उन्नाव:डीएम-एसपी ने जरूरतमंदों को वितरित किए कंबल,क्लिक करें और भी खबरें

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

उन्नाव। जिले में शीत लहर के प्रकोप के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बुधवार शाम जरूरतमंदों के लिए राहत कार्य किया।
जिलाधिकारी गौरांग राठी और पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने थाना कोतवाली सदर क्षेत्र के अंतर्गत रेलवे स्टेशन के पास बेसहारा और जरूरतमंद व्यक्तियों को ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरित किए।

इस दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने जरूरतमंद लोगों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और कंबल वितरित करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि शीत लहर के दौरानखुले स्थानों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और फुटपाथों पर रहने वाले असहाय लोगों को ठंड से बचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कंबल वितरण के साथ ही, अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में निरंतर अभियान चलाकर जरूरतमंदों की पहचान की जाए और उन्हें समय पर राहत सामग्री

उपलब्ध कराई जाए। स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शीत ऋतु में कोई भी व्यक्ति ठंड से प्रभावित न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में ठंड
से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। इसमें रैन बसेरों की व्यवस्था, अलाव जलाना और कंबल वितरण जैसी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।

पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने जानकारी दी कि पुलिस विभाग भी इस अभियान में सक्रिय है, संवेदनशील स्थानों पर गश्त कर जरूरतमंदों को चिन्हित कर प्रशासन को सूचित कर रहा है। कंबल पाकर जरूरतमंद लोगों के चेहरों पर राहत और संतोष का भाव दिखा।उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस दौरान स्थानीय पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं कोई बेसहारा या असहाय व्यक्ति ठंड से प्रभावित दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें। इससे समय रहते उन्हें सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस का प्रदर्शन, मोदी सरकार पर साधा निशाना

उन्नाव जिले में नगर कांग्रेस कमेटी गंगाघाट ने मनरेगा योजना का नाम बदलकर “विकसित भारत जी राम जी” किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। बुधवार को गांधी चौक (मिश्रा कॉलोनी) में हुए इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व नगर अध्यक्ष मयंक बाजपेयी ने किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
की।

उन्होंने महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी इस योजना का नाम बदलने को राष्ट्रपिता का अपमान बताया। नगर अध्यक्ष मयंक बाजपेयी ने कहा कि मौजूदा सरकार को महात्मा गांधी से नफरत है, तभी राष्ट्रपिता के नाम से चल रही महत्वपूर्ण योजना का नाम बदला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास अपनी कोई नई योजना नहीं है और वह कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई योजनाओं का केवल नाम बदलकर श्रेय लेने का काम कर रही है। बाजपेयी ने मनरेगा का नाम बदलना महात्मा गांधी की विरासत पर सीधा हमला बताया, जिसे कांग्रेस किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। नगर महासचिव पिंटू तिवारी ने कहा कि सरकार बदले की भावना से काम कर रही है और अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे फैसले ले रही है।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने भी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मंशा पूरी योजना को खत्म करने की है, नाम बदलना सिर्फ एक बहाना है। इस प्रदर्शन में प्रमुख रूप से नगर अध्यक्ष मयंक बाजपेयी, बाबूलाल गुप्ता, संजय सिंह, पिंटू तिवारी, विश्वनाथ दास, बुद्धिलाल, रामकिशोर पाल, विचित्र वीर सिंह, संजय दीक्षित, मो. हनीफ, महेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर, नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पुत्तीलाल वर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने किसानों को खाद न मिलने की समस्या को लेकर भी आवाज उठाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसान खाद के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल खाद की किल्लत दूर करने की मांग की।

इस अवसर पर जिले के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष हर प्रसाद कुरील को श्रद्धांजलि भी दी गई। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में रवि शंकर गुप्ता, जयपालसाहू, डब्बू श्रीवास्तव, इलू गुप्ता, गणेश वर्मा, राजेश रावत, मुन्ना सोनी, अनिल शुक्ला, शोभित गुप्ता, ओम शरण तिवारी समेत कई कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल रहे।

युवक ने सुसाइड किया,सुबह गांव के शख्स से हुआ था झगड़ा 

उन्नाव सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मगरवारा चौकी के गलगलाहा गांव में शौच को लेकर हुए विवाद के बाद एक 40 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार सुबह हुई इस घटना से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

