- REPORT BY:A.S.CHAUHAN || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। शुक्रवार की शाम लगभग साढ़े चार बजे एक युवक ने अपनी पत्नी की हत्या करके मौके से फरार हो गया। इसकी जानकारी मृतक की सास को हुई तो वो शोर करने लगी। शोर गुल सुनकर गांव के लोग एकत्रित हो गए और इसकी सूचना डायल 112 नंबर पुलिस को दी गई, जबकि थाने पर सूचना गांव के चौकीदार नरेंद्र कुमार ने दी।
जानकारी मिलने पर आनन-फानन में मौके पर पुलिस पहुंची हत्या आरोपी की तलाश करने लगी, लेकिन उसका अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। फिलहाल अभी तक घटना के पीछे घरेलू विवाद ही सामने आया है।बंथरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की शाम मवई पड़ियाना की प्रधान सीमा रानी के बेटे संदीप गौतम ने अपनी पत्नी मोनी उर्फ मीरा देवी 25 वर्ष की दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक वारदात के समय घर पर आरोपित और उसकी पत्नी ही थे। घटना के पीछे की वजह घरेलू कलह बताई जा रही है। थाना प्रभारी राम सिंह के मुताबिक घटना की जानकारी मोनी के मायके वालों को दे दी गई। इसके अलावा पुलिस आगे की जांच पड़ताल कर रही है। थाना क्षेत्र की ग्राम सभा मवई पड़ियाना की प्रधान सीमा रानी के बेटे संदीप गौतम की शादी 10 मार्च 2024 को मोनी गौतम से हुई थी। बताया गया कि संदीप और मोनी के बीच कुछ दिनों तक सबकुछ ठीकठाक चल रहा था। इसके बाद दोनों के बीच आए दिन कहासुनी शुरू हो गई। दोनों के बीच घरेलू विवाद बना रहता था।
शुक्रवार को संदीप और उसकी पत्नी मोनी सिर्फ वही दोनों घर पर थे। आशंका जताई जा रही है कि दोनों के बीच फिर विवाद हुआ होगा। इसके बाद संदीप ने मोनी की दुपट्टे से गला कसकर हत्या कर दी। बताया गया कि इसी दौरान संदीप की मां अचानक घर पर पहुंची तो उसकी बहू मोनी बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़ी मिली। उधर संदीप अपनी मां को देखते ही मौके से भाग गया। पुलिस आरोपित संदीप की तलाश भी कर रही है। बताया जाता है कि मृतक का पति संदीप गौरी स्थित हीरालाल लॉ कॉलेज से इस बार एल एल बी फाइनल कर चुका था, लेकिन मानसिक रूप तनाव में रहता था जिसका इलाज चल रहा था।
बंथरा में शीशम पेड़ चोरी कांड:दस हजार रुपए देकर ठेकेदार ने काटा था सरकारी शीशम का पेड़
-डिप्टी रेंजर पर भ्रष्टाचार का आरोप, बीट प्रभारी को फंसाने की रचि साजिश

बंथरा थाना क्षेत्र में बीती बुधवार की रात को वन विभाग के सरकारी शीशम के पेड़ को काटकर अज्ञात ठेकेदार द्वारा उठा ले जाया गया। जिसकी जानकारी बीती 2 अप्रैल को हुई तो वन विभाग की रेंजर सहित अन्य क्षेत्रीय अधिकारी कर्मचारी के हाथ पैर फूल गए। सड़क के किनारे गिरें पड़े शीशम को काटकर कौन उठा ले गया जिसकी भनक तक किसी को नहीं लगी।
सरोजनीनगर के रेंजर को संदेह हुआ इसमें विभागीय कोई न कोई जरुर मिला हुआ है।उनका शक सही साबित हुआ और चुराकर लें गई शीशम के पेड़ की लकड़ी में डिप्टी रेंजर ए के सिंह चौहान की संलिप्तता सामने आ गई। अब डिप्टी रेंजर अपने आप को बचाने के लिए बीट प्रभारी को बलि का बकरा बनाने के फिराक में डिप्टी रेंजर में ठेकेदार से कहा कि कह दो बीट प्रभारी ने ही पेड़ कटवाने के लिए कहा था। लेकिन जो सबूत हाथ लगे हैं उसमें ठेकेदार डिप्टी रेंजर का नाम ही नहीं ले रहा है बल्कि 10000 रुपए अपने अकाउंट से डिप्टी रेंजर के अकाउंट में ट्रांसफर करने को भी कह रहा है।बंथरा थाना क्षेत्र की ग्राम सभा बेंती में बनी मोहान रोड के किनारे स्थित आधारशिला ट्रेडर्स के पास एक सरकारी शीशम का पेड़ जो सड़क पर गिर गया था।जिसे कुछ अज्ञात ठेकेदारों द्वारा काटकर चोरी कर लिया गया। इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआत में सरोजनीनगर रेंजर सुरेंद्रनाथ सिंह ने कहा था कि मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। अब इसका पता चला है, अभी मौके पर टीम भेजकर दिखवाता हूं और पता करवाता हूं कि पेड़ कौन काटकर ले गया है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है, जो वन विभाग के भीतर भ्रष्टाचार की गहरी परतों को उजागर कर रहा है।सूत्रों के हवाले से पता चला है कि डिप्टी रेंजर ए.के. सिंह चौहान को इस सरकारी पेड़ की कटाई की जानकारी पहले से थी। आरोप है कि उन्होंने ठेकेदार से पेड़ कटवाने के बाद 10,000 रुपए ठेकेदार से अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए थे,मीडिया के हाथ लगे पुख्ता सबूतों ने इन दावों को और मजबूत किया है। इतना ही नहीं मामले के तूल पकड़ने पर डिप्टी रेंजर ने अपने बचाव में बीट प्रभारी को फंसाने की साजिश रची है।सूत्रों के मुताबिक डिप्टी रेंजर ए के सिंह चौहान ने ठेकेदार से कहा, बता देना कि बीट प्रभारी प्रकाश चंद्र ने ही पेड़ कटवाए। साथ ही डिप्टी रेंजर ने यह भी दावा किया कि हो जाने दो एफआईआर हो जाने दो जांच के लिए आएंगी तो हमारे ही पास, देख लेंगे।
यह खुलासा तब हुआ जब पता चला कि डिप्टी रेंजर ठेकेदार के साथ लगातार संपर्क में थे। इस साजिश ने न केवल वन विभाग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि सरकारी संपत्ति की लूट में विभाग के कुछ डिप्टी रेंजर जैसे अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वन विभाग ही चोरों के साथ मिलकर काम करेगा, तो जंगलों और पर्यावरण की रक्षा की उम्मीद किससे की जाए।
रेंजर सुरेंद्रनाथ सिंह ने जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन जनता अब इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों, खासकर डिप्टी रेंजर पर सख्त कार्यवाही की मांग कर रही है। यह घटना वन विभाग के लिए शर्मिंदगी का कारण बन गई है, जो जंगल और वन संपदा की सुरक्षा का दावा करता है। सवाल यह है कि क्या यह महज एक इत्तेफाक है या संगठित भ्रष्टाचार का हिस्सा, जनता की नजरें अब जांच के नतीजों पर टिकी है कि डिप्टी रेंजर के खिलाफ साक्ष्य होने के बावजूद अधिकारी कोई ठोस कदम उठाते हुए सख्त कार्यवाही करते हैं या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।इसको लेकर डीएफओ सीतांशु पांडे इस डिप्टी रेंजर की घिनौनी हरकतों शिकायतें काफी समय से मिल रही है, अब तो सबूत भी सामने आ गये है, अभी इसके खिलाफ चार्जशीट तैयार करवा कर इसको सरोजनीनगर से हटाकर अन्य जगहों पर स्थानांतरण करता हूं।
दसवां भगवती जागरण एवं कवि सम्मेलन कल
आनंदी माता मन्दिर, आनन्द नगर, अबन्दी माता मार्ग बन्थरा राम नवमी पर 6 अप्रैल को भव्य जागरण एवं भव्य झांकियों का आयोजन किया गया है।इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अखिलेश सिंह ने बताया कि छ अप्रैल को कवि सम्मेलन अप्रैल समय सायं 06 बजे से 09 बजे तक एवं जागरण पार्टी जवाहर जागरण पार्टी कानपुर द्वारा एवं भव्य दरबार व दिव्य झांकियों का आयोजन किया जा रहा है, तथा भण्डारा 7 अप्रैल दिन सोमवार प्रातः 6 बजे से मां की कृपा तक चलेगा।