-यूपी पुलिस के दूरसंचार विभाग में नव चयनित 1,374 सहायक परिचालकों और 120 कर्मशाला कर्मचारियों को नियुक्ति-पत्र वितरित
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ:यूपी के मुख्यमंत्री ने यूपी पुलिस के दूरसंचार विभाग में नव चयनित 1,374 सहायक परिचालकों और 120 कर्मशाला
कर्मचारियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किया।इस मौके पर रविवार को इन्दिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से अब तक 2.17 लाख से अधिक पुलिस कार्मियों की नियुक्त पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत भर्ती की जा चुकी है। जो देश का सबसे बड़ा आकडा है। वर्ष 2017 के बाद से प्रदेश सरकार ने पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को और अधिक प्रभावी बनाते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 में पहली भर्ती हुई तो ट्रेनिंग क्षमता बहुत सीमित थी, लेकिन अब प्रदेश में 60 हजार 244 पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की व्यवस्था उ0प्र0 पुलिस के ट्रेनिंग इंस्टीटयूट में ही की जा रही है। पिछले 08 वर्षों में प्रदेश में पुलिस लाइन, पुलिस मुख्यालय और आवासीय सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है, अब किसी भी जिले में सबसे ऊंचा और बेहतर भवन पुलिस का बैरक होता है, प्रदेश के 10 जिले में जहाँ पुलिस लाइन नही थी, वहाँ नये पुलिस लाइन बनाये गये है, आज उ0प्र0 पुलिस एक मॉडल फोर्स बन चुकी है, जो दंगा मुक्त, अराजकता मुक्त और सुरक्षित प्रदेश की पहचान बन रही है। उन्होने कहा कि पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण महाकुम्भ के आयोजन में देखने को मिला। उन्होने यह भी कही कि पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल में 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गयी है, इसी के तहत दूरसंचार विभाग में चयनित 1494 अभ्यर्थियों में करीब 300 बेटियों का चयन हुआ है।उन्होंने कहा कि उ0प्र0 पुलिस विभाग में अग्निवीर को 20 प्रतिशत रिजर्वेशन देने का निर्णय लिया गया है, इससे प्रशिक्षित और अनुशासित युवा, पुलिस बल का हिस्सा बन सकेगें।
उन्होने महाकुंभ में दूरसंचार विभाग के उत्कृष्ट कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संचार व्यवस्था किसी भी पुलिस फोर्स की रीढ़ होती है। 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में कम्युनिकेशन और दूरसंचार पुलिस की जिम्मेदारी कहीं कम नहीं होती। उन्होंने कुंभ के दौरान दूरसंचार पुलिस के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की और टेक्नोलॉजी को पुलिसिंग का अनिवार्य अंग बताया तथा यह भी कहा कि जब भारत आजादी के अमृतकाल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, तो पुलिस को भी उतना ही संवेदनशील और सख्त होना पड़ेगा। हर दस साल में पीढ़ी बदलती है और हमें इस नई पीढ़ी के सामने एक सुरक्षित, पारदर्शी और समर्थ उत्तर प्रदेश की तस्वीर पेश करनी होगी, जिसमें पुलिस बल एक प्रेरणास्रोत बनकर खड़ा हो ।उन्होंने कहा कि अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध जीरो टॉलरेन्स नीति के तहत 60,244 आरक्षी की ऐतिहासिक भर्ती के पश्चात कम्यूनिकेशन व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के लिए उ0प्र0 पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से उ0प्र0 पुलिस दूरसंचार विभाग में नव चयनित 1,374 सहायक परिचालकों और 120 कर्मशाला कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को सम्पन्न कराया।मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 पुलिस दूरसंचार विभाग में नव चयनित 1,374 सहायक परिचालकों और 120 कर्मशाला कर्मचारियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नव चयनित 12 अभ्यर्थियों कंचन सैनी मुजफ्फरनगर, विकास कुमार पटेल जौनपुर,वैशाली गुप्ता, लखनऊ,तान्या मिश्रा, अयोध्या,संजना सिंह, शाहजहांपुर,अजीज खान मथुरा,पंकज कुमार गौड़, देवरिया,अंकित पासवान, कुशीनगर,अंजुम परवीन, सहारनपुर,बृजेश कुमार वाल्मीकि, लखनऊ,विनीता यादव, रायबरेली ,भूपेंद्र चौधरी, अलीगढ़ को नियुक्ति-पत्र प्रदान कर उन्हे शुभकामनाएं दी गयी।
