सरोजनीनगर: शांतिनगर में दिनदहाड़े 12 लाख की चोरी कर चम्पत हुए चोर,क्लिक करें और भी खबरें

-घर का ताला तोड़कर सोने-चाँदी के गहने, नकदी, लाइसेंसी डीबीबीएल बंदूक के 30 कारतूस लूटे; महिला ने 15 लोगों पर लगाया सीधा आरोप

  • REPORT BY:A.S.CHAUHAN || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS

लखनऊ।थाना सरोजनीनगर के शांतिनगर में उस समय सनसनी फैल गई जब एक मकान में अज्ञात चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर घुसकर करीब 12 लाख रुपए के सोने-चाँदी के जेवर, नकदी, चाँदी के सिक्के, चाँदी के बर्तन, लाइसेंसी डीबीबीएल बंदूक के 30 जिंदा कारतूस और सीसीटीवी की 2 टीबी हार्ड डिस्क सहित महत्वपूर्ण कागजात चुरा लिए।
मकिरण त्रिपाठी पत्नी दिलीप त्रिपाठी (मो. 83839XXXXX) ने सरोजनीनगर थाने में दी गई लिखित तहरीर में बताया कि वे गेहूं की बुवाई के लिए पैतृक गांव उन्नाव गई थीं। घर पर सिर्फ उनका बड़ा बेटा शुभम था जो 21 नवंबर को बनारस शादी में चला गया था और चाबी भी उसके पास थी। छोटा बेटा सूरज 24 नवंबर को उन्नाव से लखनऊ पारा शादी में गया और 25 नवंबर को लौटते समय घर के बाहर से पेड़-पौधों में पानी डालकर वापस उन्नाव चला गया। उसने देखा था कि मेन गेट बंद था।26 नवंबर को शुभम बनारस-चारबाग की शादी से लौटा और घर का गेट खोलकर अंदर गया तो पूरा घर तहस-नहस मिला। आलमारी और लॉकर के ताले टूटे हुए थे। शुभम ने तुरंत मां किरण त्रिपाठी को फोन किया और 112 पर सूचना दी।

पीड़ितों के अनुसार सोने के  झुमकी, हार, मांग बेंदी, बड़ी नथनी, 4 कंगन, झाले, अंगूठी, चेन, 2 नाक कील, टूटी छोटी नथनी, ओंम लॉकेट
और चाँदी के गहने  कमर पेटी, 2 जोड़ी पायल, करीब 20 सिक्के, 1 प्लेट, 1 बेस प्लेट, 1 बड़ा गिलास व नकदी 15-16 हजार रुपए (10, 20 और 50 के नए नोटों की गड्डियां और 12 बोर डीबीबीएल बंदूक के 30 जिंदा कारतूस की पूरी पेटी CC कैमरे की DVR + 2 TB तोशिबा हार्ड डिस्क कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी हुए है ।

महिला ने सीधे-सीधे 15 लोगों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह चोरी पड़ोस के मनोज और उसके रिश्तेदारों (भानजा, साला) तथा नसीम के चारों बेटों – रेहान उर्फ छोटे मुन्ना, सोफियान उर्फ बड़े मुन्ना, सिकन्दर उर्फ सानू, फरीद खान और उनके साथियों फुरकान, दाऊद, पड़ोसी मियां व सुशील नाई आदि ने मिलकर साजिशन की है। पीड़ितों ने कहा कि पहले भी इन लोगों ने उनके घर में गंभीर वारदातें की हैं और लगातार धमकियां व रेकी होती रही है। उन्हें जान का भी खतरा है।मौके पर सरोजनीनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड पहुंचकर जांच कर रही है। अभी तक कोई नामजद FIR दर्ज नहीं हुई है, लेकिन पीड़ितों ने सभी 15 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने और माल बरामदगी की मांग की है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

रेंजर का खुलासा:पुलिस ने हमें एक शब्द भी नहीं बताया

-अमावां जंगल नीलगाय हत्याकांड में बंथरा पुलिस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, वन विभाग से भी मामला छुपाया

