LUCKNOW:योगी सरकार किसानों पर मेहरबान,सोलर पंप पर 90 फीसदी अनुदान,क्लिक करें और भी खबरें

-खुद करानी होगी बोरिंग,प्रस्ताव तैयार

  • REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 
लखनऊ । उत्तर प्रदेश  में सोलर पंप लगाने वाले किसानों को प्रदेश सरकार बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। लघु एवं सीमांत किसानों को सिर्फ 10 फीसदी मूल्य पर सोलर पंप मुहैया कराने की योजना है। बाकी 90 फीसदी कीमत राज्य सरकार देगी। बड़े किसानों को 20 फीसदी कीमत चुकानी होगी। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। प्रस्ताव को कैबिनेट में भेजा जाएगा। सरकार की इस योजना को पंचायत चुनाव के नजरिए से भी अहम माना जा रहा है।प्रदेश में 238.22 लाख किसान हैं। इनमें करीब 93 फीसदी लघु एवं सीमांत किसान हैं। प्रदेश सरकार बिजली और डीजल की कृषि क्षेत्र में खपत कम करने, पर्यावरण प्रदूषण बचाने और किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। बिजली कनेक्शन को कम करके सोलर पंप को सिंचाई व्यवस्था में शामिल किया जा रहा है। दो हार्स पॉवर से लेकर 10 हार्स पॉवर तक के सोलर पंपों द्वारा सिंचाई करने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभी तक सोलर पंप पर 60 फीसदी अनुदान दिया जाता है। अब इसे बढ़ाने की तैयारी है।
कृषि विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाअभियान पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगवाने वाले लघु एवं सीमांत किसानों को  लागत का 90 फीसदी और बड़े किसानों को 80 फीसदी तक अनुदान दिया जाए। कार्ययोजना तैयार की गई है। सोलर पंप लगवाने वाले किसानों को बोरिंग खुद करानी होगी। मोटर, सोलर पैनल आदि योजना के तहत तय की गई वेंडर कंपनी से लगवाया जाएगा। दो हार्स पॉवर के सोलर पंप पर करीब 1.80 लाख और पांच हार्स पावर के पंप पर करीब 4.80 लाख का खर्च आता है।प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाअभियान पीएम कुसुम योजना के तहत  2017-18 से  2024-25 तक 79,516 सोलर पंप लगवाए गए हैं। 2025-26 के लिए 45 हजार सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में 70 फीसदी भूमि की सिंचाई भूजल के माध्यम से की जाती है।कृषि विभाग के पोर्टल पर पीएम कुसुम योजना के फोल्डर पर जाकर पंजीयन करना होगा। विभाग की ओर से तय की गई अंतिम तिथि के बाद पहलो आओ, पहले पाओ अथवा लाटरी सिस्टम से सोलर पंप का आवंटन किया जाएगा। इसके लिए जिला और प्रदेश स्तर पर चयन कमेटी भी बनेगी।

दिव्यांग का घर बुलडोजर से ढहाने में नपे कानूनगो-लेखपाल,डीएम ने नायब तहसीलदार को भी हटाया

