- REPORT BY:PREM SHARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। नगर निगम ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। स्वच्छता जन भागीदारी 2024 में प्रदेश भर में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लखनऊ नगर निगम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। गोमती नगर विस्तार स्थित नगरीय निकाय निदेशालय के स्वाति सभागार में डेडीकेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की तीसरी वर्षगांठ पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर नगर विकास मंत्री श्री ए.के. शर्मा जी ने नगर निगम लखनऊ की टीम को यह सम्मान सौंपा।
नगर निगम को यह पुरस्कार डेडीकेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की प्रभावी मॉनिटरिंग, कंट्रोल रूम हेल्पलाइन नंबर 1533 पर त्वरित प्रतिक्रिया और शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के चलते प्राप्त हुआ है। इस समारोह में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, सचिव एवं निदेशक अनुज कुमार झा, एडिशन डायरेक्टर स्वच्छ भारत मिशन श्रीमती ऋतु सुहास, नगर आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह, चीफ टैक्स असेसमेंट ऑफिसर श्री अशोक सिंह, पशु पालन अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा समेत कई अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने लखनऊ नगर निगम की टीम को बधाई दी और कहा कि यह पुरस्कार निगम की मेहनत, प्रशासनिक कुशलता और जनता की भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लखनऊ नगर निगम आगे भी स्वच्छता के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा।लखनऊ नगर निगम की तरफ से स्वच्छता जन भागीदारी पुरस्कार 2024 को चीफ टैक्स असेसमेंट ऑफिसर अशोक सिंह द्वारा प्राप्त किया गया। यह पुरस्कार माननीय मंत्री नगर विकास ए.के. शर्मा द्वारा नगर विकास निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें दिया गया। नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने इस पुरस्कार को नगर निगम कर्मचारियों और लखनऊ की जागरूक जनता की संयुक्त मेहनत का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि निगम की टीम माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी के निर्देशन में स्वच्छता को लेकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और लखनऊ को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रभारी डॉ. अभिनव वर्मा ने कहा कि कंट्रोल रूम की निरंतर मॉनिटरिंग और हेल्पलाइन 1533 पर नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान इस उपलब्धि की बड़ी वजह रही। उन्होंने बताया कि नगर निगम के डिजिटल निगरानी सिस्टम ने सफाई कर्मचारियों की कार्यशैली में सुधार किया, जिससे स्वच्छता स्तर बेहतर हुआ। इसके साथ ही सोशल मीडिया की मदद से भी लोगों को जागरूक किया गया।
पिछले वर्षों में मिले कई पुरस्कार
लखनऊ नगर निगम ने स्वच्छता के क्षेत्र में पहले भी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। जिसमें सितंबर 2024 में, पीएम स्वनिधि योजना के तहत पटरी दुकानदारों को ऋण वितरण में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। जनवरी 2023 में, लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आयोजित भारत बनाम न्यूजीलैंड क्रिकेट मैच को सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री और जीरो वेस्ट इवेंट बनाने के लिए सम्मानित किया गया था। 2022 में, लखनऊ नगर निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण में टॉप 10 शहरों में शामिल किया गया था और उत्तर प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ नगर निगम के रूप में भी सम्मान मिला था।
बिजली डिमांड पर ध्यान देकर, निजीकरण का फैसला वापस ले
रोस्टर समाप्त कर कानून के तहत 24 घंटे बिजली दे: अवधेश वर्मा
अप्रैल का महीना आते ही गर्मी का सितम धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और वही 3 अप्रैल को मैक्सिमम डिमांड 22201 मेगावाट पहुंच गई वर्तमान में जिस प्रकार से गर्मी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है बहुत जल्द ही डिमांड और अधिक बढ़ेगी पूरे उत्तर प्रदेश में ब्रेकडाउन धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार से उपभोक्ता परिषद या मांग उठती है कि वर्तमान में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से विद्युत आपूर्ति किया जाना सरकार व पावर कॉरपोरेशन की नैतिक जिम्मेदारी है। ऐसे में सरकार तत्काल निजीकरण के फैसले पर रोक लगाई और प्रदेश की जनता को सुचार विद्युत आपूर्ति के लिए तैयारी में जुड़ जाए विद्युत नियामक आयोग द्वारा जब मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन 2025 पर निजीकरण पर चर्चा कर ली। अंततः निजीकरण को रेगुलेशन से बाहर करना पड़ा ऐसे में अब असंवैधानिक तरीके से निजीकरण को आगे बढ़ाना प्रदेश की जनता के साथ धोखा है।
गर्मी के फलों को देखते हुए उपभोक्ता परिषद ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि ट्रांजैक्शन एडवाइजर जो संवैधानिक तरीके से पूर्वांचल व दक्षिणांचल में भेजा गया है उसे तत्काल वापस बुलाकर निजीकरण का फैसला वापस लेना चाहिए। जिससे औद्योगिक अशांति ना पैदा हो पावर कॉरपोरेशन बिजली कंपनियों को उद्योगपतियों को बेचने के लिए ऐसी जल्दबाजी दिख रहा है जो सट्टा सिद्ध करता है कि कहीं ना कहीं कोई इंटरेस्ट छुपा है।उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा वर्तमान में अप्रैल में जून जुलाई अगस्त सितंबर तक प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से बिजली दी जानी चाहिए। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां पर ग्रामीण क्षेत्र में आज भी रोस्टर लागू है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल रोस्टर समाप्त कर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र को भी 24 घंटे बिजली दिए जाने का केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून के तहत आदेश जारी करना चाहिए।उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा वर्तमान में ग्रांट थॉर्नटन जिसे किसी भी बिजली क्षेत्र का अनुभव नहीं है उसकी टीम को पूर्वांचल और दक्षिणांचल में भेज कर वहां औद्योगिक अशांति पैदा की जा रही है बिजली अभियंता जब दिन भर विरोध कार्यक्रम का खाका तैयार करेंगे तो फिर प्रदेश की जनता को बिजली आपूर्ति कैसे मिलेगी ऐसे में असंवैधानिक रूप से निजीकरण को जो आगे बढ़ाया जा रहा है उसे पर तत्काल रोक लगाया जाना चाहिए।
अवैध नियुक्त के विरोध में लखनऊ, आगरा और वाराणसी में उग्र प्रदर्शन
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु अवैध ढंग से नियुक्त ट्रांजैक्शन कंसलटेंट की टीम द्वारा शक्ति भवन मुख्यालय, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय वाराणसी और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय आगरा में गोपनीय दस्तावेज हासिल करने हेतु सर्वे करने के विरोध में आज बिजली कर्मचारियों ने लखनऊ, वाराणसी और आगरा में उग्र प्रदर्शन किया।संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट की नियुक्ति में कोई पारदर्शिता नहीं बरती गई है और कनफ्लिक्ट आफ इंटरेस्ट हितों के टकराव के प्रावधान को हटाकर कंसल्टेंट की नियुक्ति की गई है।
अब इस कंसल्टेंट के जरिए पावर कार्पाेरेशन प्रबंधन प्रदेश के 42 जनपदों का निजीकरण करने हेतु इतना उतावला हो गया है कि उसने अवैध ढंग से नियुक्त कंसल्टेंट की टीम को गोपनीय दस्तावेज दिलाने हेतु पुलिस बल का प्रयोग किया. आगरा और वाराणसी पुलिस बल का प्रयोग किया आगरा. और वाराणसी में प्रातः 10.00 बजे से सैकड़ो की तादाद में बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी और अभियंता मुख्यालय पर एकत्र हो गए थे और उन्होंने शांतिपूर्वक लोकतांत्रिक ढंग से ट्रांजैक्शन कंसलटेंट को गोपनीय दस्तावेज देने का प्रबल विरोध किया और उग्र प्रदर्शन किया। पता चला है कि वाराणसी में रात के अंधेरे में ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट की टीम को अंदर प्रवेश करा दिया गया था और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निर्देशक वाणिज्य आर के जैन ने बेशर्मी के साथ गोपनीय दस्तावेज ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट की टीम को उपलब्ध कराए जो अपने आप में दंडनीय अपराध है। आगरा में बिजली कर्मियों के उग्र प्रदर्शन के चलते ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट की टीम प्रवेश नहीं कर पाई. इधर राजधानी लखनऊ में अवैध ढंग से नियुक्त ट्रांजैक्शन कंसलटेंट को शक्ति भवन विस्तार में आठवीं मंजिल पर 814 नंबर कैमरा अवैध निर्माण ढंग से दिया गया. जैसे ही यह सूचना मिली राजधानी लखनऊ में बिजली कर्मचारियों ने इसका प्रबल विरोध किया. बिजली कर्मचारियों के विरोध के चलते ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट की टीम 814 नंबर कमरे से बाहर चली गई। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि वह बिजली के निजीकरण के विरोध में शांतिपूर्वक लोकतांत्रिक ढंग से अपना आंदोलन चल रहा है किंतु पावर कार्पाेरेशन प्रबंधन द्वारा इस प्रकार पुलिस बल लगाकर उत्तेजनात्मक कार्यवाही की जा रही है जिसके होने वाले दुष्परिणाम की सारी जिम्मेदारी पावर कारपोरेशन के प्रबंधन की होगी। संघर्ष समिति ने प्रदेश के बिजली कर्मचारी ,संविदा कर्मियों और अभियंताओं का आह्वान किया है कि वह 9 अप्रैल को राजधानी लखनऊ में अधिकतम संख्या में पहुंचे . 9 अप्रैल को लखनऊ में होने वाली रैली में निर्णायक संघर्ष और आंदोलन के कार्यक्रमों का ऐलान किया जाएगा।