-बिरसा मुंडा ने दिया था ‘अपना देश, अपना राज्य’ का अमर संदेश-योगी
-प्रधानमंत्री के एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार कर रहा जनजातीय भागीदारी उत्सव-जयवीर
- REPORT BY:K.K. VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
नवंबर तक जनजातीय भागीदारी उत्सव की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोजन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार समाज कल्याण असीम अरुण की गरिमामय उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने ढ़ोल की थाप से कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से 1 नवंबर से 15 नवंबर तक जनजातीय गौरव पखवाड़ा मनाया जा रहा है ताकि जनजाति समुदाय को अपनी परंपरा, संस्कृति, व्यंजन, कला और संगीत आदि पर गर्व की अनुभूति हो। लखनऊ में आयोजन सांस्कृतिक समागम का बड़ा उत्सव है। पूर्वाेत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश हमारा सहभागी बना है।राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार समाज कल्याण विभाग असीम अरुण,पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने मुख्यमंत्री को विभिन्न राज्यों के स्टॉलों का निरिक्षण करवाया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में जनजातीय भागीदारी उत्सव में विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, उपाध्यक्ष बेचन राम और अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण विभाग एल वेंकटेश्वर आदि उपस्थित रहे।
2047 तक यूपी बनेगा विकसित राज्य,कृषि क्षेत्र से 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान का लक्ष्य-शाही
संकल्प लिया है। यह संकल्प नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से पूरा होगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने यह बात आज कृषि भवन में “विकसित उत्तर प्रदेश–2047” विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। इस अवसर पर कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख भी उपस्थित रहे।2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का है।नागरिकों की भागीदारी से समृद्ध, समान व सम्मानित राज्य का निर्माण होगा।श्री शाही ने कहा,कृषि विभाग 17 नवम्बर को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में जन संवाद एवं विचार मंथन कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है।नीतिआयोग से परामर्श लेकर कृषि विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा।उन्होंने बताया कि देश की कुल कृषि भूमि में अकेले यूपी की11 फीसदी भागीदारी है।देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में यूपी का 21.58 प्रतिशत योगदान है। गेहूँ, चावल, गन्ना और आलू उत्पादन में यूपी अव्वल है।बाजरा, मसूर, राई और सरसों में द्वितीय तथा दलहन उत्पादन में चतुर्थ स्थान पर है।आलू उत्पादन 244.65 लाख मीट्रिक टन है जो देश में 40.7 प्रतिशत योगदान करता है।सब्जियों का उत्पादन 423.54 लाख मीट्रिक टन है जो देश में 19.3 प्रतिशत योगदान करता है।दुग्ध उत्पादन 414 लाख मीट्रिक टन है जो देश में 16.2 प्रतिशत योगदान करता है।मछली उत्पादन 1330 लाख मीट्रिक टन है जो देश में 8 प्रतिशत योगदान करता है।कृषि सेक्टर की सकल राज्य मूल्य संवर्धन जीएसवीए 2016-17 में ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 4.37 लाख करोड़ रुपए हो गई है।उन्होंने कहा कि बजलवायु संरक्षित खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।बीहड़, बंजर और ऊसर भूमि के सुधार पर बल दिया जाएगा।प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।कृषि निर्यात और मूल्य संवर्धन को बढ़ाने पर जोर रहेगा।वर्ष 2047 तक कृषि क्षेत्र से 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों की तर्ज पर वैश्विक कृषि शोध संस्थान स्थापित किए जाएंगे।निर्यात और प्रसंस्करण उन्मुख क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।किसानों को फसल बीमा के अंतर्गत अधिकतम कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा।क्षतिपूर्ति समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।नवीनतम कृषि तकनीकों के लिए किसानों को प्रशिक्षण व एक्सपोजर विजिट कराई जाएगी।वर्ष 2047 तक कृषि क्षेत्र से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि को टिकाऊ, लाभकारी और तकनीक आधारित बनाने का लक्ष्य है।विहिप नेता को जेल भिजवाने वाली एडीएम ऋतु पूनिया पर गिरी गाज
