- REPORT BY: AJENCY/AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ:यूपी के कुशीनगर जिले के तमकुहीराज थाना क्षेत्र के परसौन गांव के रहने वाले लापता युवक और किशोरी के शव बुधवार सुबह एक बगीचे में पेड़ से लटके मिले।मृतक युवक की पहचान राहुल निषाद उम्र 19 वर्ष के रूप में हुई।हालाँकि किशोरी नाबालिग बताई जा रही है।किशोरी युवक के पड़ोस की रहने वाली थी।बताते है कि दोनों अलग-अलग जाति के होने के कारण परिवार के लोग उनके रिश्ते के खिलाफ थे।जिसको लेकर पहले तीन-चार बार पंचायत भी हुई थी।राहुल माता-पिता का इकलौता पुत्र था।जबकि किशोरी तीन बहनों में सबसे छोटी थी।पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम को भेज कर रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कह रही है।
इसको लेकर थानाध्यक्ष सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि युवक और किशोरी मंगलवार से लापता थे।जिसको लेकर किशोरी के परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।जिसको लेकर पुलिस राहुल के घर पहुंची थी।दोनों के शव बुधवार सुबह मिलने के बाद इलाके में तरह तरह की चर्चा हो रही है। युवक की पैंट पर खून के निशान और किशोरी के सिर पर चोट के निशानों से ऑनर किलिंग की आशंका जताई जा रही है।दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।पुलिस इस मामले की सभी एंगल से जांच कर मामले का जल्द खुलासा करेगी ।राहुल 10वीं पास था, जबकि किशोरी 8वीं कक्षा में पढ़ती थी।
इस मामले को लेकर राहुल की बहन सिंधू का आरोप है कि उसके भाई की घर से बुला कर हत्या की गई है। किशोरी के चचेरे उसके भाई की हत्या में शामिल हैं।सिंधू का आरोप है कि उसकी भाभी अपने फोन से किशोरी और राहुल से बात कराती थी,जिसके कारण कई बार राहुल को अपने घर पर बुलाकर मारा पीटा था,उसका आरोप है कि सिंधू किशोरी के बड़े पापा के दो लड़कों व एक अन्य ने मिलकर मेरे भाई और किशोरी की हत्या की है।उसके बड़े पापा का एक लड़का विदेश में रहता है। उसने ही इस षड़यंत्र को रचा है।दोनों की हत्या में विदेशी रस्सी का प्रयोग हुआ है। प्रेम प्रसंग की बात 6 महीने से घऱवालों को मालूम थी।इसी के बाद से घर परिवार के लोग किशोरी और राहुल को मिलने-जुलने और बात करने से मना करते थे।
इस मामले में किशोरी की मां का कहना है कि उसकी मंगलवार को तबियत खराब थी।वह सुबह नौ बजे बेटी के कहने पर दवा लेने गई थी।जब वह वापस लौटी तो उसकी बेटी घर पर नहीं थी।इसको लेकर जब लड़के के पिता से पूछा तो उन्होंने जानकारी होने से इनकार कर दिया।जिसके बाद भतीजे ने पुलिस को सूचना दी।सुचना केबाद दो सिपाही आए थे।वह पूछताछ करके लौट गए।उन्होंने बताया कि राहुल कुछ दिन से गुपचुप उनके घर आकर बेटी से मिलता जुलता था।जानकारी होने पर मना भी किया। प्रधान से भी हस्तक्षेप करने को था।
इसको लेकर कसया सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि थाना तमकुहीराज क्षेत्र के ग्राम परसौन की बाग में बुधवार सुबह करीब 7 बजे किशोरी व राहुल निषाद पुत्र असर्फी निषाद (19) के शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने की सूचना मिली थी।दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।मामले की फॉरेंसिक टीम की सहायता से तथ्यों को संकलित कर आगे की कार्यवाही प्रचलित है, मौके पर शांति है।
शाहजहांपुर में डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले सात दबोचे गये
यूपी के शाहजहांपुर जिले के साइबर क्राइम थाना और एसओजी पुलिस ने किसान को डिजिटल अरेस्ट कर एक करोड़ चार लाख 47 हजार
