-डेंटल इम्प्लांट अब आसान,सीधे होगे टेढ़े मेढ़े दांत
- REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ ।मानव जीवन में दांतों का बहुत ही अहम रोल है। दांत फिट तो हर खाद्य पदार्थ स्वादिष्ट और फायदेमंद है वर्ना खाने से पहले ही
तकलीफ का आभास होने लगता है।इसलिए शरीर के खास अंग दांतों की नियमित देखभाल जरूरी है। आर्थोडॉन्टिस्ट डॉ स्वाती गुप्ता का दावा है कि दांतों में सड़न आम शिकायत बन रही है जिससे बचाव के लिए रोजाना दो बार ब्रश करना काफी है बशर्ते डॉक्टर की सलाह सही तरीके से अमल में लायें, उनका यह कहना है कि हर छह महीने में एक बार दांतों का डॉक्टर से चेकअप अवश्य कराना चाहिए।नरायन मेडिकल एंड डेंटल सेंटर लखनऊ की संचालिका डॉ स्वाती कहती है कि प्लाक में मौजूद बैक्टीरिया एसिड उत्पन्न करते हैं जो इनेमल को नुकसान पहुँचा सकते हैं और कैविटी का कारण बन सकते हैं। ब्रश करने और दांतों को फ्लॉस करने से सड़न को रोका जा सकता है, लेकिन कैविटी हो जाने पर दंत चिकित्सक को उसे फिलिंग से ठीक करना चाहिए।स्वस्थ दांत और मसूड़े उम्र बढ़ने के साथ विभिन्न प्रकार के पौष्टिक और स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों का आनंद लेना आसान बनाते हैं। हर उम्र के लोग दंत स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करते हैं, लेकिन मौखिक स्वास्थ्य अनुसंधान में प्रगति के कारण, आज के वृद्ध लोग पिछली पीढ़ियों की तुलना में अपने प्राकृतिक दांतों को लंबे समय तक बनाए रख रहे हैं। दांत एक कठोर बाहरी परत से ढके होते हैं जिसे इनेमल कहते हैं। हर दिन, आपके दांतों पर डेंटल प्लाक नामक बैक्टीरिया की एक पतली परत जम जाती है। प्लाक में मौजूद बैक्टीरिया एसिड उत्पन्न करते हैं जो इनेमल को नुकसान पहुँचा सकते हैं और कैविटी का कारण बन सकते हैं। ब्रश करने और दांतों को फ्लॉस करने से सड़न को रोका जा सकता है।
तकलीफ का आभास होने लगता है।इसलिए शरीर के खास अंग दांतों की नियमित देखभाल जरूरी है। आर्थोडॉन्टिस्ट डॉ स्वाती गुप्ता का दावा है कि दांतों में सड़न आम शिकायत बन रही है जिससे बचाव के लिए रोजाना दो बार ब्रश करना काफी है बशर्ते डॉक्टर की सलाह सही तरीके से अमल में लायें, उनका यह कहना है कि हर छह महीने में एक बार दांतों का डॉक्टर से चेकअप अवश्य कराना चाहिए।नरायन मेडिकल एंड डेंटल सेंटर लखनऊ की संचालिका डॉ स्वाती कहती है कि प्लाक में मौजूद बैक्टीरिया एसिड उत्पन्न करते हैं जो इनेमल को नुकसान पहुँचा सकते हैं और कैविटी का कारण बन सकते हैं। ब्रश करने और दांतों को फ्लॉस करने से सड़न को रोका जा सकता है, लेकिन कैविटी हो जाने पर दंत चिकित्सक को उसे फिलिंग से ठीक करना चाहिए।स्वस्थ दांत और मसूड़े उम्र बढ़ने के साथ विभिन्न प्रकार के पौष्टिक और स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों का आनंद लेना आसान बनाते हैं। हर उम्र के लोग दंत स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करते हैं, लेकिन मौखिक स्वास्थ्य अनुसंधान में प्रगति के कारण, आज के वृद्ध लोग पिछली पीढ़ियों की तुलना में अपने प्राकृतिक दांतों को लंबे समय तक बनाए रख रहे हैं। दांत एक कठोर बाहरी परत से ढके होते हैं जिसे इनेमल कहते हैं। हर दिन, आपके दांतों पर डेंटल प्लाक नामक बैक्टीरिया की एक पतली परत जम जाती है। प्लाक में मौजूद बैक्टीरिया एसिड उत्पन्न करते हैं जो इनेमल को नुकसान पहुँचा सकते हैं और कैविटी का कारण बन सकते हैं। ब्रश करने और दांतों को फ्लॉस करने से सड़न को रोका जा सकता है।डॉ स्वाती बताती है कि डेंटल इम्प्लांट आधुनिक दंत चिकित्सा प्रक्रिया है जिसमें कृत्रिम दांत को जबड़े में स्थापित किया जाता है। अब डेंटल इम्प्लांट बहुत ही आसान हो गया है।यह उन लोगों के लिए एक स्थायी समाधान है जो किसी कारणवश दांत खो चुके होते हैं। इम्प्लांट एक प्रकार का स्क्रू होता है जो टाइटेनियम या बायोकॉम्पैटिबल मेटल से बना होता है। इसे जबड़े की हड्डी में लगाया जाता है, जहाँ यह धीरे-धीरे हड्डी के साथ एक हो जाता है। उन्होंने कहा, सबसे पहले हम मुंह की जांच करते हैं और एक्स-रे या सीटी स्कैन के माध्यम से दांतों की संरचना और हड्डी की मजबूती को परखते है।पहले चरण में इम्प्लांट को जबड़े की हड्डी में स्थापित करते है। हड्डी के साथ जुड़ने के लिए कुछ महीनों का समय देते है। प्रक्रिया को मेडिकल भाषा मेंऑसिओइंटीग्रेशन कहते हैं।जब इम्प्लांट हड्डी के साथ पूरी तरह से जुड़ जाता है, तो इसके ऊपर एक अबटमेंट लगाते है।अबटमेंट के ऊपर कृत्रिम दांत को फिट करते है। यह दांत असली दांत जैसा दिखता है और काम करता है।डेंटल इम्प्लांट स्थायी और प्रभावी तरीका है अपने खोए हुए दांतों को पुनः स्थापित करने का।टेढ़े-मेढ़े दांतों को ठीक करने के लिए ब्रेसेस धातु या सिरेमिक, इनविज़लाइन एलाइनर्स, हेडगियर, रिटेनर और वीनियर्स जैसे उपचार मौजूद हैं। अब टेढ़े मेढ़े दांत भी सीधे और सुव्यवस्थित हो सकते हैं।ऑर्थोडोंटिस्ट डॉ स्वाती बताती हैं, हल्के टेढ़ेपन के लिए वीनियर्स या बॉन्डिंग जैसे कॉस्मेटिक तरीके हैं, लेकिन गंभीर मामलों में जबड़े की सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है। ब्रेसेस धातु या सिरेमिक के बने होते हैं और दांतों पर स्थायी रूप से लगे रहते हैं। तार और ब्रैकेट दांतों पर दबाव डालकर उन्हें धीरे-धीरे सीधा करते हैं।इनविज़लाइन एलाइनर्स पारदर्शी और हटाने योग्य होते हैं। इन्हें खाने-पीने या दांत साफ करने के लिए निकाला जा सकता है।रिटेनर छोटे-मोटे संरेखण के लिए या ब्रेसेस हटवाने के बाद दांतों को सही जगह पर बनाए रखने के लिए इनका उपयोग किया जाता है।