को उनके पद से हटा दिया गया है। शासन स्तर से की गई इस कार्रवाई के तहत, ऋतु पूनिया को लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।उनकी जगह प्रसून द्विवेदी को जिले का नया एडीएम वित्त एवं राजस्व बनाया गया है। प्रसून द्विवेदी मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी के पद पर तैनात थे।यह कार्रवाई विहिप नेता प्रिंस गौड़ को जेल भेजे जाने के बाद जिलेभर में फैले हिंदू संगठनों के कड़े विरोध के बाद हुई है।विहिप नेता प्रिंस गौड़ ने शहर की एक निर्माणाधीन कॉलोनी में बनाई जा रही मजार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। प्रिंस गौड़ ने एडीएम ऋतु पूनिया पर कॉलोनाइजर को संरक्षण देने और उनके पति के लिए ठेके दिलवाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए बरेली मंडलायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत पर जब कमिश्नर ने एडीएम से जवाब मांगा, तो ऋतु पूनिया नाराज हो गईं। उन्होंने विहिप नेता प्रिंस गौड़ के खिलाफ रंगदारी और सरकारी कार्य में बाधा जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करवा दिया।पुलिस ने 8 नवंबर को विहिप नेता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिसके बाद जिलेभर के हिंदू संगठनों में गुस्सा फैल गया।जेल भेजे जाने के तुरंत बाद प्रिंस गौड़ की शनिवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा। विहिप के प्रांतीय पदाधिकारियों ने इस कार्रवाई को द्वेषपूर्ण और हिंदू नेता को नीचा दिखाने के उद्देश्य से की गई राजनीतिक कार्रवाई बताया था।11 नवंबर को विहिप संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ को सीजेएम कोर्ट से जमानत मिल गई। विवेचना के दौरान साक्ष्य के अभाव में कई गंभीर धाराओं को हटा दिया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें राहत दी।एसआईआरडी मे विभिन्न विषयो पर विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब लखनऊ में सरकारी,
अर्धसरकारी विभाग,संस्थाओ के अधिकारियों व कर्मचारियों व विभाग व रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें और अधिक दक्ष व सक्षम बनाने का कार्य किया जा रहा है। दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब द्वारा संस्थान के महानिदेशक एल वेंकटेश्वर लू व प्र. अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के प्रशासनिक नियन्त्रण में संस्थान प्रांगण के अन्तर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब द्वारा संस्थान के अन्तर्गत आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमो के तहत 10 से 15 नवंबर, तक केन्द्रीय सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंध संस्थान नई दिल्ली द्वारा स्नातक परीक्षा2024 के माध्यम से चयनित हुए 279 भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में नियुक्त अधिकारियों को संस्थान प्रथम चरण में 74 अधिकारियों को जनपद लखनऊ की तहसील, विकास खण्ड, कोतवाली, ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित शासकीय संस्थाओं-प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, ग्राम पंचायत भवनों, गौशालाओं तथा अमृत सरोवरों के व्यवहारिक अध्ययन व आकलन हेतु, ‘विलेज अटैचमेंट’ विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 10 से 12 नवंबर तक प्राथमिक विद्यालयों के 100 अध्यापकों हेतु, ‘लर्निंग बाई डूइंग’ विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुए। 10 से 14 नवंबर तक जनपद स्तरीय 30 अधिकारियों हेतु, ‘जलवायु परिवर्तन-जलवायु जनित आपदाओं के अनुकूलन पर क्षमता संवर्धन’ विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन, संस्थान के महानिदेशक एल वेंकटेश्वर लू के संरक्षण व अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के प्रशासनिक नियंत्रण में किया जा रहा है।