फतेहपुर में मलवां ब्लॉक के बरकतपुर गांव में मनमाने ढंग से बुलडोजर से गिराए गए दिव्यांग के घर का मामला लखनऊ तक पहुंचा तो धड़ाधड़ कार्रवाई हो गई। जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह ने कानूनगो और क्षेत्रीय लेखपाल को निलंबित करने के साथ ही विभागीय जांच के आदेश दे दिए।
नायब तहसीलदार को तहसील से हटाते हुए कार्रवाई के लिए राजस्व परिषद में पत्राचार भी कर दिया।बिंदकी विधायक जयकुमार जैकी ने सोमवार को मामले को प्रमुख सचिव के सामने रखा था। उन्होंने मुख्य एवं विशेष सचिव रविंद्र कुमार को जांच के लिए भेजा। पीड़ित के बयान दर्ज करने के साथ ही ढहे घर की फोटो लेकर वह लखनऊ रवाना हो गए।बरकतपुर गांव में 16 जुलाई को चकमार्ग पर अतिक्रमण के आरोप में दिव्यांग अनिल कुमार का घर ढहा दिया गया था। पीड़ित का आरोप था कि पैमाइश में मकान का कुछ हिस्सा चकमार्ग पर निकला था, लेकिन राजस्व अफसरों ने पूरे आवास को जमींदोज करते पूरे परिवार को बेघर कर दिया। बिंदकी विधायक ने रविवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।
एडीएम अविनाश त्रिपाठी के मुताबिक खागा तहसील के नायब तहसीलदार अरविंद कुमार के अगुवाई में राजस्व टीम से मामले की जांच कराई गई थी। जांच में राजस्व कर्मियों की लापरवाही सामने आई है।रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने कानूनगो जितेंद्र सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल आराधना को निलंबित किया है। लेखपाल की जांच तहसीलदार सदर और कानूनगो की जांच एसडीएम बिंदकी को सौंपी गई है। नायब तहसीलदार कांधी जीएल राठौर को तहसील से हटाते हुए भूलेख दफ्तर से संबद्ध किया गया है। उनके खिलाफ  कार्रवाई के लिए राजस्व परिषद को लिखा गया है। डीएम रविन्द्र सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार को पीएम आवास समेत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए बीडीओ को भेजकर  प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।

दलित दिव्यांग का मकान ढहाने के मामले में अनुसूचित आयोग गम्भीर, होगा एक्शन

विधानसभा बिंदकी  फतेहपुर के विधायक एवं पूर्व मंत्री जय कुमार सिंह जैकी ने अनुसूचित जाति आयोग कार्यालय में आयोग के चेयरमैन बैजनाथ रावत से भेंट किया। उन्होंने शिकायती पत्र सौंपकर आयोग को अवगत कराया कि ग्राम बरमतपुर थाना तेलियानी तहसील सदर फतेहपुर में उप जिला अधिकारी ने एकतरफा अमानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए एक गरीब दलित दिव्यांग महिला को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से उसके भूमिधरी भूमि में बने मकान को अवैध तरीके से ढहा दिया है।विधायक ने मांग की कि घटना की जांच आयोग की टीम मौकै पर पहुंचकर करे और दोषियों को दण्डित करके पीड़ित को न्याय प्रदान करें। विधायक के अनुरोध को स्वीकार करते हुए आयोग की एक टीम का गठन किया गया जिसको घटना स्थल का दौरा करने का निर्देश दिया। टीम अपनी रिपोर्ट देगी,उसके उपरांत आयोग समुचित कार्यवाही करेगा। किसी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।एससी आयोग के चेयरमैन बैजनाथ रावत ने कहा कि निष्पक्ष जांच होगी और ठोस कार्यवाही होगी।किसी की मनमानी नही चलने पायेगी।भ्रष्टाचार के मामले में जोरो टॉलरेंस की पॉलिसी पर आयोग काम करता है।

