-राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने पदाधिकारियों को दिए जनपदों में योजनाओं का पर्यवेक्षण व अनुश्रवण के निर्देश
- REPORT BY:K.K.VARMA
- EDITED BY:AAJNATIONAL NEWS
लखनऊ:उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने आयोग के पदाधिकारियों को जनपदों में महिला सम्बन्धी योजनाओं का
पर्यवेक्षण व अनुश्रवण के निर्देश देते हुये जिलाधिकारियों से अपेक्षा की है कि शासन के निर्देशानुसार मिशन शक्ति अभियान फेज़ – 5 का क्रियान्वयन सुचारू रूप से कराया जाये, जिसमें आयोग की सम्बन्धित जनपद की पदाधिकारी को भी आमंत्रित कर कार्यक्रम का संचालन कराया जाये, जिससे प्रदेश की महिलाओं बालिकाओं को शासन द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से चलायी जा रही योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।डा चौहान ने बताया कि शासन द्वारा महिला आयोग के पुनर्गठन के पश्चात आयोग के पदाधिकारियों की मिशन शक्ति योजना के क्रियान्वयन में पर्यवेक्षणीय भूमिका होने के निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये हैं। प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन हेतु शारदीय नवरात्र के पर्व पर ’मिशन शक्ति’ के विशेष अभियान फेज़-5 का शुभारम्भ किये जाने हेतु मुख्य सचिव ओर से भी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा ,माध्यमिक शिक्षा ,उच्च शिक्षा चिकित्सा स्वस्थ्य एवं परिवार कल्याण ग्राम्य विकास पंचायती राज नगर विकास युवा कल्याण राजस्व महिला कल्याण संस्कृति वित्त औद्योगिक विकास एवं सूचना विभाग तथा समस्त पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक को योजना क्रियान्वयन हेतु एक व्यापक कार्ययोजना तैयार कर अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुये मिशन शक्ति का 90 दिवसीय विशेष अभियान के तहत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों को साथ में जोडते हुये उनके द्वारा जन जागरूकता की प्रभात फेरियां निकालने, ग्राम पंचायत व वार्ड में एक दिन कार्यक्रम आयोजित करने, जिसमें बीट पुलिस अधिकारी, ऑगनबाड़ी कार्यकत्री, बीसी सखी, लेखपाल, एएनएम, आशा वर्कर, ग्राम पंचायत अधिकारी, रोजगार सेवक आदि की उपस्थिति निर्धारित दिवस को ग्राम पंचायत वार्ड में सुनिश्चित कराने एवं कार्यक्रमों में ग्राम प्रधानों, सभासदों का समन्वय कर सहयोग लेने, महिला सुरक्षा महिला केन्द्रित विभिन्न सरकारी योजनाओं व हेल्पलाइन फोरम के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करते हुये मौके पर समस्याओं का निस्तारण कराये जाने, महिलाओं में स्व उद्यमिता विकसित करने के लिये स्वयं महिलाओं एवं विभिन्न सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा तैयार किये गये उत्पादों की प्रदर्शनी एवं स्टाल लगवाने, महिलाओं एवं बालिकाओं को स्वस्थ्य के बारे में जागरूकता हेतु चिकित्सा स्वस्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के समन्वय से 1090 की तर्ज पर महिलाओं के लिये महिला स्वस्थ्य हेल्प लाइन की स्थापना करने जैसी अन्यान्य योजनाओं का लाभ प्रदेश की महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिये गये हैं।
-31 दिसम्बर तक खाद्य प्रसंस्करण पदार्थों की जांच में मिलेगी विशेष छूट,शोधकर्ता छात्र छात्राओं को प्रशिक्षण शुल्क में 40 प्रतिशत तक की छूट
लखनऊ के 20 वर्ष पूर्ण होने केउपलक्ष्य में 16 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक खाद्य प्रसंस्करण पदार्थों की जांच में विशेष छूट दिये जाने का निर्णय लिया गया है। 16 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक विभिन्न प्रकार की सम्बन्धित सुविधायें सभी जनमानस को विशेष रियायाती दरों,नि:शुल्क दिये जाने का प्रावधान किया गया गया है। मिलावटी जॉच एवं प्रशिक्षण सम्बन्धी सुविधायें आम जनमानस को विशेष रूप से दी जायेंगी।ग्रहणियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, उद्यमियों, एफपीओ, स्टार्टअप, विश्वविद्यालयों को इस इस विशेष सत्र में खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच न्यूनतम शुल्क 50 रूपये प्रति सैम्पल की दर से किये जाने की सुविधा उपलब्ध होगी।खाद्य पदार्थ निर्माताओं उद्यमियों को क्षेत्रीय खाद्य अनुसंधान एवं विश्लेषण केन्द्र आर-फ्रैक द्वारा निर्धारित शुल्क पर खाद्य पदार्थो की गुणवत्ता जॉच पर 50 प्रतिशत की छूट उपलब्ध होगी। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले छात्र,छात्राओं, महिलाओं, आदि को आर-फ्रैक द्वारा निशुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा, यह छूट 16 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक क्षेत्रीय खाद्य अनुसंधान एवं विश्लेषण केन्द्र आर-फैक लखनऊ वेबसाइट पर आनलाइन रजिस्ट्रेशन करते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 तक प्राप्त कर सकते है।अटल भूजल योजना : दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यकम हुआ सम्पन्न
क्रियान्वयन हेतु लगे लोगों की क्षमता संवर्धन हेतु लगातार प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जा रहा है।दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ द्वारा 09 से 10 अक्टूबर की अवधि में अटल भूजल योजना के अन्तर्गत दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘‘स्टेट लेवल ट्रेनिग प्रोग्राम आन वाटर सिक्योरिटी प्लान, इम्पैक्ट आन दि कम्युनिटी, क्लाइमेटचेंज एण्ड सस्टेनेबिलिटी एण्ड रोल आफ डीपीआई’’ का आयोजन सम्बन्धित ब्लाक समन्वयक, आईईसी एक्सपर्ट, कृषि विशेषज्ञ एवं जिला समन्वयकों हेतु किया गया है।स्वामी नारायण मंदिर छपिया का 22.19 करोड़ से होगा पर्यटन विकास
करोड़ रुपये से पर्यटन सुविधाओं का विकास करेगा। इसमें आठ करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास करने वाला राज्य है। बीते वर्ष 48 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने यूपी का भ्रमण किया। यह वृद्धि निरंतर जारी है। इस वर्ष जनवरी से जून तक 33 करोड़ आगंतुकों ने यहां का रुख किया जिसमें लगभग 11 करोड़ पर्यटक केवल अयोध्या पहुंचे। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्री रामलला के विराजमान होने के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है।गोंडा जिले में स्थित स्वामीनारायण मंदिर छपिया आस्था का केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। आगामी दिनों में यहां पर्यटन और बढ़ेगा। क्योंकि अयोध्या आने वाले पर्यटक छपिया का भी भ्रमण करेंगे। स्वामीनारायण संप्रदाय को मानने वालों की संख्या गुजरात समेत अन्य कई राज्यों में अच्छीखासी है। उनके सामने भी एक साथ छपिया और अयोध्या तथा प्रदेश के अन्य स्थलों पर भ्रमण का अवसर उपलब्ध है। पर्यटन विभाग इस महत्वपूर्ण स्थल पर पर्यटक सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। लगभग 22.19 करोड़ रुपये बस शेल्टर का विकास, मुख्य गेट व अन्य कई गेट का विकास, फसाड लाइटिंग के अलावा अन्य पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उक्त स्थल पर पर्यटक सुविधाएं विकसित होने के बाद पर्यटकों को विशिष्ट अनुभव प्राप्त होगा। हमारा प्रयास है प्रदेश में आने वाले पर्यटक जब यहां से लौटकर जाएं तो प्रदेश की विशेषताओं और आतिथ्य से अन्य लोगों को अवगत कराएं।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास करने वाला राज्य है। बीते वर्ष 48 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने यूपी का भ्रमण किया। यह वृद्धि निरंतर जारी है। इस वर्ष जनवरी से जून तक 33 करोड़ आगंतुकों ने यहां का रुख किया जिसमें लगभग 11 करोड़ पर्यटक केवल अयोध्या पहुंचे। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्री रामलला के विराजमान होने के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है। जयवीर सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में यहां पर्यटन और बढ़ेगा। क्योंकि अयोध्या आने वाले पर्यटक छपिया का भी भ्रमण करेंगे। इसके अलावा स्वामीनारायण संप्रदाय को मानने वालों की संख्या गुजरात समेत अन्य कई राज्यों में अच्छी खासी है। उनके सामने भी एक साथ छपिया और अयोध्या तथा प्रदेश के अन्य स्थलों पर भ्रमण का अवसर उपलब्ध है। पर्यटन विभाग इस महत्वपूर्ण स्थल पर पर्यटक सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। लगभग 22.19 करोड़ रुपये बस शेल्टर का विकास, मुख्य गेट व अन्य कई गेट का विकास, फसाड लाइटिंग के अलावा अन्य पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।जयवीर सिंह ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए लिखा पत्र
ऐतिहासिक बनाने के लिए सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए अनुरोध किया है।केन्द्रीय मंत्री को लिखे गए पत्र में जयवीर सिंह ने कहा कि अगले साल महाकुम्भ 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया है। इसको अलौकिक एवं यादगार बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। इस महा धार्मिक समागम में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना है। इसके अलावा विदेशों में हिन्दू बाहुल्य देशों से भी श्रद्धालुओं को अध्यात्मिक एवं धार्मिक पुण्य प्राप्त करने के लिए सनातन संस्कृति से जुड़े श्रद्धालुओं को प्रेरित करने के लिए भारत स्थित विदेशी राजदूतों को भी निमंत्रण भेजा गया है। जयवीर सिंह ने लिखा है कि महाकुम्भ को वैश्विक बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार राजदूतों, उच्चायुक्तों को निमंत्रण भेजा है। इस मेले की महत्ता एवं भव्यता को देखते हुए आपसे अनुरोध है कि भारत में विदेशी राजदूतों को अपनी ओर से आग्रह करने का कष्ट करें, जिससे महाकुम्भ सांस्कृतिक एवं अध्यात्मिक प्रचार-प्रसार के लिए अंतर्राष्ट्रीय मंच बन सके। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित राजदूतों को पत्र भी भेज दिया गया है।मंत्री कपिल देव ने रतन टाटा को दी श्रद्धांजलि, बताया अपूरणीय क्षति
संस्थान, मेरठ रोड, मुजफ्फरनगर में आयोजित शोकसभा में उद्योग जगत के दिग्गज, स्वर्गीय रतन टाटा को श्रद्धांजलि अर्पित की।पर्यटन मंत्री ने महाकुंभ के लिए विभिन्न देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों को दिया निमंत्रण
2025 का साक्षी बनने के लिए प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने लगभग 34 देशों के राजनायिकों, राजदूतों तथा उच्चायुक्तों को निमंत्रण पत्र भेजा है। उन्होंने निमंत्रण पत्र में भारत की समृद्धि सांस्कृतिक विरासत अध्यात्म, देवत्व तथा अध्यात्मिकता की ओर ध्यान आकृष्ट करके महाकुंभ में भागीदार बनने के लिए अनुरोध किया है। जयवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 34 देशों में से 16 देशों को निमंत्रण पत्र भेजा जा चुका है और शेष को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। भारत स्थित विभिन्न देशों के राजदूतों को पत्र भेजा गया है, उनमें नेपाल, मारीशस, इण्डोनेशिया, श्रीलंका, मलेशिया, गुयाना, कनाडा, कम्बोडिया, दक्षिण अफ्रीका, त्रिनिदाद और टुबैगो, नीदरलैण्ड, फ्रांस, फीजी, सूरीनाम, यूनाईटेड किंगडम रियूनियन, सिंगापुर, यूएसए, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैण्ड, केन्या, इटली, जमैका शामिल हैं। इसके अलावा सेशेल्स, स्पेन, यूक्रेन, यूथोपिया, जाम्बिया, मेडागास्कर, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, म्यांमार, जर्मनी तथा भूटान शामिल हैं।उन्होंने बताया कि भारत में तैनात राजदूतों एवं उच्चायुक्तों से यह भी आग्रह किया गया है कि वह अपने-अपने देश के भारत की सनातन संस्कृति में आस्था रखने वाले हिन्दू एवं अन्य श्रद्धालुओं एवं नागरिकों को महाकुंभ में शामिल होने के लिए प्रेरित करें। इस आयोजन में अंतर्राष्ट्रीय तथा देशी-विदेशी पर्यटक श्रद्धालु भाग लेंगे। महाकुंभ में लगभग 50 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। जयवीर सिंह ने निमंत्रण पत्र में यह भी कहा है कि महाकुंभ का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। यह प्राचीनकाल से आयोजित होता चला आ रहा है। उन्होंने राजदूतों को अवगत कराया है कि महाकुंभ में उनकी सहभागिता से वैश्विक स्तर पर भाईचारा तथा शांति के प्रयासों को गति मिलेगी। उन्होंने यह भी लिखा है कि महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़े आस्था के केन्द्र के रूप में आयोजित होगा। यह पवित्र धार्मिक आयोजन एक लम्बे अध्यात्मिक यात्रा का सहभागी है और भारत की विविधिता में एकता का परिचायक भी है। महाकुंभ अध्यात्मिक समृद्धि को बढ़ाने तथा विभिन्न मतान्तर के लोगों में आस्था के प्रति समर्पण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में कार्य करेगा।
त्वरित आर्थिक विकास योजना: गोरखपुर हेतु 328.42 लाख रूपये मंजूर
रतन टाटा के निधन पर भूपेंद्र चौधरी दुखी
उत्तर प्रदेश सरकार ने लांच किया जीसीएपी वर्ल्ड सॉफ्टेक के साथ स्कॉलर प्लैनेट ऐप
नगर में आयोजित किया गया । यह ऐप छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक समग्र डिजिटल प्लेटफार्म प्रदान करता है, जो शैक्षिक अनुभवों को आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।