- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।लखनऊ की विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत (पीसी एक्ट कोर्ट संख्या-३) ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम
के कार्यालय सहायक राजकुमार (पुत्र बाबूलाल, निवासी इंद्रलोक कॉलोनी, कृष्णानगर) को स्थायी कनेक्शन विच्छेदन कराने और सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने के बदले १०,००० रुपये रिश्वत मांगने व लेने के आरोप में दोषी ठहराया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विनीत नारायण पाण्डेय की अदालत ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-७ के तहत ४ वर्ष का कठोर कारावास और १०,००० रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त ३ माह की सजा भुगतनी होगी।
मामला २०१४ का है जब बंथरा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा ऐन के रहने वाले शिकायतकर्ता नितिन पटेल की मां ने चक्की चलाने के लिए बिजली कनेक्शन लिया था। चक्की न चलने पर कनेक्शन स्थायी रूप से डिस्कनेक्ट कराया गया और सिक्योरिटी राशि वापसी के लिए आवेदन किया। वर्ष २०१८ में विच्छेदन टीम ने बकाया बिल का हवाला दिया गया। सभी दस्तावेज दिखाने के बावजूद आरोपी राजकुमार ने पीडी रसीद जारी करने के बदले १०,००० रुपये रिश्वत मांगी।६ फरवरी २०१९ को उत्तर प्रदेश भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एण्टी करप्शन) की ट्रैप टीम ने राजकुमार को रिश्वत की रकम लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।सरकारी पक्ष से विशेष लोक अभियोजक कृष्ण कान्त शुक्ला (के.के. शुक्ला) ने मजबूत पैरवी की, जिसके फलस्वरूप फौजदारी वाद संख्या २३८६/२०१९ (मुकदमा संख्या ८२/२०१९) में दोषसिद्धि हुई।अदालत ने सजा तय करते समय सुप्रीम कोर्ट के पुरुषोत्तम दशरथ बोराडे मामले का हवाला देते हुए उम्र, पारिवारिक स्थिति या पूर्व रिकॉर्ड को कम सजा का आधार नहीं माना। दोषी को जेल में पहले से बिताई अवधि धारा ४२८ CrPC के तहत सजा से समायोजित की जाएगी।
विकलांग को पीटने वाले को पुलिस ने एक घंटे में छोड़ा
-पीड़ित बोला पैसा लेकर दबंगों को हल्के का दरोगा भरत यादव दे रहा खुला संरक्षण
बंथरा थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में एक विकलांग युवक आशीष रावत के साथ 7 दिसंबर 2025 को मामूली लकड़ी के
विवाद में पड़ोसियों ने घर में घुसकर बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित ने वीडियो भी बनाया, लेकिन हमलावरों ने मोबाइल छीनने की कोशिश की।आशीष रावत ने बताया कि आरोपी रजनी, शिव, ऋतिक और मीरा सहित अन्य लोग पहले भी कई बार उनके परिवार पर हमला कर चुके हैं। इस बार भी थाने में शिकायत के बाद केवल NC दर्ज हुई और मेडिकल कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।जब पीड़ित ने एसीपी कृष्णानगर से शिकायत की तो एसीपी ने हल्का इंचार्ज दरोगा भरत यादव को कड़ी फटकार लगाते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसके बावजूद दरोगा ने कोई एफआईआर नहीं लिखी।सबसे हैरान करने वाली बात बुधवार को हुई – पुलिस एक आरोपी को थाने ले गई, लेकिन महज एक घंटे बाद वह हंसते-हंसते घर लौट आया और विकलांग आशीष को देखकर चिढ़ाने लगा। पीड़ित का साफ आरोप है कि हल्का दरोगा भरत यादव आरोपियों से पैसे लेकर उन्हें बचाते हैं, जिससे दबंगों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पीड़ित विकलांग आशीष रावत अब उच्च अधिकारियों से गुहार लगा रहा है कि उसके परिवार की जान को खतरा है और थाने की मिलीभगत के कारण। इस संबंध में जानकारी करने के लिए बात की थाने के एस एस आई प्रमोद यादव ने बताया कि इंस्पेक्टर साहब छुट्टी पर गए हुए हैं और इस मामले में दोनों पक्षों के बीच एक जमीन में खड़े पेड़ों में कब्जेदारी को लेकर विवाद हुआ था दोनों पक्षों की तरफ से एनसीआर दर्ज की गई थी।
