सरोजनीनगर:तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से महिला की मौत,क्लिक करें और भी खबरें

-भाई भतीजा गंभीर घायल

  • REPORT BY:A.S.CHAUHAN
  • EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK

लखनऊ। सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में कानपुर-लखनऊ हाइवे पर हाइडिल चौराहे के पास बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके भाई और 13 वर्षीय भतीजे गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे में मृतका की पहचान कपूरकली (52), पत्नी लल्लन चौरसिया, निवासी बिरहना खेड़ा आशियाना के रूप में हुई है। घायलों में उनका भाई विजयपाल चौरसिया और भतीजा अंश (13) शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, तीनों बाइक पर सवार होकर दरोगाखेड़ा की ओर जा रहे थे, तभी ट्रक (नंबर UP 74 AT 0135) ने पीछे से टक्कर मार दी।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर 108 एंबुलेंस की मदद से सभी को सरोजनीनगर सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने कपूरकली को मृत घोषित कर दिया। दोनों घायलों को गंभीर हालत में लोकबंधु अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मृतका के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

भीषण ठंड में कंबल अपर्याप्त, लोग मांग रहे रजाई

सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच जनप्रतिनिधियों और संभावित चुनावी उम्मीदवार जरूरतमंदों को कंबल बांटने में जुटे हैं। विधायक से लेकर पंचायत स्तर के प्रत्याशी तक इस पुनीत कार्य में सक्रिय हैं, लेकिन क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस बार की विकराल सर्दी में कंबल से पर्याप्त राहत नहीं मिल पा रही।
जनवरी 2026 की शुरुआत से ही लखनऊ और आसपास के इलाकों में तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर गया है। रातें अत्यधिक ठंडी हैं और दिन में भी धूप निकलना मुश्किल हो रहा है। सरोजनीनगर के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और असहाय परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। स्थानीय निवासी धर्मेंद्र, सुनील, नितिन, राजेश, शिवकुमार, राहुल, अंकित सहित कई अन्य लोगों ने बताया कि पहले कंबल वितरण से ठंड से काफी राहत मिल जाती थी, लेकिन इस वर्ष ठंड इतनी तीव्र हो गई है कि एक कंबल से भी शरीर ठिठुर रहा है।कई लोगों ने कहा, “कंबल तो मिल रहे हैं, लेकिन रात में नींद नहीं आती। ठंड इतनी ज्यादा है कि कांपते रहते हैं। जनप्रतिनिधियों और उम्मीदवारों से अनुरोध है कि अब कंबल की जगह मोटी रजाई वितरित की जाए, ताकि इस भीषण सर्दी से कुछ राहत मिल सके।”सरोजनीनगर में विधायक राजेश्वर सिंह और अन्य जनप्रतिनिधि ठंड से राहत पहुंचाने के प्रयास में लगे हैं। पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच संभावित प्रत्याशी भी कंबल वितरण कर जनसंपर्क बढ़ा रहे हैं। हालांकि, लोगों की यह मांग अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है कि क्या रजाई जैसी अधिक गर्म ओढ़नी की व्यवस्था संभव हो सकती है।

व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपा,जोनल अधिकारियों ने दिया निराकरण का आश्वासन

उत्तर प्रदेश जनहित व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने सरोजनीनगर क्षेत्र में नगर निगम जोन ५ के जोनल अधिकारी विनीत सिंह तथा जोन ८ के जोनल अधिकारी विकास सिंह से मुलाकात की। इस दौरान व्यापारियों एवं क्षेत्रवासियों की प्रमुख समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।ज्ञापन में मुख्य रूप से कर निर्धारण, अवैध अतिक्रमण, प्लास्टिक की पन्नियों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध, रैन बसेरा एवं अलाव की व्यवस्था, साथ ही पटरी दुकानदारों की समस्याओं का स्थायी निदान करने की मांग की गई।
दोनों जोनल अधिकारियों ने समस्याओं के शीघ्र निराकरण का पूर्ण आश्वासन देते हुए प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा एवं प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया। साथ ही, इन मुद्दों के स्थायी समाधान के लिए एसडीएम, एसीपी तथा जोनल अधिकारियों की व्यापार मण्डल के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी।प्रतिनिधि मंडल में विधानसभा प्रभारी जितेंद्र कुमार हजेला, नादरगंज व्यापार मण्डल अध्यक्ष नागेन्द्र सिंह यादव, महामंत्री महताब सिंह, कोषाध्यक्ष दीपक यादव, मंत्री सोमेश सिंह यादव, एयरपोर्ट व्यापार मंडल उपाध्यक्ष राजेश प्रताप दुबे, महामंत्री बृजेंद्र शर्मा, विजय शर्मा तथा कार्यालय प्रभारी राज कुमार मौर्य उपस्थित रहे।

सरोजनीनगर में शीतलहर का कहर: कोहरे की धुंध कम

-इमारतों पर रखीं पानी की टंकियां में भरा पानी जमाव बिंदु के करीब पहुंचा

सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र सहित में पिछले दो दिनों से कोहरे की मोटी चादर कुछ हल्की हुई है, जिससे विजिबिलिटी में सुधार हुआ है, लेकिन उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं ने गलन भरी सर्दी को और तीव्र कर दिया है। इससे लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सूर्य देवता के दर्शन मुश्किल से हो पा रहे हैं, जबकि ठंडी हवाएं 10-15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है। अधिकांश लोग घरों में कैद होकर समय बिता रहे हैं, बाहर निकलना जोखिमभरा साबित हो रहा है।भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, लखनऊ में न्यूनतम तापमान 7-9 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम तापमान 15-18 डिग्री तक गिर गया है, जो सामान्य से काफी नीचे है। कोहरे के कम होने से दिन में हल्की धूप निकल रही है, लेकिन बर्फीली हवाओं के कारण दिन में भी गलन का एहसास गहरा हो रहा है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बनी हुई है, जहां दिन का तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री कम है।
इस भीषण ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सांस की बीमारियां, हृदय संबंधी समस्याएं और निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ सकती हैं। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, घर में रहने और गरम पेय लेने की सलाह दी जा रही है। पशु-पक्षियों पर भी ठंड का बुरा असर दिख रहा है, कई जगह पक्षी और आवारा पशु ठंड से प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, अब तक ठंड से मौतों की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन कमजोर वर्गों में खतरा बना हुआ है।
प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए लखनऊ जिले में कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को 8 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक सीमित कर दी गई हैं। कोहरे और ठंड से यातायात प्रभावित हो रहा है, ट्रेनें और उड़ानें देरी से चल रही हैं। सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे का दौर जारी रहेगा, हालांकि 8-9 जनवरी के बाद हल्की राहत मिल सकती है।सरोजनीनगर में कड़ाके की ठंड का कहर: पानी की टंकियां जमने लगीं, सरोजनीनगर क्षेत्र में ठंड का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। पारा लगातार गिरावट की ओर है और हाड़ कंपाने वाली सर्दी ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के कारण क्षेत्र में गलन बढ़ गई है, जिससे लोग घरों से बाहर निकलने में भी परेशान हो रहे हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अतिशय ठंड के कारण इमारतों की छतों पर रखी पानी की टंकियों का पानी इतना ठंडा हो जाता है कि गीजर चलाने के बावजूद लंबे समय तक गर्म पानी नहीं मिल पाता। कई घरों में नहाने से लेकर दैनिक कार्यों तक में परेशानी हो रही है। गरीब और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित है, जो अलाव के सहारे रात गुजार रहे हैं।

Aaj National

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *