-डीजीपी के निर्देश पर हुईं कार्रवाई की परिजनों नें की सराहना, दिया पुलिस को धन्यवाद
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।मेटा के अलर्ट से पुलिस मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर बीते 24 घण्टों के अन्दर प्रदेश के सुल्तानपुर एवं कौशाम्बी पुलिस नें दो लोगो की जान बचाई। इसमें एक युवक औऱ एक युवती शामिल है।डीजीपी के जनसम्पर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव के मुताबिक मेटा सुसाइडल अलर्ट से एक जनवरी 2023 से 15 मार्च 2026 के बीच इस पहल के जरिये कुल 2266 व्यक्तियों के प्राणों की रक्षा यूपी पुलिस द्वारा की जा चुकी है। डीजीपी के जनसम्पर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव नें बताया कि प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में इन्स्टाग्राम पर 19 वर्षीय युवती नें चूहेमार दवा को ग्लास में घोलकर पीते हुए एवं कौशाम्बी में 18 वर्षीय युवक नें “आज मेरा लास्ट दिन है, आज मैं मरने जा रहा हूं, ये दिन हमेशा यादगार होगा सबका, आज मै जहर खा लूंगा” यह लिखकर आत्महत्या सम्बन्धी वीडियो पोस्ट किया था। मेटा से मिले अलर्ट के आधार पर तत्काल दोनों जनपद के युवती एवं युवक की लोकेशन ट्रेस करके जनपद सुल्तानपुर एवं कौशाम्बी पुलिस नें मौके पर पहुंच कर युवक की जान बचाई।घटना स्थल पर सुल्तानपुर के थाना जयसिंहपुर की पुलिस मात्र 15 मिनट में तथा जनपद कौशाम्बी के थाना मंझनपुर की पुलिस मात्र 10 मिनट में सम्बंधित पीड़ितों के घर पहुंचकर उनके प्राणों की रक्षा की गयी ।पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर हुईं इस कार्रवाई पर परिजनों नें पुलिस टीम की सराहना कर धन्यवाद दिया है।
सुल्तानपुर में मात्र 15 मिनट में युवती की पुलिस ने बचाई जान
सुल्तानपुर के थाना जयसिंहपुर निवासी लगभग 19 वर्षीय युवती ने चूहेमार दवा को ग्लास में घोलकर पीते हुए, “भगवान जी बुला लो अपने पास” यह टेक्स्ट लिखकर, इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया । इस पोस्ट को लेकर मेटा कंपनी की तरफ से मुख्यालय पुलिस महानिदेशक स्थित सोशल मीडिया सेन्टर को ई-मेल के ज़रिए एलर्ट प्राप्त हुआ । जिसे तत्काल उच्चाधिकारियों को संज्ञानित कराया गया ।पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने एलर्ट पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए । उसी के बाद मुख्यालय के सोशल मीडिया सेन्टर ने प्राप्त अलर्ट में उपलब्ध कराये गये मोबाइल नम्बर के आधार पर तत्काल युवती की लोकेशन की जानकारी करके जनपद सुल्तानपुर को प्रकरण से अवगत कराया । सूचना पर थाना जयसिंहपुर के उप निरीक्षक, महिला उप निरीक्षक व पुलिस कर्मियों ने मात्र 15 मिनट में युवती के घर पहुंच गए । पुलिस कर्मियों ने परिजनों के साथ युवती के कमरे में पहुंचकर देखा कि युवती के पास एक पानी की बोतल व चूहेमार दवा का पैकेट और ग्लास पड़ा है और युवती ज़ोर-ज़ोर से हाँफ रही थी । पुलिसकर्मियों ने परिजनों के सहयोग से युवती का घरेलू प्राथमिक उपचार किया गया तथा नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया जहाँ पर चिकित्सक द्वारा युवती का उपचार कर उसको घर भेज दिया गया ।युवती के सामान्य होने के उपरान्त पुलिसकर्मियों द्वारा जानकारी किए जाने पर उसने बताया कि वह इंटर पास है और एक प्राइवेट नौकरी कर रही है । युवती लगभग पिछले 02 साल से अपनी रिश्तेदारी के एक लड़के से प्रेम करती है और वह दोनों शादी करना चाहते हैं किंतु लड़के के परिवार वाले उनकी शादी करने से मना कर रहे हैं । युवती काफ़ी दिन से इसी कारण मानसिक तनाव में थी जिस कारण उसके मन में आत्महत्या का विचार उत्पन्न हुआ और उसने यह कदम उठाया ।पुलिस कर्मियों द्वारा समय से पहुँच कर, युवती को आत्महत्या करने से रोका गया एवं काउन्सलिंग की गयी, जिस पर युवती द्वारा भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने का आश्वासन दिया गया । युवती के परिजनों द्वारा स्थानीय थाने के पुलिसकर्मियों को धन्यवाद दिया ।
कौशाम्बी में 10 मिनट में पहुँच कर पुलिस ने युवक को आत्महत्या से बचाया
कौशाम्बी के थाना मंझनपुर निवासी लगभग 18 वर्षीय युवक ने “आज मेरा लास्ट दिन है, आज मैं मरने जा रहा हूँ, ये दिन हमेशा यादगार होगा सबका, आज मैं जहर खा लूँगा” यह टेक्स्ट लिखकर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया गया । उक्त पोस्ट पर मेटा कंपनी की तरफ से मुख्यालय पुलिस महानिदेशक स्थित सोशल मीडिया सेन्टर को ई-मेल के ज़रिए एलर्ट प्राप्त हुआ । जिसका तत्काल संज्ञान लेकर उच्चाधिकारियों को संज्ञानित कराया गया ।मुख्यालय द्रारा उपलब्ध कराई गई सूचना एवं लोकेशन पर जनपद कौशांबी, थाना मंझनपुर के उप निरीक्षक मय पुलिस कर्मियों के युवक के घर 10 मिनट के अन्तराल में पहुँच गए और युवक को आत्महत्या करने से रोका तथा उसकी काउन्सलिंग की गई । युवक के समाने होने पर युवक द्वारा बताया गया कि पारिवारिक विवाद के कारण उसमे मन में आत्महत्या का विचार आया था, जिसके उपरान्त उसके द्वारा यह पोस्ट की गयी थी । पुलिस कर्मियों द्वारा युवक द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने से पहले ही समय से पहुँच कर युवक को आत्महत्या करने से रोका गया एवं काउन्सलिंग की गयी, जिस पर युवक द्वारा भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने का आश्वासन दिया गया ।
