सरोजनीनगर:शादी समारोह में खाने को लेकर विवाद मारपीट,क्लिक करें और भी खबरें

  • REPORT BY:A.S.CHAUHAN || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ। सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह में मामूली बात पर बवाल हो गया। स्थानीय निवासी रविंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि 2 दिसंबर 2025 को चौहान पैलेस में आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में खाना खाने के दौरान अंकुर वर्मा, तुषार मिश्रा, गोलू चौहान, प्रिंस यादव, शशांक सिंह और उनके साथियों ने उन्हें गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी उन्हें और उनके दोस्त निखिल के साथ मारपीट करने लगे।आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी और कहा कि आगे कहीं दिखे तो मार दिया जाएगा। घटना के बाद रविंद्र ने पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर कॉल किया, जिस पर पहुंची पुलिस ने सभी को अमौसी चौकी में तहरीर देने को कहा। लेकिन इसके बाद रात करीब 12:30 बजे आरोपी दो कारों में सवार होकर रविंद्र के घर पहुंच गए और उनकी मां हृदयलता सिंह व बहन राधा सिंह के साथ गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि आरोपी अलग-अलग नंबरों से लगातार फोन पर भी धमकियां दे रहे हैं।पीड़ित रविंद्र सिंह ने थाना सरोजनीनगर में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और सुरक्षा की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने आरोपियों को ‘माफिया किस्म के लोग’ बताया और कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है।

विधायक ने दिया युवाओं को प्रेरणादायी संदेश,डॉ. राजेश्वर सिंह ने एक्स पर साझा की भारत की प्रगति गाथा और राष्ट्र-निर्माण की जिम्मेदारी

सरोजनीनगर विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर राष्ट्र के युवाओं के नाम एक सशक्त और प्रेरणादायी संदेश जारी किया। इस संदेश में उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के बाद की ऐतिहासिक यात्रा, पूर्वजों के संघर्ष और वर्तमान भारत की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए युवाओं से राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।डॉ. सिंह ने अपने संदेश में लिखा, “आज का युवा वह सपने जी रहा है, जिन्हें हमारे दादा-दादी ने केवल देखा था।

उन्होंने 1947 के भारत की चुनौतियों को याद करते हुए कहा कि उस समय संसाधन सीमित थे, लेकिन बुजुर्ग पीढ़ी में अटूट आस्था, साहस और दूरदृष्टि थी। लालटेन की रोशनी में पढ़ने वाली वही पीढ़ी आज के मजबूत भारत की नींव बनी।डॉ. राजेश्वर सिंह ने भारत के परिवर्तन को आंकड़ों से स्पष्ट किया:औसत आयु 37 वर्ष से बढ़कर लगभग 70 वर्ष हो गई।शिशु मृत्यु दर 146 से घटकर 25 प्रति हजार रह गई।साक्षरता दर 18% से बढ़कर लगभग 80% तक पहुंची।स्कूलों, कॉलेजों, सड़कों, बिजली उत्पादन, प्रति व्यक्ति आय और स्वच्छ जल उपलब्धता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई।उन्होंने कहा कि यह भारत वह है जिसने भूख को आशा और गरीबी को प्रगति में बदला। विधायक ने लखनऊ और सरोजनीनगर को नए भारत का जीवंत उदाहरण बताया।

क्षेत्र उत्तर भारत का लाइफस्टाइल कैपिटल और AI हब बनकर उभरा है। नादरगंज AI सिटी,अमौसी एयरो सिटी,अशोक लीलैंड ई-बस फैक्ट्री,ब्रह्मोस डिफेंस कॉरिडोर,अनंत नगर टाउनशिप,विदेशी भाषा विश्वविद्यालय,डिजिटल एजुकेशन एवं यूथ एम्पावरमेंट सेंटर्स के अलावा, 95 ओपन एयर जिम, 34 स्मार्ट क्लासरूम, 33 डिजिटल लाइब्रेरी, 162 ताराशक्ति केंद्र (महिलाओं के लिए) और 14 आरबीएस डिजिटल सेंटर्स युवाओं के सशक्तिकरण की मिसाल हैं।अनुशासन, परिश्रम और ईमानदारी को जीवन का आधार बनाएं।AI, रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी और स्वच्छ ऊर्जा में महारत हासिल करें।भारत को नवाचार, समृद्धि और वैश्विक गौरव की नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।उन्होंने कहा, “बुजुर्गों ने हमें सड़कें, स्कूल और उजाला दिया; अब हमारा दायित्व है कि भारत को विचार, नवाचार और वैभव प्रदान करें।संस्कार, संस्कृति और संकल्प पर जोर देते हुए डॉ. सिंह ने अंत में कहा कि यही युवा भारत को विश्व का पथप्रदर्शक और अजेय राष्ट्र बनाएंगे।यह संदेश युवाओं में नई ऊर्जा और राष्ट्रभक्ति जगाने वाला साबित हो रहा है।

