-लोगों को झांसे में लेकर करता था ठगी,ग्लोब पार्क के पास से गिरफ्तार
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। राजधानी के वजीरगंज थाने की पुलिस ने फर्जी आईएएस सौरभ त्रिपाठी के साथ मिलकर ठगी करने वाले एक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को फर्जी आईएएस का पर्सनल सेक्रेटरी बताकर लोगों से संपर्क करता था। विभिन्न विभागों में अधिकारियों को प्रभावित करने की कोशिश करता था।गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुमार गौरव पाण्डेय के रूप में हुई है, जो वर्तमान में गोमतीनगर विस्तार स्थित एमआई रसल कोर्ट में रहता था। उसका मूल निवास स्थान नेकपुर चौरासी, थाना फतेहगढ़, जनपद फर्रुखाबाद है।पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि गौरव पाण्डेय कैसरबाग बस अड्डे की ओर जा रहा है। वजीरगंज थाने के उपनिरीक्षक रणविजय सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घेराबंदी की। आरोपी को ग्लोब पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। सौरभ त्रिपाठी को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान की गई तलाशी में आरोपी की जीन्स की जेब से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। एक वनप्लस कंपनी का आसमानी नीला और दूसरा सैमसंग कंपनी का ग्रे है। पुलिस पूछताछ में गौरव पाण्डेय ने बताया कि वह खुद को फर्जी अधिकारी सौरभ त्रिपाठी का पर्सनल सेक्रेटरी बताकर लोगों से मिलता था। विभागों में फोन कर प्रोटोकॉल की डीलिंग और लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था। कई लेनदेन की बातचीत वह खुद करता था और गैंग का संचालन भी वही करता था। वजीरगंज पुलिस, क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की संयुक्त टीम आरोपी गौरव और फर्जी आईएएस सौरभ त्रिपाठी के बैंक खातों की जांच कर रही है। इसके अलावा गौरव की आय से अधिक जीवन शैली भी जांच की जा रही है।आरोपी के खिलाफ वजीरगंज थाने में बीएनएस व आईटी एक्ट की धारा 66डी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है।
इटौंजा में लगातार चोरी का सिलसिला जारी
राजधानी के इटौंजा थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार जारी हैं। शुक्रवार रात चोरों ने चक पृथ्वीपुर गांव में एक बंद मकान को निशाना बनाया। चोर बाल्मीकि पुत्र टिकाई के घर का ताला तोड़कर घरेलू सामान चुरा ले गए। पीड़ित ने इटौंजा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले अर्जुनपुर गांव में भी चोरों ने एक घर से लाखों रुपए के जेवरात और नकदी चुराई थी। यह मामला अभी तक सुलझ नहीं पाया है। क्षेत्र के ग्रामीण चोरी की बढ़ती घटनाओं से परेशान हैं। पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस केवल जांच का आश्वासन देकर मामलों को टालने की कोशिश कर रही है।
ईंट लदे ट्रैक्टर ने व्यक्ति को कुचला, मौके पर मौत
सैरपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। सैयां गांव के पास ईंट लदे ट्रैक्टर-ट्राली ने स्कूटी सवार दंपती को टक्कर मार दी।हादसे में स्कूटी पर सवार कमलाबाद बढ़ौली निवासी 45 वर्षीय रामस्वरूप की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी गीता को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल गीता को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने रामस्वरूप के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश कर रही है।
25 हजार का इनामी गैंग लीडर गिरफ्तार
गुडंबा पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 25,000 के इनामी गैंग लीडर नदीम उर्फ फिरोज को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर लूट, छिनैती और चोरी जैसे संगीन अपराधों में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसे ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के वसंत कुंज आवास योजना के पास कढ़ा चौराहा से पकड़ा गया।आरोपी नदीम के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत थाना गुडम्बा में मुकदमा दर्ज है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस उपायुक्त पूर्वी क्षेत्र द्वारा 25,000 का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तारी प्रभारी निरीक्षक गुडम्बा प्रभातेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में उपनिरीक्षक यशपाल सिंह व पुलिस टीम द्वारा की गई।पुलिस के अनुसार, नदीम उर्फ फिरोज अपने भाई मो. आसिफ उर्फ भाई जान के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक गिरोह चला रहा था। दोनों मिलकर लखनऊ व आस-पास के जिलों में आर्थिक लाभ के लिए लूट, छिनैती और चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। इनका गैंग जिले स्तर पर सक्रिय था और आम जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका था।
पुलिस चौकी में घुसकर दारोगा को पीटने वाला दबंग गिरफ्तार
