-बीते वर्ष की तुलना में इस 14.76 प्रतिशत अधिक मिला राजस्व- नितिन अग्रवाल
-विशेष प्रवर्तन अभियान में 27,108 मुकदमे दर्ज, 7.04 लाख लीटर अवैध शराब बरामद,अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त 6,010 व्यक्तियों को किया गया गिरफ्तार
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। यूपी के आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने पत्रकारों से कहा कि आबकारी विभाग नें वर्ष 2024-25 में 52,297.08 करोड़ रुपये राजस्व अर्जित किया है।जो अब तक का सर्वाधिक वार्षिक राजस्व है।बीते वर्ष 2023-24 में प्राप्त राजस्व ₹45,570.47 करोड़ से ₹6,726.61 करोड़ अर्थात् 14.76 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2022-23 में आबकारी विभाग द्वारा ₹41,252.24 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया था। इस प्रकार वर्ष 2023-24 में प्राप्त राजस्व 45,570.47 करोड़ वर्ष 2022-23 की तुलना में 4,318.23 करोड़ अर्थात् 10.47 प्रतिशत अधिक था। प्रतिशत दर में इस वित्तीय वर्ष की बढ़ोत्तरी 14.76 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष की बढ़ोत्तरी 10.47 प्रतिशत से अधिक है।आबकारी मंत्री नें अपने आवास पर मीडिया प्रतिनिधयों से बात करते हुये कहा कि वर्ष 2025-26 हेतु मदिरा और बीयर की फुटकर बिक्री की दुकानों का व्यवस्थापन ई-लाटरी से हुआ था। विदेशी मदिरा एवं बीयर की पृथक-पृथक दुकानों की जगह अब कम्पोजिट दुकानें तैयार की गईं हैं।जहॉ विदेशी मदिरा एवं बीयर की एक साथ बिक्री की जा रही है। प्रदेश में देशी शराब की 16,052 फुटकर बिक्री की दुकानों में से प्रथम चरण की ई-लाटरी में 15,662 तथा द्वितीय चरण की ई-लाटरी में 366 दुकानों का व्यवस्थापन कराया गया। वर्ष 2024-25 में विदेशी मदिरा की 6,563 दुकानें तथा बीयर की 5,970 दुकानें थी।इस प्रकार विदेशी मदिरा एवं बीयर की कुल 12,533 दुकानें संचालित थी, जिसको वर्ष 2025-26 में घटाकर 9,362 कम्पोजिट दुकानें खोली गयी, जिसमें से प्रथम चरण की ई-लाटरी में 9,316 दुकानों का तथा द्वितीय चरण की ई-लाटरी में शेष बची 46 दुकानों का व्यवस्थापन सम्पन्न कराया गया। दुकानों की संख्या में कमी के बाद भी प्रदेश का आबकारी राजस्व सुरक्षित रहा। ई-लाटरी की प्रक्रिया में प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में विभाग को 2,318.77 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
निवेशकों के साथ 137 एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित,39,708.21 करोड़ रुपये के निवेश की सम्भावना
आबकारी मंत्री ने औद्योगिक हित में आबकारी विभाग से हुये एम.ओ.यू. की जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न निवेशकों के साथ 137 एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित हुए हैं। इससे 39,708.21 करोड़ रुपये के निवेश की सम्भावना है। उक्त ए.ओ.यू. में कुल 72,474 रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने बताया कि बिना एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित 2,296 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 46 प्रोजेक्ट ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार है। इनकी स्थापना से 7,888.73 करोड रुपये का निवेश होगा और 10,957 लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2022-23 से पी.डी.-33 के 17 एवं पी.डी.-2 के 19 अनुज्ञापन निर्गत किये गये हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल 95 आसवनी को पी.डी.-2 अनुज्ञापन निर्गत हैं। इसी प्रकार प्रदेश में इन्वेस्ट यू.पी.पोर्टल पर प्राप्त प्रस्तावों में से वर्तमान में फाइनल रेडी फार जी.वी.सी. प्रोजेक्ट की संख्या 46 है, जिससे राज्य में ₹7,888.73 करोड़ का निवेश प्राप्त होगा। वर्ष 2022-23 से प्रदेश में कुल 23 माइक्रोबिवरी की स्थापना हेतु एम.वी.-5 अनुज्ञापन निर्गत किये गये हैं।
अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त 24,049 व्यक्तियों को किया गया गिरफ्तार
आबकारी मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में आबकारी विभाग नें 1,12,279 मुकदमे दर्ज किये है। जिसमें करीब 30 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गयी। अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त 24,049 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इनमे से 5,557 व्यक्तियों को जेल भेजा गया। अवैध मदिरा के परिवहन में संलिप्त पाये गये 203 वाहनों को भी जब्त किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में विभिन्न त्यौहारों एवं अन्य अवसरों पर 06 विशेष प्रवर्तन अभियान चलाये गये। विशेष प्रवर्तन अभियान के अन्तर्गत 27,108 अभियोग पंजीकृत किये गये तथा लगभग 7.04 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गयी। अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त 6,010 व्यक्तियों को गिरफ्तार करते हुए उनमें से 1,380 व्यक्तियों को जेल भेजा गया। अवैध मदिरा के परिवहन में संलिप्त पाये गये 44 वाहनों जब्त किया गया है।
मदिरा एवं स्प्रिट के टैंकरों में डिजिटल लॉक
आबकारी मंत्री ने कहा कि आबकारी विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए सम्पूर्ण कार्य प्रणाली को ऑनलाइन किया गया। पी.ओ.एस. मशीन भी दुकानों पर उपलब्ध कराई गईं।वही आबकारी विभाग से निर्गत होनें वाले सभी लाइसेंसों व परमिटों को ऑनलाइन कर दिया है। सप्लाई चेन की सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करते हुए एण्ड-टू-एण्ड ट्रैकिंग की गयी है।आबकारी मंत्री ने कहा कि विभाग में पत्रावलियों का व्यवहरण और मदिरा की फुटकर दुकानों का व्यवस्थापन ई-लॉटरी द्वारा पोर्टल से एवं अन्य अनुज्ञापनों का ऑनलाइन विधि से हों रहा है। दुकानवार मदिरा उठान की ऑनलाइन मॉनिटरिंग एवं मदिरा की बोतलों की वैधता की पहचान एवं एम.आर.पी. की जानकारी के लिए मोबाइल ऐप को विकसित किया गया है। अल्कोहल निर्यात और आयात के परमिटों का निर्गमन एवं प्रदेश के अंदर क्रय-विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि बार अनुज्ञापनों का आवेदन एवं निर्गमन की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की गई है।आसवनियों एवं अन्य इकाईयों में सी.सी.टी.वी. कैमरा लगाये जा रहे है।मदिरा एवं स्प्रिट के टैंकरों में डिजिटल लॉक लगाया जायेगा। जी.पी.एस. युक्त वाहनों से ही मदिरा का परिवहन होगा। आसवनियों में डिजिटल अल्कोहलोमीटर का उपयोग में लाया जायेगा। आसवनियों में मास फ्लो मीटर, रडार बेस्ड लेवल सेंसर एवं बॉटलिंग काउन्टर लगाया जायेगा तथा उनका विभागीय पोर्टल से इन्टीग्रेशन होगा।
बोतलों और पेटियों की उत्पादन स्थल से लेकर बिक्री होने तक हो रही ट्रैकिंग
आबकारी मंत्री ने बताया कि आबकारी अनुज्ञप्त परिसरों की जियो फेंसिंग कराई गई है।जिसकी सतत निगरानी के लिए कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेन्टर बनाया गया। बोतलों एवं पेटियों पर हाई सिक्योरिटी स्टिकर्स का प्रयोग किया गया।इन कोड्स के जरिए बोतलों और पेटियों की उत्पादन स्थल से लेकर फुटकर दुकानों से बिक्री होने तक की ट्रैकिंग सुनिश्चित की गईं है। आसवनियों व यवासवनियों एवं चीनी मिलों से किसी वाहन द्वारा मदिरा व अल्कोहल के परिवहन को लेकर निर्धारित पीरियड में डबल ट्रिप और अन्य अवैध गतिविधि पर अंकुश लगेगा।सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किये जाने से आबकारी राजस्व में निरन्तर वृद्धि हो रही है। वही राजस्व सुरक्षा की व्यवस्था भी सुदृढ़ हुई है।