– यूपी ईस्ट में 4.48 करोड़, यूपी वेस्ट में 2.62 करोड़ ग्राहक – 38 लाख घरों में जियो फाइबर, ग्रामीण भारत भी हाई-स्पीड पर
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
*लखनऊ, 1 सितंबर।* 5 सितंबर 2016 को जब रिलायंस जियो ने “फ्री कॉल-फ्री डेटा” के साथ एंट्री की थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि 10 साल में वह यूपी-
उत्तराखंड के टेलीकॉम का चेहरा बदल देगा। आंकड़े गवाही दे रहे हैं।
उत्तराखंड के टेलीकॉम का चेहरा बदल देगा। आंकड़े गवाही दे रहे हैं।*जीरो से 7 करोड़ का सफर -*
अगस्त 2016 में जियो के पास यूपी में एक भी ग्राहक नहीं था। सितंबर 2016 में पहले ही महीने 17.4 लाख यूजर जोड़े और *जून 2026 तक यह आंकड़ा 7.10 करोड़* पहुंच गया। यानी एक दशक में *6.92 करोड़ नेट यूजर* की बढ़ोतरी और *46.2% CAGR* – जो किसी भी टेलीकॉम कंपनी से सबसे तेज है।
*आज की स्थिति -*
जून 2026 तक यूपी ईस्ट और यूपी वेस्ट (उत्तराखंड सहित) में कुल 17.85 करोड़ मोबाइल कनेक्शन हैं, जिनमें से *39.8% अकेले जियो के पास* हैं।
– *यूपी ईस्ट : 4.48 करोड़ यूजर*
– *यूपी वेस्ट + उत्तराखंड : 2.62 करोड़ यूजर*
दोनों सर्किल में जियो नंबर-1 ऑपरेटर।
*सिर्फ मोबाइल नहीं, घर-घर फाइबर -*
जियो ने 38 लाख से ज्यादा घरों और दुकानों को ब्रॉडबैंड से जोड़ा है – यूपी ईस्ट में 19 लाख और यूपी वेस्ट में 19 लाख से ज्यादा परिसरों में *जियो फाइबर और एयर फाइबर* पहुंचा। होम ब्रॉडबैंड में भी जियो लीडर।
*बदलाव की वजह -*
2016 में 1GB डेटा 228 रुपये का था, औसत खपत 0.2 GB महीना, स्पीड 2.5 Mbps। आज 1GB की कीमत 7.9 रुपये, 97% सस्ता। जियो नेटवर्क पर औसत यूजर *43.7 GB महीना* डेटा इस्तेमाल करता है। देश में जून 2026 तक जियो के 53.33 करोड़ ग्राहक, जिनमें 28.5 करोड़ 5G यूजर।
कंपनी ने बांदा, श्रावस्ती, चित्रकूट, सोनभद्र, ओबरा जैसे सुदूर और पिछड़े इलाकों में भी टावर लगाकर डिजिटल क्रांति को गांव-गांव पहुंचाया।
जियो का क्लाउड-नेटिव स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क पूरी तरह स्वदेशी टेक्नोलॉजी पर बना है, जबकि पुरानी पीढ़ी विदेशी वेंडरों पर निर्भर थी।
*10 साल में जियो ने कॉल और डेटा को लग्जरी से रोजमर्रा की जरूरत बना दिया – और यूपी इसका सबसे बड़ा गवाह है।*
