना के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं (2 किलोवाट तक) और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (1 किलोवाट तक) को उनके बकाया बिजली बिलों के मूल धन पर छूट प्रदान की जाएगी। योजना का ऐलान होते ही उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने विद्युत नियामक आयोग में एक लोक महत्व प्रस्ताव दाखिल करते हुए कहा उपभोक्ता परिषद गरीब विद्युत उपभोक्ताओं के साथ ही नियमित विद्युत उपभोक्ताओं जो नियमित विद्युत बिल का भुगतान कर रहे हैं उनके बिलों में 30 प्रतिशत की छूट की मांग करता है और विद्युत नियामक आयोग तत्काल इसको लागू करें क्योंकि जो नियमित बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं उन्हें भी लाभ मिलना जरूरी है और इसे एक बैलेंस संदेश जाएगा।निश्चित ही यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को राहत देगी और उन्हें नियमित बिल भुगतान के लिए प्रेरित करेगी।
परिषद के सुझाव एवं मांगों में कहा कि यदि राज्य सरकार ने राजस्व हानि की भरपाई हेतु पावर कॉरपोरेशन को सब्सिडी अथवा अनुदान प्रदान करने की घोषणा की है, तो यह सराहनीय कदम है।परंतु यदि ऐसी कोई सब्सिडी घोषित नहीं की गई है, तो यह सुनिश्चित किया जाए कि इस योजना का आर्थिक भार नियमित रूप से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर न डाला जाए। परिषद का यह भी मत है कि नियमित एवं समय से बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को कम से कम 30 प्रतिशत की छूट या प्रोत्साहन प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि दोनों वर्गों, बकायेदार और नियमित भुगतान करने वाले के साथ समान व्यवहार हो सके।
इसके अतिरिक्त, परिषद को यह जानकारी प्राप्त हुई है कि पावर कॉरपोरेशन द्वारा निकट भविष्य में बिजली दरों में वृद्धि का प्रस्ताव जो दाखिल किया है उसे बिहार चुनाव बाद लागू करना चाह रहा है। परिषद इस पर गहरी चिंता व्यक्त करती है तथा आयोग से अनुरोध करती है कि किसी भी प्रकार की दर वृद्धि के प्रस्ताव को इस समय मंजूरी न दी जाए। परिषद की मांगों में कहा गया कि “बिजली बिल राहत योजना 2025” के विधिक एवं वित्तीय पहलुओं की समीक्षा की जाए ताकि नियमित उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त भार न पड़े। नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को भी समान रूप से छूट अथवा प्रोत्साहन दिया जाए। विद्युत दर वृद्धि के किसी भी प्रस्ताव पर तत्काल रोक लगाई जाए। परिषद को पूर्ण विश्वास है कि आयोग उपभोक्ताओं के हित में निष्पक्ष एवं संतुलित निर्णय करेगा।
क्लीन स्ट्रीट फूड हब व शेल्टर होम का नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने मंगलवार को शहर के विभिन्न जोनों में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों
को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।
निरीक्षण की शुरुआत नगर आयुक्त ने जोन-4 के गोमती नगर स्थित जनेश्वर मिश्रा पार्क के गेट नंबर 4 के सामने बन रहे “ईट राइट इनिशिएटिव प्रोग्राम” के तहत नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे क्लीन स्ट्रीट फूड हब से की। उन्होंने स्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को हिदायत दी कि इस परियोजना का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि आम नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित खानपान की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही, उन्होंने क्लीन स्ट्रीट फूड हब के अंदर बनाए जा रहे आंतरिक मार्ग (इंटरनल पाथ) को और चैड़ा करने के निर्देश भी दिए, जिससे आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। नगर आयुक्त श्री कुमार ने जोन-3 के महानगर मंदिर मार्ग पर सीएम ग्रिड योजना के तहत निर्माणाधीन सड़क और अन्य कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अभियंताओं से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि सीएम ग्रिड परियोजना के अंतर्गत हो रहे सभी कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सहित जोन-3 की पूरी तकनीकी टीम मौजूद रही। नगर आयुक्त ने कार्य की गुणवत्ता की भी समीक्षा की और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी।