- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
फतेहपुर। जिले में विभिन्न चिट फंड कंपनियों मे दो साल से अपनी डूबी हुई रकम वापस न मिलने से नाराज निवेशकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। यह
प्रदर्शन ठगी पीडि़त जमाकर्ता संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक सुरजदीन विश्वकर्मा के नेतृत्व में किया गया। जिले भर से आए हजारों पीडि़त कार्यकर्ता हाथों में बैनर-पोस्टर लिए हुए थे। उनकी मुख्य मांग थी कि उनकी डूबी हुई गाढ़ी कमाई वापस दिलाई जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चिट फंड कंपनियों की मनमानी और प्रशासन की कथित लापरवाही पर सवाल उठाए। मंच से सुरजदीन विश्वकर्मा ने घोषणा की कि जब तक विभिन्न चिट फंड कंपनियों में फंसे लाखों लोगों का पैसा वापस नहीं दिलाया जाता, तब तक आने वाले चुनावों में वोट का बहिष्कार किया जाएगा। पीडि़तों
का कहना था कि सालों की जमा-पूंजी डूबने के बाद अब उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं बचा है।
विश्वकर्मा ने बताया कि यह धरना प्रदर्शन 1 सितंबर 2022 से लगातार 22 माह से चल रहा है, लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने उनकी समस्याओं को नहीं सुना है। उन्होंने दावा किया कि जिले की छह विधानसभा सीटों में से प्रत्येक में लगभग एक लाख लोगों का पैसा चिट फंड कंपनियों में फंसा हुआ है। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भेजा गया। इसमें मांग की गई है कि चिट फंड कंपनियों की संपत्ति कुर्क कर पीडि़तों का तुरंत भुगतान कराया जाए।
दूषित पानी को लेकर भाकियू का धरना,किसानों ने डीएम को दी भूख हड़ताल की चेतावनी
फतेहपुर जिले में दूषित पानी की समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। किसानों ने जिला अधिकारी (डीएम)
को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो कलेक्ट्रेट में भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।भाकियू के जिला संगठन मंत्री ने बताया कि ग्राम सभा तक्कीपुर कठरिया के कठरिया गांव में भाकियू टिकैत का धरना 18 मई, 2026 से चल रहा है। उनकी मुख्य मांग गांव में पीने के पानी की उचित व्यवस्था कराना है। किसानों का आरोप है कि वर्तमान में उपलब्ध पानी पीने योग्य नहीं है और दूषित है। किसानों के अनुसार, 2 जून, 2026 को फतेहपुर के डीएम ने तुरंत पानी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया था। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बिजईपुर) से बातचीत भी हुई थी। हालांकि, किसानों का कहना है कि अब तक केवल एक ही हैंडपंप का बोर हो पाया है। किसानों ने बताया कि इस भीषण गर्मी में इंसान के साथ-साथ जानवरों को भी दूषित पानी पीना पड़ रहा है, जिससे बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने डीएम से मांग की है कि वे स्वयं कठरिया गांव आकर स्थिति का जायजा लें। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे कलेक्ट्रेट में बैठकर भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान उन्होंने डीएम को बोतल में भरकर दूषित पानी भी दिखाया और समस्या के तत्काल निदान की मांग की। मौके पर संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्ट्रेट में महिला का आत्मदाह का प्रयास,भाइयों ने मकान पर किया कब्जा
फतेहपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को एक महिला ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अपने ऊपर डीजल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। महिला को
ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवानों ने बचा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, महिला ने जैसे ही माचिस जलाने की कोशिश की, मौके पर मौजूद होमगार्ड जवानों आर.बी. सिंह, अमरेश प्रसाद तिवारी और मंच गुलाम चौधरी ने तत्परता दिखाते हुए उसके हाथ से डीजल की बोतल और माचिस छीन ली। घटना के बाद डीएम कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