प्रतापगढ़ के मंदिरों, धामों और बौद्ध स्थलों का होगा पर्यटन विकास-जयवीर
-मंजूर हुई 8 करोड़ रूपए की परियोजनाये
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग राज्य के धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है। प्रतापगढ़ जिले के लिए
लगभग 8 करोड़ रुपए की लागत से आठ परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन योजनाओं के तहत जिले के प्रमुख मंदिरों, धामों और बौद्ध स्थलों के आसपास पर्यटक सुविधाओं का विस्तार और विकास किया जाएगा। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक वातावरण उपलब्ध कराना है। परियोजनाओं से प्रतापगढ़ जनपद की धार्मिक आस्था से जुड़ी धरोहरों को नया स्वरूप मिलेगा। इससे क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर भी अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर मिलेगा। प्रतापगढ़ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाला केंद्र बन सकेगा।पर्यटन विभाग ने प्रतापगढ़ में कई प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। नगर पालिका बेल्हा, रंजितपुर चिलबिला स्थित सुगता नन्द बौद्ध बिहार, वार्ड संख्या-8 जगापुर स्थित राम जानकी मंदिर, ग्राम सभा बुआपुर रूपपुर, विकासखंड मान्धाता स्थित बौद्ध बिहार, विकासखंड सांगीपुर स्थित बाबा घुईसरनाथ धाम, ग्राम सर्वजीत ब्लॉक व तहसील पट्टी स्थित मां दुर्गा मंदिर, ग्राम पंचायत नौबस्ता ब्लाक कुण्डा स्थित नरसिंह धाम मंदिर गंगा तट, ग्राम पंचायत शाहपुर ब्लाक कुण्डा स्थित बाबा अवधेश्वरनाथ धाम मंदिर गंगा तट तथा नगर पंचायत मानिकपुर स्थित मां ज्वाला देवी धाम सिद्धपीठ शामिल हैं। प्रत्येक धार्मिक स्थल के पर्यटन विकास के लिए एक-एक करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित रखते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है। प्रतापगढ़ में 8 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य शुरू किए जाएंगे, जिनसे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नई सुविधाएं और आकर्षण मिलेंगे। परियोजनाओं के तहत गंगा तट के धामों, प्राचीन बौद्ध विहारों और मंदिरों का विकास इस तरह किया जाएगा कि आस्था, परंपरा और आधुनिकता का संगम दिखाई दे। इन प्रयासों से पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि प्रतापगढ़ में शुरू की जा रही पर्यटन विकास परियोजनाएं प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत धार्मिक स्थलों के आसपास सुविधाओं के विकास के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा रहा है।
लगभग 8 करोड़ रुपए की लागत से आठ परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन योजनाओं के तहत जिले के प्रमुख मंदिरों, धामों और बौद्ध स्थलों के आसपास पर्यटक सुविधाओं का विस्तार और विकास किया जाएगा। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक वातावरण उपलब्ध कराना है। परियोजनाओं से प्रतापगढ़ जनपद की धार्मिक आस्था से जुड़ी धरोहरों को नया स्वरूप मिलेगा। इससे क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर भी अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर मिलेगा। प्रतापगढ़ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाला केंद्र बन सकेगा।पर्यटन विभाग ने प्रतापगढ़ में कई प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। नगर पालिका बेल्हा, रंजितपुर चिलबिला स्थित सुगता नन्द बौद्ध बिहार, वार्ड संख्या-8 जगापुर स्थित राम जानकी मंदिर, ग्राम सभा बुआपुर रूपपुर, विकासखंड मान्धाता स्थित बौद्ध बिहार, विकासखंड सांगीपुर स्थित बाबा घुईसरनाथ धाम, ग्राम सर्वजीत ब्लॉक व तहसील पट्टी स्थित मां दुर्गा मंदिर, ग्राम पंचायत नौबस्ता ब्लाक कुण्डा स्थित नरसिंह धाम मंदिर गंगा तट, ग्राम पंचायत शाहपुर ब्लाक कुण्डा स्थित बाबा अवधेश्वरनाथ धाम मंदिर गंगा तट तथा नगर पंचायत मानिकपुर स्थित मां ज्वाला देवी धाम सिद्धपीठ शामिल हैं। प्रत्येक धार्मिक स्थल के पर्यटन विकास के लिए एक-एक करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित रखते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है। प्रतापगढ़ में 8 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य शुरू किए जाएंगे, जिनसे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नई सुविधाएं और आकर्षण मिलेंगे। परियोजनाओं के तहत गंगा तट के धामों, प्राचीन बौद्ध विहारों और मंदिरों का विकास इस तरह किया जाएगा कि आस्था, परंपरा और आधुनिकता का संगम दिखाई दे। इन प्रयासों से पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि प्रतापगढ़ में शुरू की जा रही पर्यटन विकास परियोजनाएं प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत धार्मिक स्थलों के आसपास सुविधाओं के विकास के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा रहा है।मऊ विधानसभा क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण
-17 सितम्बर तक किए जा सकेंगे दावे और आपत्तियां-रिणवा
-निर्वाचक नामावली में नाम सम्मिलित करने के लिए मांगे गए आवेदन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 1 जुलाई 2025 के आधार पर 356-मऊ