निरीक्षण के क्रम में नगर आयुक्त ने जोन-8 स्थित तेलीबाग मार्केट में बने स्थायी शेल्टर होम का भी दौरा किया। उन्होंने स्वयं वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और पाई गई कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि शेल्टर होम की क्षमता (कैपेसिटी) बढ़ाने के लिए किसी प्रकार के निर्माण कार्य की आवश्यकता हो, तो उसे तत्काल शुरू किया जाए। इस संबंध में उन्होंने अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गौरव कुमार ने यह भी निर्देश दिए कि शेल्टर होम में सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे शौचालय, रजाई, गद्दे, कंबल और महिलाओं के लिए अलग से रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, उन्होंने नगर अभियंता को शेल्टर होम की विजिबिलिटी बढ़ाने हेतु उचित साइनेज लगाने के निर्देश दिए ताकि जरूरतमंद लोग आसानी से शेल्टर होम तक पहुंच सकें।
महापौर ने किए 19.5 करोड़ के 41 विकास कार्यों का शिलान्यास
नगर निगम लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने सोमवार को शहर के विभिन्न वार्डों में करीब 19.5 करोड़ की लागत से बनने वाले 41
विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के तहत सड़कों, नालियों एवं नालों के निर्माण से शहर की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जाएगा। महापौर ने कहा कि यह सभी कार्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने, जल निकासी की समस्याओं से राहत दिलाने और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ को स्वच्छ, सुगम और विकसित बनाने का नगर निगम का संकल्प निरंतर जारी है।
हैदरगंज तृतीय वार्ड में रक्षा विहार कॉलोनी, चुन्नू खेड़ा में डॉ. राजेश कुमार के आवास से राजन मिश्रा तृतीय के घर तक सड़क एवं नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया, जिसकी लागत घ्38 लाख है। इसके अलावा बुद्ध विहार हांसखेड़ा में तीन अलग-अलग सड़कों के निर्माण कार्य हुएकृपहला श्री सुरेंद्र सिंह के मकान से श्रीमती रिमझिम सिंह के मकान तक 13.60 लाख, दूसरा मुनैजर तिवारी के मकान के सामने से प्रदीप पाण्डेय के मकान तक 19.50 लाख तथा तीसरा श्रीमती रेखा मौर्य से श्रीमती सुनीता देवी तक। घोसियाना क्षेत्र में श्रीमती अंजू शुक्ला के मकान से एनएच-20 सर्विस लेन तक 20 लाख की लागत से सड़क और नाली निर्माण कार्य आरंभ किया गया।कन्हैया माधवपुर द्वितीय वार्ड में फरीदपुर मुख्य मार्ग (गोले के होटल से गुरु दयाल मार्केट होते हुए सरकारी स्कूल तक) सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया, जिसकी लागत 234.85 लाख है। लालजी टंडन वार्ड में मॉल जेहटा रोड से एम.डी. लॉन तक सड़क और नाली निर्माण कार्य 48.50 लाख की लागत से शुरू हुआ। बालागंज वार्ड में सीवर टैंक तिराहे से गौशाला रोड मुख्य मार्ग एवं आंतरिक गलियों में घ्125 लाख की लागत से नाली एवं सीसी सड़क का निर्माण किया जाएगा।गढ़ीपीर खां वार्ड में अंकित श्रीवास्तव के आवास से मोहित द्विवेदी के आवास तक 25.08 लाख की लागत से सीसी सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। कन्हैया माधोपुर प्रथम वार्ड में चोरपाटी चैराहा से मरी माता मोड़ तक आरसीसी नाला निर्माण कार्य घ्0.55 लाख की लागत से किया जाएगा। न्यू हैदरगंज प्रथम वार्ड में किशोरगंज चैराहा से हरी मस्जिद के आगे तक 80 लाख की लागत से सड़क सुधार कार्य का शिलान्यास किया गया।
सआदतगंज वार्ड में दो बड़े कार्य में अशोक विहार में गोविंद मिश्रा के मकान से आर.पी. मिश्रा के मकान तक एवं आंतरिक गलियों में घ्99.87 लाख की लागत से सड़क निर्माण, और दूसरा केतन विहार में चित्रांश स्कूल के सामने से पुष्कल मैरिज लॉन तक 1 करोड़ की लागत से सीसी सड़क निर्माण कार्य। कश्मीरी मोहल्ला वार्ड में तीन विकास कार्य किए गएरू नूरवाड़ी में मेहंदी हॉस्पिटल से सरोज साहू के मकान होते हुए हरीश चंद्र के मकान तक घ्28.50 लाख, सुदर्शन मंदिर से शुएब की दुकान तक 28.10 लाख, तथा गुड्डू प्रजापति के मकान से दलिहायी तक और सुल्तान बेग गेड़ैया मजार की ओर 29.60 लाख की लागत से सड़क एवं नाली निर्माण।