- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
नई दिल्ली: मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय गिरोहों और भगोड़े अपराधियों पर नकेल कसने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके निर्वासन और प्रत्यर्पण की प्रक्रियाओं में तेजी लाने को कहा है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मादक पदार्थ निरोधक कार्यबलों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देने वाले और विदेशी धरती पर सक्रिय लोगों को जल्द ही भारतीय कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने सामूहिक कार्रवाई का आह्लान किया।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मादक पदार्थों पर अंकुश लगाने से न केवल इनके दुरुपयोग पर अंकुश लगता है बल्कि आतंकवाद और संगठित अपराध के लिए धन जुटाने के रास्ते भी बंद होते हैं।अब रामय आ गया है उन लोगों को कानून के दायरे में लाने का, जो विदेशों में बैठकर हमारे देश में नशे का व्यापार में ढकेलते हैं।
प्रक्रियाओं के प्रति व्यावहारिक और उदार दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीबीआई ने इसको लेकर बहुत अच्छा काम किया है। मेरी सभी कार्यबलों के अध्यक्षों से अपील है कि सीबीआई की मदद से भगोड़ों के प्रत्यर्पण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। यह टेररिज्म से लेकर गिरोहों तक, सभी में मदद करेगा। अपराधियों के साथ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए लेकिन उनके निर्वासन की प्रक्रियाओं के प्रति अधिक व्यावहारिक और उदार दृष्टिकोण अपनाए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय इसके लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर रहा है।
देश में पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में हो रहा काम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी का छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों की गिरफ्तारियों के माध्यम से अब देश में सक्रिय पूरे मादक पदार्थ नेटवर्क की ध्वस्त करने की दिशा में काम किया जा रहा है। मादक पदार्थों की तस्करी के बाद इसे तीन स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जाता है। देश में प्रवेश बिंदुओ पर सक्रिय तस्कर इन पदार्थों को लेते हैं और उन्हें विभित्र राज्यों में मादक पदार्थों को वितरित करने के लिए ज़िम्मेदार सिंडिकेट और स्थानीय स्तर के नेटवर्क को पहुंचाते हैं।यही नहीं वह अंत में इसे पान की दुकानों और गली मोहल्लों के माध्यम से छोटे पैकेट (पुड़िया) बनाकर बेचा जाता है।
नशे के खिलाफ उठाने पड़ेंगे त्रिकोणीय रणनीति के तहत कदम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मादक पदार्थों की समस्या सीधे तौर पर आतंकवाद और अन्य संगठित अपराधों के वित्तपोषण रो जुड़ी है और इसे खत्म करने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। नशे के खिलाफ इस लड़ाई में हमें त्रिकोणीय रणनीति के तहत कदम उठाने पड़ेंगे। ड्रग्स की सप्लाई चेन के लिए हमारा स्थलेस अप्रीय होना चाहिए, डिमांड रिडक्शन में एक स्ट्रैटेजिक अप्रोच होना चाहिए और हार्म रिडक्शन में ह्यूमन अप्रोच होना चाहिए। इन तीनों अप्रोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
नशा मुक्त भारत अभियान में एंटी-नारकोटिका टास्क फोर्स की निर्णायक भूमिका
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यूपीए सरकार में 40 हजार करोड़ रुपये के ड्रग्स पकड़े गए थे, वहीं एनडीए की सरकार में बीते 10 सालों में 65 हजार करोड़ के ड्रग्स पकड़े गए हैं, जो बहुत बड़ी उपलब्धि है।जहां से पूरी दुनिया को नशीली दवाओं की आपूर्ति की जाती है, हमारे करीब है, और हमारे देश में युवाओं की एक बड़ी आबादी है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम मिलकर काम करें।
नशा मुक्त भारत अभियान में एंटी-नारकोटिका टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की निर्णायक भूमिका है।
जिसकी सुरक्षा की दीवारें अभेद होगी उन्हें कोई भेदने की नहीं करेगा कल्पना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह अभियान तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक कि प्रत्येक जिला, प्रत्येक जिला पुलिस इकाई और प्रत्येक जिला शिक्षा अधिकारी अपने लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह जागरूक और संवेदनशील न हो। प्रधानमंत्री ने 20047 तक एक महान भारत के निर्माण का सपना देखा है,एक ऐसा राष्ट्र जो हर क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी होगा। एक ऐसा भारत जो पूर्णतः विकसित होगा, जिसकी सुरक्षा की दीवारें इतनी अभेद होगी कि कोई उन्हें भेदने की कल्पना भी नहीं कर सकता। अगर हमें ऐसा महान भारत बनाना है, तो अपनी युवा पीढ़ी को नमी के खातरे से बचाना नितांत आवश्यक है।इस अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निर्देशक तपन डेकर, नारकोटिक्स कंट्रीत ब्यूरो के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