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण हेतु कार्यक्रमानुसार नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन 2 सितम्बर 2025 को मऊ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदेय स्थलों पर किया जा चुका है। मऊ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से सम्बन्धित मतदाता नाम प्रकाशित आलेख्य नामावली में मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in पर देख सकते हैं तथा जो व्यक्ति अर्हता तिथि 1 जुलाई 2025 को या उससे पूर्व अर्ह हो चुके हैं और उनका नाम किसी कारणवश प्रकाशित आलेख्य नामावली में शामिल नही हो पाया है, तो निर्वाचक नामावली में नाम सम्मिलित किए जाने हेतु अपना आवेदन कर सकते हैं। 356-मऊ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में दावे और आपत्तियां 17 सितम्बर तक प्राप्त की जाएंगी।दावे और आपत्तियों की साप्ताहिक सूची जिला निर्वाचन अधिकारी मऊ की वेबसाइट mau.nic.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in पर उपलब्ध रहेगी।356-मऊ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में यदि किसी मतदाता का नाम नहीं है तो अपना नाम ऑनलाइन माध्यम voters.eci.gov.in या Voter Helpline App अथवा ऑफलाइन माध्यम बूथ लेवल अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय, मतदाता पंजीकरण केन्द्र इत्यादि से सम्मिलित करा सकते है।
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण हेतु कार्यक्रमानुसार नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन 2 सितम्बर 2025 को मऊ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदेय स्थलों पर किया जा चुका है। मऊ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से सम्बन्धित मतदाता नाम प्रकाशित आलेख्य नामावली में मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in पर देख सकते हैं तथा जो व्यक्ति अर्हता तिथि 1 जुलाई 2025 को या उससे पूर्व अर्ह हो चुके हैं और उनका नाम किसी कारणवश प्रकाशित आलेख्य नामावली में शामिल नही हो पाया है, तो निर्वाचक नामावली में नाम सम्मिलित किए जाने हेतु अपना आवेदन कर सकते हैं। 356-मऊ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में दावे और आपत्तियां 17 सितम्बर तक प्राप्त की जाएंगी।दावे और आपत्तियों की साप्ताहिक सूची जिला निर्वाचन अधिकारी मऊ की वेबसाइट mau.nic.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in पर उपलब्ध रहेगी।356-मऊ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में यदि किसी मतदाता का नाम नहीं है तो अपना नाम ऑनलाइन माध्यम voters.eci.gov.in या Voter Helpline App अथवा ऑफलाइन माध्यम बूथ लेवल अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय, मतदाता पंजीकरण केन्द्र इत्यादि से सम्मिलित करा सकते है।
मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में अगस्त में प्राप्त हुआ 16575.70 करोड़ का राजस्व-खन्ना
-प्रदेश सरकार के मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में अगस्त 2024 के सापेक्ष अगस्त 2025 में 606.05 करोड़ रूप की वृद्धि
उत्तर प्रदेश के वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि प्रदेश सरकार की मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में वित्तीय वर्ष 2025-26 के
अगस्त माह में 16575.70 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 के अगस्त माह में 15969.65 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। गत वर्ष अगस्त माह की तुलना में वर्तमान वित्तीय वर्ष के अगस्त में 606.05 करोड़ राजस्व अधिक प्राप्त हुआ है।
अगस्त माह में 16575.70 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 के अगस्त माह में 15969.65 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। गत वर्ष अगस्त माह की तुलना में वर्तमान वित्तीय वर्ष के अगस्त में 606.05 करोड़ राजस्व अधिक प्राप्त हुआ है।वित्तीय वर्ष 2025-26 के अगस्त तक मुख्य कर राजस्व प्राप्ति वाली मदों में 89427.87 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो वर्तमान वित्तीय वर्ष में अगस्त माह तक राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्य का 74.8 प्रतिशत है।वित्त मंत्री ने बताया कि कर राजस्व के अंतर्गत जीएसटी में अगस्त 2025 में 6611.59 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत वर्ष अगस्त 2024 में प्राप्ति 6228.82 करोड़ रही थी। वैट के अन्तर्गत माह अगस्त 2025 में 2659.95 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत वर्ष माह अगस्त 2024 में प्राप्ति 2659.47 करोड़ रही थी। राज्य कर के अंतर्गत अगस्त 2025 में 9271.54 करोड़ राजस्व की प्राप्ति हुई है, जबकि गतवर्ष अगस्त 2024 में 8888.29 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। गत वर्ष की तुलना में राज्य कर के अंतर्गत 383.25 करोड़ अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है।श्री खन्ना ने बताया कि आबकारी के अन्तर्गत अगस्त 2025 में 3754.43 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत वर्ष माह अगस्त 2024 में प्राप्ति 3580.51 करोड़ रही थी। स्टाम्प तथा निबन्धन के अन्तर्गत माह अगस्त 2025 की राजस्व प्राप्ति 2538करोड़ है जबकि गत वर्ष माह अगस्त 2024 में प्राप्ति 2477.38 करोड़ रही थी। परिवहन अन्तर्गत अगस्त 2025 की राजस्व प्राप्ति 786.87 करोड़ है जबकि गत वर्ष माह अगस्त 2024 में प्राप्ति 775.11 करोड़ रही थी। करेत्तर राजस्व के प्रमुख मद भू-तत्व तथा खनिकर्म अन्तर्गत अगस्त 2025 में प्राप्ति 224.86 करोड़ है जबकि गत वर्ष माह अगस्त 2024 में प्राप्ति 248.36 करोड़ रही थी। वर्तमान वित्तीय वर्ष के अगस्त माह तक कर राजस्व अंतर्गत प्रमुख मदों में 89427.87 करोड़ की प्राप्ति हुई है। जीएसटी मद के अंतर्गत 34358.64 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो इस अवधि तक निर्धारित लक्ष्य का 61.6 प्रतिशत है। वैट के अंतर्गत 12536.21 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो लक्ष्य का 73.8 प्रतिशत है।
