- REPORT BY:A.AHMED SAUDAGAR || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। गाजियाबाद जिले के डासना जेल प्रशासन की सतर्कता से बड़ा कांड होने से टल गया। गाजियाबाद पुलिस लाइन में तैनात दो सिपाहियों जेल में बंद एक कैदी को पेशी पर ले जाने के लिए पहुंच गए और बंदी को भगाने की कोशिश थी, लेकिन उनके नापाक इरादों को नाकाम करते हुए जेल में तैनात जेल कर्मचारियों की सतर्कता से उनका नापाक इरादा फेल हो गया। इस मामले की जानकारी जेल प्रशासन ने पुलिस को बताया। खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों दागी सिपाहियों को गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि गाजियाबाद जिले के कवि नगर थाने की पुलिस के हत्थे चढ़े सिपाहियों दो सचिन चौधरी व राहुल कुमार ये दोनों गाजियाबाद जिले की रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात हैं। बताया जा गणना कार्यालय से ही पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है। बताया जा रहा है कि सचिन और राहुल दोनों पुलिसकर्मी गाजियाबाद जिले की डासना जेल में पहुंचे और वहां उन्होंने बिजेंद्र नाम के कैदी को पेशी पर ले जाने की बात कही। इसके लिए उन्होंने वह कागज भी जेल कर्मचारियों को दिया जिससे कैदी को पेशी पर ले जाया जाता है। बताया जा रहा है कि किसी भी पुलिस लाइन की गणना कार्यालय में ही जेल से वह कागज आते हैं। लेकिन इसी दौरान जेल कर्मचारियों को शक हो गया क्योंकि कागज में छह बंदियों के नाम थे और यह दोनों सिपाही सिर्फ एक बंदी बिजेंद्र को ले जाना चाह रहे थे।
जांच एजेंसी ने दर्ज किया था बिजेंद्र के खिलाफ मुकदमा
बताया जा रहा है कि बिजेंद्र मूल रूप से कंकरखेड़ा मेरठ का रहने वाला है और उसके खिलाफ जालसाजी के कई मुकदमे दर्ज हैं।जांच एजेंसी ( ईडी )ने भी बिजेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था , इससे साबित होता है कि बिजेंद्र बड़ा नटवर लाल है।