सरकार दिव्यांगों पर मेहरबान, कर्मचारी कर रहे उत्पीड़न 

-रिश्वत मिली तो ठीक वर्ना बिगाड़ देते बना बनाया काम

राज्य सरकार दिव्यांगों के सशक्तिकरण और स्वावलंबन पर बराबर फोकस कर रही है और उनके लिए अनेक योजनाएं भी लागू कर रही है। इनको समाज मे समुचित सम्मान मिले,इस खास ध्यान दिया जा रहा है लेकिन कुछ अफसरों और कर्मचारियों के कारण दिव्यांगों को दर दर भटकना पड़ रहा है। रिश्वतखोरी का आलम यह है कि ‘दो’ तो ठीक वर्ना बना बनाया काम बिगाड़ने में तनिक भी देरी नहीं लगाते हैं।
यह उदगार हैं बाराबंकी जिले की तहसील रामसनेही घाट अंतर्गत कस्बा सुमेरगंज निवासी भुक्तभोगी दिव्यांग संजय कुमार श्रीवास्तव पुत्र विजय कुमार श्रीवास्तव के।उन्होंने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाते हुए अवगत कराया है कि मैं दाहिने पैर से विकलांग हूं। विकलांग कार्ड बनवाने के लिए मैंने जनसेवा से ऑनलाइन आवेदन करके 5 अगस्त 2023 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी बाराबंकी कार्यालय जाकर संबंधित अधिकारी के सामने विकलांगता दिखाकर अपना फार्म जमा कर दिया ।इसके बाद संबंधित अधिकारी द्वारा 5 अगस्त 2023से 5 अगस्त 2024 तक के लिए टेंपरेरी दिव्यांग कार्ड 40 प्रतिशत का बना दिया गया था। 1 वर्ष पूर्ण होने पर जब मैं अपना दिव्यांग कार्ड रिन्यूअल कराने के लिए सीएमओ बाराबंकी कार्यालय के दिव्यांग विभाग में जाकर सम्बंधित उस कर्मचारी से मिला जो कि दिव्यांग विभाग में कार्यभार देखते हैं ,जिसपर उन्होंने हमारा टेंपरेरी कार्ड वी आधार कार्ड तथा रिनीवल की एप्लीकेशन जमाकर ली।  इसके तीन दिन बाद नेट पर  चेक किया तो विकलांग कार्ड टेंपरेरी 40 प्रतिशत से परमानेंट 40 प्रतिशत हो गया था। जिसको नेट से जनसेवा केंद्र के माध्यम से निकलवा लिया, लेकिन सम्बंधित कर्मचारी द्वारा सर्टिफिकेट नहीं बनाया गया।
इस बाबत  सीएमओ दफ्तर जाकर उसी कर्मचारी से फिर मिला तब उनके द्वारा बताया गया की हम अभी कोई बात नहीं कर पाएंगे। मेरा मोबाइल नंबर ले लीजिए कल मुझे फोन कर लीजिएगा। जब मैं दूसरे दिन उन्हें फोन किया तो परमानेंट सर्टिफिकेट बनाने के लिए सम्बंधित कर्मचारी द्वारा मोबाइल पर 3000 रूपये की मांग की गई लेकिन प्रति अत्यंत गरीब होने के कारण 3000 देने में असमर्थता जताई तब उन्होंने कहा की इसतरह काम नहीं हो पाएगा। इसके बाद तत्काल उनके द्वारा हमारा विकलांग कार्ड तत्काल डिलीट कर दिया गया।अब पीड़ित दिव्यांग संजय श्रीवास्तव इधर उधर भटक रहा है।सरकार दिव्यांगों की मदद के पक्ष में है और कर्मचारी लूटखसोट में मस्त हैं। दिव्यांग संजय ने शासन और आला अफसरों मांग की है कि उसके साथ न्याय किया जाए और उत्पीड़न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाय ताकि शारीरिक रूप से अक्षम लोगों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न न होने पाए।

बिना टिकट यात्रा कराने पर रोडवेज के परिचालक की सेवा समाप्त

परिवहन निगम के सुल्तानपुर डिपो के संविदा परिचालक पवन कुमार शुक्ला को भ्रष्टाचार में लिप्त पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से उनकी संविदा समाप्त कर दी गयी है। पवन कुमार शुक्ला भ्रष्टाचार में लिप्त रहते हुए 9 यात्रियों का टिकट नहीं बनाया था, जिसमें से मोतिगरपुर से सुलतानपुर के लिए 7 यात्री एवं कादीपुर से सुलतानपुर के लिए 2 यात्री शामिल थे। जिनका टिकट का किराया लेने के बावजूद निरीक्षण स्थल तक उनका टिकट जारी नहीं किया गया था। पंकज कुमार अम्बेश सहायक यातायात निरीक्षक एवं रामजगत सहायक यातायात निरीक्षक, स्टेट फ्लाइंग चेकिंग स्कवाड ने सुलतानपुर डिपो की वाहन संख्या यूपी 42 बीटी 5388 ने 16 जुलाई को परिचालक पवन कुमार शुक्ला के विरूद्ध शासन को जांच रिपोर्ट प्रेषित की थी, जिसमें इनके विरूद्ध 9 यात्रियों को बिना टिकट यात्रा कराना पाया गया था। राज्य परिवहन निगम के प्रबंधक प्रवर्तन गौरव वर्मा ने बताया कि उनके कार्यभार ग्रहण करने से अब तक की गयी कार्यवाही में 100 से अधिक इस प्रकार की घटनायें पाई गयी थी । उन्होंने बताया कि  बड़े पैमाने पर डब्लू टी का गिरोह चलाया जा रहा है, जिसमें इनकी महत्वपूर्ण भूमिका पाई गयी है। प्रदेश सरकार एवं परिवहन मंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाये जाने पर किसी भी अधिकारी,कर्मचारी को बक्शा नहीं जायेगा। कठोर से कठोर कार्रवाई की जायेगी।