आबकारी मद अंतर्गत 22337.62 करोड़ की प्राप्ति हुई है जो निर्धारित लक्ष्य का 95.5 प्रतिशत है। स्टाम्प तथा निबंधन मद के अंतर्गत 14003.63 करोड़ की प्राप्ति हुई हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 85.3 प्रतिशत है। परिवहन मद के अंतर्गत 4561.58 करोड़ की प्राप्ति हुई हैं, जो लक्ष्य का 82.6 प्रतिशत है। जीएसटी दरों में बदलाव आम आदमी के हित में की गई एक बड़ी राहत है। छोटे व्यापारियों को तीन दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन देने की बात की गई है जो एक बड़ा कदम है। आज पूरा देश इस बदलाव से खुश है। जीएसटी काउंसिल में विभिन्न पार्टियों एवं राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं। इन दरों को अपनी सहमति दी है। अनुभव बताते हैं कि जब-जब कर की दर में कमी की गई है तब तब वस्तुओं एवं सेवाओं का वॉल्यूम बढ़ा है अर्थात मांग बढ़ी है। मांग बढ़ने से अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। एक तरफ इनकम टैक्स में बड़ी छूट देने से लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है दूसरी तरफ जीएसटी दरों में कमी से कर का बोझ घटा है। इस व्यवस्था से आम आदमी एवं व्यापारी काफी प्रसन्न है, सभी ने सराहा है।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर को विद्यार्थी परिषद का लीगल नोटिस
-पांच दिन में मांगें माफी, आवास पर छात्र कर चुके हैं बवाल
उत्तर प्रदेश पी बाराबंकी जिले में श्रीरामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में छात्रों पर लाठीचार्ज प्रकरण के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
के कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर ‘गुंडा’ कहने के बाद, उनके आवास बवाल हुआ और उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।ओमप्रकाश राजभर को कानूनी नोटिस एबीवीपी कार्यकर्ता आदर्श तिवारी ने अपने वकील सिद्धार्थ शंकर दुबे के माध्यम से भेजा है। राजभर को नोटिस में कहा गया है कि अगर अगले 5 दिनों के भीतर इस बयान के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगते हैं तो उनके खिलाफ मानहानि की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। बाराबंकी की श्रीरामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में एलएलबी की मान्यता को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था। एबीवीपी कार्यकर्ता भी शामिल हुए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था। मामला तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन से लेकर सीएम योगी तक ऐक्शन में आए।पुलिस अफसर, कर्मचारियों पर कार्रवाई भी हुई। ओपी राजभर ने कथित तौर पर ‘गुंडा’ कहा दिया। एबीवीपी कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास के बाहर उनका पुतला फूंका। मंत्री आवास पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं और पुलिस की झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई। कई छात्र इतने क्रोधित थे कि वह मंत्री के आवास परिसर में कूद गए। पुलिस उन्हें बाहर खींचने लगी, तभी कार्यकर्ताओं ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस से हाथापाई भी की।ओमप्रकाश के बयान पर बढ़ते बवाल के बाद उनके बेटे अरविंद राजभर ने इस पूरे मामले पर सफाई दी। बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। बेटे अरविंद राजभर ने सफाई दी कि पिता ओमप्रकाश ने कभी ‘गुंडा’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन ‘संवैधानिक और लोकतांत्रिक’ तरीके से होने चाहिए।
के कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर ‘गुंडा’ कहने के बाद, उनके आवास बवाल हुआ और उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।ओमप्रकाश राजभर को कानूनी नोटिस एबीवीपी कार्यकर्ता आदर्श तिवारी ने अपने वकील सिद्धार्थ शंकर दुबे के माध्यम से भेजा है। राजभर को नोटिस में कहा गया है कि अगर अगले 5 दिनों के भीतर इस बयान के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगते हैं तो उनके खिलाफ मानहानि की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। बाराबंकी की श्रीरामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में एलएलबी की मान्यता को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था। एबीवीपी कार्यकर्ता भी शामिल हुए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था। मामला तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन से लेकर सीएम योगी तक ऐक्शन में आए।