LUCKNOW:UP में 9 IAS और PCS अफसरों का तबादला,क्लिक करें और भी खबरें

-अरविंद कुमार मिश्रा को बने अपर निदेशक सूचना

  • REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 
लखनऊ ।उत्तर प्रदेश सरकार ने कई विभागों में 9 अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है। मकसद प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और सुचारु बनाना है। जारी तबादला सूची में अरविंद कुमार मिश्रा को सूचना विभाग का अपर निदेशक नियुक्त किया गया है। सूचना विभाग राज्य सरकार की योजनाओं, नीतियों के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाता है।
 वहीं विनोद कुमार गौड़ को फर्रुखाबाद का मुख्य विकास अधिकारी सीडीओ बनाया गया है। अब उनकी जिम्मेदारी जिले के विकास कार्यों की निगरानी और समन्वय की होगी।डॉ. अलका वर्मा को निदेशक प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की जिम्मेदारी दी गई।गौरव रंजन श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है, क्योंकि आयोग राज्य की सबसे बड़ी भर्ती एजेंसियों में से एक है।अमित कुमार को बहराइच का द्वितीय अपर जिलाधिकारी बनाया गया है। प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अमित कुमार को जिले में कानून-व्यवस्था और राजस्व मामलों में विशेष जिम्मेदारी दी गई है।लखनऊ  जिले में महेंद्र पाल सिंह को एडीएम पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।अविनाश चंद्र मौर्य को औरैया जिले का अपर जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और विकास कार्यों की निगरानी का दायित्व सौंपा गया है। नरेंद्र सिंह को मंडी परिषद का उपनिदेशक नियुक्त किया गया है। मंडी परिषद में उनकी भूमिका किसानों की सुविधाओं, मंडी सुधार और फसलों के उचित मूल्य को सुनिश्चित करने की होगी।दूसरी ओर गरिमा स्वरूप को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में ओएसडी  के रूप में नियुक्त किया गया है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए उनकी यह तैनाती अहम मानी जा रही है।

महिलाओं के नाम रजिस्ट्री पर मिलेगी छूट,यूपी कैबिनेट मीटिंग में 37 प्रस्तावों को मंजूरी

महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर स्टांप में छूट देने का फैसला लिया गया है। एक करोड़ तक की रजिस्ट्री में एक फीसदी स्टांप तक की छूट दी जाएगी। इसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये रखी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज मंगलवार को लोकभवन में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में कैबिनेट ने 37 प्रस्तावों को मंजूरी दी है।बैठक के बाद यूपी सरकार के मंत्रियों ने फैसलों के बारे में जानकारी दी। बैठक में निर्णय लिया गया कि छात्रों को स्मार्टफोन नहीं बल्कि सिर्फ टैबलेट दिया जाएगा। इसके लिए दो हजार करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। अभी तक 60 लाख बच्चों को टैबलेट दिया जा चुका है। प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने बताया कि टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से सभी 121 पॉलीटेक्निक में टाटा टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित होगा। पहले चरण में 45 पॉलीटेक्निक अपग्रेड किए जाएंगे। इस पर 6935 करोड़ का खर्च आएगा। इसके सारे उपकरण टाटा कंपनी उपलब्ध करवाएगी। प्रति पॉलीटेक्निक 57 करोड़ रुपये का खर्च होगा। ये कायाकल्प एक साल में होगा।पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि पराग डेयरी को नोएडा में भूखंड को दिया जाएगा।बैठक में यूपी विधानसभा का मानसून सत्र 11 अगस्त तक चलाने का निर्णय लिया गया।बुंदेलखंड और पूर्वांचल के किसानों की आमदनी बढ़ाने केलिए विश्व बैंक साथ साझा कार्यक्रम यूपी सरकार चला रही। इसके तहत जेवर एयरपोर्ट के पास प्रोसेसिंग और निर्यात की व्यवस्था की जाएगी। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। जेवर पर कार्गो का बड़ा सिस्टम डेवलप किया जा रहा। उन्नाव में हेचरी सीड उपलब्ध कराने के लिए यूएई की कंपनी 4000 करोड़ का निवेश करेगी।यूएई की कंपनी फूडपार्क भी बनाएगी।