पर्यटन विभाग ने मंजूर की गढ़मुक्तेश्वर के विकास के लिए 19.50 करोड़ की परियोजनाये

हापुड़ स्थित गढ़मुक्तेश्वर और उसके आसपास के क्षेत्रों की धार्मिक, सांस्कृतिक व प्राकृतिक विरासत को आधुनिक स्वरूप देने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने 19.50 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। परियोजनाओं से तीर्थस्थलों के सौंदर्यीकरण होगा और आधुनिक पर्यटक सुविधाये विकसित होंगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक देशी-विदेशी सैलानियों को आकर्षित करके स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करना है। पर्यटन एवं संस्कृति  जयवीर सिंह ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर एक पौराणिक एवं धार्मिक स्थल है। गंगा किनारे स्थित इस स्थल पर दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए आते है। इन परियोजनाओं में ब्रजघाट का पुनर्विकास सम्मिलित है, जहां वॉटर लेज़र शो, वेंडिंग ज़ोन, फूड प्लाज़ा और आधारभूत सामुदायिक सुविधाओं की स्थापना की जा रही है। नगर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों जैसे नक्का कुआं गुरु तेगबहादुर गुरुद्वारा के पास कल्याणेश्वर महादेव मंदिर, और पंचायत मंदिर बड़ा बाज़ार का भी पर्यटन विकास किया जा रहा है। हापुड़ का गढ़मुक्तेश्वर प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक नगर है, जो अब पर्यटन विकास की दृष्टि से भी उत्तर प्रदेश के मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। गंगा नदी के तट पर स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर, जो भगवान शिव को समर्पित है, श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इस मंदिर को मनोकामनाएं पूरी करने वाला माना जाता है। यहां हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर एक ऐतिहासिक मेला लगता है। मान्यता है कि यह मेला 5000 वर्षों से समय से लगता रहा है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा यहाँ पर्यटन अनुभव को और भी समृद्ध करने के लिए गढ़मुक्तेश्वर के आसपास के गांवों में ग्रामीण होमस्टे विकसित किए गए हैं। यहाँ गंगा नदी के किनारे बसे पूठ पुष्पावती गांव में 10 होमस्टे स्थापित किए गए हैं, जिससे पर्यटकों को गांवों की जीवनशैली, परंपराएं और आतिथ्य का अनुभव हो सके। यह प्राचीन गांव महाभारत कालीन धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है। यहाँ का शिव मंदिर, शांत घाट, और ऐतिहासिक शंकर टीला इस स्थान की आध्यात्मिक आभा को और बढ़ाते हैं। स्थानीय समुदाय की भागीदारी से  पर्यटन को प्रोत्साहन मिल रहा है। ग्रामवासियों को आतिथ्य, स्टोरीटेलिंग, फूड सेफ्टी और गाइडिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है। 15 महिलाओं और युवाओं के लिए अगरबत्ती और धूपबत्ती निर्माण पर एक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें गोबर, फूलों और जड़ी-बूटियों जैसे प्राकृतिक तत्वों से पर्यावरण अनुकूल उत्पाद बनाना सिखाया गया। इस प्रशिक्षण में ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार से जुड़ाव पर भी फोकस किया गया, जिससे स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के करीब होने के कारण गढ़मुक्तेश्वर और हापुड़ का यह क्षेत्र अब एक आदर्श वीकेंड डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों नागरिक आसानी से इन स्थलों का आनंद ले सकते हैं, खासकर उन पर्यटकों के लिए जो आध्यात्मिक शांति के साथ स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन का अनुभव करना चाहते हैं।

