-डीजीपी की मौजूदगी में हुए एमओयू पर हस्ताक्षर, तय हुई नीति
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लखनऊ।राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला एवं सेंचुरियन विश्वविद्यालय, ओडिशा के मध्य, प्रशासनिक, शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग के
साथ-साथ संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर आज हस्ताक्षर हुए। इस मौके पर यूपी के डीजीपी राजीव कृष्णा मौजूद थे। पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह में हस्ताक्षर किए गए।इस मौके पर एडीजी तकनीकी सेवा नवीन अरोरा ने बताया कि इस समझौता ज्ञापन के कई प्रमुख लाभ है। संयुक्त शिक्षण व प्रशिक्षण और अनुसंधान पहल, शोध सामग्री प्रकाशनों और पुस्तकालय संसाधनों का आदान-प्रदान, वैज्ञानिक उपकरणों व सॉफ्टवेयर और प्रयोगशाला सुविधाओं का सदुपयोग, वैज्ञानिकों व शोधार्थियों के लिए सह-मार्गदर्शन के अवसर प्रदान करेगा। यह एमओयू छात्रों को तेजी से विकसित हो रहे फोरेंसिक विज्ञान क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करेगा।उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा तथा अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जो देश भर में कानून प्रवर्तन और न्यायिक प्रणालियों का समर्थन करेगा।इस मौके पर डीजीपी राजीव कृष्णा ने इस एमओयू की सराहना करते हुए कहा कि यह ज्ञान-विनिमय, नवाचार और फॉरेंसिक क्षमता-वृद्धि की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल शैक्षणिक शोध को मज़बूत करेगा बल्कि प्रदेश की फॉरेंसिक संरचना को भी नई वैज्ञानिक शक्ति प्रदान करेगा। यह पहल उत्तर प्रदेश को वैज्ञानिक अन्वेषण और फॉरेंसिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।यह सहयोग प्रदेश में हाल ही में शुरू की गई कई फॉरेंसिक पहलों को और गति देगा। नए आपराधिक कानूनों के अंतर्गत अब गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ का घटनास्थल पर पहुँचना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे सबूतों का वैज्ञानिक और सटीक संकलन सुनिश्चित हो रहा है।उन्होंने कहा कि इसी महीने 75 अत्याधुनिक मोबाइल फोरेन्सिक वैन का शुभारम्भ माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा किया गया। ये वैन डीएनए सैंपलिंग, फिंगरप्रिंट विश्लेषण, टॉक्सिकोलॉजी परीक्षण और अन्य आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इससे प्रदेश में फॉरेंसिक-आधारित पुलिसिंग को नया आयाम मिला है।
सेंचुरियन विश्वविद्यालय, व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण स्कूल को हाल ही में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में अधिसूचित किया गया है, जो अब तक यह मान्यता प्राप्त करने वाला भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है। सेंचुरियन विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट, प्रोफेसर मुक्तिकान्त मिश्र ने कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की फोरेंसिक विशेषज्ञता के साथ हमारे शैक्षिक संसाधनों को संयोजित करके, हम छात्रों और शोधकर्ताओं को फोरेंसिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाएंगे।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के समय अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिदेशक के जनरल स्टाफ ऑफीसर, पुलिस उपमहानिरीक्षक, तकनीकी सेवायें मुख्यालय एवं प्रभारी निदेशक, विधि विज्ञान प्रयोगशाला उपस्थित रहे एवं सेंचुरियन विश्वविद्यालय, ओडिशा के प्रेसीडेंट, प्रोफेसर मुक्तिकान्त मिश्र, वॉयस चांसलर – डॉ0 सुप्रिया पटनायक, निदेशक– सुश्री मोनालिशा घोष एवं एसोसिएट डीन– डॉ0 रीना सी. झमतानी मौजूद रहे।