यूपी के पास दुनिया का पेट भरने की सामर्थ्य,खेती खुशहाली का ज़रिया पलायन का नहीं-योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उप्र कृषि अनुसंधान परिषद के 36वें स्थापना दिवस में शिरकत की। सीएम ने प्रदर्शनी का अवलोकन और पुस्तिकाओं-न्यूज लेटर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘विकसित कृषि-विकसित उत्तर प्रदेश@ 2047’ में अपने विचार रखे।सीएम ने कहा कि आज भी यूपी में सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र कृषि है। तीन करोड़ किसान कृषि पर निर्भर करते हैं। सर्वाधिक रोजगार एमएसएमई दे रहा है। 1.65 करोड़ लोग रोजगार प्राप्त करते हैं।मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कृषि पलायन का नहीं, बल्कि खुशहाली का माध्यम बने। यह तभी संभव है, जब इस क्षेत्र में किए जाने वाले अनुसंधान का लाभ किसानों को दे पाएंगे। सीएम ने कहा कि यूपी विकसित होता है तो भारत को विकसित होने से कोई ताकत रोक नहीं सकती। हमें भारत की जलवायु, मिट्टी के अनुरूप शोध व विकास को बढ़ाने के लिए खुद को तैयार करना होगा। यूपी के अंदर यह सभी संभावनाएं छिपी हुई हैं। पीएम मोदी ने देशवासियों के सामने 2047 तक भारत को विकसित करने का लक्ष्य रखा है। केंद्र सरकार ने तय किया है कि भारत पांच ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनेगा।हमने तय किया कि 2029 में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाएंगे। कृषि व कृषि अनुसंधान की दृष्टि से यूपी प्रकृति व परमात्मा की कृपा वाला प्रदेश है। हमारे पास विस्तृत और उर्वरा कृषि भूमि, पर्याप्त जल संसाधन है। दुनिया में उत्तर प्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य होगा, जिसका 86 फीसदी से अधिक भूभाग सिंचित है। यहां केंद्र व राज्य सरकार के कृषि विश्वविद्यालयों का बेहतरीन संजाल है। यूपी सरकार पहले से चार कृषि विवि संचालित कर रही है। पांचवां विवि भी स्थापित हो रहा है। केंद्र व राज्य सरकार के कृषि विश्वविद्यालयों का बेहतरीन संजाल है। यूपी सरकार पहले से चार कृषि विवि संचालित कर रही है। पांचवां विवि भी स्थापित हो रहा है। केंद्र सरकार द्वारा भी प्रदेश में पहले से ही कृषि विवि संचालित हो रहे हैं और कृषि अनुसंधान के लिए 15 से अधिक संस्थान कार्यरत हैं। 89 कृषि विज्ञान केंद्र भी अपनी विशेषज्ञता का लाभ किसानों को प्रदान करते हैं।प्रदेश के बमुश्किल 25 से 30 फीसदी किसान वैज्ञानिक शोध व अनुसंधान के कार्यों को प्रभावी ढंग से खेती में लागू कर पा रहे हैं।
देश की आबादी का 16 फीसदी हिस्सा यूपी में निवास करता है। देश के कृषि योग्य कुल भूमि का केवल 11 फीसदी यूपी में है। इस भूमि पर देश का 20 फीसदी से अधिक खाद्यान्न उत्पादन हो रहा है। सीएम ने कहा कि यूपी के पास देश ही नहीं, दुनिया का पेट भरने का भी सामर्थ्य है। कृषि, हॉर्टिकल्चर, सब्जी के लिए हम बहुत कुछ कर सकते हैं। क्लाइमेटिक जोन के अनुरूप अनुसंधान और प्रकृति-पर्यावरण के अनुरूप शोध को बढ़ाने के लिए और गति दिए जाने की आवश्यकता है। शोध व विकास के कार्यक्रमों की गति देश व प्रदेश की प्रगति में निर्णायक भूमिका का निर्वहन कर सकती है। 2047 में जब भारत 30 ट्रिलियन डॉलर की इकॉमनी होगा तो यूपी कहां होगा, उसकी प्रति व्यक्ति आय क्या होगी। कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी क्या स्थिति होनी है। यूपी ने व्यापक कार्ययोजना बनाई है। हम विजन 2047 की कार्ययोजना के साथ तो आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमारे पास शॉर्ट टर्म भी होना चाहिए कि हमें दो वर्ष में क्या अचीव करना है। हमें 2027, 29 और 35 की भी बात करनी चाहिए।  हमने इजराइल की मदद से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए थे। उन्होंने हमें तकनीक सहयोग किया था। यहां के वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षण लेकर उसे आगे बढ़ाने में योगदान किया था। उसका एक्सटेंशन क्या है। हमें उस दिशा में भी प्रयास करने चाहिए। यदि इजराइल यह कार्य कर सकता है तो हमारे कृषि विवि क्यों नहीं कर सकते। कोई फसल एक महीने विलंब होगी और बीज वही पुराना है तो उसके प्रोड्क्शन पर 30 फीसदी तक असर होगा। कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि विवि, अनुसंधान केंद्रों के माध्यम से समय पर सही जानकारी व डिमास्ट्रेशन से बताएंगे नहीं कि इस बीज से इसका इतना प्रोडक्शन लिया जा सकता है तो उसे विश्वास नहीं होगा। कृषि, हार्टिकल्चर, सब्जी, पशुपालन-डेयरी में हम थोड़ा भी प्रयास करेंगे तो लोगों को इस दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं। पीएम मोदी कहते हैं कि लागत कम और उत्पादन को बढ़ाएंगे तो किसानों के चेहरे पर खुशहाली ला सकते हैं, लेकिन यह शोध और विकास के माध्यम से ही संभव हो सकता है। इसमें बहुत कुछ किया जा सकता है। सीएम ने आशा जताई कि उपकार विशिष्ट शोध व विकास कार्यक्रमों के माध्यम से यूपी के किसानों का उपकार करेगा।

Aaj National

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