बन्थरा में दो पक्षों में मार-पीट,मुकदमा दर्ज
थाना बन्थरा क्षेत्र के सराय शहजादी (जुनाबगंज) इलाके में बुधवार शाम एक ही परिवार के दो गुटों के बीच खूनी झड़प हो
गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए थाने में अलग-अलग तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है।पहली तहरीर धर्मेंद्र यादव (पता: तेरवा, थाना बन्थरा) ने दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह अपने हॉस्टल (सराय शहजादी, सेवागीर मंदिर के पास) जा रहे थे, तभी राहुल यादव, रोहित यादव, उनकी मां, उनके ससुर और कुछ अज्ञात किरायेदारों ने घर के सामने घात लगाकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में वह लहूलुहान हो गए और किसी तरह जान बचाकर थाने पहुंचे।दूसरी ओर रोहित यादव (जुनाबगंज, सराय शहजादी) ने पलटवार करते हुए तहरीर दी कि धर्मेंद्र यादव (जो उनका भाई का साला है) और सुजय यादव पुत्र विजय यादव (चचेरे भाई का लड़का), दोनों तेरवा गांव के रहने वाले हैं, ने कार लगाकर उनके घर पहुंचकर उनकी मां को मारा और उन्हें घसीटकर बुरी तरह पीटा। रोहित का आरोप है कि पुलिस वालों के सामने भी सुजय यादव ने उन पर हमला किया और जान से मारने की धमकी दी।दोनों ही तहरीरें 10 दिसंबर 2025 को दी गईं और बन्थरा थाने में एक ही दिन क्रॉस केस दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार मामला पारिवारिक रंजिश और संपत्ति विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। दोनों पक्ष यादव बिरादरी के हैं और रिश्ते में दूर के भाई-चचेरे भाई लगते हैं।
नीवां बाजार में बिजली विभाग को लगा 4.5 लाख का चूना
-अवर अभियंता ने बंथरा थाने में दर्ज कराया चोरी का मुकदमा
थाना बंथरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नीवां बाजार में उस समय हड़कंप मच गया जब बिजली विभाग को करीब 4.5 लाख रुपए
का नुकसान पहुँचाते हुए अज्ञात चोरों ने 250 KVA के ट्रांसफार्मर को पिलिथिन से नीचे गिराकर उसका सारा तेल निकाल लिया और अंदर लगा पूरा कॉपर जला (कॉइल) चुरा ले गए। ट्रांसफार्मर का सिर्फ लोहे का ढांचा मौके पर पड़ा मिला।विद्युत विभाग के अवर अभियंता विनय कुमार (11 KV L.T. भटगाँव) ने आज थाना बंथरा में लिखित तहरीर दी है कि 33/11 KV उपकेंद्र बनी से पोषित 11 KV अवतार नगर फीडर पर लगा यह ट्रांसफार्मर 7-8 दिसंबर 2025 की मध्यरात्रि में चोरी हुआ। सुबह 8:35 बजे रात्रि ड्यूटी पर तैनात संविदा कर्मचारी अशोक रावत ने इसकी सूचना दी। मौका मुआयना करने पर पता चला कि चोरों ने पहले ट्रांसफार्मर को जमीन पर गिराया, तेल निकाला और फिर उसे खोलकर कॉपर चुरा लिया।इस चोरी से पूरे नींवा बाजार क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। विभाग ने अनुमान लगाया है कि सरकारी खजाने को लगभग ₹4,50,000/- की राजस्व क्षति हुई है। अवर अभियंता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
रिश्तेदारों ने घर पहुंचकर दी गालियां, चप्पलों से पीटा
सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के अवध बिहार कॉलोनी में रहने वाले मोहम्मद याकूब अली ने अपने दूर के रिश्तेदारों पर गंभीर