पुलिस अफसर, कर्मचारियों पर कार्रवाई भी हुई। ओपी राजभर ने कथित तौर पर ‘गुंडा’ कहा दिया। एबीवीपी कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास के बाहर उनका पुतला फूंका। मंत्री आवास पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं और पुलिस की झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई। कई छात्र इतने क्रोधित थे कि वह मंत्री के आवास परिसर में कूद गए। पुलिस उन्हें बाहर खींचने लगी, तभी कार्यकर्ताओं ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस से हाथापाई भी की।ओमप्रकाश के बयान पर बढ़ते बवाल के बाद उनके बेटे अरविंद राजभर ने इस पूरे मामले पर सफाई दी। बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। बेटे अरविंद राजभर ने सफाई दी कि पिता ओमप्रकाश ने कभी ‘गुंडा’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन ‘संवैधानिक और लोकतांत्रिक’ तरीके से होने चाहिए।डा.राधाकृष्णन का पूरा जीवन ही एक सन्देश – मौर्य
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय 7- कालिदास मार्ग पर महान दार्शनिक, शिक्षाविद व विचारक डा. सर्वपल्ली
राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए श्री मौर्य ने कहा कि उनका पूरा जीवन ही एक सन्देश है। उनका जीवन दर्शन आज भी प्रासंगिक हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार व उत्थान के लिए बहुत ही अनुकरणीय कार्य किये। उनके विचारों से समाज को खासतौर से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। श्री मौर्य ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देश व समाज के निर्माण में शिक्षकों के योगदान की चर्चा की।कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं देते बल्कि समाज को सही दिशा देने में अहम् भूमिका निभाते हैं। समाज ने शिक्षकों को सम्मान व श्रद्धा के साथ विशेष स्थान देने का कार्य किया। उप मुख्यमंत्री ने शिक्षकों का आह्वान किया और अपील की कि शिक्षक बच्चों को उन लोगो के बारे में बतायें, जिन्होंने संघर्ष से तपकर, जमीन से जुड़कर सफलता प्राप्त की और कहा कि छात्रों को इतिहास व संस्कृति के बारे में जानने के लिए प्रेरित करें, प्रोत्साहित करें।
राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए श्री मौर्य ने कहा कि उनका पूरा जीवन ही एक सन्देश है। उनका जीवन दर्शन आज भी प्रासंगिक हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार व उत्थान के लिए बहुत ही अनुकरणीय कार्य किये। उनके विचारों से समाज को खासतौर से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। श्री मौर्य ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देश व समाज के निर्माण में शिक्षकों के योगदान की चर्चा की।कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं देते बल्कि समाज को सही दिशा देने में अहम् भूमिका निभाते हैं। समाज ने शिक्षकों को सम्मान व श्रद्धा के साथ विशेष स्थान देने का कार्य किया। उप मुख्यमंत्री ने शिक्षकों का आह्वान किया और अपील की कि शिक्षक बच्चों को उन लोगो के बारे में बतायें, जिन्होंने संघर्ष से तपकर, जमीन से जुड़कर सफलता प्राप्त की और कहा कि छात्रों को इतिहास व संस्कृति के बारे में जानने के लिए प्रेरित करें, प्रोत्साहित करें।
भूटान के प्रधानमंत्री का अयोध्या में स्वागत, भारतीय संस्कृति से हुए खुश
-साझा संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े हैं भूटान और भारत-शाही
भारत और भूटान की दोस्ती आज एक नए अध्याय में दर्ज हुई। भूटान के प्रधानमंत्री दशो शेरिंग टोबगे का अयोध्या एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश के
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह शाही ने भारतीय परंपरा और रीति-रिवाज़ों के साथ भव्य स्वागत किया।एयरपोर्ट पर लाल कालीन, पुष्प वर्षा और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक हो गया। प्रधानमंत्री के साथ उनकी पत्नी औम ताशी डोमा, वित्त सचिव दशो लेकी वांगमो और अन्य तीन अधिकारी मौजूद रहे।भूटान के प्रधानमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने रामलला का दर्शन किया। राम दरबार, कुबेर तिला और कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना हुई। जलाभिषेक और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच करीब दो घंटे तक पूजा-पाठ चला। दर्शन के दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा गया। यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारत-भूटान रिश्तों की गहराई को और मजबूत करती नजर आई।अयोध्या की पावन भूमि पर भूटान के प्रधानमंत्री का स्वागत, भारतीय ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा को जीवंत कर गया।श्री शाही ने कहा, “भूटान और भारत सिर्फ पड़ोसी नहीं बल्कि साझा संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री टोबगे का अयोध्या आगमन हम सबके लिए गौरव का क्षण है। दौरा कूटनीतिक संबंधों की मजबूती नहीं बल्कि दुनिया को यह संदेश है कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक धरोहर हर देश और हर व्यक्ति को अपनेपन का अहसास कराती है। रामलला का दर्शन कर भूटान नरेश ने दिखाया कि धर्म और संस्कृति ही असली पुल हैं, जो देशों और समाजों को जोड़ते हैं।अयोध्या एयरपोर्ट से लेकर रामलला के दरबार तक, हर कदम पर भारतीय संस्कृति का रंग साफ दिखा। यह स्वागत सिर्फ राजनयिक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक ऐसा पल था जिसने अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को आध्यात्मिक स्पर्श दे दिया।