भवानीगंज वार्ड में टिकैटगंज की आंतरिक गलियों में 35 लाख की लागत से नाली एवं सीसी सड़क निर्माण, तथा खाला बाजार क्षेत्र में बैध जी वाली गली, गौरी शंकर मंदिर वाली गली और चुन्नी लाल हाता वाली गली में 82 लाख की लागत से सड़क सुधार कार्य। वहीं, बसंत विहार (आचार्य नरेंद्र देव वार्ड) में 62.68 लाख की लागत से सीसी रोड एवं नाली सुधार कार्य का शिलान्यास किया गया, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर मार्ग एवं जल निकासी सुविधा प्राप्त होगी।महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि “जनसहयोग से ही विकास कार्य गति प्राप्त करते हैं। लखनऊ के प्रत्येक वार्ड में नागरिकों की भागीदारी ही हमारी विकास यात्रा की ऊर्जा है।” उन्होंने बताया कि इन सभी 41 परियोजनाओं की कुल लागत 19.5 करोड़ है और इन कार्यों के पूर्ण होने से शहर की सड़कों और जल निकासी व्यवस्था में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।इन शिलान्यास कार्यक्रमों में उपविजेता पश्चिम विधानसभा अंजनी श्रीवास्तव, विभिन्न वार्डों के पार्षदगण, पूर्व पार्षद संतोष राय, मंत्री महानगर लखनऊ यू.एन. पाण्डेय, महामंत्री मोहम्मद अनीस, मंडल महामंत्री मनोज चैरसिया, पूर्व मंडल अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह शुक्ला, पूर्व मंडल उपाध्यक्ष कुलदीप श्रीवास्तव सहित नगर निगम के अधिकारी एवं क्षेत्रीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
लखनऊ नगर निगम ने शिकायतों के लिए जारी किए कंट्रोल रूम नंबर
शहर की स्वच्छता, मार्गप्रकाश व्यवस्था और निराश्रित पशुओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए नगर निगम लखनऊ द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट (मार्गप्रकाश) या आवारा पशुओं से संबंधित कोई समस्या हो तो वे तुरंत नगर निगम के कंट्रोल रूम पर संपर्क करें और अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम लखनऊ नागरिकों की सुविधा के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम संचालित कर रहा है। नागरिक किसी भी समय नीचे दिए गए नंबरों पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इनमें कंट्रोल रूम नंबर 9219902911, 9219902912, 9219902913, 9219902914,टोल फ्री नंबर 1533 शामिल है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है तथा प्रत्येक जोन में सफाई कर्मियों की टीमों को सक्रिय रखा गया है।नगर आयुक्त गौरव कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करें। किसी भी समस्या को अनदेखा न करें, बल्कि तुरंत नगर निगम के कंट्रोल रूम पर संपर्क करें ताकि कार्यवाही शीघ्र की जा सके।
सीवर लाइन का काम अधूरा, जनता परेशान
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फैजाबाद रोड पर डालीगंज पुल से आईटी चैराहे तक लगभग 1.75 किलोमीटर तक सीवर लाइन डालने का कार्य पिछले छह महीनों से अधूरा पड़ा है। काम के चलते सड़क पूरी तरह बंद कर दी गई, जिससे ट्रैफिक को डालीगंज और सीतापुर क्रॉसिंग की ओर डाइवर्ट किया गया। इस वजह से हर दिन भीषण जाम लगता है और लगभग 5 लाख लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। स्थिति इतनी गंभीर है कि एम्बुलेंस और मरीजों को भी घंटों फंसे रहना पड़ता है।
क्षेत्रीय लोगों के अनुसार सीवर लाइन का काम दो महीने में पूरा होना था, लेकिन आधे साल बाद भी सड़क नहीं खुली। इसका असर स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों पर भी पड़ा है कृ कई दुकानों को बंद करना पड़ा और भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। फैजाबाद रोड की यह स्थिति दिखाती है कि देरी और अव्यवस्था का बोझ आम जनता को उठाना पड़ता है। अब लोगों की यही मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द काम पूरा कर इस महत्वपूर्ण मार्ग को खोल दे।
जोनल अधिकारी ने पार्षदों से किया संवाद
नगर निगम लखनऊ के जोन-3 कार्यालय में नए जोनल अधिकारी आकाश कुमार ने कार्यभार संभालने के बाद पार्षदों के साथ “चाय पर चर्चा” के दौरान क्षेत्र की व्यवस्थाओं पर संवाद किया।
बैठक में क्षेत्रीय पार्षदों ने साफ-सफाई, मार्ग प्रकाश व्यवस्था, नालों की सफाई और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए।जोनल अधिकारी आकाश कुमार ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित समीक्षा की जाएगी।मौके पर जोनल सेनेटरी अधिकारी मनोज यादव सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य पार्षदों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और क्षेत्र की नगर सेवाओं को और सशक्त बनाना रहा।
चोक नाली से लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
राजधानी के जोन-3 के अंतर्गत आने वाले महानगर वार्ड में कल्याण मंडप मेन गेट के सामने पूरी नाली चोक पड़ी है, लेकिन नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी और सुपरवाइजर आपसी पाला झाड़ने में जुटे हैं।जब यह मामला कंट्रोल रूम पहुंचा तो किसकी बीट है, यह तय करने में ही पूरा दिन निकल गया। सोनू बोले “मनोज की बीट है”। मनोज ने कहा “अतुल की है। अतुल ने साफ कह दिया कि कल्याण मंडप हमारे पास नहीं आता, पार्षद जी से पूछ लीजिए। अब सवाल यह कि 30 से 50 हजार रुपये तक वेतन लेने वाले इन सुपरवाइजर्स की यह गैर-जिम्मेदारी निभायेगेे तो जनता के सब्र का इम्तहान बन चुकी है।गली-मोहल्लों में गंदा पानी बह रहा है, बदबू फैली हुई है, मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है कृ लेकिन सफाईकर्मियों की टीमों की मौजूदगी सिर्फ कागजों तक सीमित है।सवाल यह भी उठता है जब एक चोक नाली तक की जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही, तो शहर की सफाई व्यवस्था कैसे सुधरेगी ? क्या नगर आयुक्त को अब जोन-3 के इन लापरवाह सुपरवाइजर्स पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए ?
इप्सेफ प्रतिनिधि मण्डल अपर मुख्य सचिव परिवहन से मिला
इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष वी.पी. मिश्रा के नेतृत्व में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा के साथ रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश का एक सूक्ष्म प्रतिनिधिमंडल अपर मुख्य सचिव, परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन श्रीमती अर्चना अग्रवाल से सचिवालय के बापू भवन स्थित उनके कार्यालय में मिला और उनका स्वागत व अभिनंदन किया।
इस मुलाकात में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम व इसके कर्मचारियों की समस्याओं पर लंबी चर्चा हुई। इस चर्चा में परिषद द्वारा प्रदेश के राष्ट्रीयकृत मार्गों पर हो रही डग्गामारी, अखिल भारतीय पर्यटक परमिट लेकर चलने वाली गाड़ियों द्वारा परमिट की शर्तों का उल्लंघन, निजी बसों व परिवहन निगम की बसों के अतिरिक्त-कर की दरों में असमानता, नए बन चुके व बन रहे एक्सप्रेसवेज व हाईवेज को राष्ट्रीयकृत मार्ग घोषित किया जाना, वर्ष 2001 तक के संविदा चालकों-परिचालकों व दैनिक वेतन भोगी कर्मियों का नियमितीकरण, बकाया महंगाई भत्ते का देय दिनांक से भुगतान, गंभीर वेतन विसंगतियों का निवारण, एवं सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती आदि शासनस्तरीय मुद्दों को अपर मुख्य सचिव के समक्ष रखकर उनका समाधान करने का अनुरोध किया गया और इस आशय का एक पत्र भी उन्हें दिया गया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा एवं रोडवेज परिषद के महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्र ने संयुक्त रूप से बताया बताया कि अपर मुख्य सचिव महोदया द्वारा प्रतिनिधि-मण्डल को आश्वस्त किया गया गया कि आज की बैठक में चर्चा किए गए बिंदुओं पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही की कराई जाएगी तथा बकाया महंगाई भत्ते की किश्तों को स्वीकृत हेतु ष्अधिकृत समितिष् को भेज दिया गया है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि शेष मांगों पर परिषद के साथ बाद में पुनः चर्चा की जाएगी। इस चर्चा में इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वह कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष वी.पी. मिश्रा व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्र के अतिरिक्त रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष गिरिजा शंकर तिवारी, महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्र एवं कोषाध्यक्ष बी. के. शुक्ल शामिल थे।