प्राइमरी स्कूल बंद किये जा रहे ताकि पढ़ न सकें गरीबों के बच्चे-भाकपा

देश में गरीबों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दूसरी ओर 5000 सरकारी प्राइमरी स्कूल बंद किया जा रहे हैं ताकि गरीबों के बच्चे पढ़ न हो सकें।यह उदगार भाकपा नेता स्व. का. रामदुलारे यादव की श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव बृजमोहन वर्मा ने व्यक्त किये। पार्टी के राज्य परिषद सदस्य प्रवीण कुमार ने कहा कि प्रदेश में क़ानून का राज समाप्त हो गया  है।  काँवाड़िये उपद्रव कर रहे और शासन प्रशासन फूल बरसा रहा है।पार्टी के कोषाध्यक्ष शिव दर्शन वर्मा ने कहा देश में भ्रष्टाचार चरम पर है,सत्ता के करीबी भ्रष्टाचारियों पर कोई कार्यवाही नही होती।किसान सभा अध्यक्ष विनय कुमार सिंह विनय कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को खाद उपलब्ध नही हो पा रही, एक बोरी खाद के साथ नैनो यूरिया जबरन बेंची जा रही है, पार्टी नेता मुनेश्वर प्रसाद ने बताया कि कामरेड रामदुलारे जीवन भर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य रहे,वे सम सामयिक मुद्दों पर गीत गाकर लोगों को जागरूक करते थे, नेत्र हीन होने के बाद भी पार्टी में सक्रिय थे, श्रद्धांजलि सभा में जितेंद्र श्रीवास्तव जित्तू भैया ने  कविता के द्वारा श्रद्धांजली दी, सभा में, दीपक शर्मा, संदीप तिवारी, ज्ञानेश्वर वर्मा, योगेंद्र सिंह, ओमप्रकाश वर्मा, आदि लोग मौजूद रहे।इस अवसर पर उनकी पत्नी व पुत्री पार्टी कार्यालय पर मौजूद रहे। लोगों ने स्वर्गीय रामदूलारे यादव के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार कर रही हैं अभूतपूर्व कार्य – केशव 

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा उल्लेखनीय व उत्कृष्ट कार्य किए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री को देश व विदेश में विपणन हेतु सरकार प्रयत्नशील है और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए उत्कृष्ट कार्य किए जा रहे हैं । स्वयं सहायता समूह महिला सशक्तिकरण के शक्ति केंद्र के साबित हो रहे हैं श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में  किए जा रहे कार्यों से महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्रांति आई है। सरकार सबका साथ- सबका विकास -सबका विश्वास और सबका प्रयास के साथ आगे बढ़ रही है। सरकार व समाज की सहभागिता से समूह स्वावलंबी  तो होंगे ही और विकास की नई ऊंचाइयों को भी छुएंगे। महिलाएं जो काम करती हैं ,उसमें सफलता अवश्य  मिलती हैं । सरकार उनके सहयोग के लिए हमेशा तैयार है।महिला स्वयं सहायता समूह वर्तमान में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्रांति का एक केंद्र बन चुका है।आज देश एवं प्रदेश के हर जिले हर गांव में समूह की महिलाओं को बहुत बड़ी ताकत के रूप में देखा जाता है। विकास खंडों में स्वास्थ्य की दृष्टि से, शिक्षा की दृष्टि से, स्वच्छता की दृष्टि से, शुद्ध पेयजल की दृष्टि से, पंचायती राज्य व्यवस्था की दृष्टि से, समूहों द्वारा सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं।महिलाएं समाज में हर क्षेत्र में आगे बढ़कर हिस्सा ले रही हैं और स्वावलंबी बनाने के हर आयाम से जुड़ रही हैं। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा सोत्र हैं। राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दे रही हैं। सरकार की मंशा है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सबल बनाया जाए। समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पाद तैयार होंगे तो उनकी बिक्री भी बहुत अच्छी होगी। ग्राम्य विकास विभाग इस कार्य में हर प्रकार का सहयोग प्रदान  कर रहा है।