आत्मदाह की सूचना मिलते ही एसडीएम समेत अन्य अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और महिला को समझाने का प्रयास किया। जिले के खागा तहसील क्षेत्र के हसनपुर अकोढि़हा गांव निवासी लीलावती पत्नी शिवचरण ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में अपनी आपबीती बताई। लीलावती के अनुसार, उनकी शादी 24 साल पहले हुई थी और दो साल बाद वह पति के साथ अपने मायके लोधी का पुरवा गांव में रहने लगी थीं। लीलावती ने बताया कि उनके पांच भाइयों में सबसे छोटा भाई प्रमोद कुमार अविवाहित था और बीमार चल रहा था। प्रमोद के इलाज पर उन्होंने 6 लाख रुपये खर्च किए थे। मृत्यु से पहले प्रमोद ने स्टाम्प पेपर पर लिखा-पढ़ी कर अपना हिस्सा लीलावती को दे दिया था। लीलावती अपने परिवार के साथ उस मकान में 20 साल तक रहीं। महिला का आरोप है कि 13 नवंबर 2024 को जब वह परिवार सहित एक निमंत्रण में बाहर गई थीं, तो उनके तीन भाइयों ने घर का ताला तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया। वापस आने पर उन्हें घर में घुसने नहीं दिया गया। लीलावती ने बताया कि उनकी तीन बेटियां शादी के लायक हैं और पति मजदूरी करते हैं, इसलिए वे दूसरे स्थान पर झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर हैं। लीलावती ने कहा कि दो साल से अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी जब उन्हें न्याय नहीं मिला, तो उन्होंने हताश होकर डीजल डालकर आत्महत्या करने का यह कदम उठाया।
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे,अधिकारियों ने झाड़ू लगाई
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक वृहद सफाई अभियान चलाया गया। यह अभियान 05 जून से 21 जून तक चलने वाले समेकित जन-कल्याण एवं
जन-जागरूकता अभियान का हिस्सा है। इसकी शुरुआत पत्रकार शिरोमणि गणेश शंकर विद्यार्थी चौराहे से की गई। इस स्वच्छता अभियान में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सुनील कुमार, अधिशासी अधिकारी (नगरपालिका) रविंद्र कुमार और नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष राजकुमार मौर्य सहित अन्य अधिकारियों ने झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। अपर जिलाधिकारी सुनील कुमार ने जनपदवासियों से अपील की कि वे अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखें, कूड़ा सड़क पर न फेंकें और डस्टबिन का उपयोग करें। उन्होंने शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग देने का आग्रह किया। इसी क्रम में सभी नगर पंचायतों में भी अधिशासी अधिकारियों के नेतृत्व में साफ-सफाई अभियान चलाया गया। ग्राम पंचायतों में जिला पंचायत राज अधिकारी और अन्य लोगों के नेतृत्व में वृहद स्तर पर सफाई कार्य किया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि भीषण गर्मी में गंदगी के कारण मच्छर पनपते हैं, जिससे बीमारियां फैलती हैं। उन्होंने लोगों से गंदा पानी इकट्ठा न होने देने का आह्वान किया।
शॉर्ट सर्किट से घर में आग,गृहस्थी जलकर राख
फतेहपुर जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र के मझगवां गांव में बिजली के शॉर्ट सर्किट से बुधवार की दोपहर करीब 2रू00 बजे एक घर में भीषण आग लग गई। आग
इतनी तेजी से फैली कि एक घर से दूसरे घर तक पहुंच गई, जिससे लाखों रुपये की नगदी और घरेलू सामान जलकर राख हो गए। इस घटना से पीडि़त परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार, मझगवां गांव निवासी शिवकरन निषाद पुत्र ललित निषाद मजदूरी के लिए गांव में ही गए थे, तभी उनके घर में आग लगने की सूचना मिली। ग्रामीणों ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि परिवार को घर का सामान निकालने का मौका नहीं मिल सका।
ग्रामीणों ने तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी, लेकिन फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही उन्होंने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। किशनपुर थाना प्रभारी योगेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने पुलिस इमरजेंसी सेवा 112 पर आग लगने की सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अग्निकांड से प्रभावित घरों का जायजा लिया और आवश्यक लिखा-पढ़ी की। उन्होंने बताया कि नुकसान का वास्तविक आकलन करने और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने के लिए राजस्व विभाग की टीम को भी सूचित कर दिया गया है। थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि अग्निकांड का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार यह हादसा विद्युत शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ है। पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही आग लगने के सही कारण का पता चल पाएगा।