आरोप लगाते हुए थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। याकूब अली ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग पिछले कई महीनों से उन्हें और उनके परिवार को लगातार परेशान कर रहे हैं, गालियां दे रहे हैं, मारपीट कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।शिकायत के अनुसार, पहली घटना 5 जुलाई 2025 की रात करीब 8 बजे हुई जब नसीम खान (पुत्र स्व. सहजादे खान, निवासी भदेवा), अदीबा सिराज खान (पति सिराज रजा खान, वर्तमान में नसीम खान के मकान में रह रही) और मोहम्मद लईक सिद्दीकी उर्फ गुड्डू (निवासी भदेवा, थाना बाजारखाला) उनके घर आए। बिना कुछ बात किए तीनों ने मां-बहन की गालियां देनी शुरू कर दीं और कहा कि “अपने साढ़ू के लड़के को समझाओ कि वह हमें परेशान न करे, जो हम कहें वही करे।”याकूब अली के अनुसार, 12 जुलाई 2025 को फिर यही तीनों लोग आए और दोबारा गाली-गलौज, धक्का-मुक्की की तथा जान से मारने की धमकी दी। जब याकूब ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं और आपस के झगड़े बाजारखाला में ही निपटाएं तो तीनों ने चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए और बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।याकूब अली ने बताया कि इसके बाद भी अदीबा सिराज खान और मोहम्मद लईक सिद्दीकी उर्फ गुड्डू लगातार उन्हें फोन करके और अन्य तरीकों से धमकियां दे रहे हैं, जिससे वह और उनका पूरा परिवार डर के साए में जी रहा है।पीड़ित ने सरोजनीनगर पुलिस से गुहार लगाई है कि उनकी रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस ने तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फर्जी होलसेल दुकान, QR कोड धोखा, ATM स्वैपिंग से 3.38 लाख ठगे
ट्रांसपोर्ट नगर और SGPGI क्षेत्र में एक संगठित गिरोह ने बेहद शातिर तरीके से साइबर ठगी को अंजाम दिया है। पीड़ित
धर्मराज सिंह (मो. नं. 94305XXXXX) ने सरोजनीनगर थाने में दी तहरीर में बताया कि 5 नवंबर 2025 को वे सेनेटरी सामान की होलसेल दुकान तलाश रहे थे।मीरा इंटरप्राइजेज (ट्रांसपोर्ट नगर) में एक व्यक्ति ने उन्हें मोबाइल नंबर 99355XXXXX दिया। इस नंबर पर बात करने के बाद लोकेशन भेजी गई, लेकिन वहाँ दूसरा व्यक्ति मिला और सही रेट नहीं बताया। वापस मीरा इंटरप्राइजेज आने पर लगभग 22,000 रुपए का सामान लिया गया। पेमेंट के समय दो QR कोड फेल हो गए। इसके बाद दुकान का लड़का पीड़ित को SBI ATM (ट्रांसपोर्ट नगर पार्किंग एरिया-4) ले गया।
यहाँ एक ट्रांजेक्शन में 10,000 रुपए निकले, तभी मीशो से कॉल आई और इसी बीच एक अज्ञात व्यक्ति ने चालाकी से पीड़ित का ICICI ATM कार्ड बदल दिया। इसके तुरंत बाद नंबर 9116003XXXXX से फर्जी कस्टमर केयर कॉल आई। कॉल पर “ट्रांजेक्शन डिक्लाइन हुआ है, 1 दबाएं” कहकर OTP ट्रिगर कराया गया और मिनटों में 8 ट्रांजेक्शन से कुल ₹3,38,000 ठग लिए गए।₹1,99,000,₹50,000,₹49,000,₹10,000 × 5 बार,पीड़ित ने तुरंत ICICI कस्टमर केयर से कार्ड ब्लॉक कराया (Ref: SR 10813XXXXX एवं 10849XXXXX)। 1930 पर शिकायत की (Ref: 33111250155821), हजरतगंज साइबर सेल में CCN-5793/2025 दर्ज हुई, फिर केस SGPGI साइबर क्राइम को ट्रांसफर हुआ।बैंक ने बताया कि जब तक FIR नहीं होगी, होल्ड अमाउंट रिलीज नहीं होगा। SGPGI साइबर क्राइम इंचार्ज ने भी FIR कराने को कहा, लेकिन सरोजनीनगर थाने में 28 नवंबर को थानाध्यक्ष ने “जहाँ घटना हुई वहाँ के थाने में होगी” कहकर टाल दिया।पीड़ित ने अब सरोजनी नगर थाने में तहरीर दी है और मांग की है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