दूरसंचार विभाग की रीढ़ हैं चयनित कर्मचारी-आशुतोष पाण्डेय
इस मौके पर पुलिस महानिदेशक दूरसंचार आशुतोष पाण्डेय ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उ0प्र0 पुलिस दूरसंचार में अब तक की सबसे वृहृद भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत 1374 सहायक परिचालकों एवं 120 कर्मशाला कर्मचारी का निष्पक्षता एवं पारदर्शिता से चयन किया गया है। यह सभी दूरसंचार विभाग की रीढ़ हैं, इन कर्मचारियों का सूचनाओं के प्रभावी संप्रेषण, यातायात संचालन, अपराध एवं कानून-व्यवस्था में भरपूर सहयोग रहता है। पुलिस महानिदेशक दूरसंचार द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के सभी सदस्यों को उनके अथक परिश्रम और प्रशासनिक निष्पक्षता के लिए विशेष धन्यवाद दिया गया।
गुड गवर्नेंस, जन-आस्था और न्यायपूर्ण चयन प्रक्रिया एक जीवंत मिसाल-राजीव कृष्णा
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति न केवल नवनियुक्त कर्मियों के लिए उत्साह का स्रोत है, बल्कि उ0प्र0 पुलिस के प्रति संरक्षण, प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता की सजीव अभिव्यक्ति भी है। वर्ष 2017 के बाद उ0प्र0 पुलिस की कार्यसंस्कृति, संसाधनों और संरचना में जो ऐतिहासिक बदलाव आया है, वह मुख्यमंत्री के सशक्त नेतृत्व तथा अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री के दृढ़ संकल्प और सुशासन के प्रति अविचल प्रतिबद्धता के फलस्वरूप, उ0प्र0 में संपन्न होने वाली सभी भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता र शुचिता के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई हैं। हाल ही में सम्पन्न हुई 60 हजार से अधिक आरक्षियों की नागरिक पुलिस में निष्पक्ष भर्ती और नियुक्ति पत्र वितरण ने वैश्विक स्तर पर एक अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है। यह न केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि है, बल्कि गुड गवर्नेंस, जन-आस्था और न्यायपूर्ण चयन प्रक्रिया की एक जीवंत मिसाल भी है।उन्होंने कहा कि उ0प्र0 पुलिस ने मुख्यमंत्री के विजन और मार्गदर्शन के अनुरूप एनालॉग से डिजिटल तक की क्रांतिकारी यात्रा पूर्ण की है। वर्तमान में 63 जनपदों में डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और शेष 12 जनपदों में यह कार्य शीघ्र ही सम्पन्न हो जाएगा। पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि यह विभाग की अब तक की सबसे वृहद भर्ती प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत 120 कर्मशाला कर्मचारी एवं 1374 सहायक परिचालक चयनित किए गए हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पुलिस दूरसंचार विभाग में नियुक्त हो रहे कर्मियों को ऐसा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसमें अनुशासन, कर्तव्यबोध, तकनीकी दक्षता और समकालीन संचार तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान सम्मिलित होगा, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह सजग और सक्षम बन सकें।पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 द्वारा नव चयनित अभ्यर्थियों को इस नयी यात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी अब उस सशक्त, संवेदनशील और जिम्मेदार उ0प्र0 पुलिस परिवार का हिस्सा बनने जा रहे हैं, जिसने सदैव राष्ट्रसेवा को सर्वोपरि रखा है।
इस मौके पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री उ0प्र0 सरकार सुरेश खन्ना, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड एस.बी शिरोडकर, पुलिस महानिदेशक पीएचक्यू आनंद स्वरूप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे ।
