पुलिस मंथन:केवल मुख्यालय पर बैठकर पुलिसिंग नहीं की जा सकती-मुख्यमंत्री

-थाना, सर्किल और पुलिस लाइन में बेहतर समन्वय आवश्यक

-विगत 08 वर्षों में राज्य की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था से बदली प्रदेश के बारे में लोगों की धारणाएं 

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 
लखनऊ :पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन, ‘पुलिस मंथन’ के अन्तिम दिन समापन के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विगत 08 वर्षों में राज्य की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के परिणामस्वरूप प्रदेश के बारे में लोगों की धारणाएं बदली हैं। प्रदेश में दक्ष, न्यायप्रिय, पारदर्शी, जवाबदेह, जनसेवा के प्रति संवेदनशील पुलिस बल कानून का राज स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है। जनता के मन में पुलिस के प्रति विश्वास की भावना उत्पन्न हुई है। इस कार्य के लिये हमने आउट ऑफ बॉक्स सोचा तथा प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा का एहसास कराया। देश के अनेक राज्य इस कार्यशैली का अनुकरण करने का प्रयास कर रहे हैं। मीडिया में इसे यू0पी0 मॉडल के नाम से जाना जाता है।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य हेतु ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस अलंकरण’ से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री  ने ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 के सफल आयोजन के लिए पुलिस महानिदेशक और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ‘पुलिस मंथन’ सम्मेलन नीति निर्माण और क्रियान्वयन का आधार है। दो दिवसीय ‘पुलिस मंथन’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विज़न-2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के अनुरूप स्मार्ट पुलिसिंग के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु रोडमैप तैयार करने में सहायक साबित होगा। इस सम्मेलन में 11 सत्रों में की गयी चर्चा हमारी भावी कार्ययोजना और रणनीति के परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण नहीं होता, तो यहां का इन्फ्रास्ट्रक्चर इतना मजबूत नहीं होता। देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में हैं। यहां देश का सबसे बड़ा एयर कनेक्टिविटी नेटवर्क है। प्रदेश में देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट का शुभारम्भ अगले महीने होने जा रहा है। प्रदेश में 16,000 किलोमीटर रेल नेटवर्क है, जो देश में सर्वाधिक है। यहां सबसे ज्यादा शहरों में मेट्रो ट्रेनों का संचालन हो रहा है। प्रदेश में देश की पहली रैपिड रेल और पहले वॉटर-वे का संचालन हो रहा है।उन्होंने  कहा कि प्रदेश में सुरक्षा के वातावरण तथा रूल ऑफ लॉ के परिणामस्वरूप यहां देश-विदेश का प्रत्येक व्यक्ति निवेश करने को तैयार है। ऐसा इसलिए सम्भव हो सका, क्योंकि निवेशकों को विश्वास है कि उनके साथ यहां किसी स्तर पर धोखा नहीं होगा। प्रदेश में आ रहा निवेश रोजगार का माध्यम बन रहा है। प्रदेश सरकार यहां के प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान कर रही है। यदि किसी ने कानून से खिलवाड़ करने की कोशिश की, तो उसे उसी की भाषा में जवाब दिया जा रहा है।

ह्यूमन इन्टेलिजेंस के माध्यम से प्राप्त होती है जमीनी सच की जानकारी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि थाना प्रबन्धन से जुड़े सत्र में कॉमनमैन के प्रति हमारे व्यवहार पर प्रकाश डाला गया। अच्छा व्यवहार केवल हमारी संवेदनशीलता को ही प्रदर्शित नहीं करता, बल्कि ह्यूमन इन्टेलिजेंस का भी माध्यम बनता है। मुख्यमंत्री कार्यालय में प्राप्त जनसामान्य की सूचनाओं से ह्यूमन इन्टेलिजेंस के माध्यम से जमीनी सच की जानकारी प्राप्त होती है। जनता दर्शन कार्यक्रम में जनसामान्य का प्रार्थना पत्र देख व उसकी पीड़ा को समझकर जमीनी धरातल की हकीकत के बारे में जानकारी मिलती है। ह्यूमन इन्टेलिजेंस आज का सबसे बड़ा हथियार है, इसका हमें बेहतर तरीके से उपयोग करना चाहिए।उन्होंने  कहा कि थाना अध्यक्ष, हल्के का दरोगा, सर्किल इंचार्ज, पुलिस अधीक्षक, रेंज और जोन के अधिकारियों के स्तर पर अलग-अलग वर्ग के लोगों के साथ बेहतर संवाद बनाना आवश्यक है। जनप्रतिनिधि लोकतान्त्रिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। अधिकारियों को महीने में कम से कम एक बार जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर संवाद बनाना चाहिए। जनप्रतिनिधियों के फोन कॉल को रिसीव करना चाहिए। उन्हें वास्तविक तथ्यों से अवगत कराना चाहिए। हमें समाज के अलग-अलग पृष्ठभूमि से जुडे़ इन्टेलेक्चुअल लोगों जैसे धर्माचार्यों, उद्यमियों तथा व्यापारियों के साथ संवाद करते हुए बेहतर समन्वय बनाना होगा। औपचारिक व अनौपचारिक चर्चा से जमीनी धरातल की अनेक जानकारियां प्राप्त होंगी।

बेहतर समन्वय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में दे सकता है बहुत बड़ा योगदान

मुख्यमंत्री  ने कहा कि केवल मुख्यालय पर बैठकर पुलिसिंग नहीं की जा सकती। थाना, सर्किल और पुलिस लाइन में बेहतर समन्वय आवश्यक है। इन तीनों में बेहतर समन्वय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में बहुत बड़ा योगदान दे सकता है। पुलिस बल का दोस्ताना व्यवहार व संवेदना एक कॉमन मैन की समस्या का समाधान तो करता ही है, साथ ही, उसके मन में पुलिस के प्रति एक बेहतर धारणा भी बनती है। विगत 09 वर्षों में न्यूनतम इन्टरफेरेंस के साथ पुलिस को कार्य करने की स्वतंत्रता दी गई है। किसी जिले की सामाजिक और भौगोलिक स्थिति की पर्याप्त जानकारी के लिये टेन्योर में स्थिरता आवश्यक है।प्रदेश सरकार ने पुलिस अधिकारियों के टेन्योर में स्थिरता प्रदान की है। एक पुलिस अधिकारी मिनिमम 02 वर्ष तक एक जिले व रेन्ज में अपनी सेवाएं दे रहा है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। पहले पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर तीन-चार महीने में ही हो जाते थे। किसी जिले से अच्छे अधिकारी का ट्रांसफर होने से वहां की जनता उदास हो जाती है। यदि पुलिस अधिकारी जनता से अच्छा व्यवहार नही करता, तो जनता ट्रांसफर होने पर खुश हो जाती है। प्रदेश में लागू भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 और भारतीय साक्ष्य संहिता-2023 के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता का प्रसार करते हुए हमें स्वयं को अपडेट करना होगा।उन्होंने कहा कि पुलिस को प्रत्येक परिस्थिति व चुनौती से जूझने के लिए तैयार होना पड़ेगा। प्रदेश सरकार पुलिस के इन्फ्रास्ट्रक्चर में लगातार वृद्धि कर रही है।  प्रदेश सरकार ने वहां पर सुविधाओं में वृद्धि की है। पी0ए0सी0 की जिन कम्पनियों को समाप्त किया गया था, उनका पुनर्गठन और महिला वाहिनियों का गठन किया गया। प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। साइबर मुख्यालय, मॉडल थानों और आधुनिक संसाधनों से पुलिस को और अधिक सक्षम बनाया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मंथन में प्राप्त प्रत्येक सुझाव का फॉलोअप व चुनौतियों पर रणनीति बनाते हुये और प्रत्येक निर्णय का मूल्यांकन किया जाना चाहिए। इस सम्मेलन को प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाना चाहिए। आने वाली चुनौतियां कानून-व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर अपराध और सामाजिक स्थिरता से जुड़ी होंगी।

उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित हुए  अफसर 

रविवार  पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन, ‘पुलिस मंथन’ के मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पदक अलंकरण समारोह में  पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया।जिन पुलिस अधिकारियो को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया उनमे वर्ष वर्ष 2022 के लिए प्रभाकर चौधरी – डीआईजी- अलीगढ़ परिक्षेत्र,विनय चंद्रा- अपर पुलिस अधीक्षक- अभिसूचना मुख्यालय उत्तर प्रदेश,रविंद्र प्रताप सिंह- निरीक्षक- मुरादाबाद,दिनेश कुमार डांडियाल- निरीक्षक- अधिसूचना विभाग,मनु चौधरी-निरीक्षक यूपीपीसीएल गाजियाबाद व वर्ष 2023 के लिए  शैलेश कुमार पांडेय-डीआईजी- आगरा परिक्षेत्र,विशाल विक्रम सिंह- अपर पुलिस अधीक्षक- एसटीएफ,विशाल संगारी- निरीक्षक- सीतापुर, मनोज चिकारा- मुख्य आरक्षी- गौतमबुद्धनगर, शैलेष कुंतल- महिला आरक्षी व वर्ष 2024 के लिए अनुराग आर्य-एसएसपी- बरेली,विमल कुमार सिंह- पुलिस उपाधीक्षक- एसटीएफ,अरुण कुमार- मुख्य आरक्षी- एसटीएफ व वर्ष 2025 के लिए कृष्ण कुमार-पुलिस अधीक्षक संभल,प्रमेश शुक्ला -पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ,प्रियांशी प्रजापति- महिला आरक्षी कमिश्नरेट आगरा शामिल है इन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया।

पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने दिया आश्वासन,सुझावों एवं निष्कर्षों का होगा चरणबद्ध  क्रियान्वयन

कार्यक्रम के समापन पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने सभी सत्रों में प्रस्तुतीकरण देने वाले सभी  अधिकारियों के विचारों एवं प्रस्तुतिकरणों को अत्यंत सारगर्भित, व्यावहारिक तथा परिणामोन्मुखी बताते हुए उनकी सराहना की और उन्हें हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को यह आश्वासन भी दिया कि पुलिस मंथन के दौरान प्राप्त सभी महत्वपूर्ण सुझावों एवं निष्कर्षों का शीघ्र, प्रभावी एवं चरणबद्ध रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा ।तत्पश्चात पुलिस महानिदेशक कारागार प्रेम चंद मीणा के धन्यवाद  से इस दो दिवसीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन का समापन हुआ ।

Aaj National

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