-एंटी करप्शन टीम ने किसान टंडन बाबू की शिकायत पर लिया एक्शन,सहायक चकबंदी अधिकारी तृतीय के कार्यालय के गेट के सामने से दबोचा
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ:यूपी के बरेली में किसान से रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने एक लेखपाल को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध मुक़दमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है,एंटी करप्शन टीम ने जिस लेखपाल को पकड़ा है वह भूमि की वरासत के नाम पर पच्चीस हजार रूपये की रिश्वत मांग रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार फरीदपुर तहसील के गजनेरा गांव के रहने वाले किसान टंडन बाबू की माता कलावती के नाम कुछ कृषि योग्य भूमि गावं में ही स्थित है ।उनकी मां कलावती का कुछ दिन पहले निधन हो गया था ।अब यह जमीन कलावती के बेटों के नाम होनी थी।इसकी वरासत चकबंदी विभाग के लेखपाल को दर्ज करना था।यह वरासत कलावती के वरिसानो के नाम होनी थी ।
किसान टंडन बाबू का कहना था कि चकबंदी लेखपाल महावीर सिंह वारिसान के तौर पर उनका और उनके भाइयों का नाम दर्ज करने के बदले 25 हजार की रिश्वत मांग रहे थे ।किसान टंडन बाबू के कई बार कहने के बावजूद चकबंदी लेखपाल महावीर सिंह बिना रिश्वत लिए उसका और उनके भाई का नाम बतौर वारिस के रूप में दर्ज नहीं किया।चकबंदी लेखपाल महावीर सिंह की इस हरकत से परेशान होकर किसान टंडन बाबू ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली की टीम से की ।इस मामले की जानकारी होते ही इस आपरेशन को अंजाम देने की जिम्मेदारी भ्रष्टाचार निवारण संगठन के डिप्टी एसपी यशपाल यादव ने संभाली ।
किसान टंडन बाबू की शिकायत की जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन के डिप्टी एसपी यशपाल यादव ने की तो जांच में आरोप सही पाने के बाद उन्होंने शुक्रवार को कोतवाली क्षेत्र के सहायक चकबंदी अधिकारी तृतीय के कार्यालय के गेट के सामने से टंडन बाबू से 25 हजार की रिश्वत लेते चकबंदी लेखपाल महावीर सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है । चकबंदी लेखपाल महावीर सिंह की गिरफ्तारी के बाद उनके विरुद्ध कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।