मृतक की पहचान राम शंकर (40 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय मुन्नीलाल के रूप में हुई है। उनके परिवार में पत्नी विमला देवी और चार बेटे कौशल (30), विशाल (28), शिवम (25) और शिवाजीत (20) हैं। राम शंकर छह भाइयों में से एक थे, जिनमें रामरतन, गंगा रतन और छोटेलाल जीवित हैं। वह पहले ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते थे, लेकिन कुछ समय से घर पर ही रह रहे थे। परिजनों ने बताया कि राम शंकर शौच के लिए घर से निकले थे।

इसी दौरान गांव के अरुण, पुत्री और उनके बेटे से रास्ते में शौच को लेकर उनकी कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोप है कि उक्त लोगों ने राम शंकर और उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वे लोग मौके से चले गए। परिजनों के अनुसार, इस घटना से राम शंकर मानसिक रूप से बेहद आहत हुए। धमकी और अपमान से परेशान होकर उन्होंने गांव के बाहर स्थित चपरवा बाग में, शिवम भट्ठा के पास एक नीम के पेड़ से अंगौछे के सहारे फांसी लगा ली। कुछ समय बाद ग्रामीणों ने पेड़ से शव लटका देखा, जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल परिजनों और पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरने की कार्रवाई की और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। घटना के बाद मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। गांव में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस सतर्कता बनाए हुए है।

उर्वरक दुकानों पर छापेमारी,एक लाइसेंस निलंबित, 11 को कारण बताओ नोटिस जारी

उन्नाव जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उर्वरक दुकानों पर सघन
छापेमारी की गई। इस अभियान के तहत एक दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया, जबकि 11 अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

यह कार्रवाई प्रमुख सचिव (कृषि) के आदेश पर जिलाधिकारी के निर्देशानुसार गठित तीन संयुक्त टीमों द्वारा की गई।जिलाधिकारी ने जिले की सभी तहसीलों को कवर करने के लिए तीन टीमें गठित की थीं। पहली टीम में उप कृषि निदेशक रविचंद्र प्रकाश और संबंधित उप जिलाधिकारी शामिल थे, जिन्होंने सदर और बीघापुर तहसील की दुकानों का निरीक्षण किया। दूसरी टीम में जिला कृषि अधिकारी शशांक और संबंधित उप जिलाधिकारी ने बांगरमऊ व सफीपुर तहसील की दुकानों की जांच की। तीसरी टीम में वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप ए) अनुराग कुमार और संबंधित उप जिलाधिकारी ने हसनगंज व पुरवा तहसील क्षेत्रों में छापेमारी की।

संयुक्त टीमों ने जनपद में कुल 34 उर्वरक दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई दुकानों पर अनियमितताएं सामने आईं। संदिग्ध स्टॉक मिलने पर कुल 8 उर्वरक नमूने जांच के लिए लिए गए हैं, जिन्हें परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 11 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, सौम्या खाद भंडार, दीवारा कलां सिरोसी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कृषि विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि उर्वरकों का वितरण केवल पीओएस मशीन के माध्यम से खतौनी के अनुसार ही किया जाए। प्रत्येक दुकान पर स्टॉक बोर्ड, रेट बोर्ड, स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर तथा कैश मेमो का होना अनिवार्य है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ओवररेटिंग, टैगिंग, कालाबाजारी या दुकान बंद पाए जाने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

युवक ने की आत्महत्या,घर में फांसी लगाई

उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र के जयतीपुर गांव में एक युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने परपुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान जयतीपुर निवासी 24 वर्षीय रोहित पुत्र हरि शंकर के रूप में हुई है। रोहित मजदूरी का काम करता था। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात को उसने अपने घर में फांसी लगा ली। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर थे। जब काफी देर तक रोहित कमरे से बाहर नहीं आया, तो परिजनों ने उसे आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने कमरे में जाकर देखा, जहां रोहित का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। घटना की सूचना तुरंत डायल 112 और सोहरामऊ थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से उतारा, पंचनामा भरा और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। परिजनों ने बताया कि रोहित कुछ दिनों से परेशान दिख रहा था, लेकिन उसने अपनी समस्या किसी से साझा नहीं की थी। आत्महत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

पुलिस परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे के कारणों का खुलासा हो सके। सोहरामऊ थाना पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया  यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की
कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Aaj National

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *