-सोनभद्र में किया 548 करोड़ की 432 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास,योजनाओं के लाभार्थियों को बांटे प्रमाण पत्र व चेक
-महिला पुलिस कर्मियों के लिए 25 स्कूटी को दिखाई हरी झंडी, सोनभद्र के पर्यटन पर आधारित पुस्तिका का विमोचन,जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रहा जनजातीय समुदाय-योगी
-धरती आबा बिरसा मुण्डा ने किया विदेशी राज को नकारने का कार्य
- REPORT BY:K.K. VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जनजातीय समुदाय तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा देश के विकास में
अपना योगदान दे रहा है। बिरसा मुण्डा के संघर्ष के दौरान साधन व संसाधन नहीं थे, लेकिन उस समय जनजातीय समुदाय भारत की मुख्य धारा के साथ मिलकर स्वाधीनता के लिए संघर्ष कर रहा था। अंग्रेजों ने उन्हें मात्र 25 वर्ष की आयु में रांची की जेल में कैद कर लिया, जहां उनकी दुखद मृत्यु हो गई। उस समय उनके द्वारा दिया गया नारा ‘अबुआ दिसुम, अबुआ राज’ लोगों के लिए एक प्रेरणा है। धरती आबा बिरसा मुण्डा ने विदेशी राज को इसके माध्यम से नकारने का कार्य किया। जनजातियों के लिए भगवान बिरसा मुण्डा की मांग के समक्ष ब्रिटिश सरकार को झुकना पड़ा तथा जनजातीय समाज को उनका अधिकार देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
अपना योगदान दे रहा है। बिरसा मुण्डा के संघर्ष के दौरान साधन व संसाधन नहीं थे, लेकिन उस समय जनजातीय समुदाय भारत की मुख्य धारा के साथ मिलकर स्वाधीनता के लिए संघर्ष कर रहा था। अंग्रेजों ने उन्हें मात्र 25 वर्ष की आयु में रांची की जेल में कैद कर लिया, जहां उनकी दुखद मृत्यु हो गई। उस समय उनके द्वारा दिया गया नारा ‘अबुआ दिसुम, अबुआ राज’ लोगों के लिए एक प्रेरणा है। धरती आबा बिरसा मुण्डा ने विदेशी राज को इसके माध्यम से नकारने का कार्य किया। जनजातियों के लिए भगवान बिरसा मुण्डा की मांग के समक्ष ब्रिटिश सरकार को झुकना पड़ा तथा जनजातीय समाज को उनका अधिकार देने के लिए मजबूर होना पड़ा।मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयन्ती ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर सोनभद्र में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। जनपद के सर्वांगीण विकास को समर्पित 548 करोड़ रुपये की 432 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व चेक वितरित किए। उन्होंने मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला पुलिस कर्मियों के लिए 25 स्कूटी को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया तथा सोनभद्र के पर्यटन पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने जनजाति विकास पर आधारित प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में प्रदेश में जनजातियों के विकास के लिए सरकार द्वारा किये गए कार्यों तथा सोनभद्र के पर्यटन विकास पर आधारित लघु फिल्म भी दिखायी गयी। मुख्यमंत्री ने जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। डबल इंजन सरकार ने जनजातीय समुदाय को उसके अधिकार दिलाने का कार्य किया है। प्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय गौरव के संरक्षण के लिए बलरामपुर के इमलिया कोडर में जनजातीय म्यूजियम और छात्रावास की स्थापना की है। मिर्जापुर मण्डल में भी म्यूजियम की स्थापना की जाएगी। जनजातीय गौरव की धरोहर सभी के लिए एक प्रेरणा बनेगी। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमें जनजातीय गौरव दिवस के साथ जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ है। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में 22 राज्यों की टीमों द्वारा प्रतिभाग किया गया, जिसमें अरुणाचल प्रदेश हमारा सहभागी राज्य रहा। हमारे जनजातीय समाज ने विरासत के साथ जुड़कर भारत की गौरव गाथा व परम्परा को आगे बढ़ने का कार्य किया है। सोनभद्र के सलखन फॉसिल्स पार्क में 140 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्म के अवशेष प्राप्त हुए हैं। इसके माध्यम से दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में सम्मिलित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आध्यात्मिक दृष्टि से जनपद में शिवद्वार, पंचमुखी महादेव, कंटाकोट महादेव, ज्वालामुखी शक्तिपीठ, मुखा फॉल व हाथी नाला आदि जैसे महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल हैं। यहां पर बायो डायवर्सिटी पार्क इत्यादि हैं। उत्तर प्रदेश में पायी जाने वाली 15 जनजातियों में से 14 जनजाति सोनभद्र में मिलती हैं। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण व विधान परिषद सदस्य भूपेन्द्र सिंह चौधरी ,स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रवीन्द्र जायसवाल, समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोंड अधिकारी उपस्थित थे।
डिस्लेक्सिया वाले बच्चों की शिक्षा, अधिकार के लिए योगी सरकार संवेदनशील – झा
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्य स्तरीय डिस्लेक्सिया एवं एडीएचडी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को लखनऊ में सफल समापन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रो. हिमांशु शेखर झा ने अपने संबोधन में कहा कि डिस्लेक्सिया वाले बच्चों को भी शिक्षा में समान अवसर और अधिकार सुनिश्चित करने हेतु विभाग पूर्ण संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की शिक्षा को गुणात्मक और सुगम बनाने के लिए अध्यापकों के विशेष प्रशिक्षण, अभिभावक जागरूकता विशेष कार्ययोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित राय ने जानकारी दी कि डिस्लेक्सिया जागरूकता माह के अंतर्गत यह दो-दिवसीय प्रशिक्षण प्रदेश के सभी 75 जिलों के चयनित अध्यापकों, विशेष शिक्षकों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के लिए आयोजित किया गया।इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में, चेंजइंक फाउंडेशन के एसएलडी विशेषज्ञ अमरेश चंद्रा ने विशिष्ट अधिगम दिव्यांगता के प्रकार, उनकी शीघ्र पहचान, प्रमाणीकरण एवं डिस्लेक्सिया तथा एसएलडी वाले बच्चों के शिक्षण में उपयोगी सहायक प्रौद्योगिकी पर प्रशिक्षण प्रदान किया। इसके अतिरिक्त संजय कुमार असिस्टेंट प्रोफेसर, डीएसएमएनआरयू ने डिस्लेक्सिया व एडीएचडी की परिभाषा, लक्षण तथा अनुकूल वातावरण निर्माण पर और नागेश पाण्डेय प्रवक्ता सीआरसी लखनऊं ने कक्षा प्रबंधन और सहपाठी ट्यूटरिंग पर प्रशिक्षण प्रदान किया।द्वितीय दिवस के प्रशिक्षण सत्रों में दीपक कुमार जायसवाल प्रवक्ता, अध्यापक शिक्षक केंद्र, लखनऊ ने डिस्लेक्सिया तथा एडीएचडी वाले बच्चों के पुनर्वास एवं हस्तक्षेप में अभिभावकों एवं विशेषज्ञों के सहयोग पर, डा. स्वाती कात्याल समृद्धि-ए लर्निंग फाउंडेशन ने आकलन उपकरण और बहुसंवेदी शिक्षण तकनीकों पर, जबकि डा मधुबाला यादव मनोवैज्ञानिक बचपन दे केयर सेंटर लखनऊ ने सामाजिक-भावनात्मक प्रभाव से संबंधित जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन प्रमाणपत्र वितरण से संम्पन हुआ।
जनजातीय शौर्य की शान: धरती आबा बिरसा मुंडा भगवान,जीवन से मिलती है राष्ट्रीय एकता व सामाजिक सौहार्द की प्रेरणा- केशव
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा के जीवन से राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द की प्रेरणा मिलती है।धरती आबा बिरसा मुंडा भगवान, जनजातीय शौर्य की शान थे।भगवान बिरसा मुण्डा धरती माता को गुलामी की बेड़ियों से आजाद करने हेतु किये जाने वाले संघर्ष के प्रतीक हैं।बिरसा मुंडा ने लोगो के अधिकारों के लिए संघर्ष का बिगुल बजाया, उनका उद्देश्य स्पष्ट था,लोगों को उनकी भूमि और अधिकार वापस दिलाना।बिरसा मुंडा के क्रांतिकारी विचारों से विचलित हो कर ब्रिटिश शासकों ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। जेल में ही धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा शहीद हो गए।डबल इंजन सरकार जनजातीय गौरव की पुनर्स्थापना करते हुए जनजातीय समाज के कल्याण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। केशव प्रसाद मौर्य शनिवार कोसेठ गंगा प्रसाद माहेश्वरी जनमंच सभागार, सहारनपुर में ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘जनजाति गौरव दिवस’ कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।इससे पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मां सरस्वती, भारत माता, व क्रांतिवीर भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन दर्शन, व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालाउप मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के लिए देश में अनेक कार्यक्रम प्रारम्भ किए गए हैं।सरकार अनुसूचित जनजाति वर्ग की शिक्षा के स्तर को उठाने व शासकीय योजनाओं में भागीदारी बढ़ा रही है।जनजातीय समुदाय को बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक जनजातीय गौरव पखवाड़ा आयोजित किया गया।धरती आबा’ भगवान बिरसा मुण्डा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए जनजाति गौरव दिवस आयोजित किया जा रहा है।सरकार जनजातियों को योजनाओं से आच्छादित करने के लिए मिशन मोड पर कार्य कर रही है। जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर किया जा रहा है।इस वर्ग के छात्र-छात्राओं हेतु छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना संचालित की जा रही है।देश की स्वतन्त्रता के प्रति समर्पित भगवान बिरसा मुण्डा ने मात्र 25 वर्ष की उम्र में रांची जेल में अन्तिम सांस ली। उन्होंने जनजातीय समुदाय को ‘अपना देश अपना राज’ का नारा दिया था। 31 अक्टूबर 1875 को लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल तथा 15 नवम्बर 1875 को भगवान बिरसा मुण्डा का जन्म हुआ। भारत की जनचेतना को जाग्रत कर स्वाधीनता आन्दोलन को नया मन्त्र देने वाले राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर देश गर्व की अनुभूति कर रहा है।उत्तर प्रदेश मे अनुसूचित जन जाति -थारू, मुसहर, चेरो, बुक्सा, सहरिया, कोल तथा गोंड आदि को मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण मे आवास देने के प्राथमिकता श्रेणी मे रखा गया है।जनजातियों को विकास की योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ बेहतर कनेक्टिविटी, बिजली, पेयजल, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान भारत की स्कीम आदि सुविधाओं से आच्छादित किया जा रहा है।
इस अवसर पर राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी , राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह , महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह , विधायक राजीव गुंबर मुकेश चौधरी देवेंद्र कुमार निम कीरत सिंह , शीतल बिश्नोई डॉ. महेंद्र सिंह सैनी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
सरकार की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए-केशव
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज सहारनपुर पहुंचे।उन्होंने दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। डिप्टी सीएम का जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस सहारनपुर में जनप्रतिनिधियों तथा भाजपा पदाधिकारियों से भेंटकर क्षेत्र की विकास योजनाओं और स्थानीय समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। केशव प्रसाद मौर्य ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें जनहित से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुँचे। इस कार्यक्रम के पश्चात सहारनपुर स्थित सेठ गंगा प्रसाद माहेश्वरी जन मंच सभागार, निकट गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने अदम्य साहस, संघर्ष और बलिदान से देश की स्वतंत्रता एवं आदिवासी समाज के उत्थान में अमूल्य योगदान दिया।श्री मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदिवासी गौरव को सम्मान देने हेतु किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार निरंतर जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारी, जन प्रतिनिधि ,जिला स्तर अधिकारी व जनता उपस्थित हुई।
ईको टूरिज्म विकास बोर्ड ने युवा पर्यटन क्लब के सदस्यों को विस्टाडोम से कराया भ्रमण,नेचर लर्निंग से जिम्मेदार पर्यटक तैयार कर रहा विस्टाडोम सफारी- जयवीर
उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड ने शनिवार को लखनऊ के गवर्नमेंट इंटर जुबिली कॉलेज के करीब 40 विद्यार्थियों को दुधवा की ‘विस्टाडोम ट्रेन सफारी’ का अनूठा अनुभव कराया। स्कूल की कक्षाओं से बाहर निकलकर विद्यार्थियों ने जंगलों की हरियाली, दुर्लभ वन्यजीवों को नजदीक से देखने और जिम्मेदार पर्यटन को करीब से समझा। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि युवाओं को पर्यावरण अनुकूल यात्रा, नेचर लर्निंग और सस्टेनेबल टूरिज्म जैसी सोच से जोड़ने की यह पहल न सिर्फ प्रेरक है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार पर्यटक बनने का सशक्त संदेश भी देती है। मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड की ओर से आगे भी ऐसे नवाचार जारी रहेंगे। बाल दिवस पर स्कूली छात्रों को विस्टाडोम सफारी का विशेष अनुभव कराना इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।लखनऊ से बिछिया की प्रकृति यात्रा पर निकले बच्चों का समूह जैसे ही इंटरप्रिटेशन सेंटर पहुंचे, उनका रोमांच नए आयामों में बदल गया। जंगल की धरोहरों को करीब से जानने-समझने के बाद स्टेशन मास्टर की विशेष ब्रीफिंग ने यात्रा को और रोचक बना दिया, जिसमें बच्चों को रेल मार्ग के इतिहास, फॉरेस्ट कॉरिडोर में जिम्मेदार आचरण के नियमों और क्षेत्र की अद्भुत जैव-विविधता से परिचित कराया गया। प्रकृति और ज्ञान से भरे ये संवाद बच्चों के लिए इस पूरे सफर के सबसे अविस्मरणीय अनुभवों में दर्ज हो गए।तराई की प्राकृतिक सुंदरता को बेहद करीब से महसूस करते हुए विद्यार्थियों ने 11ः45 बजे बिछिया से पलिया कलां तक एक रोमांचक सफर की शुरुआत की। पारदर्शी शीशों और पैनोरमिक व्यू से लैस विशेष ट्रेन कोच में सवार बच्चों ने घने जंगलों, हरे-भरे घास के मैदानों, जलाशयों और विभिन्न प्रकार के वन्य जीवों के अद्भुत संसार को करीब से देखा। यात्रा बिछिया कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के समीप से शुरू होकर मैलानी दुधवा नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार तक पहुंची। अभय कुमार तिवारी नामक छात्र ने बताया कि यह यात्रा उनके लिए यादगार रही। यह यात्रा कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य की सीमा से होते हुए दुधवा नेशनल पार्क के प्रवेश क्षेत्र तक पहुंची। वन्य क्षेत्र बाघ, गैंडा, हाथी, बारहसिंघा, घड़ियाल सहित 450 से अधिक पक्षीप्रजातियों के लिए प्रसिद्ध है। धीमी गति से चलती ट्रेन ने प्राकृतिक नजारों को सहेजने का भरपूर अवसर दिया। विस्टाडोम कोच के विशेष व्यूइंग ज़ोन से बच्चों ने वन गलियारों, घास वाले क्षेत्र और आर्द्रभूमि को करीब से देखा। यात्रा में साथ चल रहे शिक्षकों ने वन्यजीव व्यवहार, पक्षियों की आवाज और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन पर महत्वपूर्ण जानकारियां छात्रों से साझा कीं।वापसी के दौरान छात्र मोहित पाल और अंकित विश्वकर्मा ने अपने अनुभव साझा की। उन्होंने बताया कि पहली बार जंगल को इतने नजदीक से देखा। ऐसा लगा जैसे ट्रेन किसी तस्वीर के भीतर से गुजर रही हो। इस अवसर के लिए मैं उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड का बहुत आभारी हूं। उल्लेखनीय है, कि विस्टाडोम ट्रेन सेवा शनिवार और रविवार को संचालित होती है। इसीलिए छात्रों को बाल दिवस के मौके पर 15 नवंबर को भ्रमण कराया गया।बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और अनुभव आधारित सीख को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित दुधवा विस्टाडोम सफारी को लेकर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ऐसी पहल युवा पीढ़ी को किताबों से परे वास्तविक दुनिया से जुड़ने का अवसर देते हैं। विस्टाडोम ट्रेन सफारी इसी दृष्टिकोण को परिलक्षित करती है। इस यात्रा से मिली सीख, समझ और संवेदना बच्चों में प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी और उन्हें भविष्य के जिम्मेदार पर्यटक के रूप में तैयार करेगी।
गांव की समस्याओं का गांवो में हो समाधान,सहारनपुर बने प्रदेश के लिए विकास योजनाओं का रोल मॉडल – केशव
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सहारनपुर के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी ने उप मुख्यमंत्री को काष्ठ से निर्मित गणेश की मूर्ति भेंट की। केशव प्रसाद मौर्य ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के तहत प्रमुखता से ग्राम्य विकास, मनरेगा, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, खाद्यप्रसंस्करण आदि की बिन्दुवार समीक्षा की।उन्होंने कहा कि सहारनपुर में विकास की अपार संभावनाएं है। सभी अधिकारी संवेदनशील होकर कार्य करें और सहारनपुर को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाएं। सहारनपुर विकास योजनाओं में रोल माडल बनकर अन्य जनपदों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनें। अधिकारी आमजन के साथ बेहतर व्यवहार करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाएं। अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्रों को हर हाल मे मिले। ग्राम चौपाल कार्यक्रम अन्तर्गत गांव की समस्याओं का गांव में ही समाधान हो। फूड प्रोसेसिंग यूनिटों की स्थापना के लिए प्रयास किया जाए। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना में प्रत्येक ग्राम में एक यूनिट की स्थापना की जाए, जिससे गांव में ही लोगों को रोजगार मिल सके। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत निर्मित अमृत सरोवरों एवं अमृत वाटिकाओं की निरंतर समीक्षा की जाए। पीएम एवं सीएम आवास योजना के तहत सभी को पक्का मकान मिल सके। जनप्रतिनिधियों से समन्वय किया जाए। जनप्रतिनिधियों के अनुभवों का भी लाभ उठाया जाए। उन्होने निर्देश दिए कि जिले की शिकायतों को जिले स्तर पर ही निस्तारित किया जाए। देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व कर रहीं मातृशक्ति को आर्थिक रूप से समृद्ध किया जाए। लखपति दीदी योजना के लाभार्थियों का विस्तार करते हुए बेहतर कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए।
जिलाधिकारी मनीष बंसल से उप मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि आपके द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग बृजेश सिंह, राज्यमंत्री संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, महापौर डॉक्टर अजय सिंह, विधायक नगर राजीव गुंबर, विधायक नकुड मुकेश चौधरी, विधायक गंगोह कीरत सिंह, विधायक रामपुर मनिहारान देवेंद्र निम, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, महेन्द्र सैनी, शीतल विश्नोई, गौरव गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
