-कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा, जुर्माना भी लगाया
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।उत्तर प्रदेश पुलिस की मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी से राज्य के 4 जिलों की अदालतों ने हत्या और पॉक्सो एक्ट के मामलों में 7 दोषियों को कठोर सजा सुनाई है। पुलिस की मजबूत विवेचना और कोर्ट में ठोस साक्ष्य पेश करने से दोषियों को आजीवन कारावास से लेकर 20-20 साल तक की सजा मिली।
मथुरा जिले के सुरीर थाना में दर्ज धारा 302/34 आईपीसी के मामले में न्यायालय मथुरा ने आरोपी संदीप उर्फ काली और नीतेश उर्फ पुल्ली को कठोर आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। पुलिस की प्रभावी पैरवी से कोर्ट ने हत्या के आरोप में दोनों को दोषी माना।
यूपी के उन्नाव जिले के थाना हसनगंज में पंजीकृत धारा 302 सपठित धारा 34 आईपीसी के मुकदमे में न्यायालय उन्नाव ने आरोपी उत्तम और एक महिला अभियुक्ता को आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा दी। विवेचना में जुटाए गए साक्ष्यों ने दोष सिद्ध करने में अहम भूमिका निभाई।
यूपी के फिरोजाबाद के थाना शिकोहाबाद में दर्ज धारा 137(2)/87/65(2) बीएनएस व 5एम/6 पॉक्सो एक्ट के मामले में न्यायालय फिरोजाबाद ने आरोपी अर्जुन को कठोर आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया। नाबालिग से दुष्कर्म के इस संगीन अपराध में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पुख्ता पैरवी कोर्ट के फैसले की वजह बनी।
यूपी के सम्भल के थाना असमोली में धारा 6 पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में न्यायालय सम्भल ने आरोपी बबली और मोहित को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। पीड़िता को न्याय दिलाने में पुलिस की निरंतर मॉनिटरिंग कारगर साबित हुई।पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर मॉनिटरिंग सेल सभी जघन्य अपराधों की कोर्ट मॉनिटरिंग कर रही है। प्रभावी पैरवी, गवाहों को सुरक्षा और समय पर साक्ष्य पेश करने से सजा दिलाने की दर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पीड़ित परिवारों ने पुलिस की तत्परता पर संतोष जताया है।