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह शाही ने भारतीय परंपरा और रीति-रिवाज़ों के साथ भव्य स्वागत किया।एयरपोर्ट पर लाल कालीन, पुष्प वर्षा और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक हो गया। प्रधानमंत्री के साथ उनकी पत्नी औम ताशी डोमा, वित्त सचिव दशो लेकी वांगमो और अन्य तीन अधिकारी मौजूद रहे।भूटान के प्रधानमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने रामलला का दर्शन किया। राम दरबार, कुबेर तिला और कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना हुई। जलाभिषेक और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच करीब दो घंटे तक पूजा-पाठ चला। दर्शन के दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा गया। यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारत-भूटान रिश्तों की गहराई को और मजबूत करती नजर आई।अयोध्या की पावन भूमि पर भूटान के प्रधानमंत्री का स्वागत, भारतीय ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा को जीवंत कर गया।श्री शाही ने कहा, “भूटान और भारत सिर्फ पड़ोसी नहीं बल्कि साझा संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री टोबगे का अयोध्या आगमन हम सबके लिए गौरव का क्षण है। दौरा कूटनीतिक संबंधों की मजबूती नहीं बल्कि दुनिया को यह संदेश है कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक धरोहर हर देश और हर व्यक्ति को अपनेपन का अहसास कराती है। रामलला का दर्शन कर भूटान नरेश ने दिखाया कि धर्म और संस्कृति ही असली पुल हैं, जो देशों और समाजों को जोड़ते हैं।अयोध्या एयरपोर्ट से लेकर रामलला के दरबार तक, हर कदम पर भारतीय संस्कृति का रंग साफ दिखा। यह स्वागत सिर्फ राजनयिक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक ऐसा पल था जिसने अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को आध्यात्मिक स्पर्श दे दिया।कर्मचारियों को अब 20 साल की सेवा पर मिलेगी पूरी पेंशन
दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने पेंशन से जुड़े नियमों में ऐतिहासिक बदलाव करते
हुए कर्मचारियों के हित में एक नई घोषणा की है। अब केंद्रीय कर्मचारियों को सिर्फ 20 साल की नियमित सेवा के बाद भी पूरी पेंशन का लाभ मिलेगा। इससे पहले यह सीमा 25 साल थी, जिसे घटाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी।अब 20 साल की सेवा पर मिलेगी फुल पेंशन कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम से संबंधित नए नियमों को अधिसूचित किया है। कोई कर्मचारी 20 साल की सेवा पूरी करता है, तो उसे रिटायरमेंट पर पूरी पेंशन का अधिकार होगा। यह निर्णय लाखों कर्मचारियों को राहत देगा, खासकर उन लोगों को जो किसी कारणवश 25 साल की सेवा पूरी नहीं कर पाते थे। यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानि यूपीएस केंद्र सरकार की एक नई पेंशन योजना है, जिसे 1 अप्रैल 2025 से लागू किया जाएगा। इसे नेशनल पेंशन स्कीम एनपीएस के विकल्प के रूप में पेश किया गया है।यूपीएस में कर्मचारी और सरकार दोनों का वित्तीय योगदान शामिल होता है, जिससे रिटायरमेंट के बाद सुनिश्चित पेंशन मिलती है।
हुए कर्मचारियों के हित में एक नई घोषणा की है। अब केंद्रीय कर्मचारियों को सिर्फ 20 साल की नियमित सेवा के बाद भी पूरी पेंशन का लाभ मिलेगा। इससे पहले यह सीमा 25 साल थी, जिसे घटाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी।अब 20 साल की सेवा पर मिलेगी फुल पेंशन कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम से संबंधित नए नियमों को अधिसूचित किया है। कोई कर्मचारी 20 साल की सेवा पूरी करता है, तो उसे रिटायरमेंट पर पूरी पेंशन का अधिकार होगा। यह निर्णय लाखों कर्मचारियों को राहत देगा, खासकर उन लोगों को जो किसी कारणवश 25 साल की सेवा पूरी नहीं कर पाते थे। यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानि यूपीएस केंद्र सरकार की एक नई पेंशन योजना है, जिसे 1 अप्रैल 2025 से लागू किया जाएगा। इसे नेशनल पेंशन स्कीम एनपीएस के विकल्प के रूप में पेश किया गया है।यूपीएस में कर्मचारी और सरकार दोनों का वित्तीय योगदान शामिल होता है, जिससे रिटायरमेंट के बाद सुनिश्चित पेंशन मिलती है।यूपीएस सिर्फ पेंशन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए कई अतिरिक्त लाभ भी शामिल हैं: दिव्यांगता या मृत्यु की स्थिति में कर्मचारी या उसके परिवार को सीसीएस पेंशन रूल्स या यूपीएस के तहत किसी एक विकल्प को चुनने का अधिकार होगा। इस विकल्प से मृतक कर्मचारी के परिवार को सुरक्षित पेंशन सुनिश्चित की जा सकेगी। सरकार की ओर से रजिस्ट्रेशन या योगदान में देरी होने पर कर्मचारियों को मुआवजा भी मिलेगा।एनपीएस से यूपीएस में स्विच करने का मौका जो कर्मचारी वर्तमान में नेशनल पेंशन स्कीम के अंतर्गत हैं, वे चाहें तो “वन टाइम वन वे” विकल्प के तहत यूपीएस में स्विच कर सकते हैं। इसके लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं:। कर्मचारी रिटायरमेंट से एक साल पहले या वीआरएस स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने से तीन महीने पहले यूपीएस चुन सकते हैं लेकिन जिन कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है या जो किसी जांच के दायरे में हैं, वे इस विकल्प का लाभ नहीं उठा सकेंगे। स्विच करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है।
