-पहले रिपोर्ट दर्ज करने में ढिलाई, अब खुलासे में बिलम्ब
-पुलिस की कार्यशैली से पिता नाराज, डीसीपी नें कहा जाँच जारी जल्द करेंगे खुलासा
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS|| EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।कमिश्नर साहब आप की सिधाई का नाजायज तरीके से गोसाईगंज पुलिस फायदा उठा रही है। पहले रिपोर्ट दर्ज
करने में हीला हवाली की।ज़ब आपनें कड़ी फटकार लगाई तो पुलिस नें एफआईआर दर्ज की। अब हत्यारो को पकड़ने औऱ घटना का खुलासा करने में कोताही बरत रही है।
करीब 25 दिन बाद भी किसी नतीजे पर नही पहुंच सकी है।न तो हत्या करने वाले पकड़े गये औऱ न ही यह पता चला कि शव खेत में कैसे पंहुचा ? जबकि पीड़ित पिता पूर्व प्रधान योगेश कुमार सिंह बबलू अपने पुत्र की हत्या से बेहद परेशान है।उनका आरोप है कि आये दिन पुलिस नई कहानी तैयार कर रही है।
गोसाईगंज थाना क्षेत्र के सुरियामऊ गांव के पूर्व प्रधान योगेश कुमार सिंह बबलू के पुत्र राज प्रताप सिंह उर्फ बाबू सिंह 23 वर्ष का शव 20 नवंबर को गांव में उन्हीं के सरसों के खेत में पड़ा मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्मार्टम के लिए भेजा था।थाना प्रभारी ब्रजेश त्रिपाठी नें इस वारदात को पहले आत्महत्या बताकर रिपोर्ट दर्ज करने से पीड़ित पिता को टरकाते रहे।कई दिनों तक इस संगीन प्रकरण की एफआईआर तक नही दर्ज की।परेशान पीड़ित पिता पूर्व प्रधान योगेश कुमार सिंह बबलू सीधे पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर के पास पहुँच गये। उन्होंनें हकीकत बताई तो पुलिस कमिश्नर चौंक गये।
पुलिस कमिश्नर नें नाराजगी जताते हुए तत्काल पहले पीड़ित की एफआईआर दर्ज कराई औऱ थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए इस घटना के खुलासे के निर्देश दिये।लेकिन पुलिस कमिश्नर के सख्त आदेश के बाद भी अभी तक पुलिस घटना का खुलासा नही कर सकी।पूर्व प्रधान योगेश कुमार सिंह बबलू नें गोसाईगंज पुलिस को तहरीर देकर कहा है कि उनको विश्वास है कि उनके बेटे राज प्रताप सिंह उर्फ बाबू की गला कस कर हत्या करने के बाद शव को उनके पुस्तैनी खेत में फेका गया है। बेटा शोर न कर सके इसके लिए मुंह में उसका जैकेट ठूस दिया।पूर्व प्रधान ने पुलिस को मौके पर पड़े शव की फोटो और फोन का स्क्रीनशॉट भी दिया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 नवंबर को दिन में करीब साढ़े चार बजे बेटा दावत में जाने की बात कहकर घर से निकला था। रात में फोन किया गया तो फोन बंद था। अगले दिन फोन खुलने का मैसेज आया तो दो बार फिर फोन किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला और फोन फिर बंद हो गया। 20 नवंबर को सुबह आठ बजे मनोज और हिमांशु से शव मिलने की जानकारी मिली।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग आने के साथ ही अब यह सवाल उठने लगा है कि शव खेत तक कैसे पहुंच गया और मुंह में जैकेट किसने ठूसी।इस मामले में ज़ब गोसाईगंज के थाना प्रभारी डी. के. सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि पुलिस अपनी जाँच कर रही है। इस मामले में लीगल ओपिनियन ली जा रही है।पीएम रिपोर्ट में हैंगिग की बात आई है। लेकिन शव का खेत में मिलना औऱ मुँह में जैकेट का ठूसा जाना हत्या की ओर इशारा कर रहा है इसको लेकर हम साक्ष्य एकत्र कर रहे है। जल्द ही पूरे मामले से पर्दा उठा देंगे।इस मामले में जों भी दोषी होंगे। उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उसमे कोई भी कसर नही छोड़ी जायेगी।
दक्षिणी जोन के डीसीपी निपुण अग्रवाल से बात की गई तो उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिग आई है।शव खेत में कैसे पहुंचा इस मामले की पुलिस जाँच कर रही है। घटना स्थल पर मिले साक्ष्यो का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है।जल्द ही पुलिस इसका खुलासा करेगी। डीसीपी नें कहा है कि उनकी जाँच तेजी से चल रही है। इस मामले के हर पहलू को बारीकी से देखा जा रहा है। वारदात को अंजाम देने वालो का पुलिस जल्द पता लगा लेगी। अब देखना है कि इस मामले में पुलिस की जाँच कहा तक जाती है। पीड़ित पिता लगातार पुलिस की सुस्त कार्यशैली से नाराज है। उनका आरोप है कि पुलिस तेजी से काम नही कर रही है। जिन लोगो नें उनके पुत्र की हत्या की है।वह कब पकड़े जायेंगे।
दूध से जली पुलिस, फूँक फूँक कर पी रही मठ्ठा
राज प्रताप का शव खेत में मिलने औऱ उनके मुँह में जैकेट ठुसे होनें को लेकर तरह तरह के सवाल उठ रहे है।आरोप प्रत्यारोपों से घिरी पुलिस अब बड़े ही सधे कदम आगे बढ़ा रही है।क्योंकि इसमें पहले भी बड़े साहब की फटकार लग चुकी है। जिसके कारण पुलिस कागजी कोरम मजबूती से पूरा कर रही है।क्योंकि अब वह नही चाहती कि उसकी ओर कार्रवाई को लेकर किसी की ऊँगली उठे। अपना हर कदम अब फूँक-फूँक कर रख रही है। पुलिस अफसरों के मुताबिक उनकी टीम साक्ष्यो का मजबूती से संकलन कर रही है। इसमें वैज्ञानिक साक्ष्य का भी अहम रोल सामने आयेगा। मजबूत साक्ष्य सामने आते ही पुलिस दोषियों पर हाथ डालेगी।
