- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
नयी दिल्ली:हिंदी दिवस के मौके पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित विभिन्न नेताओं ने देशवासियों को बधाई दी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच पर अपने शुभकामना संदेशा में लिखा है कि “आप सभी को हिंदी दिवसा की अनंत शुभकामनाएँ। हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान और सरकारों की जीवंत धरोहर है। इस अवसर पर आइए, हम सब मिलकर हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं की रामृद्ध बनाने और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक गर्व के साथ पहुंचाने का संकल्प लें। विश्व पटल पर हिंदी का बढ़ता सम्मान हम सबके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
हिंदी तकनीक, विज्ञान और अनुसंधान की बन रही है भाषा-अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने संदेश में लिखा है कि “देश की भाषाओं-बोलियों के बीच रोतु बनकर राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने वाली हिंदी तकनीक, विज्ञान और अनुसंधान की भाषा बन रही है। आजादी के आंदोलन से लेकर आपातकाल के मुश्कित दिनों तक, हिंदी ने देशवासियों को एक सूत्र में बाँधने में अहम भूमिका निभाई है। हिंदी सभी भाषाओं को साथ लेकर विकसित और भाषाई रूप से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाती रहेगी।”इसको लेकर उन्होंने एक्स पर एक वीडियो संदेशा भी पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने कहा है, “हिंदी भाषाई एकता का अनमोल गहना है। यह सभी भाषाओं को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।
हिंदी ने देश को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई-राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा कि “हिंदी दिवस पर सभी देशवासियों की हार्दिक शुभकामनाएँ। हिंदी केवल भाषा नहीं बल्कि हमारी राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक अस्मिता और भावनात्मक एकता की रात्रशक्त अभिव्यक्ति है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक हिंदी ने देश को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आइए, हिंदी और सभी भारतीय भाषाओं के संरक्षण व संवर्धन का संकल्प लें, हमारा यह संकल्प राष्ट्र को और अधिक मज़बूत बनाएगा।
हिन्दी भाषी लोगों के विकास के लिए हमने कई अहम कदम उठाए-ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच पर कहा कि”आज हिन्दी दिवस है। इस अवसर पर सभी हिन्दी भाषी भाई बहनों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ। प्रत्येक वर्ष हम श्रद्धा के साथ हिन्दी दिवस मनाते हैं। हम सभी भाषाओं के प्रति श्रद्धावान है।उन्होंने कहा, “इस संदर्भ में कहूँ तो वर्ष 2011 के बाद से राज्य में हिन्दी भाषी लोगों के विकास के लिए हमने कई अहम कदम उठाए है। जिन क्षेत्रों में 100 प्रतिशत से अधिक लोग हिन्दी भाषा में बात करते हैं, वहाँ हिन्दी को सरकारी भाषा का दर्जा दिया गया है। हमने संधाली, कुरुख, कुड़माली, नेपाली, उर्दू, राजवंशी, कामतापुरी, उड़िया, पंजाबी, तेलगु भाषाओं को भी सरकारी भाषा के रूप में मान्यता दी है। सादरी भाषा के विकास के लिए भी हम प्रयासरत हैं।” उन्होंने कहा है कि हिन्दी भाषा के विकास के लिए हिन्दी अकादमी का गठन किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र की बात करें तो हावड़ा में हिन्दी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। बानारहाट और नवसतबाड़ी में हिन्दी माध्यम के डिग्री कॉलेज खोते गए हैं। इसके अलावा कई कॉलेजों में हिन्दी खातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए गए है। उच्च माध्यमिक के प्रश्नपत्र अब हिन्दी में भी उपलब्ध है। रवीन्द्र मुक्त विद्यालय के छात्र-छात्राएँ हिन्दी भाषा में माध्यमिक परीक्षा दे पा रहे हैं।उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हिन्दी भाषी लोगों सहित अन्य लोगों के लिए निःशुल्क सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ शुरू की गई है। गंगासागर मेले के मद्देनज़र उस क्षेत्र में उत्कृष्ट आधारभूत संरचना विकसित की गई है। हिन्दी भाषी समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए, राज्य सरकार ने छठ पूजा के उस्तक्ष्य में दो दिन की सरकारी छुट्टी की घोषणा की है।