सीईसी का फरमान, बढ़ाई जाए मतदेय स्थलों पर मतदाता सुविधाये,मतदाता सूची के प्रत्येक भाग में उचित संख्या में अनुभाग बनाने का कार्य समय से पूर्ण किया जाए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अयोध्या के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित बनाने, मतदेय स्थलों
पर मतदाताओं हेतु सुविधा, मतदाता सूची में उचित संख्या में अनुभाग बनाने, मतदाता सूची में 18 एवं 19 आयुवर्ग के युवा मतदाताओं एवं महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने की निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की।
पर मतदाताओं हेतु सुविधा, मतदाता सूची में उचित संख्या में अनुभाग बनाने, मतदाता सूची में 18 एवं 19 आयुवर्ग के युवा मतदाताओं एवं महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने की निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की।बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह तथा समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, वीआरसी आपरेटर उपस्थित रहे। उन्होंने आगामी विधान सभा निर्वाचन के दृष्टिगत मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित एवं शुद्ध बनाने, मतदाता सूचियों में मतदाताओं की धुंधली, काली, अस्पष्ट तथा मानक के अनुरूप न पाये जाने वाली फोटो को हटा कर उनके स्थान पर स्पष्ट व मानकानुसार फोटो अपलोड करने तथा मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टियों को हटाने व मतदाताओं के मकान संख्या को सही से अंकित कराये जाने के निर्देश दिये। वर्तमान मतदाता सूची में मतदाताओं के नामों में त्रुटि , मतदाता की फोटो त्रुटिपूर्ण होने, मकान नम्बर की जगह शून्य दर्ज होने के उदाहरणों के माध्यम से वांछित सुधारों के निर्देश दिए।
उन्होंने बीएलओ को मतदाता सूची की ऐसी त्रुटियों को सही कराने के लिए मतदाताओं से फार्म-8 भरवाकर एक माह के भीतर मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के निर्देश दिये।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में 18 एवं 19 आयुर्वग के युवा मतदाताओं की संख्या कुल मतदाताओं के अनुपात में 4 से 4.5 प्रतिशत होनी चाहिए। अयोध्या की विधानसभाओं में ऐसे मतदाताओं की संख्या अभी मात्र एक प्रतिशत है। इसका मतलब है कि जिला अयोध्या के अधिकांश 18 एवं 19 आयु वर्ग के युवाओं के नाम मतदाता सूचियों में अंकित नहीं हैं । ऐसे युवाओं को चिन्हित करने और उन्हें मतदाता बनाने के लिए माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों का सहयोग लिया जाए।
शिक्षकों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर कर यह कार्य समय से पूर्ण किया जाए। उन्होंने अयोध्या की जनसंख्या के लिंगानुपात के अनुरूप मतदाता सूची में महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने ईआरओ को फॉर्म-8 भराकर दिव्यांग मतदाताओं का चिन्हीकरण मतदाता डेटाबेस में करने के निर्देश दिए। डाटाबेस में चिन्हीकरण होने पर दिव्यांग मतदाता भारत निर्वाचन आयोग के सक्षम मोबाईल ऐप के माध्यम से चुनाव के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी से व्हीलचेयर आदि सुविधाओं की मांग कर सकते है। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रति मतदेय स्थल पर 1500 मतदाताओं के मानक को कम कर 1200 मतदाता कर दिया है। इससे चुनाव के दिन मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की भीड़ कम होगी और लंबी लाइनें नही लगेंगी। अब चुनाव के दौरान मतदाता मतदेय स्थल पर ज्यादा देरतकप्रतीक्षा किए बगैर आसानी से अपना मत डाल सकेंगे।
मतदाता सूची भी बड़ी नहीं होगी। बीएलओ के लिए मतदाता सूची का सत्यापन एवं रखरखाव करना आसान होगा । इन कार्यों से मतदाताओं को मतदान को लेकर सुविधा होगी और एक सुखद अनुभूति होगी। मतदेय स्थलों पर न्यूनतम आश्वासित सुविधाएं उपलब्ध कराईं जाए , जिसमें पीने का साफ पानी, महिला एवं पुरुष मतदाताओं के लिए शौचालय, पर्याप्त फर्नीचर की व्यवस्था, मतदेय स्थल पर पर्याप्त बिजली की व्यवस्था, दिव्यांग मतदाताओं की व्हीलचेयर के लिए मतदेय स्थल पर स्थायी रैम्प उपलब्ध हो। अयोध्या में अभी 99 प्रतिशत मतदेय स्थलों पर ही यह सुविधाएं उपलब्ध है, जहां कहीं पर भी कोई कमी है उसे यथाशीघ्र पूरा कराया जाए। 83 साल की आयु से अधिक उम्र के वयोवृद्ध मतदाताओं का शत् प्रतिशत सत्यापन कराया जाय, जिससे ऐसे मतदाताओं की वास्तविक संख्या का पता चल सके जो 2027 के विधानसभा चुनाव के दौरान 85 वर्ष से अधिक आयु के होंगे जिससे वर्ष 2027 के चुनाव में घर पर रहकर वोट डालने के लिए पात्र अधिकतम मतदाताओं की संख्या का सही आंकलन किया जा सके। ईआरओ, एईआरओ,बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर को सघन प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन कर सकें। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अफसरों के दो रिक्त पदों को एक सप्ताह के भीतर भरे जाने की कार्रवाई की जाए।
उच्च शिक्षा मंत्री पहुंचे केजीएमयू,घायल छात्रों का जाना हालचाल
श्री राम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के पुलिस के लाठीचार्ज में घायल एलएलबी के छात्रों से उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने किंग चार्ज
मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंचकर भेंट की और उनका हालचाल जाना।उच्च शिक्षा मंत्री को घायल छात्रों ने पुलिसिया बर्बरता की वीडियो दिखाई और अपने दर्द का इजहार किया।उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा, योगी सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। उनके हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि घायल छात्रों को देखकर स्पष्ट है कि लाठीचार्ज पूरी तरह से अमानवीय और पाशविक कृत्य था। उच्चशिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस घटना में संलिप्त पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और मंडलायुक्त को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उच्च शिक्षा परिषद के सचिव दिनेश राजपूत की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफएफआईआर दर्ज कराई गई है। कोई भी दोषी बचने नही पायेगा । हर पहलू की जांच की जा रही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार में यह सब नही चलने वाला है।
मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंचकर भेंट की और उनका हालचाल जाना।उच्च शिक्षा मंत्री को घायल छात्रों ने पुलिसिया बर्बरता की वीडियो दिखाई और अपने दर्द का इजहार किया।उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा, योगी सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। उनके हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि घायल छात्रों को देखकर स्पष्ट है कि लाठीचार्ज पूरी तरह से अमानवीय और पाशविक कृत्य था। उच्चशिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस घटना में संलिप्त पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और मंडलायुक्त को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उच्च शिक्षा परिषद के सचिव दिनेश राजपूत की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफएफआईआर दर्ज कराई गई है। कोई भी दोषी बचने नही पायेगा । हर पहलू की जांच की जा रही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार में यह सब नही चलने वाला है।समाज का दर्पण होता है शिक्षक-रालोद
शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय लोकदल ने आचार्यों, गुरुओं एवं शिक्षकों का हार्दिक शुभकामनाएं एवं अभिनंदन किया गया। मीडिया प्रभारी मयंक
त्रिवेदी ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होते हैं। शिक्षक वह शक्ति हैं, जो साधारण बालक को जिम्मेदार नागरिक बनाने की सामर्थ्य रखते हैं। आज का दिन हमें भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की शिक्षाओं और उनके आदर्शों की याद दिलाता है। उन्होंने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा साधन माना और सदैव ज्ञान, विवेक एवं नैतिकता को प्राथमिकता दी।राष्ट्रीय लोकदल मानता है कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं बल्कि जीवन जीने की कला और समाज को सही दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है। डॉ. राधाकृष्णन ने जीवन से सिद्ध किया कि शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तक नहीं पढ़ाता बल्कि समाज की आत्मा का निर्माण करता है। वर्तमान समय में जब समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब शिक्षक ही विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना भर सकते हैं। शिक्षक दीपक की भांति स्वयं जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं। ऐसे में समाज और सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है कि शिक्षकों को उचित सम्मान और सुविधाएं मिलें।राष्ट्रीय लोकदल शिक्षकों के योगदान को नमन करता है। संकल्प दोहराता है कि पार्टी हर स्तर पर शिक्षा और शिक्षकों की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
त्रिवेदी ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होते हैं। शिक्षक वह शक्ति हैं, जो साधारण बालक को जिम्मेदार नागरिक बनाने की सामर्थ्य रखते हैं। आज का दिन हमें भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की शिक्षाओं और उनके आदर्शों की याद दिलाता है। उन्होंने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा साधन माना और सदैव ज्ञान, विवेक एवं नैतिकता को प्राथमिकता दी।राष्ट्रीय लोकदल मानता है कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं बल्कि जीवन जीने की कला और समाज को सही दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है। डॉ. राधाकृष्णन ने जीवन से सिद्ध किया कि शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तक नहीं पढ़ाता बल्कि समाज की आत्मा का निर्माण करता है। वर्तमान समय में जब समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब शिक्षक ही विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना भर सकते हैं। शिक्षक दीपक की भांति स्वयं जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं। ऐसे में समाज और सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है कि शिक्षकों को उचित सम्मान और सुविधाएं मिलें।राष्ट्रीय लोकदल शिक्षकों के योगदान को नमन करता है। संकल्प दोहराता है कि पार्टी हर स्तर पर शिक्षा और शिक्षकों की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
