- REPORT BY: AJENCY/AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
नई दिल्ली:देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने रक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग, प्रशिक्षण, सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा उद्योग में सहयोग का दायरा बढ़ाने के मुद्दों पर व्यापक चर्चा की है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने मंगलवार को अपने अमेरिकी समकक्ष के साथ टेलीफोन पर सार्थक बातचीत की है।
अमेरिका द्वारा दिए गए अटूट समर्थन की सराहना
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस महत्वपूर्ण और पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी की गति को इसके सभी क्षेत्रों अंतर-संचालन, रक्षा औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं का एकीकरण, रसद साझाकरण, संयुक्त सैन्य अभ्यासों में वृद्धि और अन्य समान विचारधारा वाले भागीदारों के साथ सहयोग पर आगे बढ़ाने पर सहमत हुए।रक्षा मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को अमेरिका द्वारा दिए गए अटूट समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद का पाकिस्तान का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड वैश्विक स्तर पर जाना जाता है और वह दुनिया भर के आतंकवादियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन गया है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादियों को वहां छूट प्राप्त है।
आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निष्क्रिय करने पर केंद्रित थी कार्रवाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि भारत आतंकवाद का जवाब देने और उसका बचाव करने और भविष्य में किसी भी सीमा पार हमले को रोकने का अधिकार सुरक्षित रखता है। उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई नपी-तुली, आनुपातिक और आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निष्क्रिय करने पर केंद्रित थी।
राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री को दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री को उनके प्रभावशाली नेतृत्व के लिए बधाई दी, जिसने अमेरिका और भारत के बीच रक्षा सहयोग को नए स्तरों पर पहुंचा दिया है। श्री पीट हेगसेथ ने द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए श्री सिंह को व्यक्तिगत बैठक के लिए अमेरिका आने के लिए आमंत्रित किया।
नई पहलों की समीक्षा करने के लिए हुई चर्चा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी पोस्ट में कहा कि भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और बढ़ाने और क्षमता निर्माण में सहयोग को मजबूत करने के लिए जारी एवं नई पहलों की समीक्षा करने के लिए यह चर्चा की गई। वह जल्द ही अमेरिकी रक्षा मंत्री से मिलने के लिए उत्सुक हैं। इस साल जनवरी में श्री हेगसेथ को अमेरिकी रक्षा मंत्री नियुक्त किए जाने के बाद से यह टेलीफोन पर उनकी तीसरी बातचीत थी।
