-बुक कराइए जमीन, पंजीकरण शुरू,योजना का ग्रिड पैटर्न पर हुआ विकास
- REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK


मुहर्रम के दिन ऑफिस खोल बैक डेट में 108 कर्मचारियों का किया प्रमोशन,जांच के आदेश,निदेशक से मांगी गई रिपोर्ट

सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी को हाईकोर्ट से झटका,समन खारिज करने की अर्जी नामंजूर
आरएलडी की एक और मंत्रालय की चाहत
हैदर कैनाल पर बनेगी नई एलिवेटेड सड़क,16 किलोमीटर की रोड पर खर्च होंगे 500करोड़ रुपये
गुणवत्ता के साथ 30 अप्रैल तक पूरा करे निर्माणाधीन परियोजनाये
रामनवमी पर मंदिरों में श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ आज से,सभी जिलो में होगा अखंड पाठ, श्रीरामलला के सूर्य तिलक के साथ होगी पूर्णाहुति-जयवीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अष्टमी एवं रामनवमी के पावन अवसर पर प्रमुख शक्तिपीठों एवं मंदिरों में रामचरितमानस का अखण्ड पाठ 05 व 06 अप्रैल को किया जायेगा। यह पाठ चयनित भजन मंडलियो द्वारा किया जायेगा, इसके लिए इन्हें 5000 रूपये का मानदेय दिया जायेगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस बार विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं की सहभागिता की जाएगी। देवी मंदिरों एवं शक्तिपीठों में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष अभियान भी संचालित किए जाएंगे। सभी जिलों में 24 घंटे का श्रीरामचरिमानस का अखंड पाठ कराने के निर्देश दिए गए हैं। 05 अप्रैल दोपहर से प्रारंभ अखण्ड मानस पाठ की पूर्णाहुति 06 अप्रैल को श्रीरामनवमी के दिन दोपहर को श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला के सूर्य तिलक के साथ होगी। अष्टमी 5 अप्रैल और श्रीराम नवमी 6 अप्रैल को प्रदेश के प्रमुख राम मंदिरों, हनुमान मंदिरों, देवी मंदिरों, वाल्मीकि मंदिरों और शक्तिपीठों में विशेष अनुष्ठान होंगे। जिलों में स्थानीय भजन मंडलियों और लोक कलाकारों की प्रस्तुति सुनिश्चित करने के लिए समितियों का गठन किया गया है। इस संबंध में शासनादेश जारी करा दिया गया है। कार्यक्रम व्यवस्थाओं के लिए अतिरिक्त 5000 रुपये की धनराशि आवंटित की जाएगी। संस्कृति विभाग की ई-डायरेक्टरी के माध्यम से कलाकारों का चयन किया गया है।
परिवहन निगम में होगी 05 हजार संविदा महिला परिचालकों की भर्ती ,08 अप्रैल से 17 अप्रैल तक विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार मेले का होगा आयोजन
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में लगभग 05 हजार महिला अभ्यर्थियों को सीधे संविदा परिचालक के पद पर रखा जायेगा। महिला अभ्यर्थियों के अनुबंध के लिए उनका उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं कौशल विकास मिशन का सदस्य होना अथवा एनसीसी बी प्रमाण पत्र, एनएसएस एवं स्काउट गाइड संस्था के राज्य पुरस्कार एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने बताया कि भर्ती के लिए इण्टरमीडिएट की योग्यात के साथ सीसीसी प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। महिला अभ्यर्थी इण्टरमीडिएट में प्राप्ताकों की मेरिट निर्धारित करते हुए सीधे संविदा परिचालक के पद पर रखा जाएगा। एनसीसी बी प्रमाणपत्र, एनएसएस प्रमाणपत्र, भारत स्काउट एवं गाइड संस्था के राज्य पुरस्कार एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्रमाणपत्र धारक महिला अभ्यर्थियों को इण्टरमीडिएट में प्राप्तकों पर 05 प्रतिशत का वेटेज भी दिया जाएगा। महिला परिचालकों को संविदा चालकों परिचालकों हेतु अनुमन्य पारिश्रमिक दरों के समान दर से ही भुगतान किया जायेगा। महिला अभ्यर्थियोें को उनके गृह जनपद के तहत आने वाले डिपो में नियुक्त किया जायेगा।
विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार मेले का आयोजन
परिवहन मंत्री ने बताया कि महिला अभ्यर्थियों को परिचालक पद हेतु स्किल डेवलपमेंट के तहत कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाया जायेगा। यदि उनके स्तर से प्रशिक्षण संबंधी कोई कोर्स उपलब्ध न हो, तो परिवहन निगम स्तर से उन्हें प्रशिक्षित किया जायेगा, जिसके व्यय प्रतिपूर्ति की मांग राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं कौशल विकास मिशन से की जाएगी।