बंथरा थाना क्षेत्र के अमावां जंगल में बीती आठ नौ नवंबर को अवैध हथियारों से नीलगाय को गोलियों से छलनी करने की जघन्य घटना ने अब पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में ला खड़ा किया है। क्षेत्र के लोग इस हत्याकांड के गवाह और आरोपी शिकारियों के नाम तक जानते हैं, लेकिन बंथरा थाने की पुलिस आज भी इस मामले को दबाने-छिपाने में जुटी हुई है।सबसे बड़ा खुलासा सरोजनीनगर क्षेत्र के वन रेंजर सुरेंद्रनाथ सिंह ने किया है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस ने न तो मुझे और न ही मेरे विभाग को इस नीलगाय हत्याकांड की कोई आधिकारिक सूचना दी। हमें सिर्फ अखबारों और सोशल मीडिया पर वायरल खबरों से पता चला। इसके बाद मैंने तुरंत अपनी टीम को मौके पर भेजा है। जांच चल रही है, जैसे ही आरोपियों का पता चलेगा, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।”रेंजर के इस बयान ने बंथरा पुलिस के दावों की पोल खोल दी है। पुलिस का बार-बार यही कहना था कि “मामला वन विभाग का है, हमने अपना पल्ला झाड़ लिया”, लेकिन 20 दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस ने वन विभाग को एक लाइन की लिखित या मौखिक सूचना तक नहीं दी।

सूत्रों का कहना है कि पुलिस और आरोपियों के बीच मोटी रकम का लेन-देन हुआ है, जिसके बाद पुलिस जानबूझकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश कर रही है। यही वजह है कि मौके पर पहुंचने, आरोपियों के मोबाइल लोकेशन तक ट्रेस करने के बावजूद न तो कोई एफआईआर दर्ज हुई और न ही कोई गिरफ्तारी।जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष है। उनका कहना है, “पुलिस पैसे के लालच में कितनी नीचता पर उतर सकती है, इसका जीता-जागता सबूत यह मामला है। नीलगाय को गोलियों से भून दिया गया, सबूत मौके पर मौजूद थे, फिर भी पुलिस आरोपी शिकारियों को बचाने में जुटी है।”बंथरा थाने के अधिकारी आज भी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं और अपने चहेते लोगों के जरिए “मामला ज्यादा न उछले” इसकी पैरवी करवा रहे हैं।

अब सवाल यह है कि जब पुलिस ने वन विभाग को सूचना तक नहीं दी, तो 20 दिन से यह केस कहां गायब है, क्या सिर्फ रिश्वत के दम पर वन्यजीव हत्यारों को बचाया जा रहा है। पुलिस विभाग के आला अधिकारी इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी साधे हुए हैं। जनता इंतजार कर रही है कि कब इस शर्मनाक मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरेगी और असली हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

सोलर पैनल चोरी के तीन शातिर अभियुक्तों को पकड़े,8 पैनल बरामद

बिजनौर थाना पुलिस ने सोलर पैनल चोरी की बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गए सभी 8 सोलर पैनल बरामद कर लिए गए हैं।मामला 18 नवंबर 2025 का है जब ग्राम रहीमाबाद निवासी दिलीप कुमार के खेत में लगे सिंचाई के सोलर पंप के पैनल अज्ञात चोरों ने चुरा लिए थे। शिकायत पर थाना बिजनौर में मुकदमा नंबर 0328/2025 धारा 303(2) बीएनएस दर्ज किया गया था।श शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर नटकुर अंडर पास के पास से पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम इस प्रकार हैं:श्रीकांत शुक्ला उर्फ सोनू शुक्ला (31 वर्ष) निवासी नारायणपुरी, मानसनगर, थाना कृष्णानगर, लखनऊ (7 मुकदमों का पुराना अपराधी)अमित मिश्रा (35 वर्ष) निवासी अकोडिया नारायणपुर, थाना ऊंचाहार, जिला रायबरेली (5 मुकदमों का इतिहास)सुनील यादव (32 वर्ष) निवासी रानीपुर, थाना लालगंज, जिला रायबरेली पुलिस ने मौके से 8 सोलर पैनल बरामद कर लिए हैं तथा मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी कर तीनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

Aaj National

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