-उप्र. में बिजली के निजीकरण के विरोध में आंदोलन जारी
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लखनऊ। नेशनल कोआडिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंपलाईज एंड इंजीनियर्स ने चेतावनी दी है कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को रखने और पारित कराने की कोशिश की गयी तो देश के 27 लाख बिजली कर्मी उसी दिन सीधी कार्यवाही करने हेतु बाध्य होंगे। नेशनल कोआडिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंपलाईज एंड इंजीनियर्स ने उप्र. में चल रही बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की है और उप्र. के बिजली कर्मियों को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है। कोआडिनेशन कमेटी ने उप्र. सरकार से मांग की है कि निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के फलस्वरुप बिजली कर्मियों पर की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तत्काल वापस ली जाए।
नेशनल कोआडिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंपलाईज एंड इंजीनियर्स की आज हुई ऑनलाईन मीटिंग में ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे, सेक्रेटरी जनरल पी रत्नाकर राव, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पॉवर डिप्लोमा इंजीनियर्स के अध्यक्ष आर.के. त्रिवेदी, सेक्रेटरी जनरल अभिमन्यु धनकड़, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंपलाईज के जनरल सेक्रेटरी मोहन शर्मा, इलेक्ट्रिसिटी इंपलाईज फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी सुदीप दत्त और ऑल इंडिया पॉवर मेन्स फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी समर सिन्हा मुख्यतया सम्मिलित हुए। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र. के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि नेशनल कोआडिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंपलाईज एंड इंजीनियर्स की कोर कमेटी की आज हुई ऑनलाईन मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है कि यदि केंद्र सरकार संपूर्ण पॉवर सेक्टर के निजीकरण हेतु इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 संसद के बजट सत्र में रखती है तो उप्र. सहित देश भर के तमाम बिजली कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता उसी दिन काम बंद कर अपने कार्यालय और कार्य स्थल से बाहर आ जाएगें और व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे। संघर्ष समिति ने बताया कि नेशनल कोआडिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंपलाईज एंड इंजीनियर्स की आज हुई ऑनलाईन बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि आगामी 12 फरवरी को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर हो रही राष्ट्रव्यापी हड़ताल में उप्र. सहित देश के तमाम बिजली कर्मी सम्मिलित होंगे।संघर्ष समिति ने बताया कि नेशनल कोआडिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंपलाईज एंड इंजीनियर्स द्वारा लिये गए निर्णय के अनुसार केंद्र और राज्य सरकारों को दी जाने वाली 12 फरवरी की हड़ताल की नोटिस में इलेक्टिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 वापस लेने की मांग के साथ पूर्वांचलन विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त करने की मांग प्रमुख होगी। पूर्वांचल विद्य़ुत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में लगातार चल रहे आंदोलन के आज 422वें दिन प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर बिजली कर्मियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
बिजली कंपनियों की रेटिंग में सुधार, निजीकरण पर रोके: वर्मा
देश की सभी बिजली कंपनियां की रेटिंग देश के ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा आज जारी की गई जिसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश की ज्यादातर बिजली कंपनियों ने सुधार किया वहीं उत्तर प्रदेश की बिजली कंपनियों में भी व्यापक सुधार देखने को मिला 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग में देश की 65 बिजली वितरण कंपनियों का मूल्यांकन किया गया।बिजली वितरण कंपनियों की 14वीं वार्षिक इंटीग्रेटेड रेटिंगमें उत्तर प्रदेश के सभी डिस्कॉम्स के प्रदर्शन में सुधार दर्ज किया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष एवं देश की सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी(सी0आर0सी) के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने इसे राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया है।
अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि यूपी की बिजली कंपनियों की रेटिंग में हुआ सुधार यह साबित करता है कि सुधार बिना निजीकरण के भी संभव है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी डिस्कॉम्स का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है, तो ऐसे में बिजली के निजीकरण से जुड़े सभी फैसलों पर तत्काल रोक लगाने की घोषणा राज्य सरकार को करनी चाहिए।उन्होंने बताया कि पश्चिमांचल, दक्षिणांचल, मध्यांचल, पूर्वांचल और केस्को कानपुरकृसभी वितरण कंपनियों की ग्रेडिंग और स्कोर में बढ़ोतरी हुई है। यह सुधार लाइन लॉस में कमी, राजस्व वसूली में वृद्धि और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार का नतीजा है।वर्मा ने कहा कि निजीकरण से बिजली महंगी होती है और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, जबकि सरकारी कंपनियों को संसाधन और समर्थन देकर उन्हें और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने मांग की कि सरकार को अब निजीकरण की बजाय सरकारी डिस्कॉम्स को सशक्त करने की नीति अपनानी चाहिए।
नगर निगम ने चलाया अभियान,वसूला जुर्माना
नगर आयुक्त के निर्देशानुसार जोनल सेनेटरी अधिकारी अजीत राय के नेतृत्व में जोन-07 के अन्तर्गत स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान सर्वाेदय नगर, विकास भवन, खुर्रमनगर, लेखराज पन्ना मार्केट व माया चौराहा आदि के आस-पास प्रतिबन्धित पॉलीथीन और गंदगी के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान सफाई एवं खाद्य निरीक्षक रुपेन्द्र भास्कर, बृजेश प्रजापति, संचिता मिश्रा उपस्थित रहीं।प्रतिबन्धित पॉलीथीन पाये जाने पर प्लास्टिक,पॉलीथीन जब्त करने के साथ उनके ऊपर नियमानुसार जुर्माना अधिरोपित किया गया।प्रतिबन्धित पॉलीथीन,प्लास्टिक के उपयोग पर 24,000जुर्माना लगाया गया। पॉलीथीन 8.5 किलोजब्त की गयी। गन्दगी फैलाने पर 13,100 जुर्माना लगाया गया।जोन-3 के जोनल अधिकारी, आकाश कुमार के निर्देश में 296 टीम के साथ सेक्टर क्यू से लेकर राम राम बैंक चौराहे तक व डालीगंज क्रासिंग से डालीगंज कब्रिस्तान तक अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाया गया। इसी क्रम में प्रभारी निरीक्षक थाना- हसनगंज एवं मडियांव को पत्र भी प्रेषित किया गया की सन्दर्भित स्थल पर पुनः अतिक्रमण न होने दें।अभियान में लगभग 25 दुकानें एवं 2 गुमटी को हटाया गया। 2 लोहे की बैन्घ्च, 3 वाटर कूलर, 1 ठिलिया, 1 वाटर कूलर स्टैंड को जब्त किया गया। जब्त सामानों पर 500 का जुर्माना वसूला गया।