भाषा विवि के छात्रों ने किया वनस्पति संस्थान का दौरा
भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे पी पांडेय के नेतृत्व में भाषा विवि विद्यार्थियों के गतिविधियों का केंद्र बन रहा है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के छात्रों ने राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान का भ्रमण किया। छात्रों के साथ सहायक आचार्य विनोद कुमार, दिव्यानी सिंह, नैंसी तिवारी एवं एहतेशाम अहमद उपस्थ्ति रहे। फैकल्टी आँफ फार्मेसी की निदेशक प्रो शालिनी त्रिपाठी ने इस तरह की शैक्षिक भ्रमण को छात्रों के शैक्षिक विकास के दृष्टिगत आवश्यक बताया।
भाषा विवि के स्वयंसेवकों ने किया रात्रि शिविर का आयोजन
अल्पसंख्यक राज्यमंत्री ने हज हाउस का किया निरीक्षण,हज यात्रियों खातिर बेहतर व्यवस्था के दिये निर्देश
अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने आज हज हाउस, लखनऊ में हज यात्रा की तैयारियों के संबंध में बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को हज यात्रा के तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए एवं हज हाउस का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने हज यात्रा की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने यात्रियों की सुविधाओं, आवास, परिवहन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।हज यात्रा 2025 हेतु यूपी से 15513 आवेदकों द्वारा हज यात्रा हेतु आवेदन किया गया था। आवेदन की संख्या निर्धारित कोटे से कम होने के कारण समस्त आवेदकों का चयन कर लिया गया है। लखनऊ से 5416 एवं दिल्ली से 8090 आवेदन मिले हैं। निदेशक हज अंकित अग्रवाल ने बताया कि मरहम कोटे के अंतर्गत 46 अतिरिक्त महिलाओं का चयन किया गया है।श्री अग्रवाल ने बताया कि हज यात्रियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराये जाने हेतु 75 जिलों से 100 हज प्रशिक्षको का चयन किया जा चुका है। सऊदी अरब में हज यात्रियों के मार्ग दर्शनार्थ एवं सुविधा पहुंचाने हेतु लगभग 92 स्टेट हज इन्स्पेक्टर खादीमुल हुज्जाज का भी चयन किया जा चुका है, इसके अतिरिक्त स्टेट हज इंस्पेक्टर की तैनाती यात्रियों की उड़ान से एक सप्ताह से पूर्व सऊदी में किये जाने की कार्यवाही पर विचार किया जा रहा है। लखनऊ उड़ान स्थल पर यात्रियों को ठहराने हेतु प्रबंधकीय व्यवस्था किये जाने की कार्यवाही प्रगति पर है।
जेपीएस राठौर ने किया राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ मुख्यालय भवन का शिलान्यास एवं भूमि पूजन
प्रदेश के राज्यमंत्री स्वंतत्र प्रभार सहकारिता जेपीएस राठौर ने आवास एवं विकास परिषद की अवध बिहार योजना में राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ का निर्मित होने कार्यालय भवन का आज विधि विधान के साथ शिलान्यास एवं भूमि पूजन कियामइस अवसर पर श्री राठौर ने कहा कि कार्यालय भवन का निर्माण 3866 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में कराया जायेगा। संस्था मुख्यालय ईडी द्वारा अधिगृहीत किराये के भवन में स्थापित है तथा अभी तक संस्था का कोई निजी भवन नहीं है। मुख्यालय का निर्माण भारत सरकार की नवरत्न कार्यदायी संस्था एनबीसीसी से शीघ्र ही प्रारम्भ कराया जायेगा, भवन के निर्माण से कार्यों में गतिशीलता आयेगी।
आईआईटी कानपुर में वाटरशेड विकास कार्यशाला का आयोजन,सतत विकास के लिए जल, जंगल और ज़मीन के संरक्षण जरूरी-हीरालाल
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत आईआईटी कानपुर में वाटरशेड विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जल गुणवत्ता प्रबंधन, जलवायु अनुकूलन और नवीन वाटरशेड दृष्टिकोण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।कार्यशाला का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. हीरा लाल और कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी के डीन प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. त्रिपाठी ने सतत कृषि पर चर्चा करते हुए इसे कृषि के लिए एक नई दिशा बताया। डॉ. हीरा लाल ने 2.0 के सभी कर्मियों को जलवायु अनुकूल वाटरशेड रणनीतियों को लागू करने के लिए एक स्पष्ट उद्देश्य स्थापित करने पर जोर दिया।मुख्य अतिथि डॉ. हीरा लाल पटेल ने अपने संबोधन में “दो मां” की अवधारणा पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में संयुक्त वाटरशेड प्रबंधन के प्रो. मनोज कुमार तिवारी, कानपुर सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने जल की गुणवत्ता और उसके महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जल जीवन यापन का एक महत्वपूर्ण विषय है और इसकी गुणवत्ता को समझना आवश्यक है। जल का सतत विकास तभी संभव है जब उसका समुचित संरक्षण किया जाए। उन्होंने बताया कि जल के प्रयोग के लिए मानक तय हैं और जल संरक्षण पर आधारित नवाचारों को बढ़ावा देना जरूरी है।
राज मिस्त्रियों के प्रशिक्षण से उनके रोजगार के खुल रहे हैं नये द्वार,प्रशिक्षण पाकर कुशल राजमिस्त्री बन रहे ग्रामीण, मिल रहा रोजगार
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा ग्रामीण राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देकर और अधिक कुशल, दक्ष और हुनरमंद बनाया जा रहा है, इससे मिस्त्रियों के लिए रोजगार के नये द्वार खुल रहे हैं और राज मिस्त्रियों के प्रशिक्षण से उनकी आय में बढ़ोतरी भी हो रही है, यही नहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण व मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बनाये जा रहे आवासों की गुणवत्ता में भी और अधिक सुधार भी होगा। ग्रामीण क्षेत्र के प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुरूष महिला को सर्टिफिकेशन के बाद बड़े जगहों एवं निर्माण एजेन्सियों में कार्य करने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी कार्य क्षमता के उपयोग के साथ उन्हें बेहतर मजदूरी भी मिलती है। ग्राम्य विकास विभाग ग्रामीण परिवारों के उत्थान के लिए सतत् प्रयासरत है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत रूरल मेसन ट्रेनिंग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 45 हजार राजमिस्त्रियों से अधिक पुरूष तथा 7017 रानी मिस्त्रियों महिला को प्रशिक्षित किया जा चुका है। गांव के पुरुषों के साथ-साथ अब महिलाएं भी एक मजबूत आवास बनाने का कार्य कर रहीं है।
गौशालाओं में गोवंश को चारा, भूसा और पानी का न हो अभाव,गौशालाओं में गोवंश को गर्मी एवं लू से बचाव के निर्देश
उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने निर्देश दिये हैं कि गर्मी के दृष्टिगत गोवंश को धूप व लू से बचाने हेतु शेड ,स्वच्छ पानी, बिजली, हरा चारा और पर्याप्त औषधियों की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। गोशाला में चारे, भूसा और पानी का अभाव न हो और कोई भी गोवंश भूखा या प्यासा न रहे। गोशालाओं का रख-रखाव व्यवस्थित तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना बनाकर इस वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम तीन माह के लक्ष्यों को निर्धारित समय में पूरा कर लिया जाए। कार्यदायी संस्था द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों का अधिकारी स्थलीय निरीक्षण करें और गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करें।