सीईओ ने की 25 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सुनवाई

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने 25 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने कार्यालय में सोमवार को सुनवाई की। उनके द्वारा प्रत्येक दल द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। उन्होंने अंशदान रिपोर्ट, वार्षिक लेखा परीक्षण ऑडिट रिपोर्ट एवं निर्वाचन व्यय विवरणी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर बिंदुवार जानकारी ली।प्रदेश के 119 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के उपरांत, सुनवाई की नियत तिथि 21 जुलाई को केवल 25 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। इन राजनीतिक दलों ने पिछले छह वर्षों के दौरान कोई भी निर्वाचन नहीं लड़ा है। कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से उक्त दलों के अध्यक्षों एवं महासचिवों को अपना प्रत्यावेदन, शपथपत्र हलफनामा एवं आवश्यक अभिलेखों के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश, कार्यालय में जमा करने एवं सुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश दिये गए थे। 119 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलो में 94 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दल प्रत्यावेदन सुनवाई में अनुपस्थित रहे।सुनवाई में पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में आदर्श लोकदल फतेहपुर आदर्श मानवतावादी पार्टी लखनऊ आदर्श व्यवस्था पार्टी देवरिया अखिल भारतीय राष्ट्रीय परिवार पार्टी वाराणसी,अखिल भारतीय विकास कांग्रेस पार्टी लखनऊ अखिल राष्ट्रवादी पार्टी कासगंज आजाद भारत पार्टी यूनाइटेड वाराणसी बहुजन विजय पार्टी गोरखपुर देशहित पार्टी देवरिया इंडिया राइजिंग पार्टी कन्नौज जन विकासपार्टी लखनऊ कठोर शासन पार्टी बिजनौर, लोकतांत्रिक युवाशक्ति पार्टी आगरा, पूर्वांचल जनता दल बलिया, राष्ट्रीय समाजवादी जनक्रांति पार्टी गौतमबुद्ध नगर, समता समाजवादी कांग्रेस पार्टी वाराणसी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश विकास पार्टी गौतमबुद्धनगर, इंडियन बहुजन समाजवादी पार्टी बिजनौर, राष्ट्रीय कांग्रेस जे. पार्टी मुरादाबाद, नवजन क्रांति पार्टी वाराणसी, गांधी एकता पार्टी वाराणसी, शांति मोर्चा गाजियाबाद राष्ट्रवादी प्रताप सेना हापुड़, भारतीय संगठित पार्टी एस. गाजियाबाद एवं देशभक्त निर्माण पार्टी मऊ के राष्ट्रीय अध्यक्ष,महासचिव उपस्थित रहे।

जलशक्ति मंत्री ने भूजल सप्ताह का किया समापन,भूजल सप्ताह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक जन जागरण

भूजल सप्ताह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन जागरण है, हमारी धरती की प्यास बुझाने का संकल्प है। इस अभियान को सिर्फ एक सप्ताह की जागरूकता तक सीमित मत रखिए, इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाइए। जिस दिन आपका घर, आपकी कॉलोनी, आपका शहर-सब मिलकर जल बचाना शुरू करेंगे, उसी दिन एक स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित भारत का निर्माण शुरू हो जाएगा।  जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने यह बातें आज यहां गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित भूजल सप्ताह के राज्य स्तरीय समापन समारोह के अवसर पर कहीं। भूजल सप्ताह के अंतर्गत प्रदेशव्यापी अभियान के माध्यम से सभी जनपदों, ब्लॉकों, संस्थानों एवं विद्यालयों में जल संचयन की दृष्टि से जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किये गए।भूजल सप्ताह के समापन समारोह की अध्यक्षता कर रहे जल शक्ति मंत्री द्वारा जल की प्रत्येक बूँद की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए अवगत कराया गया कि जल हमारे ग्रह का जीवन रक्त है, जो जीवन को बनाए रखता है। प्रदेश की तेज गति से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में जल की भूमिका बहुआयामी है तथा इसकी उपलब्धता विभिन्न क्षेत्रों को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित करती है। इसलिए आज  आवश्यक हो गया है कि हम जल संरक्षण एवं संवर्धन को त्वरित गति प्रदान करें एवम् इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की स्थानीय आवश्यकताओं एवम् भूगर्भ जल परिस्थितियों के अनुरूप उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल  अधिनियम-2019 लागू किया गया है। प्रदेश के शासकीय, अर्द्धशासकीय तथा स्कूल-कालेजों के भवनों पर रूफटाप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की अनिवार्य रूप से स्थापना को अधिनियम के प्राविधानों में सम्मिलित किया गया है तथा इस विषय में निरन्तर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। अटल भूजल योजना के लाभकारी परिणामों से प्रेरित होकर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा प्रदेश के शेष जनपदों में उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है। आज, जल संरक्षण मात्र एक जरूरत नहीं सामूहिक जिम्मेदारी बन गयी है। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहां एक तरफ़ भूजल की उपलब्धता निरन्तर कम होती जा रही है, वहीं, इस संसाधन पर दबाव अत्यधिक बढ़ता जा रहा है। हर राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी के हाथों में होता है। कोई सरकार, कोई नीति, कोई तकनीक उतनी असरदार नहीं हो सकती, जितनी कि युवाओं की सोच, उनका जज़्बा और उनका संकल्प। इसलिए मैं आपसे कहता हूं कि 2047 में जब भारत अपनी आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब वह भारत कैसा होगा- यह कोई और नहीं, आप तय करेंगे। आप जो सोचेंगे, जो करेंगे, जैसे आदतें अपनाएंगे वही भविष्य की नींव बनेगी। आपका एक कदम आने वाले भारत को जल संकट से बचा सकता है।