पारा कोतवाली क्षेत्र की डॉक्टर खेड़ा चौकी में गुरुवार देर रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। देर रात अजय गोस्वामी और उसका भाई मनोज गोस्वामी चौकी में घुस गए। दोनों ने चौकीदार लाल बहादुर से मारपीट की। आरोपियों ने चौकी में जमकर तोड़फोड़ की। उन्होंने खिड़कियों के शीशे तोड़े और सरकारी दस्तावेजों को फाड़ दिया। एसी और फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचाया। चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजकुमार के पहुंचने पर उनसे भी मारपीट की और उनकी जेब से 1300 रुपए छीन लिए।पुलिस ने घेराबंदी कर रात करीब 3 बजे मुख्य आरोपी अजय गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया। उसका भाई मनोज अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने लूटे गए 1300 रुपए भी बरामद कर लिए। शुक्रवार सुबह आरोपी के परिवार वालों ने थाने में हंगामा किया। अजय के पिता नन्द किशोर, बहनोई कुणाल मिश्रा, पत्नी मिथलेश और बहन कमलेश गोस्वामी पर शांति भंग और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया गया। उच्चाधिकारियों ने चौकी का निरीक्षण किया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस चौकी में हुई इस घटना ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नाला निर्माण के दौरान दीवार ढही चार मजदूर दबे
तालकटोरा के राजाजीपुरम डी ब्लॉक में नाला निर्माण के दौरान दीवार ढहने से 4 मजदूर मलबे में दब गए। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा दोपहर करीब 2 बजे हुआ, जब नगर निगम की ओर से जल निकासी के लिए नाला निर्माण कार्य चल रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, खुदाई का काम बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के शुरू किया गया था। दीवार गिरने की वजह से शैलेश, शंकु, दीपू और प्रमोद नामक मजदूर मलबे के नीचे दब गए। सभी मजदूर सीतापुर जनपद के निवासी हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक की हालत गंभीर बनी हुई है।मकान मालिक अर्चना त्रिवेदी ने बताया- सुबह से बिना किसी सूचना और सुरक्षा इंतजाम के खुदाई शुरू कर दी गई थी। जैसे ही गहरा गड्ढा हुआ, हमारे घर की दीवार गिर गई।साथी मजदूर ने बताया कि हम लोग नाला बनाने के लिए मकान की दीवार के किनारे-किनारे खुदाई कर रहे थे। करीब 3 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा हो गया था। इस दौरान दीवार भरभराकर मजदूरों पर गिर गई। अधिकांश मजदूर सेफ्टी हेलमेट नहीं लगाए थे। सभी के सिर में चोट आई है। घटना के बाद आस-पास के लोगों ने मजदूरों को मलबे से निकालने में मदद की। नगर निगम द्वारा क्षेत्र में जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए यह काम शुरू किया गया था, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
गाड़ी का काटा 20 हजार का चालान
सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने उस गाड़ी का भारी भरकम चालान काट दिया । गाड़ी सीज कर दी। इतना सब करने के बाद भी जब मन को संतुष्टि नहीं मिली तो गाड़ी का रेडियेटर का पाइप निकाल दिया। रिजल्ट यह देखने को मिला कि कुछ देर चलने के बाद उस गाड़ी का इंजन ही सीज हो गया।यह सब गाजीपुर जनपद के निवासी टैक्सी चालक अजीत यादव के साथ हुआ।क्षेत्र लोगो में हो रही चर्चा के अनुसार सुशांत गोल्फ सिटी थाने पर जब से इंस्पेक्टर उपेन्द्र सिंह की तैनाती हुई तब से थाने का विवादों से नाता टूटने का नाम ही नही ले रहा है।लगातार विवादों से घिरे रहने वाले इंस्पेक्टर का एक और कारनामा सामने आया है। इस मामले में गाजीपुर जिले के रहने वाले अजीत यादव के अनुसार उनकी अर्टिगा गाड़ी है जो टैक्सी में चलती है।वह गाड़ी 28 अगस्त की सुबह गाजीपुर से लखनऊ के लिए भाड़े पर आई थी।इसी बीच उनका चालक गाड़ी लेकर सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में स्थित प्लासियो मॉल के पास गया था।उनका आरोप है कि जहां पर इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी उपेन्द्र सिंह द्वारा उनकी गाड़ी का 20 हजार रुपये का चालान करवा दिया गया और उनकी गाड़ी सीज कर थाने में बंद कर दी गई।उसके बाद वह कोर्ट से सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब थाने से गाड़ी छुड़वाकर निकले तो लगभग 10 किलोमीटर चलने के बाद उनकी गाड़ी बंद हो गई।मिस्त्री को बुलाकर दिखाया तो पता चला कि रेडिएटर का पाइप निकाल दिया गया था।जिसके चलते गाड़ी का इंजन सीज हो गया है।पीड़ित का आरोप है कि सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस द्वारा टैक्सी चालकों से वसूली की जाती है न देने पर उनके साथ इसी तरह का व्यवहार किया जाता है।
घर से बाइक चोरी,अब दर्ज हुआ मुकदमा
सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में एक व्यक्ति के घर से उसकी बाइक चोरी हो गई।माढ़रमऊ खुर्द के रहने वाले व आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय में कार्यरत अमर सिंह के अनुसार उन्होंने रोज की तरह 24 अगस्त को भी उनकी बाइक घर पर खड़ी थी।जिसे 24/25 की रात अज्ञात चोर चोरी कर गए।जिसकी शिकायत उन्होंने 25 अगस्त को ही पुलिस से की थी। लेकिन सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस द्वारा अब मुकदमा दर्ज किया गया है।