धर्मपाल सिंह ने आज यहां विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कार्यों के समीक्षा करते हुए आगामी 03 माह में प्रारम्भ किए जाने वाले कार्यों एवं उनकी प्रगति के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री सिंह ने कहा कि पिछले बजट की समीक्षा करते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष के कार्यों और योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए। प्रारंभ से ही योजनाओं का बजट आवंटन और व्यय सुनियोजित, सुव्यवस्थित तरीके से किया जाए, ताकि वित्तीय वर्ष के समापन पर बजट खर्च में किसी प्रकार की कठिनाई ना हो।श्री सिंह ने कहा कि प्रत्येक मण्डल में अपर निदेशक स्तर के अधिकारी द्वारा गोशालाओं का निरीक्षण किया जाए और गोवंश के रख-रखाव, चारा, भूसा, पेयजल, सुरक्षा, विद्युुत आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। रेडियम बेल्ट के कार्य को योजनाबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में क्रियान्वित किया जाए। गोचर भूमियों को अतिक्रमण से मुक्त कराकर चारागाह विकसित कराया जाए ताकि स्थानीय स्तर पर निराश्रित गोआश्रय स्थलों को निर्बाध रूप से वर्षपर्यन्त हरे चारे की पूर्ति होती रहे। पशुधन मंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश मंे निराश्रित गोआश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गाय के गोबर के व्यवसायिक उपयोग पर बल दिया जाए।
बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के प्रमुख सचिव के0 रविन्द्र नायक ने मंत्री जी को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग द्वारा प्रारम्भ किये गये कार्यों और उसकी अद्यतन स्थिति से अवगत कराया और मंत्री जी को आश्वस्त किया कि सुदृढ़ कार्ययोजना बनाकर निर्धारित अवधि में लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया जायेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्धारित अवधि में कार्य पूरा करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिये।
प्रदेश के मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में मिला 2,13,287.94 करोड़ का राजस्व-खन्ना
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि प्रदेश के मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में वित्तीय वर्ष 2024-25 के मार्च माह तक 2,13,287.94 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ जबकि वित्तीय 2023-24 के मार्च माह तक 1,93,329.10 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2024-25 में वर्ष 2023-24 की तुलना में19,958.84 करोड़ राजस्व अधिक प्राप्त हुआ है। कर राजस्व के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्य का लगभग 79 प्रतिशत की प्राप्ति हुई है।वित्त मंत्री ने बताया राज्य कर के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 1,14,631.68 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 73 प्रतिशत है। जीएसटी के अन्तर्गत माह मार्च, 2025 तक कुल रू0 82,535.14 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत् वर्ष मार्च, 2024 के माह तक प्राप्ति 75,157.81 करोड़ रही थी। वैट के अन्तर्गत माह मार्च, 2025 तक 32,096.54 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत वर्ष माह मार्च, 2024 तक प्राप्ति 31,113.98 करोड़ रही थी।
श्री खन्ना ने बताया कि आबकारी के अन्तर्गत माह मार्च, 2025 तक 52,574,52 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्य का 90.2 प्रतिशत है। गत् वर्ष माह मार्च, 2024 तक आबकारी मद के अतर्गत प्राप्ति 45,570.74 करोड़ रही थी। स्टाम्प तथा निबन्धन के अन्तर्गत माह मार्च, 2025 तक की राजस्व प्राप्ति 30,205.97 करोड़ है जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में निर्धारित लक्ष्य का 84.7 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस मद के अंतर्गत प्राप्ति26,960.20 करोड़ रही थी। परिवहन के अन्तर्गत माह मार्च, 2025 तक की राजस्व प्राप्ति 11,499.01 करोड़ है जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्य का 92 प्रतिशत है। इस मद में वर्ष 2023-24 में माह मार्च, 2024 तक प्राप्ति 10,539.06 करोड़ रही थी।करेत्तर राजस्व की प्रमुख मद भूतत्व तथा खनिकर्म के अन्तर्गत माह मार्च, 2025 तक प्राप्ति 4,376.76 करोड़ है जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्य का 79.6 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि भूतत्व तथा खनिकर्म के मद के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्राप्ति 3,987.31 करोड़ रूपये रही थी।