रुपये की ठगी करने के मामले में गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।ठगी करने वाले गिरोह के लोग सीबीआई चीफ और जज बनकर लोगों के साथ ठगी करते थे, गिरोह का सरगना फरार है।पकड़े गये आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, एटीएम कार्ड, पास बुक बरामद की है। शाहजहांपुर जिले की चौक कोतवाली के मोहल्ला दीवान जोगराज निवासी शरद चंद्र ने रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि बीती 6 मई को उसके पास एक फोन आया था।उसने अपने आप को सीबीआई का चीफ विजय खन्ना बताते हुए कहा था कि वित मंत्रालय से जुड़े केस में पूछताछ होनी है।उसने आरोप लगाया था कि पीड़ित के खाते से सेंट्रल बैंक मुंबई में दो करोड़ 80 लाख रुपये ट्रांसफार हुए है।उसने यह भी कहा कि जज के सामने पेश होना होगा।उसने धोखाधड़ी में जमानत देने के नाम पर 14 दिन तक फंसाए रखा। गिरोह ने एक करोड़ चार लाख 47 हजार रुपये ठगकर अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।इस मामले में एएसपी सिटी देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित हुई। टीम ने जांच शुरु की तो उसे एक ऐसा खाता मिला,इसके बाद सात आरोपियों को गिरफ्तार किया ।पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी सचिन निवासी रेलवे कालोनी जिला झांसी, गौतम सिंह निवासी संगम बिहार नई दिल्ली, प्रंशात निवासी जगनेर रोड थाना मलपुरा जिला आगरा, संदीप कुमार निवासी मुरारी नगर थाना खुर्जा जिला बुलंदशहर, सैयद सैफ निवासी भारत कालोनी थाना खेड़ी पुल जिला फरीदाबाद, आर्यन शर्मा निवासी श्रीराम कालोनी थाना मसूरी जिला गाजियाबाद, पवन यादव निवासी कनौरा सुनौनिया जिला टीकमगढ़ है।जिनके पास से नौ मोबाइल फोन, सात डेविट कार्ड, पास बुक बरामद हुए है। गिरोह का सरगना अभी भी फरार है। पुलिस ने सभी आरोपियों का चालान कर दिया है ।इस टीम में साइबर क्राइम प्रभारी सर्वेश कुमार, एसओजी प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सिंह, उप निरीक्षक मनोज कुमार, रिंकू कुमार आदि शमिल थे।पुलिस को पूंछतांछ में पता चला कि पकड़े गये आरोपियों ने पीड़ित को गुमराह करके दो करोड़ 80 लाख रुपये का गैर कानूनी ट्रांजेक्शन होने की जानकारी दी थी।उन्होंने वीडियो काल पर डिजिटल अरेस्ट किया था।उन्होंने मामले को रफा दफा करने के नाम पर एक करोड़ चार लाख 47 हजार रुपये खाते में ट्रांसफार कराये थे।आरोपियों ने 40 बैंकों में धनराशि को ट्रांसफर किया था।उन्होंने 71 लाख रुपये का ट्राजेक्शन हैदराबाद के कारर्पोरेट खाते में भी किया था।उस दिन तीन करोड़ रुपये का ट्रांजक्शन हुआ था। पुलिस की माने तो आरोपी गौतम सिंह एमबीए पास है।उसने दिल्ली से एमबीए की डिग्री ली है।पकड़े गये आरोपी दस प्रतिशत कमीशन पर डिजिटल अरेस्ट करने वालों के लिए काम करते थे।पकडे गये सभी आरोपी गिरोह के सरगना की मदद करते थे।यह सभी फिनटेक साइबर गिरोह के सदस्य है। जिन बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई है।पुलिस उनकी जांच कर रही है। इतनी बड़ी धनराशि ट्रांसफर हो रही है तो बैंक को भी निगरानी रखनी चाहिए थी। गिरोह के सरगना की तलाश की जा रही है।
ठगी का आरोपी जाकिर खान महाराष्ट्र के मुंबई से गिरफ्तार
आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज थाने में दर्ज करोड़ों की ठगी के मामले में वांछित चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी जाकिर खान को
यूपी एसटीएफ ने महाराष्ट्र के मुंबई से गिरफ्तार किया है।जिसे ट्रांजिट रिमांड पर आजमगढ़ लाया गया है और उसे सक्षम न्यायालय में पेश किया जा रहा है।बतादे की वर्ष 2014 में आजमगढ़ निवासी मोहम्मद सादिक ने बिलरियागंज थाने में मध्य प्रदेश के हरदा थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-29, डॉ. जाकिर हुसैन वार्ड निवासी जाकिर खान के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।आरोप था कि जाकिर ने खुद को कोयला सप्लायर बताकर अलग-अलग तिथियों में कुल 62 लाख रुपये एडवांस लेने के बाद भी उसने कोयला आपूर्ति नहीं की।आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था,इसकी गिरफ्तारी के लिए डीआईजी आजमगढ़ ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।इस मामले की एसटीएफ को सूचना मिली कि आरोपी मुंबई के विक्रोली क्षेत्र में छिपा हुआ है।जिस पर एसटीएफ टीम ने 30 जून को विक्रोली स्थित पार्क साइट थाना क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया।इस टीम में उप निरीक्षक जावेद आलम सिद्दीकी, चंद्रप्रकाश मिश्र, हेड कांस्टेबल मृत्युंजय सिंह, यशवंत सिंह व कांस्टेबल कुंभदेश कुमार शामिल थे।एसटीएफ की माने तो जाकिर पहले नगालैंड में कोयला खदान का काम करता था,लेकिन उसे घाटा होने के बाद फरार होकर मुंबई में छिपकर रहने लगा।इसके विरुद्ध मध्य प्रदेश के हरदा जिले में दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर आजमगढ़ लाया गया है और अब आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
दरोगा ने किशोरी से किया दुष्कर्म,कलमबंद बयान में खुली सच्चाई
यूपी के बदायूं जिले के कादर चौक थाने में तैनात दरोगा ने किशोरी से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपित दारोगा उसे तमिलनाडु से बरामद कर लाया था। पीड़ित बच्ची का अपहरण हुआ था।वारदात को छुपाने के लिए पुलिस ने उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए।इस दौरान उसने दारोगा के खिलाफ ही कलमबंद बयान दर्ज करा दिए हैं।उसे बाल कल्याण समिति ने परिजनों के हवाले कर दिया है। पीड़िता ने दारोगा की करतूत की जानकारी दी है।
आरोपित दारोगा 25 जून को कादरचौक थाने से शाहजहांपुर के लिए रवाना हुआ था।कादरचौक थाना क्षेत्र के एक गांव की हिंदू किशोरी का मभुइया गांव का रहने वाले एक मुस्लिम युवक मुज्जकिर ने 9 जून अपहरण कर लिया था । बीती 10 जून को पुलिस ने मुज्जकिर और उसके दो साथियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर अपह्रत की बरामदगी न होने पर परिवार और हिंदू संगठनों ने 20 जून को थाने का घेराव किया था । सीओ उझानी डॉ देवेंद्र कुमार ने जल्द किशोरी को बरामद करने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद परिजन और हिंदू संगठन थाने से वापस गए थे।जिसके बाद बच्ची की तलाश करते हुए थाने का एक दारोगा तमिलनाडु गया और किशोरी को बरामद कर लिया ।
आरोप है कि दारोगा ने बच्ची को बरामद करने के बाद उसके साथ रेप किया। पीड़िता ने मेडिकल के दौरान दारोगा द्वारा रेप की बात कही। लेकिन डॉक्टरों ने कुछ भी नहीं किया। पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए तो पीड़िता ने दारोगा द्वारा की गई घटना को कोर्ट के सामने बताया। पीड़िता ने यह भी कहा कि तमिलनाडु में उसके साथ कुछ नहीं हुआ। थाने में दारोगा द्वारा रेप किया गया।
स्कूल बस की टक्कर से बाइक सवार नाबालिग भाई-बहन की मौत
यूपी के प्रातापगढ़ जिले के रायबरेली -जौनपुर हाईवे पर बच्चों को लेने जा रही स्कूल बस की टक्कर से बाइक सवार नाबालिग भाई-बहन की मौत हो गई।दोनों सुबह-सुबह बाइक चलाना सीख रहे थे। बाइक सहित समेत फंसकर भाई करीब सौ मीटर तक घिसटता चला गया।पुलिस ने इस मामले में बस चालक पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच पड़ताल कर रही है।बाइक सवार निखिल हेलमेट नहीं लगा रखा था ।बुधवार सुबह करीब छह बजे करनपुर खास के रहने वाले मनोज कुमार की बेटी शिखा और 16 वर्षीय बेटा निखिल गौतम बाइक से कंपनी बाग की ओर गया था । लौटते समय जैसे ही बाइक हाईवे पर पहुंची,तभी सामने से आ रही स्कुल बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी ।बस की टक्कर से शिखा दूर जा गिरी और बाइक बस में फंस गई।उनकी बाइक घिसटती चली गई,यह देख लोग दौड़े,शोर मचाया तो चालक बस को खड़ी कर मौके से भाग गया । कुछ ही देर में पुलिस पहुंच गई। तब तक निखिल की मौत हो गई थी । बहन को अस्पताल ले जाया गया जहाँ पर उसने भी दम तोड़ दिया।