संस्थान के महानिदेशक एल वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में मिशन कर्मयोगी एवं शासकीय सेवाओं में नैतिक व मानवीय गुणों के परिप्रेक्ष्य में, विशिष्ट अतिथि वार्ताकारों डा किशन वीर सिंह शाक्य, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पूर्व वरिष्ठ सदस्य लोक सेवा आयोग आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ रंजीत रंजन तथा यूनिसेफ के विद्वान कार्यक्रम अधिकारी आपदा की गरिमामयी उपस्थिति में प्रशिक्षण कार्यक्रमों से सम्बन्धित विषयगत वार्ताकारों द्वारा विषयानुक्रम बिन्दुओं पर प्रासंगिक एवं उपयोगी व्याख्यान दिए गए।अध्यक्षीय उद्बोधन के अन्तर्गत महानिदेशक संस्थान एल वेंकटेश्वर लू द्वारा प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि आप सब जहां पर भी हैं या जिस पद पर हैं उसको निष्ठा, लगन, मेहनत व ईमानदारी पूर्वक निभायें। कोई भी पद जनहित की दृष्टि से छोटा या बड़ा नही होता है। बड़े पदों पर रहते हुए कतिपय अधिकारियों द्वारा प्रतिष्ठा प्राप्त नहीं कर पाते हैं, परन्तु कभी-कभी छोटे पदों पर, कार्य करने वाले कर्मचारी जनहित में अत्यधिक प्रतिष्ठा प्राप्त कर लेते हैं। हम सभी अधिकतर ग्रामीण अंचल से ही सम्बन्धित है। आम ग्रामीण का बहुधा कार्य विकास खण्ड, तहसील, पुलिस थाने तथा विद्युत विभाग से पड़ता है, जहां के कर्मचारी अधिकारी ग्रामीण अंचल के ही होते हैं। ऐसी दशा में अपने ही भाई-बन्धुओं के प्रति कभी भी उपेक्षित व सौतेला व्यवहार नहीं करना चाहिए। अच्छे कार्यों को करने से, स्वयं अत्यधिक सन्तोष प्राप्त होता है। हमको अपने पूर्वजों व ऋषि-मुनियों के आदर्शाे को ध्यान में रखकर भारत को विश्व गुरु बनाने में उत्कृष्ट ध्यान देते हुए, शासन द्वारा प्रदत्त कार्यों का निष्पादन करना चाहिए।
छुट्टा गोवंश के भरण-पोषण हेतु 2 अरब 50 करोड़ रूपये स्वीकृत
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के छुट्टा गोवंश के भरण-पोषण हेतु 2 अरब 50 करोड़ रूपये की धनराशि वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वीकृत की है। तृतीय किश्त के रूप में स्वीकृत धनराशि का व्यय अस्थाई गोवंश आश्रय की स्थापना, संचालन व संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण हेतु किया जायेगा। आवंटित धनराशि का उपयोग अधिकतम 50 रूपये प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से किया जायेगा। इस संबंध में पशुधन विभाग द्वारा शासनादेश जारी करते हुए निदेशक, प्रशासन विकास पशुपालन विभाग को अस्थाई गोवंश आश्रय के सुचारू संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।
बहुउद्देशीय सचल पशुचिकित्सा सेवायें हेतु 125.70 लाख़ स्वीकृत
प्रदेश सरकार ने प्रदेश में पशु चिकित्सा सेवायें तथा पशु स्वास्थ्य के तहत बहुउद्देशीय सचल पशुचिकित्सा सेवाओं के सुनियोजित क्रियान्वयन के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1 करोड़ 25 लाख 70 हजार मात्र रूपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस संबंध में पशुधन विभाग द्वारा शासनादेश जारी करते हुए निदेशक, रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र, पशुपालन विभाग को योजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।
शासनादेश में निर्देशित किया गया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि का आहरण/व्यय अनुमोदित कार्ययोजना एवं योजना हेतु निर्धारित गाइडलाइन्स का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए व्यय विवरण सहित उपयोगिता प्रमाण-पत्र शासन को उपलब्ध कराया जाएगा।
राष्ट्रीय बाल दिवस पर आज इन्दिरा गांधी नक्षत्रशाला में निःशुल्क आधार कैम्प एवं विविध खगोलकीय प्रतियोगिताएँ
इन्दिरा गांधी नक्षत्रशाला लखनऊ द्वारा राष्ट्रीय बाल दिवस के अवसर पर 14 नवम्बर को नक्षत्रशाला परिसर में एक दिवसीय विशेष आयोजन
किया जा रहा है। इस कैम्प में बच्चों सहित आगंतुकों के नए आधार कार्ड निःशुल्क बनाए जाएंगे तथा पुराने आधार कार्ड में संशोधन अपडेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। आधार कैम्प का संचालन प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक किया जाएगा।बाल दिवस के उपलक्ष्य में नक्षत्रशाला द्वारा विद्यार्थियों के लिए विविध खगोल-विज्ञान आधारित प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जा रहा है, जिनमें प्रमुख रूप से सूर्य दर्शन कार्यक्रम, एस्ट्रोनॉमी चित्रकला प्रतियोगिता, खगोल क्विज़ प्रतियोगिता, तथा एस्ट्रोनॉमी जिंगल लेखन प्रतियोगिता शामिल हैं। प्रतियोगिताएँ प्रातः 10 बजे से आरंभ होंगी। इन प्रतियोगिताओं में कक्षा 06 से 12 तक के विद्यार्थी निःशुल्क प्रतिभाग कर सकते हैं। प्रतिभागियों को नक्षत्रशाला द्वारा प्रतिभाग प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। प् प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा 15 नवम्बर को की जाएगी तथा उन्हें विशेष पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
ईको टूरिज्म विकास बोर्ड एवं बीवीजी इंडिया लिमिटेड के बीच समझौता
-चंदन चौकी में 5 एकड़ में बनेगा नेचर एंड वेलनेस टूरिज्म का नया केंद्र-जयवीर
उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध ईको टूरिज्म स्थल दुधवा नेशनल पार्क अब पर्यटन के नए अध्याय लिखने जा रहा है। लखीमपुर खीरी के चंदन चौकी
गांव में करीब पांच एकड़ क्षेत्रफल में ‘होलिस्टिक वेलनेस टूरिज्म’ थीम पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विशेष आवासीय पर्यटन इकाई विकसित की जाएगी। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह पहल दुधवा को केवल वन्यजीव प्रेमियों का प्रमुख गंतव्य ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, प्रकृति और शांति की तलाश में आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक आदर्श अनुभव केंद्र बनाएगी। पर्यटकों के लिए विभिन्न श्रेणी के लग्जरी कॉटेज बनाए जाएंगे। ये कॉटेज न केवल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होंगे। बल्कि प्रकृति के बीच सुकूनभरा अनुभव भी देंगे। परिसर में पर्यटकों के विशिष्ट अनुभव लिए खेलकूद सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। आगंतुकों के लिए योग, ध्यान और वेलनेस की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
इन सुविधाओं की बुकिंग उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और ईको टूरिज्म विकास बोर्ड की वेबसाइट्स पर उपलब्ध होगी। संचालन और अनुरक्षण हेतु उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड एवं बीवीजी इंडिया लिमिटेड के बीच एग्रीमेंट हुआ है। इस अवसर पर महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार द्वितीय, अपर निदेशक ईको टूरिज्म विकास बोर्ड पुष्प कुमार के और कंपनी के चीफ ग्रोथ ऑफिसर जीतेंद्र वालिया मौजूद रहे। दुधवा न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत का एक प्रमुख ईको डेस्टिनेशन है। यहां प्रस्तावित वेलनेस यूनिट घरेलू और विदेशी पर्यटकों को प्रकृति की गोद में लग्जरी और वेलनेस का अद्भुत अनुभव देगी। परियोजना से दुधवा क्षेत्र में पर्यटन नई ऊंचाइयों को छुएगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अनेक अवसर सृजित होंगे।
अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह-2025 का शुभारम्भ आज
उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी बैंक द्वारा 72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह-2025 का शुभारम्भ समारोह कल 14 नवम्बर को अपरान्ह 12 बजे चौधरी चरण सिंह ऑडिटोरियम सहकारिता भवन में आयोजित किया जा रहा है। जिसका विषय “संचालन दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ाने हेतु डिजिटलीकरण को प्रोत्साहित करना” है।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर उपस्थित रहेंगे।
प्रदेश के अर्थव्यवस्था आएगी वन ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर
प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉक्टर एमके शन्मुगा सुंदरम ने अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के अर्थव्यवस्था
को 1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर लाए जाने तथा औद्योगिक वातावरण के सुदृढ़ीकरण हेतु बिजनेस नीति के अंतर्गत शासनादेश 12 नवंबर जारी करते हुए संपूर्ण प्रदेश में स्वरू प्रमाणन व्यवस्था एवं थर्ड पार्टी ऑडिट योजना लागू की गई है। प्रणाली के अंतर्गत कम जोखिम वाले प्रतिष्ठान कारखाने गैर-खतरनाक द्वारा प्रमाण व्यवस्था अंगीकार किया जाने पर 5 वर्ष की अवधि में उनका केवल एक बार संयुक्त निरीक्षण रेंडम आधार पर किया जाएगा जिससे एक बार निरीक्षण किए जाने के पश्चात निरीक्षित प्रतिष्ठान 5 वर्ष की अवधि में निरीक्षण से मुक्त रहेंगे। कम जोखिम वाले ऐसे प्रतिष्ठान कारखाने गैर-खतरनाक, जो स्व-प्रमाणन व्यवस्था को अंगीकार नहीं करते हैं, उनके और मध्यम जोखिम वाले कारखानो खतरनाक और प्रतिष्ठानों के निरीक्षण उद्यमियों द्वारा थर्ड पार्टी का विकल्प चुनने पर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त थर्ड पार्टी द्वारा 3 वर्ष में एक बार किए जाएंगे। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नीति के अंतर्गत कम जोखिम वाले कारखाने में श्रम कानून में प्रावधानित उपबंधों का अनुपालन कराए जाने में अधिकारियों का हस्तक्षेप और सहभागिता को न्यून किए जाने की दृष्टिगत थर्ड पार्टी द्वारा निरीक्षणों का विकल्प उद्यमियों को उपलब्ध कराया गया है।
स्टार्टअप नीति के अंतर्गत स्थापित होने वाले गैर-खतरनाक श्रेणी के कारखानो प्रतिष्ठानों इनक्यूबेटर्स उत्कृष्टता केंद्रों की इकाई स्थापित होने एवं निवेश-मित्र पोर्टल पर प्रदर्शित होने के दिनांक से 10 वर्ष तक अथवा जब तक उनकी स्थिति स्टार्टअप के रूप में नहीं हो जाती, जो भी पहले हो स्व-प्रमाणन के अंतर्गत आवेदन के आधार पर श्रम अधिनियमों के अनुरूप निरीक्षण से छूट होगी तथा श्रम कानूनो के उल्लंघन शिकायत की स्थिति में कोई निरीक्षण उक्त अवधि तक नहीं किया जाएगा जब तक उल्लंघन की विश्वसनीयता और सत्यापन योग्य लिखित शिकायत प्राप्त न हो अथवा कारखाने में कोई दुर्घटना घटित न हो, ऐसा होने पर श्रम आयुक्त, उत्तर प्रदेश की अनुमति से निरीक्षण किया जा सकता है।थर्ड पार्टी निरीक्षण प्रणाली लागू होने से प्रदेश में कम जोखिम वाले कारखाने, दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान स्व-प्रमाणन व्यवस्था को अंगीकार किये जाने पर निरीक्षण कार्यवाही से मुक्त रहेंगे, जिससे उनके उद्योग एवं व्यापार में किसी प्रकार का विभागीय हस्तक्षेप नहीं होगा और प्रदेश में निवेशोन्मुखी वातावरण का सृजन सुनिश्चित होगा। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर ले जाने में सहयोग प्राप्त होगा।
आधी आबादी के स्वावलंबन की मिशाल बनी बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन ग्राम्य विकास विभाग द्वारा प्रदेश में
दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़ी ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूह एवं अन्य सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से संगठित करते हुए उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विभिन्न प्रकार की कृषि एवं गैर-कृषि आधारित आजीविका से जोड़ते हुए उन्हें लखपति महिला बनाने हेतु युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है, विभिन्न विभागो द्वारा संचालित योजनाओं से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ा जा रहा है ताकि वे सालाना कम से कम एक लाख या उससे अधिक की आय अर्जित कर सकें।ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा सकारात्मक व प्रभावी कदम उठाए गये हैं। इसी कड़ी में बुन्देलखण्ड में संचालित बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। बलिनी आधी आबादी के स्वावलंबन की मिशाल बन गयी है। कम्पनी दुग्ध उत्पादकों से दुग्ध एकत्र करने के बाद उसे संरक्षित कर बेचती हैं। महिलाओं की इस साहसिक पहल ने उनकी आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चलाई जा रही कम्पनी सदस्यों को पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था, कृत्रिम गर्भाधान, गुणवत्तायुक्त पशु आहार आदि सुविधाएं भी मुहैया करा रही है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी की स्थापना 2019 में झांसी में की गयी थी। कम्पनी का उद्देश्य सदस्य उत्पादकों को विशेष रूप से महिलाओं के हितों की रक्षा करना है। दूध उत्पादकता बढ़ाने के लिए पारदर्शी तरीका, समय पर भुगतान, क्षमता निर्माण, एवं पशुधन सहायता सेवा में प्रदान करने के अपने इन उद्देश्यों को पूरा करने में बलिनी आज बड़ा नाम बन चुकी है। बलिनी में अपने संग्रह से भण्डारण तक की प्रक्रिया में बिचौलियों को दूर रखा गया है, इससे सीधे किसानों को भी लाभ मिल रहा है।बुन्देलखण्ड क्षेत्र के अन्तर्गत सातों जनपदों के 1351 ग्रामों से 90 हजार महिलाओं द्वारा प्रतिदिन 2.72लाख लीटर दुग्ध का संग्रह किया जा रहा है। अभी तक 02 हज़ार करोड़ का कारोबार करते हुए 1677 करोड़ का भुगतान पूर्ण करते हुए 31 करोड़ का लाभांश अर्जित किया गया है। कम्पनी में 20000 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