प्रमुख सचिव श्रम की अध्यक्षता में हुई सेवा मित्र समिति की बैठक 

प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन एमके शन्मुगा सुन्दरम की अध्यक्षता में सेवा मित्र समिति की बैठक नवीन भवन स्थित उनके कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई, जिसमें विस्तार से संवामित्र व्यवस्था पर चर्चा की गई।बैठक में सेवाप्रदाताओं से लिए जाने वाले 10 प्रतिशत सेवा शुल्क स्थगित किये जाने का निर्णय लिये जाने के साथ सेवा प्रदाताओं के साथ स्किल्ड वर्कर्स की आनबोर्ड किये जाने का भी निर्णय लिया गया, जिससे कामगारों के सीधें इस स्वयवस्था से जुड़ने से अधिक सेवाएं जन समान्य का उपलब्ध हो सकेगी तथा स्थानीय स्तर पर भी रोजगार सृजन में वृ़िद्व होगी। सेवा मित्र व्यवस्था का प्रभावी प्रचार-प्रसार, सरकारी कार्यालयों में जो कार्य जेम पोर्टल के माध्यम से नही कराये जा रहे हैं, उनको सेवामित्र के माध्यम से कराये जाने तथा सेवा मित्र पोर्टल एवं रोजगार संगम पोर्टल का विलय किये जाने आदि विन्दुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।प्रमुख सचिव सुन्दरम ने कहा कि सेवामित्र पोर्टल  एवं काल सेन्टर टोल फ्री न0 -155330 सेवा नागरिकों को घरेलू सेवाएं  इलेक्ट्रीशियन  प्लम्बर कारपेंटर अप्लायंस रेपेयर आदि उपलब्ध कराने एवं कुशल कामगारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की प्रदेश सरकार की एक अनुपम पहल है। इसके माध्यम से नागरिकों को एक फोन काल, जिसका टोल फ्री न0 155330 है पर प्रशिक्षित कामगारों के माध्यम से स्थानीय सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होने कहा कि जहॉ एक ओर इस योजना से कौशल प्राप्त कामगारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो सकेगा वही दूसरी ओर सेवा मित्र प्लेटफार्म सेवाप्रदातााओं के लिए अपना व्यवसाय बढ़ाने में सहायक होगा। इसके साथ ही यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की प्रदेश सरकार की एक अनूठी पहल है।

दुग्ध विकास : ‘कृषकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम योजना’ हेतु 136.46 लाख  स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने दुग्ध विकास के अंतर्गत आच्छादित संस्थाओं के माध्यम से कृषकों को प्रशिक्षण दिए जाने हेतु कृषकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 136.46 लाख रुपये की धनराशि प्रथम किश्त के रूप में स्वीकृत की है। यह धनराशि 31 जनपदों के लिए जिला योजना एससीपी के तहत स्वीकृत की गई है।दुग्ध विकास विभाग द्वारा इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश में कहा गया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के लिए एससीपी,टीएसपी मानक के अनुरूप व्यय की जाएगी। जारी आदेशानुसार योजना के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन एवं स्वीकृत धनराशि के नियामानुसार व्यय के संबंध में जनपद मैनपुरी, आगरा, मेरठ, झांसी, जालौन उरई हमीरपुर, बांदा, महोबा, लखनऊ, लखीमपुरखीरी, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, रामपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, प्रयागराज. प्रतापगढ़, कानपुर, अयोध्या, अम्बेडकर नगर, गोण्डा एवं बहराइच के दुग्धशाला विकास अधिकारी उप दुग्धशाला विकास अधिकारी  आहरण वितरण अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

