LUCKNOW:EOW की समीक्षा बैठक में डीजी नाराज,उप निरीक्षक निलंबित,क्लिक करें और भी खबरें

-विवेचना व जाँच में की थी लापरवाही, समीक्षा बैठक में डीजी नें दिये कड़े निर्देश

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ।आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ई.ओ.डब्लू) की समीक्षा बैठक में डीजी नीरा रावत नें एक निरीक्षक को जहां पुरस्कृत किया वही एक निरीक्षक को निलम्बित कर दिया है।निलंबित उप निरीक्षक ने विवेचना और जाँच में घोर लापरवाही बरती थी ।
पुलिस मुख्यालय में आज आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में डीजी ई0ओ0डब्लू नीरा रावत नें सभी सात सेक्टरों की माह जून 2025 में दिये गये लक्ष्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को पुरस्कृत किया तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गयी।इस मौके पर  माह जून 2025 के प्रदर्शन के आधार पर विशेष प्रकोष्ठ सेक्टर को “सर्वश्रेष्ठ सेक्टर” के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं निरीक्षक प्रवीण सिंह को “सर्वश्रेष्ठ विवेचक” के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

डीजी नीरा रावत नें जांच व विवेचनात्मक में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने वाले वाराणसी सेक्टर में तैनात एक निरीक्षक को निलम्बित कर दिया गया है।इसके आलावा डीजी नें विवेचकों को त्वरित गति से गिरफ्तारी करने और न्यायालय से सजा दिलाने के लिए ट्रायल केसेज की निकट से मॉनिटरिंग करने और जांच और विवेचनाओं को त्वरित गति से निस्तारित करने के कड़े निर्देश दिए ।

डीजी आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन नीरा रावत नें संगठित अपराध के सभी आरोपियों के विरूद्ध संगठित अपराध की परिभाषा के तहत कड़ी कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया।उन्होंने  सभी अधिकारियों को तत्परता के साथ कार्य करने तथा आर्थिक अपराधों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये।

उर्वरक सब्सिडी घोटाले के आरोपी चन्द्रभान वर्मा को ई0ओ0डब्लू0 ने लखनऊ से किया गिरफ्तार

आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ई0ओ0डब्लू0) नें उर्वरक सब्सिडी घोटाले का के आरोपी चन्द्रभान वर्मा को लखनऊ से गिरफ्तार किया है।

ई0ओ0डब्लू0 के मुताबिक भारत सरकार द्वारा श्रेणी-बी में वर्गीकृत एसएसपी इकाई मैसर्स अवध फर्टिलाइजर्स प्रा0 लि0 मिहीपुरवा, बहराइच के मालिक और निदेशकगण द्वारा वर्ष 1998 से 2000 में रॉक फास्फेट एवं सिंगल सुपर फास्फेट ( उर्वरक का रॉ मटेरियल) की बिक्री में फर्जी दस्तावेज तैयार कर उर्वरक उत्पादन हेतु कच्चे माल के विक्रताओं से मिलीभगत करके खाद पर मिलने वाली सब्सिडी (अनुदान) की धनराशि लगभग रू0- 72,00,000/- गबन कर लिया गया।

इस मामले की विशेष अनुसंधान शाखा (कृषि) जनपद लखनऊ द्वारा जांच की गई,जाँच  के बाद थाना मोतीपुर जनपद बहराइच में मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसकी प्रारम्भिक विवेचना थाना मोतीपुर जनपद बहराइच से हुई।उसके बाद उ0प्र0 शासन के आदेश पर इसकी विवेचना ई0ओ0डब्लू0 को सौपी गयी। विवेचना से 14 अभियुक्तों ( प्राइवेट) को दोषी पाया गया था, जिनमें 03 अभियुक्तों की मृत्यु हो चुकी है तथा 05 अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप-पत्र न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है।

ई0ओ0डब्लू0 के मुताबिक इसमें वांछित चन्द्रभान वर्मा फर्म- स्टार मिनरल्स तालबेहट एवं मून इन्टरप्राइजेज तालबेहट ललितपुर का व्यवस्थापक था, जो उर्वरक उत्पादन हेतु कच्चे माल  का बिक्रेता  (सप्लायर) था तथा भारत सरकार की एसएसपी इकाई मैसर्स अवध फर्टीलाइजर्स मिहिपुरवा बहराइच को उर्वरक का कच्चा उत्पाद (रॉ मटेरियल) सप्लाई करता था।

ई0ओ0डब्लू0 के मुताबिक विवेचना से आरोपी को कच्चा उत्पाद के विक्रय एवं ढुलाई में वाहनों के फर्जी अभिलेख/ बिल बाउचर तैयार करने का दोषी पाया गया। पुलिस महानिदेशक, ई०ओ०डब्लू० नें अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाये गये अभियान के तहत वांछित चन्द्रभान वर्मा पुत्र रामेश्वर प्रसाद निवासी सागों थाना वछरावां को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। शेष 05 प्राइवेट अभियुक्तों की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।

छात्रवृत्ति घोटाले का आरोपी पूर्व समाज कल्याण अधिकारी उग्रसेन पाण्डेय गिरफ्तार

आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन नें छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी पूर्व समाज कल्याण अधिकरी उग्रसेन पाण्डेय को ई0ओ0 डब्लू0 टीम नें कानपुर से गिरफ्तार किया है।पकडे गये आरोपी ने अनुसूचित जाति/जनजाति को मिलने वाली छात्रवृत्ति गबन की थी ।
ई0ओ0डब्लू0 के मुताबिक हाथरस जिले में 07 प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं के सत्र 1999-2006 तक कक्षा 01 से 12 के अनुसूचित जाति/जनजाति को मिलने वाली छात्रवृत्ति की धनराशि रू0-57,53000/- के गबन के सम्बन्ध में थाना सिकन्दरा जनपद हाथरस में मुकदमा दर्ज होकर प्रारम्भिक स्तर पर विवेचना थाना स्थानीय सिकन्दराराव ,हाथरस से हुई।

ई0ओ0डब्लू0 के मुताबिक उ0प्र0 शासन के आदेश पर इसकी विवेचना ई0ओ0डब्लू  को प्रदान की गयी, जिसके क्रम में ई0ओ0डब्लू0 कानपुर सेक्टर द्वारा विवेचना संपादित की गयी। ई0ओ0डब्लू0 की विवेचना से इस मामले में  कुल 7 1 ( 58 लोकसेवक एवं 13 प्राइवेट) आरोपी  छात्रवृत्ति घोटाला/गबन के दोषी पाये गये थे, जिसमें 25 अभियुक्तों (13 प्राइवेट एवं 12 लोकसेवक) के विरुद्ध आरोप-पत्र न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है। 05 अभियुक्तों की मृत्यु हो चुकी है तथा 04 अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही के सम्बन्ध में  उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा रोक (स्टे) लगाई गई है।इस अभियोग में  उग्रसेन पाण्डेय निवासी शिवतारा थाना आलापुर जनपद अम्बेडकरनगर (तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी हाथरस ,उ0प्र0) वांछित था, जिसे डीजी ई०ओ०डब्लू०  के द्वारा गिरफ्‌तारी हेतु चलाये गये अभियान के तहत ई0ओ0डब्लू0 टीम नें कानपुर से गिरफ्तार किया गया। शेष 35 अभियुक्तों (लोकसेवक) की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।

Aaj National

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