भूतपूर्व सैनिक ने पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार

-बिल्डर स्वप्निल इंडिया पर 43 लाख ठगने और मकान न बनाने का आरोप, पुलिस पर पक्षपात का इल्जाम

एक भूतपूर्व सैनिक सुभाष गुप्ता ने लखनऊ के पुलिस आयुक्त को शिकायत दी है कि बिल्डर स्वप्निल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने उनसे जनवरी 2021 में आधा-अधूरा मकान दिखाकर धोखे से प्लॉट की रजिस्ट्री करवाई और 51 लाख में पूरा मकान बनाने का वादा किया। फरवरी 2021 में एग्रीमेंट हुआ कि 31 मई 2021 तक मकान सौंप दिया जाएगा, लेकिन अब तक निर्माण नहीं हुआ।सुभाष गुप्ता ने अपनी जीवन भर की कमाई से 43 लाख 22 हजार रुपये बिल्डर को भुगतान कर दिए, जबकि केवल 7.8 लाख रुपये बाकी हैं। फिर भी बिल्डर टालमटोल कर रहा है। शिकायत में कहा गया है कि मकान की कीमत अब 80 लाख हो चुकी है और बिल्डर इसे छुड़वाकर दूसरे को बेचना चाहता है।भूतपूर्व सैनिक ने बताया कि उन्होंने 50-60 बार बिल्डर के ऑफिस का चक्कर लगाया, लेकिन हर बार एक-दो महीने का बहाना मिला। नवंबर 2024 में बिल्डर ने खुद कहा कि वह मकान नहीं बना पाएगा, खरीदार खुद बनवा लें और अतिरिक्त खर्च वह देगा। इसके बाद ठेकेदार से काम शुरू करवाया और 3 लाख रुपये दिए, लेकिन बिल्डर के साथी कमलेश यादव ने 15 लोगों के साथ धमकाकर काम रुकवा दिया और गड्ढा खुदवा दिया।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस हर बार बिल्डर का पक्ष लेकर रिपोर्ट बना रही है और कह रही है कि बकाया पैसा नहीं दिया इसलिए निर्माण नहीं हुआ, जबकि हकीकत उलट है। खसरा विवाद का हवाला देकर भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। बिल्डर ने शुरू में 4 महीने किराया भी दिया, लेकिन बाद में बंद कर दिया। अब सुभाष गुप्ता किराया और लोन की किस्त खुद भर रहे हैं, जिससे उनकी सारी जमा-पूंजी खत्म होने की कगार पर है। पिछले 4 सालों में सिर्फ किराए का 6 लाख और ठेकेदार को 3 लाख खर्च हो चुके।
सुभाष गुप्ता ने पुलिस आयुक्त से अपील की है कि मामले की गंभीरता देखते हुए बिल्डर से मकान बनवाकर सौंपने और बाकी किराए काटकर पैसा लेने की व्यवस्था करवाई जाए। उन्होंने कहा कि बुढ़ापे में शांति से जीना चाहते थे, लेकिन बिल्डर की वजह से मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं। साढ़े चार साल से भटक रहे हैं और पुलिस हमेशा बिल्डर के पक्ष में रिपोर्ट दे रही है। थाने की पुलिस ने पुलिस आयुक्त की फटकार के बाद बिल्डर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप

महिला थाना हजरतगंज में एक नवविवाहिता सगुन दीक्षित ने अपने पति योगेश दीक्षित और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई है।सगुन ने आरोप लगाया कि फरवरी 2024 में हुई शादी के बाद ससुरालवाले अतिरिक्त दहेज में मोटरसाइकिल और सोने की चेन मांगने लगे। मांग पूरी न होने पर पति योगेश, सास मंजू, देवर अखिलेश, ननद मोहिनी और ननद के पति सूरज ने गालियां देना, मारपीट करना शुरू कर दिया।29 मार्च 2025 को विवाद के दौरान पूरे परिवार ने मिलकर मारपीट की और घर से निकाल दिया। सुलह की कोशिश नाकाम रहने पर 9 सितंबर 2025 को गई सगुन और उनकी मां को भी गालियां देकर भगा दिया गया।पीड़िता ने दहेज निषेध अधिनियम व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घने कोहरे से ठंड बढ़ी,यातायात प्रभावित, दोपहर में मिली राहत

सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र में बीती रात से शुरू हुए घने कोहरे ने मंगलवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कोहरे की मोटी चादर के कारण ठंड में अचानक इजाफा हो गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। सुबह होते ही पेड़ों पर जमी ओस की बूंदें जमीन पर टपकने लगीं, जिससे सड़कें और जमीन गीली हो गईं।स्थानीय लोगों के अनुसार, कोहरा रात लगभग 2 बजे शुरू हुआ और इतना घना था कि दृश्यता बेहद कम हो गई। सुबह से दोपहर करीब 12:30 बजे तक कोहरा छाया रहा, जिसके कारण वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी रफ्तार से गाड़ियां चलानी पड़ीं। कोहरे की वजह से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है। चालकों ने बताया कि दूर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे रफ्तार अपने आप कम हो गई।कोहरे के साथ ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। पशु-पक्षियों पर भी इसका बुरा असर पड़ा है, कई पक्षी ठंड से परेशान नजर आए। दोपहर सूर्य देव के दर्शन होने के बाद ही कोहरा छंटा और लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी है, जिसमें लखनऊ और आसपास के इलाके भी शामिल हैं।

सरोजनीनगर तहसील में निवास प्रमाणपत्र के लिए महिला परेशान, लेखपालों पर लगे मनमानी के आरोप

राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर तहसील में निवास प्रमाणपत्र बनवाने को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला को बार-बार आवेदन करने के बावजूद प्रमाणपत्र नहीं मिल रहा, जबकि आरोप है कि लेखपाल बिना मौका जांच के घर बैठे नकारात्मक रिपोर्ट लगा रहे हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी हो रही है।
पीड़ित महिला इरम फातिमा, पत्नी शाकिब रजा खान, निवासिनी अवध बिहार कॉलोनी, बाग नंबर-3, अमौसी एयरपोर्ट रोड, सरोजनीनगर ने बताया कि उन्होंने अब तक तीन बार निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया। हर बार अलग-अलग आपत्तियां लगाकर फाइल रिजेक्ट कर दी गई। पहली बार निकाहनामा संलग्न नहीं होने का बहाना बनाया गया। दूसरी बार निवास अवधि पर सवाल उठाया गया। तीसरी बार लेखपाल ने आधार कार्ड में पता गलत होने की रिपोर्ट लगा दी।
आश्चर्य की बात यह है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पहले कई प्रमाणपत्र जारी हो चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पहले ये दस्तावेज मान्य थे, तो अब बार-बार आपत्ति क्यों? स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील में यह व्यवस्था भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी करती दिख रही है और जानबूझकर नागरिकों को परेशान किया जा रहा है। सरोजनीनगर तहसील के लेखपालों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़िता को न्याय मिलता है या नहीं।

 लापरवाही से लटकते केबिल तार बने लोगों की जान के दुश्मन

बंथरा क्षेत्र की ग्राम सभा बनी में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। यहां सड़क से महज कुछ ऊंचाई पर बिजली के केबिल तार लटक रहे हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों की जान को हर समय खतरा बना हुआ है। अगर कोई बड़ा वाहन इन सड़कों से गुजरे तो तार उसमें उलझ सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।
यह खतरनाक स्थिति इंद्रेश लोधी, रामेश्वर सिंह और बृजमोहन विमल के मकानों के ठीक सामने बनी हुई है। तस्वीरें इस हकीकत को साफ-साफ बयां कर रही हैं कि तार कितने नीचे लटक रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्युत विभाग के कर्मचारी रोजाना इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन इस समस्या पर ध्यान देना जरूरी नहीं समझते। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है।ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। विभाग से मांग की जा रही है कि जल्द से जल्द तारों को ठीक किया जाए, वरना बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी विभाग की होगी।

Aaj National

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