-ग्राम प्रधान,सचिव व जेई को नोटिस जारी,दर्ज होंगी एफआईआर
-तीन सदस्यों की कमेटी नें की थी स्थलीय जाँच, जुटाये थे साक्ष्य
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।अनियमितताओं को लेकर मुख्य विकास अधिकारी सख्त हो गए है।जिले के मोहनलालगंज विकास खंड की ग्राम पंचायत-दखिनाशेखपुर गांव में मनरेगा योजना के तहत ब्रिक व ट्री गार्ड निर्माण कार्य में गड़बड़ी किये जाने की शिकायत पर जाँच में पुष्टि होनें के बाद ग्राम प्रधान व सचिव और एमबी करने वाले जेई को नोटिस जारी कर जबाब तलब किया है। इस मामले में रिकवरी के साथ साथ सीडीओ द्वारा रिपोर्ट भी दर्ज कराई जायेगी।
राजधानी के मोहनलालगंज विकास खंड के दाखिना ग्राम पंचायत के तत्कालीन सचिव मुकेश बाजपेयी व ग्राम प्रधान अशोक कुमार तिवारी व अजय कुमार, तत्कालीन तकनीकी सहायक द्वारा की गई अनियमितता को लेकर बीती 08 अप्रैल 2024 को शिकायतकर्ता उमाशंकर त्रिवेदी नें शिकायत की थी कि तत्कालीन प्रधान नें मनरेगा योजना के तहत 100 ट्री गार्डो के नाम पर सरकारी घनराशि का गबन कर लिया है।
ग्राम पंचायत-दखिनाशेखपुर में वर्ष 2018-19 में मनरेगा योजनान्तर्गत कराये गये वृक्षारोपण सहित ब्रिक ट्री गार्ड निर्माण कार्य की जाँच त्रिसदस्यीय समिति से करायी गयी।जाँच आख्या में कई श्रमिकों द्वारा विरोधाभाषी शपथ पत्र दिये जाने के कारण उपजिलाधिकारी, मोहनलालगंज से बयानों की सत्यता का सत्यापन कराया गया। उपजिलाधिकारी की सत्यापन आख्या के क्रम में त्रिसदस्यीय समिति द्वारा दी गयी अन्तिम जाँच आख्या में ग्राम पंचायत-दविनाशेखपुर विकास खण्ड-मोहनलालगंज, लखनऊ में वित्तीय वर्ष-2016-19 में मनरेगा के तहत कुल दर्शाये गये 100 वृक्षारोपण कार्य मय ब्रिक ट्री गार्ड 18 तालाब और 02 वैदिक आश्रम पर जाने वाले रोड पर जाये गये वृक्षारोपण कार्य पर लगे कुल 15 श्रमिकों के सापेक्ष 11 श्रमिकों नें पूर्व में कार्य करने से इन्कार करने तथा तीन श्रमिकों नें उपजिलाधिकारी के माध्यम से लिखित रूप से यह प्रामणित करते हुये बयान दिया गया है कि वैदिक आश्रम को जाने वाले रोड़ के किनारे उनके द्वारा कोई कार्य नहीं किया गया है। पंचायत भवन से मेन रोड तक लगभग 18 थालों व तालाब के किनारे कार्य किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि शिकायतकर्ता की शिकायत तत्कालीन प्रधान द्वारा मनरेगा योजना के तहत 100 ट्री गार्यों के नाम पर सरकारी धनराशि के गबन की शिकायत प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होती है।
जाँच के दौरान मजदूरों द्वारा यह भी कहा गया है कि इस कार्य के सापेक्ष दर्शायी गई मजदूरी ग्राम में उनके द्वारा किये गये अन्य कार्यों के सापेक्ष प्रदान की गयी है। इस प्रकार कार्यदायी सस्था ग्राम पंचायत द्वारा निर्गत ई-मस्टररोल में दर्ज उपस्थिति में कार्य पर दर्शाये गये 15 के सापेक्ष 14 श्रमिकों द्वारा उक्त कार्य न किये जाने के दिये गये बयान एवं मजिस्ट्रेट के समक्ष दिये गये बयान से प्रथम दृष्टया स्पष्ट होता है कि कार्य पर व्यपहरण किया गया है।जो वसूली योग्य है।
जाँच में यह भी पाया गया है कि ग्राम पंचायत द्वारा कुल 100 वृक्षारोपण मय ब्रिक ट्री गार्ड के निर्माण में एम०बी० के अनुसार ८० 375152/- की एम०बी० की गयी है, जिसके सापेक्ष एम०आई०एस० रिपोर्ट के अनुसार कुल 364158 रूपये किया गया है। 100 वृक्षारोपण ट्री गार्ड में से समिति के अनुसार 18 वृक्षारोपण ट्री गार्ड तालाब के किनारे का कार्य सही पाया गया है एवं 12 पृक्षारोपण का कार्य फर्जी अभिलेख तैयार कर धनराशि का व्यपहरण पाया गया है।इस तरह 82 ट्री गार्ड वृक्षारोपण की धनराशि 298610 रूपये आहरित की गयी है।
सीडीओ नें दी गई नोटिस में कहा है कि कार्यालय आयुक्त ग्राम्य विकास के पत्रों में दी गयी व्यवस्था के अनुरूप वसूली योग्य धनराशि की वसूली सचिव/ कार्य प्रभारी व ग्राम प्रधान एवं कार्य की मॉपी करने वाले अवर अभियन्ता / तकनीकी सहायक में से प्रत्येक से समभाग के अनुपात में किया जाना प्राविधानित है, जिसके अनुसार वसूली होनी है।सीडीओ नें 298610 रूपये की वसूली के लिए 5 दिवस के अन्दर शासकीय धनराशि के दुरुपयोग किये जाने के सन्दर्भ में कहा है कि अपना पक्ष लिखित रूप से मय साक्ष्य प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।अन्यथा पायी गयी अनियमितता के क्रम में मनरेगा शासनादेशों में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप कार्यवाही अन्तिम रूप से अधिरोपित कर दी जायेगी। जिसके लिए आप स्वयं उत्तरदायी होगे।सीडीओ कार्यालय के अफसरों की माने तो इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई जायेगी।