छुट्टा गोवंश के भरण-पोषण हेतु 02 अरब 50 करोड़ स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के छुट्टा गोवंश के भरण-पोषण  हेतु 02 अरब 50 करोड़ रूपये की धनराशि वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वीकृत की है। द्वितीय किश्त के रूप में स्वीकृत धनराशि का व्यय अस्थाई गोवंश आश्रय की स्थापना, संचालन व संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण हेतु किया जायेगा। आवंटित धनराशि का उपयोग अधिकतम 50 रूपये  प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से किया जायेगा। इस संबंध में पशुधन विभाग द्वारा शासनादेश जारी करते हुए निदेशक, प्रशासन विकास पशुपालन विभाग को अस्थाई गोवंश आश्रय के सुचारू संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा निराश्रित बेसहारा गोवंश के निराकरण के लिये उत्तर प्रदेश के समस्त ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायों यथा ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निकायों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना व संचालन नीति प्रख्यापित की गयी है, जिसके तहत संरक्षित छुट्टा गोवंश की देखभाल का निरन्तर कार्य किया जा रहा है।

आपदा पीड़ितों को राहत के लिए चार करोड़ रूपय मंजूर

प्रदेश के राजस्व विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार द्वारा घोषित विभिन्न आपदाओं से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों परिवारों को राहत सहायता प्रदान किये जाने के लिए  04 करोड़ रूपय मंजूर किये हैं। मंजूर की गयी धनराशि संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी के निवर्तन पर रखी गयी है। गाज़ियाबाद के लिए 01 करोड़ रूपये, लखीमपुर खीरी के लिए 02 करोड़ रूपये एवं फर्रूखाबाद के लिए 01 करोड़ रूपये मंजूर किये गये हैं। शासन द्वारा निर्देश दिये गये हैं कि स्वीकृत धनराशि  निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित जनपदीय कोषागार से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ई-पेमेन्ट के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा।

दीक्षांत समारोह में महिला सशक्तिकरण और हुनर को आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर दिया गया बल

गोमती नगर स्थित इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन भवन में जन शिक्षण संस्थान, लखनऊ एवं आईआईए लखनऊ चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में “दीक्षांत समारोह एवं उद्यमिता में कौशल की महत्ता” विषयक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर असिस्टेंट ड्रेस मेकर और ब्यूटी केयर असिस्टेंट ट्रेड में प्रशिक्षित 100 महिलाओं और किशोरियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।समारोह की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष  बबीता चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपने हुनर और आत्मविश्वास के बल पर समाज को नया दिशा देने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल अवसर की आवश्यकता है, और यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन व प्रशिक्षण मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेंगी। विशिष्ट अतिथि डॉ. हरिओम, प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने संप्रेषण कौशल की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि अपने हुनर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना भी एक आवश्यक कला है।आईआईए लखनऊ चैप्टर की उपाध्यक्ष  आनंदी अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि उनकी महिला विंग आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को उद्यमिता की ओर अग्रसर कर रही है। महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ स्वरोजगार की दिशा में बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर समाज में अपनी मजबूत भूमिका निभा सकें।संस्थान के निदेशक अनिल कुमार श्रीवास्तव ने जन शिक्षण संस्थान योजना की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान प्रतिवर्ष लगभग 1800 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य कर रहा है।आईआईए लखनऊ चैप्टर के अध्यक्ष  विकास खन्ना ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि स्वावलंबी भारत का निर्माण तभी संभव है जब युवा और महिलाएं आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने आईआईए की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

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